Saturday, January 19, 2019

राजधानी रांची में नक्सलियों के अर्थतंत्र पर पुलिस ने लगायी लगाम

राजधानी रांची में नक्सलियों ने अपने अर्थतंत्र की नींव डाल रखी थी। इस करोड़ों के अर्थतंत्र पर पुलिस ने चोट दी है। नामकुम और दशम फॉल थाना क्षेत्र के जंगली क्षेत्र में करीब 25 एकड़ जमीन पर फैली अफीम की खेती शुक्रवार नष्ट कर दी। एसएसपी अनीश गुप्ता को सूचना मिली थी कि नक्सलियों के संरक्षण में नामकुम के हहाप, सिंगरसराय और उलीडीह के जंगलों में करीब 20 एकड़ जमीन पर अफीम की खेती हुई थी।

इसी तरह दशमफॉल थाना क्षेत्र के जंगल में करीब पांच एकड़ पर अफीम की खेती हुई थी। जिसे पुलिस ने नष्ट कर दिया। इसकी कीमत करोड़ों रुपये होती। अफीम की खेती लगाए जाने पर नामकुम और दशम फॉल थाना में प्राथमिकी भी दर्ज कराई गई है। अफीम की खेती करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

कड़े सुरक्षा घेरे में किया नष्ट : पुलिस ने जिला बल और सीआरपीएफ के जवानों की कड़े सुरक्षा घेरे में अफीम की फसलों को नष्ट किया। जहां अफीम की खेती लहलहा रही थी, वहां कभी नक्सलियों का गढ़ रह चुका है। इन दिनों फिर नक्सलियों की सक्रियता होने लगी है। नक्सली अफीम की खेती करवा रहे हैं।

किसानों को लालच दे करवा रहे खेती : पुलिस के अनुसार स्थानीय ग्रामीण किसानों और जमीन मालिकों को अधिक मुनाफे का लालच देकर खेती करवाते हैं। कई किसानों के जंगली इलाकों में पडऩे वाली जमीन को नक्सलियों ने लीज पर भी ले रखी है। जमीन देने से मना करने वालों को धमकाया भी जाता है। इस तरह नक्सली अफीम की खेती करवा रहे है। रांची और बुंडू में अफीम की खूब खेती होती है।

तस्करों के लिए झारखंड बेहतर : अफीम तस्करों की नजर में इसकी खेती के लिए झारखंड का जंगली इलाका अच्छा है। झारखंड की मिट्टी और जलवायु अफीम की खेती के लिए बेहतर है। भगौलिक स्थिति भी कारोबारियों को और रास आ रहा है। इसी वजह से अफीम के तस्करों ने नक्सलियों को इसकी खेती की जिम्मेदारी दे रखी है।

कंगना के बयान पर मची बवाल, करणी सेना ने कहा- कंगना माफी मांगे

कंगना राणावत की  'द क्वीन ऑफ झांसी' रिलीज हो रही है। इस फिल्म की लंबे समय से चर्चा है और फैन्स इसका बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। अब जब फिल्म के रिलीज में एक सप्ताह ही बचा है, करणी सेना ने इसे लेकर विवाद खड़ा कर दिया है। हालांकि, कंगना ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि वह किसी से डरने वाली नहीं हैं। करणी सेना को कंगना ने मुंहतोड़ जवाब दिया है।

करणी सेना की मांग है कि रिलीज से पहले यह फिल्म उन्हें दिखाई जाए। करणी सेना ने आरोप लगाया है कि फिल्म में रानी का किसी अंग्रेज के साथ अफेयर दिखाया गया है। करणी सेना ने धमकी दी है कि अगर ऐसा हुआ तो इस फिल्म को भी 'पद्मावत' जैसा विरोध झेलना पड़ेगा।

बता दें कि पिछले साल संजय लीला भंसाली की फिल्म 'पद्मावत' के रिलीज से पहले करणी सेना के लोगों ने खूब उपद्रव मचाया था। इतिहास से छेड़छाड़ का आरोप लगाते हुए उन्होंने रिलीज के पहले फिल्म दिखाने की मांग की थी। विरोध में करणी सेना के लोग न सिर्फ सड़कों पर आ गए थे बल्कि हिंसक भी हो गए थे। उन्होंने बच्चों से भरी बस पर भी हमला किया था जिसके बाद इनकी खूब आलोचना हुई थी।

अब करणी सेना ने 'मणिकर्णिका' को लेकर भी विवाद खड़ा कर दिया है। हालांकि, कंगना ने बेबाकी से उन्हें जवाब दिया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार कंगना ने कहा है कि वह खुद एक राजपूत हैं और अगर करणी सेना के लोगों ने उन्हें परेशान किया तो वह उन्हें नहीं छोड़ेंगी। कंगना ने साफ किया है कि फिल्म को 4 इतिहासकारों ने मंजूरी दी है। इसके अलावा सेंसर बोर्ड से भी फिल्म पास हो चुकी है।

Actor Varun Dhawan has kicked off prep for his next

Actor Varun Dhawan is known for his hardwork and dedication towards his roles. The actor has started prep for his next, a dance film directed by Remo Dsouza and is leaving no stones unturned.

