Wednesday, July 1, 2020

ऋचा चड्ढा और अली फजल ने अपने पहले मैगजीन कवर में एक जोड़े के रूप में, सभी के लिए रिलेशनशिप गोल सेट किया




ऋचा चड्ढा और अली काजल शायद टिनसेल्टाउन के सबसे प्यारे जोड़ों में से एक हैं, लेकिन रिचा चड्ढा और अली काजल के बारे में हम वास्तव में कितना जानते हैं? कुछ विवरण जैसे कि वे अपनी फिल्म फुकरे के सेट पर मिले और प्यार हो गया, उनकी प्रेम कहानी के बारे बात करे तोह अच्छी तरह से गुप्त रखा गया क्योंकि उन्होंने कुछ मौके को छोड़कर हमेशा लो प्रोफाइल बनाये रखा। अब, ब्राइड्स टुडे के जून-जुलाई संस्करण के लिए एक भव्य पत्रिका की शूटिंग में, दोनों कलाकार  ने इस बात की कहानी बयां की है कि वे सबसे अच्छे दोस्त से जीवन साथी कैसे बने।

अप्रैल में शादी करने वाले थे, लेकिन शादी के लिए चल रही महामारी के कारण शादी को आगे बढ़हा दिया गया।  देश के लॉकडाउन में जाने से कुछ हफ़्ते पहले, एक साथ कवर शूट में, दोनों एक खूबसूरत तस्वीर क्लिक करवाई। ऋचा हर तरह से अपने खूबसूरत लहंगे में तेजस्वी दिख रही हैं, जो दर्शाता है कितनी खूबसूरत दुल्हन के रूप में ऋचा दिखेगी। और अली अपने दुल्हे की पोशाक में शानदार लग रहे हैं।  लेकिन इन् सबसे कहीं अधिक जो हमारी आँखों आकर्षित कर रही, है वो है इनको एक साथ खुस देखना, इनकी चमकती आँखें हमारे दिल को लुभा रही है।

प्रशंसकों के लिए, इस कवर स्टोरी का मुख्य आकर्षण उनकी पूरी प्रेम कहानी की यात्रा  है।

Monday, June 29, 2020

झारखंड हाहाईकोर्ट ने बाबा मंदिर खोलने व काँवर यात्रा के लिए गोड्डा सांसद निशिकांत दुबे की याचिका स्वीकार की


झारखंड हाईकोर्ट ने मंदिर खोलने व काँवर यात्रा के लिए गोड्डा सांसद निशिकांत दुबे की याचिका स्वीकार की। झारखंड सरकार, ज़िलाधिकारी देवघर, पंडा धर्मरक्षािणी व बिहार सरकार को नोटिस जारी किया । अगली सुनवाई ३० जून को होगी ।

साथ ही आपको बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने भी पुरी में भगवान जगन्नाथ रथ यात्रा कुछ शर्तों के आधार पर निकालने का आदेश दिया था. उसी तर्ज पर देवघर में श्रावणी मेला का आयोजन करने से संबंधित निर्देश राज्य सरकार को देने की मांग की है. प्रार्थी ने कहा कि श्रावणी मेला से करोड़ों लोगों की धार्मिक आस्था जुड़ी हुई हैं.

हिंदू धर्मावलंबियों के लिए यह ऐतिहासिक मेला साल में एक बार लगता है, जो एक माह तक चलता है. 19वीं शताब्दी में प्लेग महामारी के समय भी श्रावणी मेला का आयोजन हुआ था. श्रद्धालुओं ने बाबा बैजनाथ का दर्शन कर जलाभिषेक किया था. यह आयोजन कभी बंद नहीं हुआ है. अनवरत चलता रहा है. इसका आयोजन नहीं होने से करोड़ों लोगों की धार्मिक आस्था को ठेस पहुंचेगी. प्रार्थी ने वैसी स्थिति में देवघर में सभी प्रकार की सावधानी के साथ सावन और भादो माह में आयोजित होनेवाले श्रावणी मेले की अनुमति देने का आग्रह किया है.

