Saturday, August 15, 2020

स्वतंत्रता दिवस 2020:प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने लालकिले के प्राचीर पर राष्ट्रीय ध्वज फहराया




प्रधानमंत्री का लालकिले से संम्बोधन:

आज जो हम स्वतंत्र भारत में सांस ले रहे हैं, उसके पीछे मां भारती के लाखों बेटे-बेटियों का त्याग, बलिदान और मां भारती को आज़ाद कराने के लिए समर्पण है। आज ऐसे सभी स्वतंत्रता सेनानियों का, आज़ादी के वीरों का, वीर शहीदों का नमन करने का ये पर्व है: PM मोदी

कोरोना के समय में कोरोना वॉरियर्स जैसे- डॉक्टर्स, नर्से, एंबुलेंस कर्मी, सफाई कर्मचारी इत्यादि लोगों को मैं आज नमन करता हूं : PM मोदी

आज़ादी का पर्व हमारे लिए आज़ादी के वीरों को याद करके नए संकल्पों की ऊर्जा का एक अवसर होता है। ये हमारे लिए नई उमंग, उत्साह और प्रेरणा लेकर आता है। अगला आज़ादी का पर्व जब हम मनाएंगे, तब हम 75 वें वर्ष में प्रवेश करेंगे। तो ये हमारे लिए बहुत बड़ा अवसर है: पीएम मोदी

गुलामी के इतने लंबे कालखंड में कोई भी पल ऐसा नहीं था कि आज़ादी की इच्छा को लेकर के किसी ने प्रयास, जंग, त्याग न किया हो। एक प्रकार से जवानी जेलों में खपा दी। ऐसे वीरों को हम नमन करते हैं: PM मोदी


कोरोना महामारी के बीच 130 करोड़ देशवासियों ने आत्मनिर्भर बनने का संकल्प लिया। आत्मनिर्भर भारत देशवासियों के मन-मस्तिष्क में छाया है। ये आज सिर्फ शब्द नहीं रहा, बल्कि 130 करोड़ देशवासियों के लिए मंत्र बन गया है: पीएम मोदी

सिर्फ कुछ महीना पहले तक N-95 मास्क, PPE किट, वेंटिलेटर ये सब हम विदेशों से मंगाते थे। आज इन सभी में भारत, न सिर्फ अपनी जरूरतें खुद पूरी कर रहा है, बल्कि दूसरे देशों की मदद के लिए भी आगे आया है: पीएम मोदी

वोकल फॉर लोकल, री-स्किल और अप-स्किल का अभियान, गरीबी की रेखा के नीचे रहने वालों के जीवनस्तर में आत्मनिर्भर अर्थव्यवस्था का संचार करेगा: पीएम मोदी

देश के जो 40 करोड़ जनधन खाते खुले हैं, उसमें से लगभग 22 करोड़ खाते महिलाओं के ही हैं। कोरोना के समय में अप्रैल-मई-जून, इन तीन महीनों में महिलाओं के खातों में करीब-करीब 30 हज़ार करोड़ रुपए सीधे ट्रांसफर किए गए हैं: पीएम मोदी

आज तीन टीके भारत में परीक्षण चरणों में हैं। जैसे ही वैज्ञानिक हरी झंडी देंगे, देश में बड़े पैमाने पर उत्पादन शुरू हो जाएगा:पीएम मोदी

आज से देश में एक और बहुत बड़ा अभियान शुरू होने जा रहा है। ये है नेशनल डिजिटल हेल्थ मिशन। नेशनल डिजिटल हेल्थ मिशन, भारत के हेल्थ सेक्टर में नई क्रांति लेकर आएगा: पीएम मोदी 

LOC से लेकर LAC तक, देश की संप्रभुता पर जिस किसी ने आँख उठाई है, देश ने, देश की सेना ने उसका उसी भाषा में जवाब दिया है: पीएम मोदी 

हमारे देश में 1300 से ज्यादा द्वीप हैं। इनमें से कुछ चुनिंदा द्वीप को, उनकी भौगोलिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए, नई विकास योजनाएं शुरू करने पर काम चल रहा है।अगले 1000 दिन में, लक्षद्वीप को भी सबमरीन ऑप्टिकल फाइबर केबल से जोड़ दिया जाएगा: पीएम मोदी

