Monday, April 20, 2020

देवघर में सारवां प्रखंड के गमहरिया गाँव में एक कोरोना मरीज की हुई पुष्टि -उपायुक्त



*■ सभी की स्वास्थ्य सुरक्षा के दृष्टिकोण से गाँव को किया गया है सील:- उपायुक्त....*
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उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी श्रीमती नैंसी सहाय द्वारा जानकारी दी गई कि सारवां प्रखंड के गमहरिया गांव में कोरोना पॉजिटिव मरीज मिलने की जानकारी के पश्चात उक्त व्यक्ति को बेहतर ईलाज के लिए आइसोलेशन वार्ड में रखा गया है, ज्ञात हो कि मरीज में अब तक कोरोना से संबंधित कोई भी प्राथमिक लक्षण नही दिख रहे हैं। साथ ही वर्तमान समय में मरीज की स्थिति बिल्कुल स्थिर बनी हुई है।
इसके अलावे एहतियात के तौर पर गांव तक पहुंचने वाले हर रास्ते व चेकपोस्ट पर दंडाधिकारियों, पुलिस पदाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति की है। साथ ही सभी की स्वास्थ्य सुरक्षा को देखते हुए गांव को सील किया गया है। ऐसे में आप सभी से आग्रह है कि बिना पैनिक हुए जिला प्रशासन का सहयोग करें।
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*#StayHomeStaySafe*

मुम्बई में 53 पत्रकारों में पाए गए कोरोना पॉजिटिव,बीएमसी ने की पुष्टि

देशभर में कोरोना वायरस (Corona Virus) तेजी से लोगों को अपनी चपेट में ले रहा है। इस घातक वायरस से देश के डॉक्टर, पुलिस और सफाई कर्मी अछूता नहीं रहा है। वहीं कोरोना वायरस के कहर के बीच पत्रकार भी अपनी जान पर खेलकर रिपोर्टिंग कर रहे हैं और जनता तक खबरें पहुंचा रहे हैं। इस बीच दुखद खबर है कि इस जालनेवा कोरोना ने अब पत्रकारों को भी अपनी जद में लेना शुरू कर दिया है। न्यूज एजेंसी एएनआई (ANI) के सूत्रों के मुताबिक मुम्बई में 53 पत्रकारों को कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं।

मुम्बई में सिर्फ एक दिन की रिपोर्ट में कोरोना की चपेट में 53 मीडियाकर्मी आ गए हैं. मीडियाकर्मियों के आने से देश भर के मीडिया संस्थानों में हड़कंप मच गया है. कोरोना संक्रमित मीडियाकर्मियों में टीवी रिपोर्टर, कैमरामैन और प्रिंट फोटोग्राफर शामिल हैं. चौकाने वाली बात यह है कि 99% लोगों में कोई लक्षण ही नहीं दिखा.

सभी मीडियाकर्मी अलग अलग मीडिया चैनल में कार्यरत है. कोरोना से जुड़ी हर ख़बर, जानकरी को दर्शकों तक पहुंचा रहे थे। वृहण मुंबई कॉर्पोरेशन (बीएमसी) ने इसकी पुष्टि की है।

झारखंड में लॉक डाउन के दौरान पुलिस मुखबिर बताकर नक्सलियों ने युवक की गोली मारकर की हत्या


#चाईबासा। झारखंड में लॉग डाउन के दौरान पूर्वी सिंहभूम जिले के चाईबासा में सनसनीखेज घटना को नक्सलियों ने अंजाम दिया है। गोइलकेरा थाना क्षेत्र के कुईडा में नक्सलियों पुलिस का मुखबिर बताकर राजकुमार गोप नाम के युवक की गोली मारकर हत्या कर दी.                                     हत्या की घटना के बाद नक्सलियों ने पोस्टरबाजी करते हुए कहा कि मुखबिरी का काम करने वाले सभी भाकपा माओवादी के पास आत्मसमर्पण कर दे, नहीं तो पकड़े जाने पर मौत की सजा दी जाएगी.घटना का अंजाम रविवार की देर रात दी गई सोमवार की सुबह पुलिस को घटना की जानकारी मिली. मौके पर पुलिस पहुंच कर शव को कब्जे में लेकर मामले की छानबीन में जुटी हुई है.