लाखों लोगों की आस्था और आजीविका का सवाल है, इसलिए जनहित याचिका दायर
गोड्डा सांसद डॉ निशिकांत दुबे ने कहा कि बाबा बैद्यनाथ मंदिर आमलोगों के दर्शन के लिए खुला रहे, यह मेरे जीवन का हिस्सा है. मैं आज जो कुछ भी हूं बाबा के कारण ही हूं. बाबा के प्रति मेरी अंधभक्ति है. इसलिए मुझे बाबा की पूजा के अलावा कुछ नहीं दिखता है.

उन्होंने कहा कि यदि मैं कोरोना को मानता हूं, तो साइंस को भी मानता हूं. यदि बाबा को मानता हूं, तो धर्म को मानता हूं. विज्ञान और धर्म में किसी एक का चयन करना हो, तो धर्म को चुनेंगे. बाबा मंदिर से लाखों लोगों की आस्था जुड़ी है. लाखों लोगों की आजीविका का भी सवाल है. इसलिए हाइकोर्ट गये हैं. जनहित याचिका दायर किया गया है.

हर हर महादेव..जय बाबा बैधनाथ धाम🙏🙏

Saturday, June 27, 2020

धनबाद में लॉक डाउन 5.0 एवं अनलॉक झारखंड 2.0 में रिंग सेरेमनी हुई संपन्न




धनबाद के वरिष्ठ पत्रकार आनंद अनल के के कनिष्ठ पुत्र अभिषेक आनंद वाहन वर्कशॉप के ओनर एवं शहर के जाने-माने फैशन डिजाइनर एवं नित्य प्रशिक्षिका इशिका अग्रवाल की सगाई समारोह लॉक डाउन की वजह से दो बार 26 मई व 13 जून तिथि को स्थगित हुई थी। अंततः 25 जून को जिला प्रशासन द्वारा कोविड-19 गाइडलाइन के अनुपालन के करने की सहमति पर सगाई की अनुमति प्रदान की गई ।
दूल्हा दुल्हन के अलावा अतिथियों को भी इस रिंग सेरेमनी का अनुभव थोड़ा सा अलग रहा क्योंकि हॉल में प्रवेश के पूर्व इशिका एवं अभिषेक के साथ सभी अतिथियों को भी हाथ सेनीटाइज कर प्रवेश करना पड़ा। यह रिंग सेरेमनी मास्क लगाकर शहर के एक प्राइवेट बैंक्विट हॉल में हुई। दूल्हा दुल्हन के पोज फोटो भी मास्क में ही हुई। सभी एक दूसरे से शारीरिक दूरी में दिखे, दूल्हा दुल्हन के साथ भी ग्रुप फोटो में दूरी दिखा।
यह एक आदर्श सगाई समारोह भी रहा क्योंकि यह अंतर जातीय एवं दहेज मुक्त सामाजिक अनुष्ठान था।

Thursday, June 25, 2020

सीसीएल के सीएमडी ने झारखंड के मुख्य मंत्री को आपदा प्रबंधन हेतु बीस करोड़ रुपए दिए



रांची।मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन से झारखंड मंत्रालय में आज सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड (सीसीएल) के सीएमडी श्री गोपाल सिंह ने मिलकर स्‍टेट डिजास्‍टर मैनेजमेंट ऑथिरिटी झारखण्‍ड के लिए 20 करोड़ रुपए का चेक सौंपा। सीएमडी श्री गोपाल सिंह ने झारखंड सरकार की सराहना करते हुए कहा कि हमें राज्य सरकार की सहायता समय-समय पर मिलता रहा है। कोविड-19 से लड़ाई में सीसीएल राज्य सरकार के साथ खड़ी है। सीसीएल अपना दायित्व का निर्वहन पूरी सजगता और तन्मयता के साथ कर रहा है। उन्होंने कहा कि कोरोना वैश्विक महामारी के दौरान 20 करोड़ रुपए के अतिरिक्त सीसीएल ने अपने कमांड क्षेत्र के 8 जिलों में स्थानीय प्रशासन को लगभग 1 करोड़ रुपए से अधिक की सहायता राशि प्रदान की है। मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने सीसीएल द्वारा किए जा रहे इस सामाजिक पहल की सराहना की। मुख्यमंत्री ने सीएमडी श्री गोपाल सिंह को धन्यवाद भी दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज के प्रति सभी का महत्वपूर्ण दायित्व है। विपदा की इस घड़ी में सभी सरकारी एवं स्वयंसेवी संस्थानों को कदम से कदम मिलाकर कोविड-19 संक्रमण से निपटने के निमित्त कार्य करने की आवश्यकता है तभी हमसभी लोग कोविड-19 से जारी इस लड़ाई को जीत सकेंगे।