Friday, August 14, 2020

मुख्यमंत्री व राज्यपाल ने किए झारखंड के नए प्रतीक चिन्ह का अनावरण



राज्यपाल श्रीमती द्रौपदी मुर्मू, मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन, विधानसभा अध्यक्ष श्री रबिन्द्र नाथ महतो व राज्य सभा सांसद श्री शिबू सोरेन ने झारखण्ड के नए प्रतीक चिन्ह को किया जारी।

श्रीमती मुर्मू ने कहा पूरा विश्व आज कोरोना संक्रमण के दौर से गुजर रहा है। राज्य में भी संक्रमित लोगों की संख्या लगातार बढ़ रही है। ऐसे में जांच की गति को और बढ़ाना होगा, जिससे कम्युनिटी ट्रांसमिशन को रोका जा सके। मैं कोरोना योद्धाओं को नमन करती हूं, सम्मान करती हूं। जिनके सार्थक प्रयास से हम कोरोना के विरुद्ध लड़ाई लड़ रहें हैं।

झारखण्ड सामूहिकता में विश्वास रखता है

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि देश की आजादी में झारखण्ड के भूमि पुत्रों ने लंबा संघर्ष किया। हजारों वीरों ने अपनी कुर्बानी दी। आजादी के बाद से नए भारत के नवनिर्माण में झारखण्ड महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। यहां के श्रमिक अपने श्रम से अन्य राज्यों में समृद्धि ला रहें हैं। आदिवासी बहुल यह राज्य सदैव सामूहिकता में यकीन रखता है। राज्य का नया प्रतीक चिन्ह बदलाव का सारथी है। प्रतीक चिन्ह झारखण्ड की भावना को प्रतिविम्बित करता है।

●मुख्यमंत्री ने नए प्रतीक चिन्ह की खासियत से अवगत कराया...

अशोक स्तंभ- राष्ट्र का प्रतीक चिन्ह होने के साथ राज्य की भी संप्रभुता का वाहक। इस चिन्ह को रेखांकित करने का तात्पर्य स्पष्ट। झारखण्ड भी है देश की समृद्धि में भागीदार। झारखण्ड के जीवन दर्शन को इसमें समेटा गया है।

झारखण्ड का लोक जीवन व संस्कृति - झारखण्ड की समृद्ध एवं अद्भुत सांस्कृतिक विरासत, सदियों पुरानी परंपरा, वाद्ययंत्र, गीत और नृत्य की अमिट छाप को लोगों के जेहन में प्रतिबिम्बित करता है।

पलाश के फूल- राज्य का राजकीय पुष्प। इसके सुर्ख लाल रंग के फूल झारखण्ड के सौंदर्य की गाथा कहते हैं। लाल रंग क्रांति का प्रतीक भी है जो यहां के लोगों के संघर्ष को दर्शाता है।

★हरा रंग- झारखण्ड की हरियाली से आच्छादित धरा व वन संपदा की परिपूर्णता को दर्शाता है। यह खुशहाली और समृद्धि का प्रतीक।

हाथी - राज्य के राजकीय पशु हाथी को दिखाया गया है। यह राज्य की अलौकिक प्राकृतिक संपदा और समृद्धि का घोतक है। हाथी अनुशासन प्रिय भी होते हैं। ऐसे ही यहां के लोग भी अनुशासन प्रिय हैं। हां छेड़छाड़ करने की स्थिति में संघर्ष में भी पीछे नहीं रहते।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने राज्यपाल श्रीमती द्रौपदी मुर्मू, विधानसभा अध्यक्ष श्री रबिन्द्र नाथ महतो, राज्यसभा सांसद श्री शिबू सोरेन को राज्य का प्रतीक चिन्ह की तस्वीर भेंट स्वरूप दिया।