Varun is getting himself trained in gymnastics for his role by action expert Kuldeep Shashi and is spending a lot of time perfecting gymnastics.  He is learning different forms of dance like Bhangra, Urban and Street hip-hop from Remo's dance troupe. Apart from this, the actor hits the gym twice a day for his work-out. 

Varun who was on a no carb diet earlier has shifted to eating carbs to acquire the physique required for the character. 


The film also stars Shraddha Kapoor and will go on floors by the end of this month.

केन्द्र सरकार के ख़िलाफ़ तृणमूल कांग्रेस के नेतृत्व में आज रैली

केन्द्र में भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाली सरकार के कथित कुशासन के ख़िलाफ़ संयुक्त लड़ाई का संकल्प लेने और आम चुनाव से पहले विपक्ष के शक्ति प्रदर्शन के लिए आज कोलकाता में एक रैली होने वाली है जिसमें 20 से ज़्यादा विपक्षी दलों के शामिल होने की संभावना है।


पश्चिम बंगाल की सत्ताधारी पार्टी तृणमूल कॉन्ग्रेस इस संयुक्त विपक्षी रैली का आयोजन कर रही है।


तृणमूल कॉन्ग्रेस की निगाहें इस समय दिल्ली की ओर हैं और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री एंव तृणमूल कॉन्ग्रेस प्रमुख ममता बैनर्जी ने कहा है कि यह रैली लोकसभा चुनाव से पहले भाजपा के लिए उनके अनुसार मृत्युनाद की मुनादी होगी।


तृणमूल कॉन्ग्रेस को उम्मीद है कि इस रैली से ममता बैनर्जी ऐसी नेता के रूप में उभर कर सामने आएंगी जो अन्य दलों को साथ लेकर चल सकती हैं और आम चुनावों में सत्तारुढ़ भारतीय जनता पार्टी को चुनौती दे सकती हैं। ममता बैनर्जी ने ही सभी विपक्षी दलों को एक मंच पर बुलाया है और उनका मानना है कि लोकसभा चुनावों में क्षेत्रीय पार्टियां निर्णायक कारक सिद्ध होंगी।


इस रैली में कॉन्ग्रेस पार्टी की ओर से लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष मलिक अर्जुन खड़गे शामिल होंगे। 

अमरीका अफगानी आतंकियों को ईरान, चीन और सीरिया पर दबाव के हथकंडे के रूप में प्रयोग कर रहा -जनरल अहमद रज़ा

इस्लामी गणतंत्र ईरान की सशस्त्र सेना के शोध केन्द्र के प्रमुख जनरल अहमद रज़ा पूरदस्तान का कहना है कि सात हज़ार दाइश के आतंकी सऊदी अरब और संयुक्त इमारात के पैसे से अफ़ग़ानिस्तान में मौजूद हैं और अमरीका इनको ईरान, चीन और सीरिया पर दबाव के हथकंडे के रूप में प्रयोग कर रहा है।


जनरल अहमद रज़ा पूरदस्तान ने  कहा कि अमरीका ने ईरान से मुक़ाबले के लिए दाइश का गठन किया। उन्होंने कहा कि अमरीका ने आतंकवादी गुट दाइश को इराक़ में ईरान की सीमाओं की ओर हांक दिया किन्तु ईरानी सेना की डेड लाइन देश की सीमाओं की रक्षा है और जिसने भी सीमाओं के भीतर घुसपैठ का प्रयास किया उसका शिकार कर लिया जाएगा।


इस्लामी गणतंत्र ईरान की सशस्त्र सेना के शोध केन्द्र के प्रमुख ने कहा कि इस्लामी गणतंत्र ईरान आतंकवादी गुट दाइश पर पैनी नज़र रखे हुए है और ईरानी सेना को पता है कि दाइश के आतंकी कहां मौजूद हैं।


उन्होंने कहा कि इस्लामी गणतंत्र ईरान की सशस्त्र सेनाओं का मुख्य काम, सीमावर्ती छावनियों में दुश्मनों की समस्त गतिविधियों पर पूरी नज़र रखना है। उन्होंने कहा कि भूमध्य सागर में अमरीकी हवाई जहाज़ों और उसकी नौकाओं के रास्तों की पहचान हो गयी है और देश की सशस्त्र सेनाएं कभी भी निश्चेत नहीं रहेंगी।

Friday, January 18, 2019

आलिया भट्ट अपनी माँ की फिल्म 'नो फादर्स इन कश्मीर' के समर्थन में आगे आयीं, सोशल मीडिया के ज़रिए सीबीएफसी से मनचाहा प्रमाण पत्र देने की गुहार लगायी!