सीसीएल के सीएमडी ने झारखंड के मुख्य मंत्री को आपदा प्रबंधन हेतु बीस करोड़ रुपए दिए



रांची।मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन से झारखंड मंत्रालय में आज सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड (सीसीएल) के सीएमडी श्री गोपाल सिंह ने मिलकर स्‍टेट डिजास्‍टर मैनेजमेंट ऑथिरिटी झारखण्‍ड के लिए 20 करोड़ रुपए का चेक सौंपा। सीएमडी श्री गोपाल सिंह ने झारखंड सरकार की सराहना करते हुए कहा कि हमें राज्य सरकार की सहायता समय-समय पर मिलता रहा है। कोविड-19 से लड़ाई में सीसीएल राज्य सरकार के साथ खड़ी है। सीसीएल अपना दायित्व का निर्वहन पूरी सजगता और तन्मयता के साथ कर रहा है। उन्होंने कहा कि कोरोना वैश्विक महामारी के दौरान 20 करोड़ रुपए के अतिरिक्त सीसीएल ने अपने कमांड क्षेत्र के 8 जिलों में स्थानीय प्रशासन को लगभग 1 करोड़ रुपए से अधिक की सहायता राशि प्रदान की है। मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने सीसीएल द्वारा किए जा रहे इस सामाजिक पहल की सराहना की। मुख्यमंत्री ने सीएमडी श्री गोपाल सिंह को धन्यवाद भी दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज के प्रति सभी का महत्वपूर्ण दायित्व है। विपदा की इस घड़ी में सभी सरकारी एवं स्वयंसेवी संस्थानों को कदम से कदम मिलाकर कोविड-19 संक्रमण से निपटने के निमित्त कार्य करने की आवश्यकता है तभी हमसभी लोग कोविड-19 से जारी इस लड़ाई को जीत सकेंगे।

Tuesday, June 23, 2020

पतंजलि से कोरोना वायरस की दवा पर रोक , इस दवा की वैज्ञानिक जांच नहीं हुई


🔮 जस्ट बिग ब्रेकिंग..


पतंजलि को सरकार का झटका..!

पतंजलि से कोरोना वायरस की दवा पर रोक , इस दवा की वैज्ञानिक जांच नहीं हुई

नई दिल्ली।23 जून। भारत सरकार ने पतंजलि से कोरोना वायरस की दवा का विज्ञापन बंद करने को कहा है। दरअसल, योग गुरु स्वामी रामदेव ने कोरोनावायरस की दवा 'कोरोनिल' को मंगलवार को बाजार में उतार और दावा किया कि आयुर्वेद पद्धति से जड़ी बूटियों के गहन अध्ययन और शोध के बाद बनी यह दवा शत प्रतिशत मरीजों को फायदा पहुंचा रही है।
पतंजलि की ओर से आज लॉन्च की गई कोरोना वायरस के इलाज के लिए आयुर्वेदिक दवा कोरोनिल के प्रचार पर सरकार ने रोक लगा दी है। आयुष मंत्रालय ने पतंजलि को आदेश दिया है कि कोविड दवा का तब तक प्रचार नहीं करें जब तक कि मुद्दे की जांच नहीं हो जाती है। मंत्रालय ने पतंजलि से दवा की डीटेल मांगी है ताकि पतंजलि के दावे की जांच की जा सके। आयुष मंत्रालय ने कहा है पतंजलि की कथित दवा, औषधि एवं चमत्कारिक उपचार (आपत्तिजनक विज्ञापन) कानून, 1954 के तहत विनियमित है।
बता दें कि दवा के लॉन्चिंग के मौके पर पतंजलि के मैनेजिंग डायरेक्टर आचार्य बालकृष्ण ने दावा किया था कि यह दवा 3-14 दिनों के अंदर कोरोना पीड़ित मरीजों का इलाज कर सकेगी। हरिद्वार स्थित पतंजलि योगपीठ में लॉन्चिंग के दौरान बाबा रामदेव ने कहा कि कोरोनिल दवा का जिन कोरोना मरीजों पर ट्रायल किया गया, उनमें 69 फीसदी मरीज केवल तीन दिनों में ही पॉजीटिव से निगेटिव और सात दिन के अंदर 100 फीसदी रोगी संक्रमण से मुक्त हो गए।


