Wednesday, October 9, 2019

ताजमहल में गायत्री मंत्र के मंत्रोच्चार की गूंज, पुलिस महकमें में हड़कंप



आगरा । पतंजलि योग पीठ हरिद्वार से आए बच्चों ने पुलिस महकमे में हड़कंप मचा दिया। ताजमहल पश्चिमी गेट से 50 मीटर आगे बच्चों ने तेज आवाजा में गायत्री मंत्र का उच्चारण शुरू कर दिया। पर्यटन पुलिस के सिपाहियों ने बच्चों को शांत कराया। पुलिस के मुताबिक बच्चों को जानकारी नहीं थी। उन्हें जैसे ही ज्ञात हुआ कि ये सब प्रतिबंध है तो वे चुप हो गए।
सोमवार दोपहर बच्चों का एक दल ताजमहल आया। पुलिस के मुताबिक बच्चे योग पीठ में रहकर पढ़ाई करते थे। ताजमहल देखने के बाद वे पश्चिमी गेट के टिकट काउंटर से सटी लाइन में बैठ गए। यहां उन्होंने तेज-तेज गायत्री मंत्र का उच्चारण शुरू कर दिया। मौके पर खड़े पर्यटन पुलिस के सिपाहियों ने उन्हें रोका। पुलिस ने बच्चों को बताया कि इस प्रकार की सभी गतिविधियां ताजमहल परिसर में प्रतिबंधित हैं।

जुलूस के दौरान बेकाबू ट्रक ने महिला को कुचला,घटनास्थल पर ही हुई मौत


गुमला जिला अंतर्गत रायडीह ब्लॉक के नवागढ़ पतराटोली में लगे दशहरा मेला और विसर्जन जुलूस के दौरान शाम पांच बजे एक मालवाहक ट्रक बेकाबू हो गया. ट्रक ने नारोटोली गांव की अनिता देवी को कुचल दिया. जिससे महिला की घटना स्थल पर ही दर्दनाक मौत हो गयी, जबकि कई लोग ट्रक की चपेट में आने से बच गये.
घटना के बाद आक्रोशित लोगों ने नेशनल हाइवे-78 जाम कर दिया. घटना की सूचना पर पहुंची पुलिस को पूजा समिति के लोगों व ग्रमीणों ने खरीखोटी सुनायी. एक अधिकारी की पिटाई भी कर दी. पूजा समिति के विनय कुमार लाल ने मामले को शांत कराया और पुलिस अधिकारी को बचाया. 

मुख्य अतिथि शिव नाडर ने RSS के दशहरा कार्यक्रम में कहा- मेरी बेटी ने कुछ ऐसा कहा जो आपको पसंद नहीं आएगा




महाराष्ट् के नागपुर में राष्‍ट्रीय स्‍वयंसेवक संघ के विजयदशमी कार्यक्रम में एचसीएल के संस्‍थापक अध्‍यक्ष शिव नाडर  ने निजी क्षेत्र , गैर-सरकारी संगठनों और आम लोगों से देश के सामने खड़ी चुनौतियों से निपटने के लिए आगे आने की अपील की. इस दौरान उन्‍होंने अपनी बेटी से जुड़ी एक घटना का भी जिक्र किया. 
विजयादशमी कार्यक्रम में नाडर ने कहा कि देश को आगे बढ़ाने के लिए सभी पक्षों की सहभागिता की जरूरत है. इस दौरान उन्‍होंने कहा कि मेरी बेटी ने पश्चिमी उत्‍तर प्रदेश में स्‍टूडेंट्स से कुछ ऐसा कहा जो शायद आपको पसंद नहीं आएगा.          आरएसएस प्रमुख के अनुसार, शब्द लिंचिंग बाइबिल में एक घटना से आता है जहां यीशु मसीह ने लोगों को पत्थरों से एक महिला को मारने के लिए कहा था यदि उन्होंने अपने अतीत में कभी कोई पाप नहीं किया
संघ के दशहरा कार्यक्रम में बतौर मुख्‍य अतिथि शामिल हुए नाडर ने बताया कि उनकी बेटी उनकी पहल 'शिक्षा' से जुड़ी हैं. उनकी टीम ने एक अध्‍ययन में पाया कि उत्‍तर प्रदेश  में पांच साल से कम उम्र के 46 फीसदी बच्‍चे कुपोषण  का शिकार हैं. इससे उनके दिमाग  का पूरा विकास नहीं हो पाता है. नतीजतन उनकी याद करने की क्षमता  पर बुरा असर पड़ रहा है. इस दौरान उन्‍होंने अपनी बेटी से जुड़ी एक घटना का भी जिक्र किया. उन्‍होंने बताया, 'मेरी बेटी ने कहा था कि उत्‍तर प्रदेश के स्‍कूली बच्‍चों को जरूरी प्रोटीन के लिए चिकन  खाना जरूरी
नाडर ने कहा कि स्‍कूली बच्‍चों को पोषण की बहुत जरूरत होती है. पश्चिमी उत्‍तर प्रदेश में ज्‍यादातर लोग चावल नहीं खाते हैं. इस क्षेत्र में रोटी ज्‍यादा पसंद की जाती है. आप तुरंत बनी रोटी खाएंगे तो आपको फायदा होगा
दशहरा को बुराई पर अच्‍छाई की जीत का प्रतीक बताते हुए शिव नाडर ने कहा कि अपने अंदर के राक्षस को मारने की जद्दोजहद पूरे जीवन चलती रहती है. दशहरा के दिन लोग राम की रावण पर और धर्म की अधर्म पर जीत का जश्‍न मनाते हैं. इसस पहले सुबह संघ प्रमुख मोहन भागवत ने आरएसएस के वार्षिक विजयदशमी कार्यक्रम में शस्त्र पूजा की. केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी , जनरल (सेवानिवृत्त) वीके सिंह  और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस भी कार्यक्रम में मौजूद रहे. नाडर के अलावा रतन टाटा, राहुल बजाज और अजीम प्रेमजी भी संघ मुख्यालय पहुंचे

