Friday, December 13, 2019

जमशेदपुर पूर्व से निर्दलीय प्रत्याशी श्री सरयू राय द्वारा ईवीएम को हैक करने के लिए दक्षिण भारत के 8-10 लोगों के रांची के होटल एमराल्ड में ठहरे होने के संबंध में दी गई सूचना तथ्यहीन : मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी


न्यूज़ डेस्क। 
श्री विनय कुमार चौबे, मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा है कि जमशेदपुर पूर्व विधानसभा क्षेत्र से निर्दलीय प्रत्याशी श्री सरयू राय ने कल दिनांक 12 दिसंबर 2019 की रात्रि में दूरभाष पर उन्हें सूचना दी कि ईवीएम को हैक करने के मकसद से रांची स्थित होटल एमराल्ड में दक्षिण भारत के लगभग 8-10 व्यक्ति ठहरे हुए हैं. दूरभाष पर श्री राय को बताया गया कि ईवीएम तकनीकी तौर पर पूरी तरह सुरिक्षत है. इसे कदापि हैक नहीं किया जा सकता है, फिर भी मामले की तहकीकात करने हेतु रांची जिले के वरीय पुलिस अधीक्षक को जांच कर रिपोर्ट देने को कहा गया. 

*फ्लाईट प्रिपरेशन प्लान और फ्लाईट ऑपरेशन हेतु आए हैं एक एविएशन कंपनी के दो कर्मचारी*
वरीय पुलिस अधीक्षक ने हटिया के सहायक पुलिस अधीक्षक (एएसपी) से इस मामले की जांच कराई. जांच में पाया गया कि राजनीतिक दलों द्वारा किए जाने वाले प्रचार हेतु एक एविएशन कंपनी के तीन चौपरों के फ्लाईट प्लान प्रिपरेशन और फ्लाईट ऑपरेशन हेतु दक्षिण भारत के दो कर्मचारी  लगभग एक माह से उक्त होटल में ठहरे हुए हैं. इस प्रकार इनका ईवीएम से कुछ भी लेना-देना नहीं है. अभ्यर्थी द्वारा दी गई जानकारी तथ्यहीन है.

झारखंड सरकार के खाद्य आपूर्ति मंत्री सरयू राय ने अपना इस्तीफ सौंपा





रांची। झारखंड सरकार के खाद्य आपूर्ति मंत्री सरयू राय ने अपना इस्तीफ सौंप दिया है । राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू से मिलकर उन्होंने अपना इस्तीफा सौंप दिया. हालांकि, उन्होंने मंत्री पद और विधायक के पद से पहले ही इस्तीफा सौंप दिया था, लेकिन नियमत: फैक्स संदेश से काम नहीं चलना है, मंत्री को सशरीर पहुंचकर इस्तीफा देना सही होता है. इस कारण राजभवन ने यह कह दिया था कि उनको इस्तीफा नहीं मिला है. इसके बाद शुक्रवार को सुबह ग्यारह बजे राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू से मिलकर सरयू राय ने अपना इस्तीफा विधिवत सौंप दिया. वैसे वे पहले ही भाजपा से इस्तीफा दे चुके थे, लेकिन बाद में भाजपा ने भी उनको 6 साल के लिए बरखास्त कर दिया था. उन्होंने जमशेदपुर पूर्वी से भाजपा के अधीकृत प्रत्याशी मुख्यमंत्री रघुवर दास के खिलाफ चुनाव लड़ा था. सरयू राय ने इस्तीफा सौंपने के बाद मीडिया से राजभवन के बाहर ही बातचीत की और कहा कि मुख्यमंत्री रघुवर दास को उनको (खुद सरयू राय को) बरखास्त करना चाहिए था, लेकिन उनको बरखास्त नहीं किया, नतीजतन हमने अपना इस्तीफा सौंप दिया. वैसे फैक्स से पहले ही इस्तीफा भेज दिया था. उन्होंने कहा कि भाजपा का प्रदर्शन इस बार के चुनाव में ठीक नहीं रहने वाला है और 15 से ज्यादा सीटें भाजपा को नहीं मिलने वाली है. सरयू राय ने कहा कि नैतिकता के कारण उन्होंने विधायक और मंत्री के पद से इस्तीफा 17 नवंबर को फैक्स से ही भेज दिया था. विधानसभा से इसकी पुष्टि भी हुई, लेकिन राजभवन ने इसकी पुष्टि नहीं की. वैसे उन्होंने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री के खिलाफ चुनाव लड़ा तो उनके इस्तीफा का इंतजार मुख्यमंत्री को नहीं करना चाहिए था सीधे बरखास्त कर देना चाहिए था, लेकिन नही किया. उन्होंने जमशेदपुर पूर्वी से अपनी जीत के बारे में बताया कि बड़े बोल नहीं बोलना चाहिए. 23 दिसंबर को ही साफ हो पायेगा कि कौन जीतेगा, लेकिन मेरे पक्ष में जनता ने अच्छा वोटिंग किया है, यह मालूम है.