सरकार ने रोका, मांगी डिटेल

पतंजलि योगपीठ (Patanjali Medicine for Corona) के प्रमुख बाबा रामदेव (Baba Ramdev) ने इस दवा को लॉन्च करते हुए क्लिनिकल ट्रायल में इसके सफल परिणामों का दावा किया है। इस दवा को मंगलवार से ही बाजार में उतारने का दावा किया गया है। इस मामले पर सरकार ने पतंजली से कहा है कि इसका प्रचार प्रसार तुरंत बंद किया जाए। सरकार ने कहा कि अभी इस दवा की वैज्ञानिक जांच नहीं हुई और उनको इस बारे में नहीं पता, इसलिए अभी तत्काल प्रभाव से इसका प्रचार प्रसार रोका जाए।
☮️

Monday, June 22, 2020

विहिप व बजरंग दल ने गलवान घाटी के शहीदों को दी श्रद्धांजलि व चीनी राष्ट्रपति जिनपिंग का किया पुतला दहन



श्री प्रसाद सोनी।#विष्णुगढ़/हजारीबाग।  विहिप व बजरंग दल की बनासो इकाई ने पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत लद्दाख के गलवान घाटी में शहीद हुए जवानों को श्रद्धांजलि का कार्यक्रम किया। कार्यक्रम की अगुवाई बनासो पंचायत के विहिप अध्यक्ष कुणाल पासवान व बजरंग दल संयोजक विकास पासवान ने किया। कार्यक्रम में मुख्य रूप से हजारीबाग जिला सत्संग प्रमुख वरूण कुमार को आमंत्रित किया गया था। जिन्होंने अपनी उपस्थिति दर्ज करा कार्यक्रम का शुभारंभ किया व कार्यक्रम में उपस्थित लोगों का मनोबल बढ़ाया। कार्यक्रम की शुरूआत शहीद जवानों को श्रद्धांजलि दे कर की गई। जिसके बाद कार्यक्रम में मौजूद सभी लोग कतारबद्ध हो सोशल डिस्टेंस को ध्यान में रखते हुए 'भारत माता की जय' एवं 'वीर शहीदों अमर रहे' नारों के साथ कैंडल एवं फ्लैग मार्च किया।
इस बीच चीनी सामग्रियों के विरोध में 'बाईकाॅट चाइना' जैसे नारे लगाए गए। अंततः सभी बनासो चौक पहुंचे, जहां चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग का पुतला दहन कर कार्यक्रम का समापन किया गया। मौके पर प्रखंड प्रचार प्रसार प्रमुख बजरंग दल के सुरेश कुमार महतो ने चाइना के सामान के बहिष्कार का आव्हान किया ।साथ ही लोगों से अपील की वीकि जहां तक हो सके हमें भारतीय चीजों को उपयोग में लाना है। कार्यक्रम में विश्व हिन्दू परिषद बनासो पंचायत उपाध्यक्ष पुरुषोत्तम गुप्ता, चंडी बॉस, मंत्री सूरज कुमार, सह मंत्री, धर्मवीर कुमार, नीलेश पासवान, एवं बजरंग दल के सहसंयोजक रवि यादव, गौतम राणा, देव कुमार पाण्डेय, गौ रक्षा प्रमुख पीयूष गुप्ता,सत्संग प्रमुख राहुल पांडेय, सह सत्संग प्रमुख निरंजन पाण्डेय, अखाड़ा प्रमुख सुमंत कुमार, धीरज कुमार, प्रचार प्रसार प्रमुख गौरव पांडेय, सह प्रचार प्रसार प्रमुख अभिजीत पांडेय, नीरज पांडेय, प्रखण्ड के अखाड़ा प्रमुख धर्मेंद्र कसेरा, विशाल कश्यप एवं कई ग्रामीण मौजूद थे।

बांग्लादेश सरकार ने इस्कॉन संतों को भारत में प्रवेश से रोका

चौंकाने वाली खबर 🚨  बांग्लादेश ने 63 इस्कॉन भिक्षुओं को भारत में प्रवेश करने से रोका सभी के पास वैध पासपोर्ट और वीज़ा थे। आव्रज...