Tuesday, October 8, 2019

विजय दशमी असत्य पर सत्य की, अन्याय पर न्याय, हिंसा पर अहिंसा की जीत का त्योहार:रघुवर दास;कहा,धारा 370 का खात्मा आसुरी शक्तियों का विनाश


राँची।
मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास ने कहा कि विजय दशमी असत्य पर सत्य की, अन्याय पर न्याय, हिंसा पर अहिंसा की जीत का त्योहार है। इसी दिन भगवान राम ने रावण का और मां दुर्गा ने महिषासुर का वध किया था। आज के समय में हमारे देश में कई असुरी शक्तियां पनप रही हैं। उनका खात्मा करने का प्रण लेने का दिन है आज। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने देश में धारा 370 का खात्मा कर इसी प्रकार की एक असुरी शक्ति का विनाश किया और कश्मीर को वास्तविक रूप से भारत का हिस्सा बनाया। इसी प्रकार आतंकवादियों के खिलाफ कड़े कानून बनाकर उनके मनोबल को तोड़ा है। यह सब मजबूत इच्छा शक्ति के कारण संभव हो पाया है। उक्त बातें मुख्यमंत्री ने मोराहबादी व अरगोड़ा स्थित रावन दहण कार्यक्रम में कहीं।

गौरव का दिन

मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास ने कहा कि आज ही वायु सेना दिवस है। हमारे रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह सबसे घातक युद्धक विमान राफेल का भारतीय संस्कृति के अनुसार शस्त्र पूजन कर ग्रहण किया। यह हम सब के लिए गौरव का दिन है।

राष्ट्रविरोधी शक्तियों को समाप्त करने का संकल्प लेने का दिन

मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास ने कहा कि हमारे राज्य में भी कई असुरी राष्ट्रविरोधी शक्तियां व्याप्त हैं। हमें उनको समाप्त करना का संकल्प लेना है। हमारे लिए राष्ट्र सबसे पहले और सर्वोपरी है। हमें सभी को एक सूत्र में बांध कर इन शक्तियों से निपटना है। किसी के बहकावे में न आकर हमें एकजूट रहना होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्लास्टिक रूपी असुर का भी हमें खात्मा करना है। हमें प्रण लेना है कि सिंगल यूज प्लास्टिक को हम अपने जीवन से निकाल बाहर करेंगे। यह हमारी आनेवाली पीढ़ी के लिए बहुत जरूरी है। 

कार्यक्रम में नगर विकास मंत्री श्री सीपी सिंह, रांची सांसद श्री संजय सेठ, हटिया विधायक श्री नवीन जायसवाल, रांची के डिप्टी मेयर श्री संजीव विजयवर्गीय, पंजाबी हिंदू बिरादरी और श्री दुर्गा पूजा एवं रावण दहन कमेटी, अरगोड़ा के वरीय पदाधिकारी व बड़ी संख्या में लोग उपस्थित थे।

रामगढ़ में छात्र की हत्या कर शव को कुएं में फेंक दिया


झारखंड के रामगढ़ जिला में गोला थाना क्षेत्र के मुरपा गांव में एक छात्र की हत्या कर उसके शव को कुआं में फेंकने की सनसनीखेज मामला प्रकाश में आया है। रविवार देर रात छात्र का शव एक कुआं से बरामद हुआ. उसकी नाक से खून निकल रहा था। छात्र की पहचान कोरांबे निवासी दशरथ महतो के पुत्र गौतम कुमार महतो (14) के रूप में हुई है।

