सिटी राइड बस द्वारा बिहार शरीफ से रामगढ़ के रजरप्पा मुंडन करवाने एक ही परिवार से दो दर्जन लोग जा रहे थे
प्रमोद। हजारीबाग । चरही थाना अंतर्गत चरही घाटी में बुधवार को अहले सुबह करीब चार बजे यात्रियों से भरी सिटीराइड बस डिवाइडर को तोड़ते हुए पलट गई । जिसमे घटनास्थल पर तीन की मौत हो गयी व करीब दो दर्जन भर यात्री घायल हो गए ।जिसमे पाँच की हालत गंभीर बताई जा गई । 5 लोगों को बेहतर इलाज के लिए रांची रेफर कर दिया गया। जानकारी के अनुसार. सभी बिहार नालंदा के सिलाव स्थित पटेल नगर के रहने वाले हैं । सभी लोग ललित कुमार के पुत्र कारू कुमार के मुंडन के लिए रजरप्पा जा रहे थे । इसी क्रम में अहले सुबह लगभग चार बजे गाड़ी अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकरा गई । जिसमें किमी कुमारी और रंजीत कुमार की घटनास्थल पर ही मौत हो गई । वही सदर अस्पताल मे इलाज के दौरान पिंकी कुमारी की मौत हो गई ।जबकि दो दर्जन से अधिक लोग घायल हो गए। घायलों में महिला अंकुश कुमार,मुस्कान कुमारी, प्रियंका कुमारी आर आरभ कुमार सरोज देवी मनीषा कुमारी, सुनीता देवी, पुष्पा कुमारी, अनिता देवी, गजानंद कुमार, जितेंद्र कुमार, कृपाल कुमार और संतोष कुमार घायल बताए जा रहे हैं। जबकि मालती देवी अरुण कुमार संजय कुमार लालती देवी की हालत गंभीर बताई जा रही है। इन्हें बेहतर इलाज के लिए चिकित्सकों ने रिम्स,राँची रेफर कर दिया गया। लेकिन भुक्तभोगी के परिजनों ने घायलों को अपने नजदीकी अस्पताल पटना ले जाने की बात कही है ।
क्या कहते हैं जेवीएम नेता बटेश्वर
जेवीएम नेता बटेश्वर प्रसाद मेहता ने बताया है कि परिवार वाले के इलाज करवाने के लिए सदर अस्पताल में था । सड़क हादसे के बाद दर्जनों लोगों को चीखते चिल्लाते देख कर जानकारी मिली। जिसके बाद इनकी इलाज के लिए डॉक्टरों की खोजबीन करना शुरू कर दिया। लेकिन सदर अस्पताल में ट्रॉमा सेंटर में दो ही डॉ थे और दो तीन कंपाउंडर। जिसमें जैसे तैसे इलाज करवाने जुट गया। बेहतर सुविधा मुहैया करवाने के लिए उपायुक्त को फोन की गई। पर उन्होंने फोन का कोई भी जवाब नहीं दिया। श्री प्रसाद ने कहा कि सदर अस्पताल में मेडिकल कॉलेज तो बना दिया गया । पर मरीज को कोई सुविधा नहीं दी जाती है। जबकि सबसे बड़ा सवाल यह है कि मेडिकल कॉलेज बनने के बाद हल्की-फुल्की चोट वाले को रेफर करने की प्रधान नहीं है वही हल्की-फुल्की चोट वाले को भी रांची रेफर कर दिया गया। हजारीबाग में नाम का मेडिकल कॉलेज बना है। इस अस्पताल में किसी चीज की कोई व्यवस्था उपलब्ध नहीं है। घटना की जानकारी तुरंत सदर अस्पताल के सीएस को दी गई। मौके पर सीएस पहुंचकर इलाज में जुट गए और सभी को एंबुलेंस मुहैया करवाकर रांची रेफर कर दिया गया।


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