Thursday, December 12, 2019

#Assemblyelections2019 के तीसरे चरण में आज सुबह से ही मतदाता अपने मतदान केंद्रों पर कतार में


*रिपोर्ट 9 AM -13.05 % मतदान*

#Assemblyelections2019 के तीसरे चरण में आज सुबह से ही मतदाता अपने मतदान केंद्रों पर कतार में खड़े नजर आ रहे है। लोकतंत्र के इस महोत्सव में मतदाता अपने मत का प्रयोग करने के लिए काफी उत्साहित हैं।झारखंड विधानसभा चुनाव के तीसरे चरण में आज 12 सीटों कोडरमा, बरही, मांडू, हजारीबाग, सिमरिया, बड़कागांव, धनवार, गोमियां, बेरमो, ईचागढ़, सिल्ली और खिजरी में सुबह 7 से संध्या 3 बजे तक होगा मतदान। वही 5 सीटों रांची, हटिया, कांके, रामगढ़ और बरकट्ठा में सुबह 7 बजे से शाम के 5 बजे तक होगा मतदान।

*पिछले विधानसभा चुनाव 2014 में इन क्षेत्रों में कुल 62% वोटिंग हुई थी।*

*झारखंड के 08 जिलों कोडरमा, हज़ारीबाग़, रामगढ़, रांची, चतरा, गिरिडीह, बोकारो एवं  सरायकेला-खरसावां के 17 विधानसभा सीटों पर प्राप्त आकड़ों के अनुसार  अभी तक 13.05 % मतदाताओं ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर लिया है।*


तीसरे चरण में 17 विधानसभा  सीटों  पर अभी तक निम्न मतदान प्रतिसत प्राप्त हुए है:

*19-कोडरमा-10.20%*
*20-बरकट्ठा-15.90%*
*21-बरही-13.08%*
*22-बड़कागांव-13.70%*
*23-रामगढ़-17.30%*
*24-मांडू-14.20%*
*25-हजारीबाग-10.27%*
*26-सिमरिया-13.77%*
*28-धनवार-7.57%*
*34-गोमियां-13.02%*
*35- बेरमो-12.75%*
*50-ईचागढ़-14.11%*
*61-सिल्ली-16.35%*
*62-खिजरी-16.25%*
*63-रांची-10.64%*
*64-हटिया-11.40%* 
*65-कांके-13.60%*

हरियाणा: कोसली स्टेशन पर लगी पीने के पानी की टंकी में मिली मरी हुई छिपकली..

*भिवानी से कोसली स्टेशन पहुंची रेलवे अधिकारियों की टीम...
*निरीक्षण कर कोसली रेलवे स्टेशन पर सुविधाओं का लिया जायज़ा...
*महज़ खानापूर्ति कर वापस लौटी अधिकारियों की टीम...
*स्टेशन पर लगी पीने के पानी की टंकी में मिली मरी हुई छिपकली...
*अधिकारियों ने नकारते हुए कहा, ऐसी कोई बात नही सब ठीक है...
*तस्वीरें देखकर आप भी कहेंगे, मत पीना इस स्टेशन का पानी...
*पानी पीने से हो सकती है यात्रियों की तबियत ख़राब...
*अधिकारियों को नही है यात्रियों की जान की परवाह...