गौतम दशरथ महतो का इकलौता पुत्र था. इस घटना के बाद परिजनों के दुर्गा पूजा की खुशी मातम में बदल गयी. घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने शव को अपने कब्जे में कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतक के परिजनों ने बताया कि गौतम अपनी रेंजर साइकिल से रविवार सुबह रजरप्पा मंदिर घूमने निकला था।

Monday, October 7, 2019

51शक्ति पीठों में एक है माता ज्वाला जी मन्दिर,बिना तेल व बाती वर्षों से लगातार जल रही हैं नौ ज्वालाएँ


न्यूज़ डेस्क । 
यह हिमाचल प्रदेश स्थित ज्वाला माता मंदिर है । इस मंन्दिर में सतयुग से  ना तेल ना बाती नो जगह प्राकृतिक ज्वाला प्रजव्वलित है। कई विज्ञानिको ने शोध करने पर भी इस तह तक नही पहुंचे की यह चमत्कार क्यों और कैसे है यह 51 शक्ति पीठ मे मान्य है यहा सती की जिव्हा गिरी थी । मुगल काल मे अकबर ने भी यहॉ नतमस्तक होकर स्वर्ण छ्त्र अर्पित कर चुका है यह धरा पर देविक शक्ति होने का ज्वलंत प्रमाण है । 
जय माता दी।
हिमाचल प्रदेश में कांगड़ा 30 किलोमीटर दूर ज्वाला देवी का प्रसिद्ध मंदिर है। ज्वाला मंदिर को जोता वाली मां का मंदिर और नगरकोट भी कहा जाता है। यह मंदिर माता के अन्य मंदिरों की तुलना में अनोखा है क्योंकि यहां पर किसी मूर्ति की पूजा नहीं होती है बल्कि पृथ्वी के गर्भ से निकल रही नौ ज्वालाओं की पूजा होती है। 51 शक्तिपीठ में से एक इस मंदिर में नवरात्र में इस मंदिर पर भक्तों का तांता लगा रहता है। बादशाह अकबर ने इस ज्वाला को बुझााने की कोशिश की थी लेकिन वो नाकाम रहे थे। वैज्ञानिक भी इस ज्वाला के लगातार जलने का कारण नहीं जान पाए हैं।
माता सती के 51 शक्तिपीठों में से एक ज्वालादेवी का मंदिर भारतीय राज्य हिमाचल के कांगड़ा घाटी में स्थित है। यहां माता की जीभ गिरी थी। इसीलिए इसका नाम ज्वालादेवी मंदिर है। हालांकि इस मंदिर की एक और कथा है जो इंद्र की पत्नी शचि से जुड़ी है।

इस मंदिर में माता के मूर्तिरूप की नहीं बल्कि ज्वाला रूप की पूजा होती है जो हजारों वर्षों से प्रज्वलित है। कालांतर में इस स्थान को व्यवस्थित किया गुरुगोरख नाथ ने। यहां प्रज्वलित ज्वाला प्राकृतिक न होकर चमत्कारिक मानी जाती है। मंदिर के थोड़ा ऊपर की ओर जाने पर गोरखनाथ का मंदिर है जिसे गोरख डिब्बी के नाम से जाना जाता है।करें दर्शन माता ज्वाला देवी कीhttps://youtu.be/CE0tsyYeI88
सतयुग में महाकाली के परमभक्त राजा भूमिचंद ने स्वप्न से प्रेरित होकर यहां भव्य मंदिर बनाया था। बाद में इस स्थान की खोज पांडवों ने की थी। इसके बाद यहां पर गुरुगोरखनाथ ने घोर तपस्या करके माता से वरदान और आशीर्वाद प्राप्त किया था। सन् 1835 में इस मंदिर का पुन: निर्माण राजा रणजीत सिंह और राजा संसारचंद ने करवाया था।

