Saturday, November 23, 2019

एनसीपी ने अजीत पवार को विधायक दल के नेता पद से हटाया, जयंत पाटिल नया नेता



मुंबई। अजित पवार को विधायक दल के नेता पद से हटाया गया। उनकी जगह जयंत पाटिल का नाम विधायक दल नेता के लिए आगे किया गया है।

बीजेपी के वरिष्ठ नेता सुधीर मुनगंटीवार ने दावा किया कि महाराष्ट्र में 288 सदस्यों वाले सदन में बीजेपी को 170 विधायकों का समर्थन हासिल है। राज्य में एनसीपी नेता अजित पवार के समर्थन से भाजपा के देवेंद्र फड़णवीस ने दूसरी बार मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली।

मुनगंटीवार ने कहा, “अजित पवार एनसीपी के विधायक दल के नेता हैं और इसका अर्थ है कि सभी ने भाजपा को समर्थन दिया है।”

महाराष्ट्र में आज सुबह-सुबह बीजेपी के देवेंद्र फडणवीस ने एक बार फिर मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। उनके साथ एनसीपी प्रमुख शरद पवार के भतीजे अजीत पवार ने उप मुख्यमंत्री पद की शपथ ली है। पीएम मोदी और अमित शाह ने ट्वीट कर दोनों लोगों को बधाई दी है। एनसीपी चीफ शरद पवार ने अजीत पवार के इस कदम पर कहा है कि मुझे इसकी जानकारी नहीं थी। अब 30 नवंबर को फडणवीस सरकार को बहुमत साबित करना होगा।

धनबाद:उर्दू शायर शान भारती नहीं रहे,उनकी उर्दू साहित्य की सेवा को फरामोश नहीं किया जा सकता

हम छोड़ चले है मेहफिल को
याद आए कभी तो मत रोना 


*उर्दू शायर शान भारती नहीं रहे*

उनकी उर्दू साहित्य की सेवा को फरामोश नहीं किया जा सकता ---ग़ुलाम ग़ौस 'आसवी'


धनबाद । शनिवार को  कोयलांल नें  एक अनमोल नगीना खो  दिया ,  कोयलांचल के प्रसिद्ध उर्दू शायर (72 वर्षीय) शान भारती नहीं रहे। सिजुआ 22/ 12 में रहने वाले शान भारती ने रिम्स, राँची में अंतिम सांस ली। शान भारती ने उर्दू साहित्य की सेवा में अपने 60 साल व्यतीत कर दिए। 

शायर ग़ुलाम ग़ौस 'आसवी' ने कहा कि उन्होंने कोयलांचल से छपने वाली त्रैमासिक पत्रिका 'रंग' के द्वारा उर्दू साहित्य की जो सेवा की है, उसे कभी भी फरामोश नहीं किया जा सकता। उन्होंने 'रंग' का धनबाद से 87 अंक पाठकों के सामने पेश किए। उनके चले जाने से उर्दू साहित्यिक जगत का बहुत बड़ा नुकसान हुआ है। उनके ग़ज़ल के कई संग्रह प्रकाशित हुए हैं। हाल ही में उनके द्वारा लिखित गजल संग्रह 'नदी का जब किनारा डूबता है' को बिहार उर्दू अकादमी के द्वारा सम्मानित किया जा चुका है।

झरिया में अदबी महफ़िल के आयोजन के अवसर पर उर्दू त्रैमासिक पत्रिका 'रंग' के सम्पादक व सिजुआ के रहने वाले उस्ताद शायर शान भारती ने यह शेर सुनाया था– "मैंने अब खुद को बना डाला है पत्थर की तरह, / वो अगर मुझसे ख़फ़ा है, तो ख़फ़ा रहने दे।"

मुंबई:26/11 के शहीदों को श्रद्धांजलि के तौर पर होटल मुंबई के निर्माताओं ने लांच किया भारत सलाम