पुलिस को नुकसान पहुंचाने के लिए शव के पास लगाया था आईडी और तीर बम:-

पुलिस का मुखबिर बताकर राजकुमार गोप की हत्या हार्डकोर नक्सली मिसिर बेसरा के निर्देश पर की गई है.पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार रविवार की देर रात 15 की संख्या में आए माओवादी ने राजकुमार की गोली मारकर हत्या कर दी. हत्या के बाद माओवादियों ने उसके शव के पास आईडी, तीर बम पुलिस को नुकसान पहुंचाने के उद्देश्य से लगा दिया था.इसके बाद बीडीएस की टीम ने इसे निष्क्रिय कर दिया.घटनास्थल से गोली का खोखा और माओवादी के द्वारा फेंका गया पर्चा भी बरामद किया गया.

नक्सलियों ने किया था अगवा

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार,राजकुमार गोप मुर्गा ,खस्सी बेचने का काम करता था.इसी दौरान वो सरजाबुरू जंगल के तरफ खस्सी और मुर्गा लाने गया था.इसी दौरान नक्सलियों ने उसे पकड़ लिया और गोली मारकर उसकी हत्या कर दी.इस मामले में चाईबासा पुलिस ने कहा कि इस तरह के लॉक डाउन के इन कठिन परिस्थिति में जहां जिला प्रशासन,पुलिस प्रशासन जनप्रतिनिधि मिलकर लोगों को भोजन एवं खाद्य सामग्री की व्यवस्था कर रहे हैं. वहीं दूसरी और भाकपा माओवादी द्वारा अपनी आजीविका में जुटे ग्रामीण की हत्या कर रहे हैं. जो इनके दोहरे चरित्र एवं हताशा को दर्शाता है. नक्सलियों के विरुद्ध छापेमारी अभियान चलाया जा रहा है, तथा इस संबंध में गोइलकेरा थाना में मामला दर्ज कर अग्रिम कारवाई की जा रही है.

Sunday, April 19, 2020

संतो के लिए अब सुरक्षित नहीं रहा महाराष्ट्र? पालघर में 2 संतों की निर्ममता से हत्या के बाद दहल उठा देश,110 पर एफआईआर



कभी वह समय भी हुआ करता था जब देश भर के और दुनिया भर के प्रताड़ित साधू , संत और हिन्दू समाज के लोग महाराष्ट्र के गौरवशाली योद्धाओं से सुरक्षा पाते थे.


कभी वह समय भी हुआ करता था जब देश भर के और दुनिया भर के प्रताड़ित साधू , संत और हिन्दू समाज के लोगमहाराष्ट्र के उन गौरवशाली योद्धाओं से सुरक्षा पाते थे जिनकी भुजाओं और तलवारोंके दम पर अब तक हिन्दू संस्कृति अपने मूल रूप में बची हुई है. ध्यान देने योग्य हैकि कभी संतो को सम्मान और सुरक्षा देने वाले महाराष्ट्र के पालघर स्थित तलासरी अहमदाबाद हाईवे पर साधु-संतों की गाड़ी पर कुछ संदिग्ध लोगों ने भीषण और सोच समझ कर ऐसा हमला किया कि उसमे २ संतोकी हत्या हो गई और उन्हें ले जा रहा ड्राइवर भी उसी हमले में मारा गया है.





इस मामले से मचे हडकम्प के बाद अब तक पुलिस ने कुल 110 दोषियों पर अभियोग पंजीकृत कर के कार्यवाही की है. मिल रही जानकारी के अनुसार, महाराष्ट्र के पालघर स्थित तलासरी गाव मे अहमदाबाद नेशनल हाईवे से गुजरात की तरफ भगवान का भजन करते हुए गुज़र रहे साधु महात्माओं के वाहन को रोक कर उन पर घात लगा कर जानलेवा हमला किया गया है . इस जानलेवा हमले की चपेट में आ कर अब तक २ संत और एक ड्राइवर की मौत हो चुकी है और कुछ घायल हुए हैं जिनका इलाज़ करवाया जा रहा है. महाराष्ट्र में इस से पहले संतो को निशाना बनाने की ऐसी घटना बहुत कम देखने को मिली थी.




