नई दिल्ली। कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय की पीएम-किसान टीम की ओर से गोरखपुर के एक किसानों को उसके मोबाइल पर यह संदेश मिला. इसके साथ ही साफ हो गया कि कागजों में गड़बड़ी की वजह से प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की तीसरी किश्त का पैसा बैंक अकाउंट में नहीं पहुंचा. ऐसे करीब पौने छह करोड़ किसान हैं जिन्हें आधार वेरीफिकेशन की वजह से अंतिम किश्त नहीं मिल पाई है. हम आपको बता रहे हैं कि यदि ऐसा आपके साथ हुआ तो कैसे उसका समाधान होगा.
किसान को नहीं मिली तीसरी किश्त
फिलहाल तो वेरीफिकेशन के अभाव में 9 राज्यों में एक भी किसान को अंतिम किश्त का पैसा नहीं मिला है. देश में इस वक्त 7.5 करोड़ किसान भाईयों को इस योजना का लाभ मिला है. इसमें से पौने दो करोड़ को ही अंतिम किश्त का पैसा मिला पाया है. बाकी इसके इंतजार में हैं. प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की तीसरी किश्त के लिए लाभार्थी किसानों का बायोमैट्रिक वेरीफिकेशन पहले ही जरूरी किया गया था. स्कीम की 2 किश्त तो लोकसभा चुनाव से पहले ही बिना सत्यापन के दे दी गई थी. लेकिन तभी अंतिम किश्त के लिए आधार की शर्त भी रखी गई थी.
बायोमैट्रिक वेरीफिकेशन से उन लोगों का भी पता चल रहा है जिन्होंने गलत तरीके से लाभ लिया है और उन लोगों के कागज भी दुरुस्त किए जा रहे हैं जिनके आवेदन और आधार कार्ड में नाम या स्पेलिंग का कोई अंतर है. योजना के तहत हर साल किसान को तीन बार 2-2 हजार रुपये खेती-किसानी के लिए दिए जाएंगे.

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