Wednesday, October 9, 2019

मुख्य अतिथि शिव नाडर ने RSS के दशहरा कार्यक्रम में कहा- मेरी बेटी ने कुछ ऐसा कहा जो आपको पसंद नहीं आएगा




महाराष्ट् के नागपुर में राष्‍ट्रीय स्‍वयंसेवक संघ के विजयदशमी कार्यक्रम में एचसीएल के संस्‍थापक अध्‍यक्ष शिव नाडर  ने निजी क्षेत्र , गैर-सरकारी संगठनों और आम लोगों से देश के सामने खड़ी चुनौतियों से निपटने के लिए आगे आने की अपील की. इस दौरान उन्‍होंने अपनी बेटी से जुड़ी एक घटना का भी जिक्र किया. 
विजयादशमी कार्यक्रम में नाडर ने कहा कि देश को आगे बढ़ाने के लिए सभी पक्षों की सहभागिता की जरूरत है. इस दौरान उन्‍होंने कहा कि मेरी बेटी ने पश्चिमी उत्‍तर प्रदेश में स्‍टूडेंट्स से कुछ ऐसा कहा जो शायद आपको पसंद नहीं आएगा.          आरएसएस प्रमुख के अनुसार, शब्द लिंचिंग बाइबिल में एक घटना से आता है जहां यीशु मसीह ने लोगों को पत्थरों से एक महिला को मारने के लिए कहा था यदि उन्होंने अपने अतीत में कभी कोई पाप नहीं किया
संघ के दशहरा कार्यक्रम में बतौर मुख्‍य अतिथि शामिल हुए नाडर ने बताया कि उनकी बेटी उनकी पहल 'शिक्षा' से जुड़ी हैं. उनकी टीम ने एक अध्‍ययन में पाया कि उत्‍तर प्रदेश  में पांच साल से कम उम्र के 46 फीसदी बच्‍चे कुपोषण  का शिकार हैं. इससे उनके दिमाग  का पूरा विकास नहीं हो पाता है. नतीजतन उनकी याद करने की क्षमता  पर बुरा असर पड़ रहा है. इस दौरान उन्‍होंने अपनी बेटी से जुड़ी एक घटना का भी जिक्र किया. उन्‍होंने बताया, 'मेरी बेटी ने कहा था कि उत्‍तर प्रदेश के स्‍कूली बच्‍चों को जरूरी प्रोटीन के लिए चिकन  खाना जरूरी
नाडर ने कहा कि स्‍कूली बच्‍चों को पोषण की बहुत जरूरत होती है. पश्चिमी उत्‍तर प्रदेश में ज्‍यादातर लोग चावल नहीं खाते हैं. इस क्षेत्र में रोटी ज्‍यादा पसंद की जाती है. आप तुरंत बनी रोटी खाएंगे तो आपको फायदा होगा
दशहरा को बुराई पर अच्‍छाई की जीत का प्रतीक बताते हुए शिव नाडर ने कहा कि अपने अंदर के राक्षस को मारने की जद्दोजहद पूरे जीवन चलती रहती है. दशहरा के दिन लोग राम की रावण पर और धर्म की अधर्म पर जीत का जश्‍न मनाते हैं. इसस पहले सुबह संघ प्रमुख मोहन भागवत ने आरएसएस के वार्षिक विजयदशमी कार्यक्रम में शस्त्र पूजा की. केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी , जनरल (सेवानिवृत्त) वीके सिंह  और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस भी कार्यक्रम में मौजूद रहे. नाडर के अलावा रतन टाटा, राहुल बजाज और अजीम प्रेमजी भी संघ मुख्यालय पहुंचे

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