रेवाड़ी, जगदीश यादव
। हरियाणा 
रेल यात्रियों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध करवाना भारतीय रेल का कर्तव्य है। स्टेशन परिसर में यात्रियों के खानपान, शौचालय व बैठने का उचित प्रबंध करना रेल विभाग की प्राथमिकता रहती है। जिसको लेकर रेल विभाग द्वारा अलग-अलग अधिकारियों की नियुक्तियां भी की गई है। आज बीकानेर व भिवानी से रेलवे के आलाधिकारी व रेल बोर्ड कमेटी पीएसी मेंबर कोसली रेलवे स्टेशन पहुंचे। अधिकारियों ने स्टेशन पर पहुंचकर निरीक्षण करने के उपरांत स्टेशन अधीक्षक व स्टाफ़ सदस्यों की बैठक भी ली जिसमें सब कुछ दुरुस्त पाया गया। लेकिन मीडिया के कैमरे ने स्टेशन की कुछ उन तस्वीरों को कैद कर लिया जिसको अधिकारियों द्वारा अनदेखा कर, निरीक्षण के नाम पर खानापूर्ति कर दी गई थी। कोसली स्टेशन पर रेल यात्रियों के लिए बनी पीने के पानी की टँकीयों में जब मरी हुई छिपकली मिली, तो अधकारियों से सवाल करने पर भी उसे अनदेखा कर दिया गया। इस बात से आप सहज ही अंदाजा लगा सकते है कि यात्रियों के स्वास्थ्य की इन रेल अधिकारियों को कितनी चिंता है। भारतीय रेल यातायात का सबसे सुगम और सस्ता साधन है। इसलिए इसमें हर वर्ग के लोग सफ़र कर अपने गंतव्य तक पहुंचते है। लेकिन यहां सवाल यह खड़ा होता है कि जब जिन अधिकारियों को यह सब देखने का जिम्मा सौंपा गया है और वही इसको अनदेखा कर दें तो ....,यात्रियों के स्वास्थ्य एवं प्राण का क्या होगा!

Wednesday, December 11, 2019

गोड्डा के मेहरमा में पुलिस ने चेकिंग के दौरान पकड़ें 1लाख 84 हजार रूपए नगद





शंकर मंडल।
गोड्डा जिला के पुलिस कप्तान श्री शैलेन्द्र प्रसाद बर्णवाल के निर्देशन पर गोड्डा जिला के सभी थाना प्रभारियों द्वारा विधानसभा चुनाव 2019 के मद्देनजर वाहनों का चेकिंग कराया जा रहा था। चेकिंग के दौरान मेहरमा थाना क्षेत्र अंतर्गत गैस गोदाम मेहरमा  के समीप  मेहरमा थाना द्वारा वाहनों के चेकिंग के दौरान एक वाहन को रोका गया। रोकने के बाद गाड़ी की डिक्की चेक किया गया तथा उस व्यक्ति के पीठ पर टंगे बैग को चेक किया तो पाया कि उस बैग के अंदर रुपयों का बंडल है। इस संबंध में पूछताछ करने पर अपना नाम मो निजामुद्दीन, पे-मो सुल्तान, ग्राम-मजगाय, थाना-बलबड्डा, जिला-गोड्डा बताया तथा रुपयों के संबंध मे कोई कागजात प्रस्तुत नही किया।
उक्त रुपयों (1,84,000/-रु0) एवं मोटर साइकिल को जप्त कर लिया गया तथा उक्त व्यक्ति को थाना लाया गया।

विवाह से पहले संबंध टूटने या दरार आने का कारण, प्री वेडिंग शूट और डांस भी हो सकते हैं..