न्यूज़ डेस्क।

फिल्म की रिलीज से पहले, होटल मुंबई के निर्माताओं द्वारा एक नया गीत - भारत सलाम की लॉंचिंग की जा रही है। यह गीत 26/11 हमलों के शहीदों को श्रद्धांजलि के तौर पर निर्माताओं द्वारा तैयार किया गया स्पेशल नंबर है। इस गाने को मिथुन ने तैयार किया है साथ ही सुनिधि चौहान और बीप्राक के साथ खुद भी अपनी आवाज दी है। यह एक मार्मिक गीत है जो मानवता में लोगों के विश्वास को दोहराती है। फिल्म की व्यापक थीम 26 नवंबर, 2008 को शुरू हुई घटनाओं की घातक श्रृंखला के दौरान प्रतिकूल परिस्थितियों का सामना करने वाली मानवीय भावनाओं को याद करना है।
खुद मिथुन द्वारा लिखित यह गीत उसी भावना को समेटे हुए है। इस गीत में प्रमुख गायकों के साथ-साथ 40 गायकों का एक समूह भी है।

गीत के बारे में बात करते हुए, मिथुन कहते हैं, जब होटल मुंबई के लिए इस गीत को बनाने के लिए हमसे संपर्क किया गया था, तो फिल्म के निर्माताओं का कॉसेप्ट पूरी तरह स्पष्ट था। वे चाहते थे कि गीत न केवल खास ऊर्जा से लबरेज हो, बल्कि वे इसके जरिए लोगों तक पहुंचने वाली एक मजबूत भावना भी चाहते थे। वे कुछ स्पेशल और भावनात्मक कंटेट की तलाश कर रहे थे और इस कारण उन्होंने मुझसे संपर्क किया। एक भारतीय और मुंबईकर होने के कारण इस खास विषय पर मेरी स्वाभाविक प्रतिक्रिया काफी सच्ची है, इसलिए मैं तत्काल ही प्रेरित हो गया था। यह एक ऐसा गीत है जो कर्तव्य के आह्वान पर काफी आगे और उससे परे निकलने वाले और जो आपके लिए कुछ भी करने के लिए बाध्य नहीं होने के बावजूद अपने बने-बनाए रास्ते से इतर सारी बाधाओं को पार करते हैं, यह गीत उन्हीं लोगों के बारे में बताता है। वे आपकी जान बचाने के लिए अपने जान की बाजी लगा देंगे। गीत के बोल हैं,  भारत सलाम, यह एक सैल्यूट है, यह उन लोगों के बलिदान का सम्मान कर रहा है, जो बाहर निकले और शहर की खातिर औऱ राष्ट्र की खातिर खुद को आगे कर दिया। वे कहते हैं, यह एक बड़ी बात है और यह उनके साहस, उनकी बहादुरी और इन सबसे ऊपर उनके प्रेम को सलाम है।

दो गुटों में बंटी NCP! BJP के साथ सरकार बनाने का फैसला अजीत पवार का है –शरद पवार



मुंबई। महाराष्ट्र में शनिवार सुबह जो कुछ हुआ उसकी कोई कल्पना भी नहीं कर सकता है। क्योंकि यह भारतीय राजनीति का सबसे बड़ा उलटफेर है। आपको बता दें कि शरद पवार के नेतृत्व वाली पार्टी एनसीपी के समर्थन से मुख्यमंत्री के तौर पर एक बार फिर महाराष्ट्र में देवेंद्र फड़णवीस की वापसी हुई है।
इस घटनाक्रम के बाद शरद पवार का बयान सामने आया है। शरद पवार ने सीधे तौर पर इस बात से इनकार कर दिया कि उन्हें भाजपा-एनसीपी के गठबंधन को कोई जानकारी थी। पवार ने कहा कि इस फैसले पर एनसीपी का समर्थन नहीं है। ये मेरा फैसला नहीं है। मेरी जानकारी के बगैर ये शपथ ग्रहण हुआ है।

राष्ट्रवादीचे राष्ट्रीय अध्यक्ष म्हणाले, अजित पॉवरचा हा अंतिम निर्णय आहे; काही वेळात पत्रकार परिषद घेईल



 