ऑस्कर नॉमिनेटेड डायरेक्टर अश्विन कुमार की फ़िल्म 'नो फादर्स इन कश्मीर' के लिए बहुत सारी जानी-मानी हस्तियाँ अपना समर्थन दे रही हैं। फिल्म निर्माताओं, अभिनेताओं और शशि थरूर, स्वरा भास्कर समेत अन्य हस्तियों की ओर से सोशल मीडिया पर समर्थन किए जाने के बाद, अब अभिनेत्री आलिया भट्ट ने सोशल मीडिया का सहारा लिया है और अपनी माँ की फिल्म के लिए सीबीएफसी से गुहार लगाकर उसके लिए अपना समर्थन ज़ाहिर कर रही हैं। उसने ट्वीट किया- मैं माँ की फ़िल्म का बेसब्री से इंतज़ार कर रही थी।

@nofathers_movie

 #nofathersinkashmir!! 

@Soni_Razdan @ashvinkumar

 & team worked super hard for this honest teens love story in Kashmir. Really hope the CBFC would #lifttheban. It’s a film about empathy & compassion..let’s give love a chance


'नो फ़ादर्स इन कश्मीर' जुलाई में आवेदन करने और अक्टूबर में पहली बार दिखाए जाने के बाद तक़रीबन पिछले 6 महीने से सेंसर में अटकी रही है। सीबीएफसी और चोटी की संस्था एफसीएटी दोनों ने मामले की सुनवाई की, और फिल्म को ए प्रमाणपत्र देने पर सहमत हुईं। यह फ़िल्म अपने-अपने लापता पिताओं की तलाश करते दो 16 साल के बच्चों की प्रेम कहानी है जो कश्मीर की पृष्ठभूमि पर आधारित है। फिल्म के निर्माताओं और समर्थकों के अनुसार फ़िल्म में कोई भी आपत्तिजनक चीज़ नहीं है और इसीलिए इसे ग़लत ए प्रमाण पत्र दिए जाने पर सवाल उठाए जा रहे है और बहस की जा रही है।


यह विवाद अभी भी चल रहा है और मसला अभी तक सुलझ नहीं पाया है, जिसके चलते फिल्म के निर्माता अधर में लटक गए हैं और उन्हें फ़िल्म को अपने हिसाब से रिलीज़ करने के लिए जल्दी कोई राहत नहीं मिल रही है। फिल्म में सोनी राजदान, अंशुमन झा और कुलभूषण खरबंदा हैं और सेंसर की दिक़्क़तों के कारण इसे अभी तक रिलीज़ होने की तारीख नहीं मिली है।

Thursday, January 17, 2019

डांस बार पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, मुंबई में दुबारा खुल सकेंगे डांस बार


डांस बार को लेकर महाराष्ट्र सरकार द्वारा बनाए गए कानून पर आज सुप्रीम कोर्ट ने अहम फैसला सुना दिया है। फैसले के मुताबिक मुंबई में दुबारा से डांस बार खुल केंगे। कोर्ट ने शर्तों के साथ डांस बार खोलने की इजाजत दे दी है। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा था। कोर्ट में सुनवाई के दौरान महाराष्ट्र की फणनवीस सरकार ने कहा था कि नया कानून संवैधानिक दायरे में आने के साथ-साथ गैरकानूनी गतिविधियों और महिलाओं का शोषण भी रोकता है।

सुप्रीम कोर्ट ने महाराष्ट्र सरकार के कानूनों में बदलाव के साथ इसकी मंजूरी दी है। सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में कहा है कि डांसर को अलग से टिप नहीं दी जा सकती है और ना ही डांसर पर पैसे उछाले जा सकते हैं।कोर्ट ने अश्लील डांस की परिभाषा बरकरार रखी है।

कोर्ट ने बार डांसिग एरिया अलग रखने की शर्त खारिज कर दी है। इसके अलावा डांसिग एरिया में सीसीटीवी का नियम भी रद्द कर दिया है। एससी ने कहा कि मुंबई में रात 11.30 बजे तक ही खुले रह सकते हैं डांस बार और इनमें किसी भी हालत में अश्लीलता नहीं होनी चाहिए

गौरतलब है कि इंडियन होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन ने राज्य सरकार के नए एक्ट को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। अपनी सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई में कहा था कि समय के साथ अश्लीलता की परिभाषा भी बदल गई है और ऐसा लग रहा है कि मुंबई में मॉरल पुलिसिंग हो रही है।


कोर्ट ने कहा था कि जीविका कमाने का अधिकार हर सिकीस को है। आपको बता दें कि इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार द्वारा लगाई गई पाबंदी को हटा दिया था जिसके बाद सरकार ने नए लाइसेंस देने के लिए नियाम और कड़े कर दिए थे। नए कानून के अनुसार, बार सिर्फ शाम 6:30 से रात 11:30 तक ही खुल सकते हैं और राज्य में ऐसे किसी भी बार या होटल में शराब नहीं परोसी जाएगी जहां लड़कियां डांस करती हैं।

बांग्लादेश सरकार ने इस्कॉन संतों को भारत में प्रवेश से रोका

चौंकाने वाली खबर 🚨  बांग्लादेश ने 63 इस्कॉन भिक्षुओं को भारत में प्रवेश करने से रोका सभी के पास वैध पासपोर्ट और वीज़ा थे। आव्रज...