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*COVID-19: झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री बोले- तबलीगी जमात के कारण राज्य में फैला कोरोना संक्रमण।*
*स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता ने कहा कि हमारे लिए मां भारती सबसे पहले है, बाद में बाकी दुनिया है। बन्ना गुप्ता ने कहा, झारखंड में अब तक संक्रमित पाए गए लोगों में से लगभग 90 प्रतिशत लोग या तो स्वयं तबलीगी जमात के मरकज में शामिल होकर झारखंड पहुंचे थे अथवा उनके यहां आने से संक्रमित हुए हैं।*
रांची// झारखंड की राजधानी रांची में कोरोना वायरस (COVID-19) संक्रमण के बढ़ते मामलों के लिए तबलीगी जमात के लोगों को जिम्मेदार ठहराते हुए राज्य के स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता ने केंद्र सरकार से भी सवाल किया कि क्या उनका गृह और विदेश मंत्रालय सोया हुआ था? स्वास्थ्य मंत्री ने बुधवार को रांची में न्यूज़ एजेंसी भाषा को दिए इंटरव्यू में कहा, ‘हमारे लिए मां भारती सबसे पहले है, बाद में बाकी दुनिया है. अतः जो गलत है, उसे गलत ही कहूंगा।’ उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार को बताना होगा कि आखिर तबलीगी जमात के सैकड़ों लोग दुनिया भर से नई दिल्ली के निजामुद्दीन इलाके में कैसे पहुंचे? स्वास्थ्य मंत्री ने सवाल उठाया कि आखिर विदेश मंत्रालय और गृह मंत्रालय इन तबलीगी लोगों के दिल्ली में एकत्रित होने और मरकज की बैठक में शामिल होने को लेकर क्यों सोए हुए थे?
*झारखंड में अब तक 106 लोग कोरोना से संक्रमित*
स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता ने कहा, ‘झारखंड में अब तक 106 लोग कोरोना वायरस से संक्रमित पाए गए हैं. इन 106 लोगों में से लगभग 90 प्रतिशत लोग या तो स्वयं तबलीगी जमात के मरकज में शामिल होकर झारखंड पहुंचे थे अथवा उनके यहां आने से संक्रमित हुए हैं. हालांकि उनमें से 19 स्वस्थ भी हो चुके हैं लेकिन तीन लोगों की दुखद मौत भी हो चुकी है।
उन्होंने दावा किया कि पिछले दिनों वीडियो कॉन्फ्रेंस में तबलीगी जमात के लोगों के भारत में एकत्रित होने और राज्य को कोरोना संक्रमण के खिलाफ लड़ाई में उपकरणों की उचित आपूर्ति न हो पाने संबंधी उनके सवालों पर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन से कोई जवाब देते नहीं बना था. उन्होंने कहा कि देश में कोरोना संकट से निपटने के लिए केंद्र सरकार को बड़े पैमाने पर और तेजी से कदम उठाने होंगे।
*झारखंड में अब तक कुल 10,020 लोगों की हो चुकी है कोरोना जांच*
बन्ना गुप्ता ने बताया कि झारखंड में अब तक कुल 10,020 लोगों की कोरोना जांच हो चुकी है. अब राज्य में प्रतिदिन बड़े पैमाने पर इसकी जांच की जा रही है. जांच किट की कमी भी नहीं है. उन्होंने कहा कि राजधानी रांची में ही अकेले अब तक 77 कोरोना संक्रमित पाए गए हैं और इनमें से 65 से अधिक सिर्फ कोरोना के हॉटस्पॉट हिंदपीढ़ी इलाके से हैं. अल्पसंख्यक बहुल इस इलाके से ही 29 मार्च को सबसे पहले तबलीगी जमात के निजामुद्दीन मरकज से चोरी छिपे यहां लौटे 17 विदेशी लोगों को पकड़ा गया था. यह सभी हिंदपीढ़ी की बड़ी मस्जिद में छिपे हुए थे।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि जब दिल्ली पुलिस की सूचना पर रांची पुलिस और प्रशासन ने 29 मार्च को इन सभी को मस्जिद से निकाल कर पृथक (अलग) किया, और उनकी जांच की तो 31 मार्च को 22 वर्षीया एक मलेशियाई महिला कोरोना संक्रमित निकली थी जो झारखंड में कोरोना संक्रमण का पहला मामला था. उन्होंने कहा कि इस मामले के बाद रांची के हिंदपीढ़ी इलाके से एक के बाद एक उनके संपर्क में आए तमाम परिवार कोरोना संक्रमित पाए गए. यहां तक कि तबलीगी जमात के लोगों के चलते संक्रमित हिंदपीढ़ी के एक परिवार के एक बुजुर्ग दंपति की कोरोना से मौत हो गई।
*हिंदपीढ़ी इलाका सीआरपीएफ के हवाले*
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा, ‘रांची में कोरोना के बढ़ते संक्रमण के चलते सोमवार को मंत्रिमंडलीय उपसमिति ने हिंदपीढ़ी इलाके को सीआरपीएफ के हवाले करने का फैसला किया. इसके तहत मंगलवार की सुबह से वहां सीआरपीएफ की दो कंपनियां तैनात कर दी गईं हैं।
बन्ना गुप्ता ने केंद्र सरकार पर राज्य को आवश्यक मदद करने में विफल रहने का भी आरोप लगाया. उन्होंने कहा, ‘राज्य सरकार ने केंद्र से एक लाख बीस हजार एन-95 मास्क मांगे थे।लेकिन उसने अब तक सिर्फ दस हजार मास्क ही दिये गये हैं. इसी प्रकार राज्य ने लगभग डेढ़ लाख पीपीई (पर्सनल प्रोटेक्टिव इक्विपमेंट) किट मांगे थे, लेकिन इससे कम सिर्फ 6000 ही किट भेजे गए हैं।