 कमलेश,मुंबई।  महाराष्ट्राच्या राजकारणाचा सर्वात मोठा उलथापालथ शनिवारी सकाळी पहायला मिळाला तेव्हा भाजपा नेते आणि माजी मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस यांनी राज्यपाल भगतसिंग कोसारी यांनी मुख्यमंत्रीपदाची शपथ घेतली.  त्याचवेळी राष्ट्रवादीचे नेते अजित पवार यांनी उपमुख्यमंत्रीपदाची शपथ घेतली.  मुख्यमंत्रिपदाची शपथ घेतल्यानंतर फडणवीस म्हणाले, "लोकांनी आम्हाला स्पष्ट हुकूम दिला पण शिवसेनेने निकालानंतर अन्य पक्षांशी गठबंधन करण्याचा प्रयत्न केला ज्यामुळे राष्ट्रपती राजवट आली."  महाराष्ट्राला 'खिचडी' सरकार नव्हे तर कायम सरकार हवे आहे. '' उपमुख्यमंत्रीपदाची शपथ घेतल्यानंतर अजित पवार म्हणाले, “24 ऑक्टोबर रोजी निकाल लागल्यामुळे कोणताही पक्ष सरकार स्थापन करू शकला नाही.  महाराष्ट्रात शेतकर्‍यांच्या प्रश्नांसह बरीच समस्या होती, त्यामुळे आम्ही स्थिर सरकार स्थापन करण्याचा निर्णय घेतला. "उद्धव ठाकरे हे नवीन सरकार स्थापन करणार यावर राष्ट्रवादी, कॉंग्रेस आणि शिवसेनेने सहमती दर्शविली असल्याचे शरद पवार यांनी गुरुवारी रात्री सांगितले होते.  आघाडी  राष्ट्रवादी कॉंग्रेसच्या पाठिंब्याने भाजपने सत्ता काबीज करणे हे शिवसेनेच्या मेघगर्जनापेक्षा कमी होणार नाही कारण मुख्यमंत्री होण्याच्या आग्रहाखातर शिवसेनेने भाजप आणि एनडीएशी संबंध तोडले.  मुख्यमंत्रिपदाची शपथ घेतल्यानंतर फडणवीस म्हणाले, "लोकांनी आम्हाला स्पष्ट हुकूम दिला पण शिवसेनेने निकालानंतर अन्य पक्षांशी गठबंधन करण्याचा प्रयत्न केला ज्यामुळे राष्ट्रपती राजवट आली."  महाराष्ट्राला 'खिचडी' सरकार नव्हे तर कायम सरकार हवे आहे. '' उपमुख्यमंत्रीपदाची शपथ घेतल्यानंतर अजित पवार म्हणाले, “24 ऑक्टोबर रोजी निकाल लागल्यामुळे कोणताही पक्ष सरकार स्थापन करू शकला नाही.  महाराष्ट्रात शेतकर्‍यांच्या प्रश्नांसह बरीच समस्या होती, म्हणूनच आम्ही स्थिर सरकार स्थापन करण्याचा निर्णय घेतला. "शरद पवारांचा राजकीय हस्तक्षेप असे या आश्चर्यकारक शपथेचे वर्णन केले जात आहे.  शरद पवार यांनी गुरुवारी रात्री म्हटले होते की, उद्धव ठाकरे यांनी नवीन सरकारचे नेतृत्व केले पाहिजे यावर राष्ट्रवादी, कॉंग्रेस आणि शिवसेनेने सहमती दर्शविली आहे.

 मागील लेख नगरसेवक किशोरी पेडणेकर हे नवीन महापौर झाले

 

 

रातों-रात कैसे बनी सरकार,शपथ लेने के बाद बताया फडणवीस ने





महाराष्ट्र की सियासत में रातोंरात बड़ा उलटफेर हुआ है. बीजेपी और एनसीपी ने मिलकर महाराष्ट्र में सरकार बना ली है. देवेंद्र फडणवीस ने शनिवार सुबह दोबारा राज्य के मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ले ली है, वहीं एनसीपी नेता अजित पवार ने डिप्टी सीएम पद की शपथ ली.

मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ लेने के बाद देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि जनता ने हमें स्पष्ट जनादेश दिया था, शिवसेना ने जनादेश का अपमान किया है. महाराष्ट्र की जनता को स्थिर और स्थाई सरकार चाहिए, खिचड़ी सरकार नहीं चाहिए. सीएम फडणवीस ने कहा कि महाराष्ट्र के उज्जवल भविष्य के लिए एनसीपी के साथ मिलकर काम करेंगे.