ध्यान ये भी देने योग्य है कि दो दिनपहले मुंबई के दहिसर से दो संत जो आपने गुरुभाई संत रामगिरी महाराज जी का सूरत मेउनके आश्रम में निधन हो गया. उनके अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए उनके श्रीसुशील गिरी व उनके ज्येष्ठ गुरु चिकना बाबा अपने ड्राइवर के साथ अहमदाबाद नेशनलहाईवे इलाके से गुज़र रहे थे कि आगे पालघर स्थित तलासरी कासा गांव में गाड़ी रुकवा करकुछ गुंडे चोरी छिनैती के इरादे से चोर - चोर चिल्लाकर उन संतो को धारदार हथियार,लकड़ी तलवार से हमला करना शुरू कर दिया. इतना ही नहीं , उनके पास जो भी नकदी थीउसको भी छीन लिया गया. लाक डाउन में पुलिस की गश्त की पोल भी यहाँ खुलती दिखाई दीक्योकि इस पूरे हंगामे में काफी देर तक पुलिस का कोई नामोनिशान तक नहीं था.



जब शोर ज्यादा मचा तो घटना स्थल परपहुंच कर पुलिस ने उन संतो को कुछ देर तक स्थानीय पुलिस चौकी में रखा फिर अपनी जीपमें बिठाया. फिर भी हमलावरों ने पोलिस से हाथापाई कर सभी संतो को हथियारों से तबतक मारा जब तक उनके प्राण पखेरू नहीं उड़ गये .. बताया ये भी जा रहा है कि पुलिस अगरउन दोनों संतो को और कुछ समय तक पुलिस चौकी के अंदर बैठा कर रखती और कंट्रोल रूमसे अतिरिक्त पुलिस बल की मदद मांगती तो उन सभी संतो की जान बच सकती थी. इसी केचलते कहीं न कहीं इस घटना मे महाराष्ट्र पुलिस की भूमिका के ऊपर भी एक बहुत बड़ासवाल खड़ा हो रहा है.


पुलिस द्वारा बताया गया कि अभी तक 110 लोगों के ऊपर मामलादर्ज किया गया है लेकिन गुंडों पर मामला दर्ज करके थोड़ी ना वापिस इन संतों की जान चलीआएगी इन संतों के शव को देने के लिए भी पुलिस ने बहुत ही सवाल जवाब साधु संतों सेकरवाने की भी खबर सामने आ रही है लेकिन 2 दिन बाद इन साधु संतों का सेव आजत्रंबकेश्वर अखाड़े के संतों को सौंपा गया है . आज इन दोनों संतो के ऊपरत्रंबकेश्वर में समाधि दी गई. हमने पुलिस से इस घटना के बारे में पूछताछ की तोपुलिस द्वारा कोई जानकारी देने से इंकार कर दिया गया.

जिप सदस्य ने निजी खर्च पर किया कई गांवों में सैनिटाइजर का छिड़काव,लोगों ने बरसाए फूल




अशोक कुमार।
#बगोदर/गिरिडीह। कोरोना वायरस के संक्रमण को देखते हुए बगोदर प्रखण्ड अन्तर्गत पूर्वी जोन के जिला परिषद सदस्य गजेन्द्र उर्फ राजेन्द्र महतो अपने निजी खर्च से बेको पूर्वी पंचायत के कई गाँवों में सेनिटाइजर का छिडकाव कर रहें हैं၊ बता दे कि 2 पिछले दो दिनों से अपने क्षेत्र के सभी गाँवों में लगातार सैनिटाइज किया जा रहा है၊इधर जैसे ही सेनीटाइज करने के लिए यादव टोला, बेको पहुंचे तो वहाँ अपने अपने छतों से सेनीटाइज करने वाले लोगों पर स्थानीय निवासियों ने पुष्प वर्षा कर स्वागत किया၊ साथ ही लोगों ने इस तरह के कार्य के लिए जिला परिषद के कार्य की सराहना की၊ वहीं जिला परिषद सदस्य ने कहा कि मैं हमेशा से ही समाज सेवा के प्रति तत्पर हूं, औेर आगे भी इस तरह के समाज सेवा जैसे जनकल्याणकारी कार्यो के लिए दिन रात एक कर दूंगा। उन्होंने कहा कि जब भी गाँव में असहाय गरीबो को आवश्यकता हुई है जरूरतमंद लोगो की मदद किया हूं, औेर आगे भी करता रहूँगा၊ साथ ही ये भी कहा कि ऐसे महामारी से बचने के लिए लोगों को सजग रहने की जरूरत हैं, लॉकडाउन का पालन करे ,घर पर ही रहें, जरूरत पड़ने पर ही घर से बाहर निकले ओर सोशल डिस्टेंश का पालन करे। श्री महतो ने कहा, जान है, तो जहान है। मौके पर कमोद यादव, शंभु महतो, भुनेश्वर महतो आदि मौजूद थे।