परिवार वाले धूमधाम से लड़के-लड़की की सगाई करते हैं। लड़के और लड़की के माता-पिता में कोई विवाद नहीं होता, लेकिन सगाई के थोड़े ही दिनों पता चलता है कि लड़के लड़की के विचारनहीं मिल रहे हें। विवाह से पहले ही दोनों के बीच संबंध खत्म हो रहे हैं या फिर संबंधों में दरार आ गई है। समाज में ऐसी घटनाएं आए दिन हो रही हैं। इससे समाज में तनाव भी व्याप्त हो रहा है। लड़के-लड़की के हालातों और विचारों को देखते हुए रिश्तेदार और पहचान वाले रिश्ते बताने से भी कतराते हैं। समाज के इन हालातों   को देखते हुए ही मध्यप्रदेश में गुजराती, जैन और सिन्धी समुदाय की कुछ संस्थाओं ने प्री-वेडिंग शूट, डांस आदि के आयोजनों पर रोक लगाने का फैसला किया है। यानि संस्थाओं से जुड़े परिवार के लड़के-लड़कियां विवाह से पहले प्री वेडिंग शूट के लिए किसी हिल स्टेशन पर नहीं जाएंगे और न ही विवाह से पहले संयुक्त डांस करेंगे। फैसला लेने वाली संस्थाओं का मानना है कि प्री वेडिंग शूट जैसे कार्यक्रमों से फिजूलखर्ची तो होती ही है। साथ ही अप्रिय घटनाएं हो जाती है। कई बार ऐसे कारण संबंधों को खत्म कर देते हैं। प्री वेडिंग शूट जैसे कार्यक्रम भारत की सनातन संस्कृति के विरूद्व भी हैं। ऐसे आयोजन पश्चिम की खुली संस्कृति के प्रतीक हें। भारतीय समाज में अब प्री वेडिंग शूट की होड़ लग गई हैं। हालांकि उपभोक्तावादी माहौल और पश्चिम की खुली संस्कृति को स्वीकारने वाले लोग इस रोक से सहमत नहीं होंगे। नारी स्वतन्त्रता की झंडाबरदार प्रगतिशील लेखक भी रोक के विरोध में विचार व्यक्त करेंगे, लेकिन यह सही है कि समाज में विवाह से पहले ही संबंध टूट रहे हैं। संबंध टूटने का एक कारण प्री वेडिंग शूट भी हो सकता है। असल में आज के लड़के लड़कियां जरूरत से ज्यादा महत्वाकांक्षी हो गए हैं। जो लड़कियां किसी कम्पनी में नौकरी करती हैं, उनकी सोच तो परिवार से एकदम अलग हो जाती है। ऐसी लड़कियां अपने स्तर पर ही लड़के का चयन करती है। कई बार विवाह के बाद ऐसे प्रेम विवाह तलाक में तब्दील हो जाते हैं। यह माना कि महिलाओं को स्वतंत्रता होनी चाहिए, लेकिन महिलाओं को भी परिवार से जुड़ा रहना चाहिए। आज जो लड़की किसी मल्टीनेशनल कम्पनी में मोटे वेतन पर कार्य कर रही है कल उसे अपना घर भी बसाना है। महिलाओं से परिवार अच्छा लगता है। हमारी संस्कृति में तो महिलाओं को खासकर लड़कियों को देवी का स्वरूप माना गया है। परिवार खुशहाल होगा तो समाज और देश अच्छा होगा। समाज-परिवार को बुराईयों से बचना ही चाहिए।
(एस.पी.मित्तल) 

बहन की शादी के लिए लाखों का लिया था कर्ज, अब चुकाने के लिए किडनी बेचने पहुंचा रिम्स




रांची। कर्ज का बोझ किसी भी इंसान को कुछ भी करने के लिए मजबूर कर सकता है. कुछ इसी तरह का मामला सूबे की राजधानी में देखने को मिला. जहां एक शख्स अपनी किडनी बेचने के लिए पहुंचा था.दरअसल, गिरिडीह जिले के जमुआ के रहने वाले रंजन दास मंगलवार को रिम्स पहुंचे थे, ये चाहते थे कि कोई उनकी किडनी खरीद ले. क्योंकि उन्होंने 3 साल पहले अपनी बहन की शादी करने के लिए 7 लाख का कर्ज लिया था. अब कर्ज लेने के बाद कर्जदार इनके घर पर रोज कर्ज की ताना देने आ रहे हैं जिस वजह से यह शख्स मजबूर और लाचार होकर अपनी किडनी बेचने के रांची के रिम्स पहुंच गया.हालांकि, रिम्स में किडनी ट्रांसप्लांट की सुविधा नहीं होने की वजह से यह शख्स अपनी किडनी नहीं बेच सका. लेकिन ऐसे में यह सवाल उठना लाजमी है कि एक तरफ जहां झारखंड में हो रहे चुनाव में प्रत्याशी अपनी जीत सुनिश्चित करने के लिए पानी की तरह करोड़ों रुपए बहा रहे हैं. तो वहीं दूसरी ओर इसी राज्य का एक शख्स अपनी जरूरतों को भी पूरा करने के लिए हजार रुपए तक की व्यवस्था नहीं कर पा रहा है.

बांग्लादेश सरकार ने इस्कॉन संतों को भारत में प्रवेश से रोका

चौंकाने वाली खबर 🚨  बांग्लादेश ने 63 इस्कॉन भिक्षुओं को भारत में प्रवेश करने से रोका सभी के पास वैध पासपोर्ट और वीज़ा थे। आव्रज...