बता दें कि महाराष्ट्र में अब तक राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी, कांग्रेस और शिवसेना ही सरकार बनाने की कवायद में जुटे थे. उनके बीच कई दौर की बैठकें भी हुईं, जिसमें सरकार का ब्लूप्रिंट तैयार करने पर बातचीत हुई.

इससे पहले शुक्रवार को एनसीपी, कांग्रेस और शिवसेना की दो घंटे तक बैठक हुई, जिसमें महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री के तौर पर उद्धव ठाकरे के नाम पर सहमति बनी थी. इस बैठक के बाद एनसीपी चीफ शरद पवार ने कहा था कि शीर्ष पद के लिए ठाकरे के नाम पर सहमति बनी है. लेकिन शनिवार सुबह सियासी उलटफेर के बीच बीजेपी ने राज्य में एनसीपी के साथ मिलकर सरकार बना ली और शिवसेना और कांग्रेस देखते रह गए.

महाराष्ट्र: भाजपा- एन सीपी की बनी सरकार, शिव सेना के अरमानों पर फिरा पानी






महाराष्ट्र में बीजेपी-एनसीपी ने मिलकर बनाई सरकार । देवेंद्र फडणवीस ने दोबारा ली सीएम पद की शपथ एनसीपी नेता अजित पवार बने उपमुख्यमंत्री।महाराष्ट्र की सियासत में बड़ा उलटफेर हुआ है. महाराष्ट्र में चौंकाते हुए बीजेपी-एनसीपी ने मिलकर सरकार बना ली है. देवेंद्र फडणवीस को बतौर मुख्यमंत्री दोबारा राज्य की कमान सौंप दी गई है. राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने फडणवीस को मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाई, तो वहीं राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) नेता अजित पवार ने राज्य के उप-मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ली.शपथ ग्रहण के बाद एनसीपी नेता अजित पवार ने कहा कि महाराष्ट्र में किसानों की समस्या प्राथमिकता है. हम किसानों की समस्या को हल करने के लिए साथ आए हैं. अजित पवार ने कहा कि नतीजे आने के दिन से लेकर आज तक कोई भी पार्टी सरकार बनाने में सक्षम नहीं थी, महाराष्ट्र किसान मुद्दे सहित कई समस्याओं का सामना कर रहा था, इसलिए हमने एक स्थिर सरकार बनाने का फैसला किया.

स्थिर शासन देने की जरूरत थी: फडणवीस

वहीं, शपथ लेने के बाद देवेंद्र फडणवीस ने कहा, 'महाराष्ट्र की जनता ने स्पष्ट जनादेश दिया था. हमारे साथ लड़ी शिवसेना ने उस जनादेश को नकार कर दूसरी जगह गठबंधन बनाने का प्रयास किया. महाराष्ट्र को स्थिर शासन देने की जरूरत थी. महाराष्ट्र को स्थायी सरकार देने का फैसला करने के लिए अजित पवार को धन्यवाद.'
महाराष्ट्र में शिवसेना के नेतृत्व में राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) और कांग्रेस की सरकार का प्लान लगभग तय हो चुका था, तभी सभी को चौंकाते हुए एनसीपी ने बीजेपी के साथ मिलकर सरकार बना ली.बता दें कि महाराष्ट्र विधानसभा की 288 सीटों के लिए 21 अक्टूबर को चुनाव हुए थे और नतीजे 24 अक्टूबर को आए. राज्य में किसी पार्टी या गठबंधन के सरकार बनाने का दावा पेश नहीं करने की वजह से राज्य में 12 नवंबर को राष्ट्रपति शासन लगा दिया गया था. शिवसेना के मुख्यमंत्री पद की मांग को लेकर बीजेपी से 30 साल पुराना गठबंधन तोड़ने के बाद से राज्य में राजनीतिक संकट खड़ा हो गया था.

बांग्लादेश सरकार ने इस्कॉन संतों को भारत में प्रवेश से रोका

चौंकाने वाली खबर 🚨  बांग्लादेश ने 63 इस्कॉन भिक्षुओं को भारत में प्रवेश करने से रोका सभी के पास वैध पासपोर्ट और वीज़ा थे। आव्रज...