Saturday, April 18, 2020

एक आईपीएस अधिकारी के पिता रिटायर्ड डीडीसी का मिला कोरोना पॉजिटिव


#न्यूज़ डेस्क।रांची के एक आईपीएस अधिकारी के पिता रिटायर्ड डीडीसी को कोरोना पॉजिटिव मिला।तीन दिन पहले एयर एम्बुलेंस से दिल्ली ले जाया गया था।दिल्ली में ही केस कन्फर्म हुआ है।बताया जा रहा है कि उनका अपार्टमेंट बरियातू जोड़ा तालाब में है।जो सूचना मिल रही है आपर्टमेंट को सील किया जा रहा है।वहीं जिस अस्पताल में इलाज चल रहा था, उसको भी सील किया जाएगा।शहर के तीन बड़े अस्पतालों में इलाज की सूचना है।
जानकारी अनुसार, बरियातू थाना क्षेत्र के जोड़ा तालाब स्थित एक अपार्टमेंट में रहने वाले एक अधिकारी के पिता कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं।मिली जानकारी के अनुसार,अधिकारी के पिता को तीन दिन पहले राँची से एयर एंबुलेंस के द्वारा दिल्ली ले जाया गया जहां पर शनिवार को वे कोरोना पॉजिटिव पाए गए है। कोरोना पॉजिटिव पाए जाने के बाद राँची जिला प्रशासन की टीम के द्वारा एक निजी हॉस्पिटल और जोड़ा तालाब स्थित एक अपार्टमेंट को सील किया जा रहा है।

कोरोना से डरें, घर मे रहें

हिंदपीढ़ी के बाद बरियातू में संक्रमण का खतरा।ब्रेन हेमरेज के बाद आईपीएस अधिकारी के पिता को तीन अलग अलग अस्पतालों में भर्ती किया गया था। 16 अप्रैल को एयर एम्बुलेंस से मेदांता गुड़गांव भेजा गया था। वहीं कोरोना पॉजिटिव की पुष्टि हुई।

रांची के हिंदपीढ़ी में मिला त्रिनिदाद निवासी एक और कोरोना पॉजिटिव, राज्य में कुल संख्या हुई 33

*BIG BREAKING:*

रांची के हिंदपीढ़ी में मिला एक और कोरोना पॉजिटिव, राज्य में कुल संख्या हुई 33
त्रिनिदाद का  है रहने वाला संक्रमित युवक


#रांची। पॉजिटिव नया मरीज तबलीगी जमात से जुड़ा हुआ है। और राँची के खेलगांव स्थित क्वारंटाइन सेंटर में भर्ती है। पहली जांच में उसकी रिपोर्ट निगेविट आयी थी, लेकिन दूसरी जांच में रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। संक्रमित शख्स त्रिनिदाद एंड टोबैगो का रहने वाला है,और 33 साल का है। ये उन्हीं 17 विदेशियों में शामिल हैं, जिन्हें हिंदपीढ़ी इलाके के एक मस्जिद से निकालकर खेलगांव स्थित क्वारंटाइन सेंटर में भेजा गया था। इन्हीं में से एक मलेशियाई महिला राज्य का पहला कोरोना मरीज है।

बांग्लादेश सरकार ने इस्कॉन संतों को भारत में प्रवेश से रोका

चौंकाने वाली खबर 🚨  बांग्लादेश ने 63 इस्कॉन भिक्षुओं को भारत में प्रवेश करने से रोका सभी के पास वैध पासपोर्ट और वीज़ा थे। आव्रज...