 
तुर्क के अकबर ने ली माता की परीक्षा : कहते हैं कि माता के उत्सव के दौरान हिमाचल के नादौन ग्राम निवासी ज्वालादेवी के एक भक्त ध्यानू हजारों यात्रियों के साथ माता के दरबार में दर्शन के लिए जा रहे थे। इतनी बड़ी तादाद में यात्रियों को जाते देख अकबर के सिपाहियों ने चांदनी चौक दिल्ली में उन्हें रोक लिया और ध्‍यानू को पकड़कर अकबर के दरबार में पेश किया
अकबर ने पूछा तुम इतने सारे लोगों को लेकर कहां जा रहे हो? ध्यानु ने हाथजोड़कर ‍विन‍म्रता से उत्तर दिया कि हम ज्वालामाई के दर्शन के लिए जा रहे हैं। मेरे साथ जो सभी लोग हैं वे सभी माता के भक्त हैं। यह सुनकर अकबर ने कहा यह ज्वालामाई कौन है और वहां जाने से क्या होगा? तब भक्त ध्यानू ने कहा कि वे संसार का जननी और जगत का पालन करने वाली है। उनके स्थान पर बिना तेल और बाती के ज्वाला जलती रहती है। 
ऐसे में कुटिल अकबर ने कहा यदि तुम्हारी बंदकी पाक है और सचमुच में वह यकिन के काबिल है तो तुम्हारी इज्जत जरूर रखेगी। लेकिन यदि वह यकीन के काबिल नहीं है तो फिर उसकी इबादत का क्या मतलब? ऐसा कहकर अकबर ने कहा कि इम्तहान के लिए हम तुम्हारे घोड़े की गर्दन काट देते हैं, तुम अपनी देवी से कहकर दोबारा जिंदा करवा लेना। इस तरह घोड़े की गर्दन काट दी गई।

ऐसे में ध्यानू ने अकबर से कहा मैं आप से एक माह तक घोड़े की गर्दन और धड़ को सुरक्षित रखने की प्रार्थना करता हूं। अकबर ने ध्यानू की बात मान ली। बादशाह से अनुमती लेकर ध्यानू मां के दरबार में जा बैठा। स्नान, पूजन आदि करने के बाद रात भर जागरण किया। प्रात: काल ध्यानू ने हाथ जोड़कर माता से प्रार्थना की और कहा हे मां अब मेरी लाज आपके ही हाथों में है। कहते हैं कि अपने भक्त की लाज रखते हुए मां ने घोड़े को पुन: जिंदा कर दिया।
 

यह देखकर अकबर हैरान रह गया। तब उसने अपनी सेना बुलाई और खुद मंदिर की ओर चल पड़ा। अकबर ने माता की परीक्षा लेने या अन्य किसी प्रकार की नियत से उस स्थान को क्षति पहुंचाने का प्रयास किया। सबसे पहले उसने पूरे मंदिर में अपनी सेना से पानी डलवाया, लेकिन माता की ज्वाला नहीं बुझी। कहते हैं कि तब उसने एक नहर खुदवाकर पानी का रुख ज्वाला की ओर कर दिया लेकिन तब भी वह ज्वाला नहीं बुझी। तब जाकर अकबर को यकीन हुआ और उसने वहां सवा मन सोने का छत्र चढ़ाया लेकिन माता ने इसे स्वीकार नहीं किया और वह छत्र गिरकर किसी अन्य पदार्थ में परिवर्तित हो गया। आप आज भी अकबर का चढ़ाया वह छत्र ज्वाला मंदिर में देख सकते हैं।

झारखण्ड के खूँटी में हुए तीन नक्सली गिरफ्तार


न्यूज़ डेस्क। 
राँची । खूंटी पुलिस ने प्रतिबंधित नक्सली संगठन भाकपा माओवादी के तीन नक्सलियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार नक्सलियों में धर्मवीर महतो उर्फ डेमका महतो, अमरजीत मुंडा उर्फ सोमा मुंडा और करण सिंह मुंडा उर्फ सोमा मुंडा शामिल हैं। 
इनके पास से एके-47 का एक जिंदा गोली, एक देशी पिस्टल, 14 गोलियां और प्रतिबंधित नक्सली संगठन का बैनर बरामद किया गया है।
खूंटी एसपी आशुतोष शेखर ने सोमवार को बताया कि गुप्त सूचना मिली थी कि मारण दाहा थाना अंतर्गत तिलमा में कई नक्सली कांडों के वांछित धर्मवीर महतो को देखा गया है। सूचना के बाद एएसपी और एसडीपीओ के नेतृत्व में छापेमारी की गई। छापेमारी के दौरान तीनों को गिरफ्तार किया गया।
एसपी ने बताया कि धर्मवीर पर पहले से भी कई मामले दर्ज है। पूछताछ में धर्मवीर ने पूर्व में सोमा पाहन की हत्या करने, रंगदारी और नक्सली कांडों में भी अपनी संलिप्तता स्वीकार की है।

बांग्लादेश सरकार ने इस्कॉन संतों को भारत में प्रवेश से रोका

चौंकाने वाली खबर 🚨  बांग्लादेश ने 63 इस्कॉन भिक्षुओं को भारत में प्रवेश करने से रोका सभी के पास वैध पासपोर्ट और वीज़ा थे। आव्रज...