अर्नब गोस्वामी की मुश्किलें बढ़ी अन्वय नाइक फाइल रिओपेन-प्रताप सरनाईक



मुंबई। मराठी आर्किटेक अन्वय नाइक आत्महत्या प्रकरण की फाइल दोबारा खोलने के आदेश राज्य के गृहराज्यमंत्री शंभुराजे देसाई ने रायगढ़ जिला पुलिस अधीक्षक को दे दिया है।15 अगस्त से मंत्रालय के सामने महात्मा गांधी स्मारक के सामने शिवसेना विधायक प्रताप सरनाईक ने सत्याग्रह करने की चेतावनी राज्य सरकार को दी थी।
अन्वय नाइक की पत्नी अक्षता नाइक इंसाफ की गुहार लगातार 2 वर्ष से कर रही थी जिस पर कोई सुनवाई नही हों पा रही थी शिवसेना विधायक प्रताप सरनाईक को इसकी जानकारी मिली तो उन्होंने अपनी ही सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए 15 अगस्त से अन्वय नाइक आत्महत्या मामले की फाइल री ओपन करने के लिए सत्याग्रह करने का पत्र मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे, गृहमंत्री अनिल देशमुख, गृहराज्य मंत्री संभुराजे देसाई को दिया था लगातार 3 पत्र देने के बाद आज गृहराज्यमंत्री शंभुराजे देसाई ने रायगढ़ के पुलिस अधीक्षक (एसपी)को आदेश दिया कि इस मामले में जांच की जाए।
अन्वय नाइक ने आत्महत्या करते समय सुसाइड नोट लिखा था। जिसमें पहला नाम अर्नब गोस्वामी का और अन्य 2 लोगो के नाम लिखे थे।
सन 2018 में भाजपा सरकार होते हुए यह मामला अर्नब गोस्वामी की जांच किये बिना बन्द कर दिया गया था ऐसा आरोप अक्षता नाइक,व विधायक प्रताप सरनाईक ने लगाया है ।
आज इस मामले की दोबारा जांच के आदेश दिए जाने से अर्नब गोस्वामी के लिए मुश्किलें बढ़ गयी है।
विधायक प्रताप सरनाईक के दबाव के चलते यह फ़ाइल रीओपन हो गयी है सुशांत सिंग राजपूत की तरह अन्वय नाइक को भी इंसाफ मिलेंगा ऐसा विधायक प्रताप सरनाईक का कहना है।अक्षता नाइक ने राज्य सरकार को भी धन्यवाद कहा है।

Singer Sonu Nigam performing at world’s first live indoor music concert since the covid hit




*Mumbai, 14th August 2020:* King of Bollywood music, singer Sonu Nigam is performing on a world-first high profile, large scale live indoor music concert with ‘Covid-consciousness’, this August. It is an indoor Bollywood music concert since the pandemic started for the Indian Diaspora and Bollywood lovers in Dubai.

The special live concert is organized by lifestyle and management company, Blu Blood. With the support of Dubai Summer Surprise, The Dubai Arts & Culture Authority and Dubai Calendar, Bollywood sensation, Sonu Nigam, together with an 18-piece international ensemble of performers and musicians, will perform in this once-in-a-lifetime live music event on Friday, 21st of August, 2020 at the Dubai World Trade Centre.

Talking about the event, Sonu Nigam stated, “This is the first large scale music concert since the unfortunate corona virus outbreak and I am honoured to be the part of the concert. We are going through a testing time, and it is an attempt to keep the spirits high and heal through music. It is a first attempt to get back to normalcy keeping all the health and safety guidelines. The organisers ‘Blu Blood’ are brave enough to bring the first ever Bollywood show in the ‘Covid-era’ in the Middle East which will definitely represents the light at the end of this darkness.”

Sonu Nigam is confident this collaboration will leave a lasting joy on its audience and be a great distraction in keeping them entertained after so long but also a way to connect with Bollywood lovers across the world.

The world is on a path of renewed energy and a shift in how everything is done and with Dubai at the twilight of these sentiments, Sonu Nigam – The Light – Live in Concert will be a test of resilience and a hopeful beacon for the live entertainment industry moving forward.

Wednesday, August 12, 2020

सुशांत सिंह राजपूत की आत्महत्या मामले की जांच टीम में शामिल सीबीआई की आईपीएस नूपुर प्रसाद के पैतृक आवास गया में खुशी का जश्न



गया।गया जिले के टेकारी अनुमंडल अंतर्गत सलेमपुर गांव में बॉलीवुड अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की आत्महत्या मामले की जांच करने वाली सीबीआई टीम में शामिल वर्ष 2007 बैच की आईपीएसअधिकारी नूपुर प्रसाद के पैतृक घर पर ग्रामवासी से लेकर परिवारों में जश्न का माहौल देखा जा रहा है।वही दूसरी तरफ आईपीएस अधिकारी नूपुर प्रसाद के घर पर मीडिया कर्मियों से लेकर शुभचिंतकों का आवागमन जारी है। ऐसे तो आईपीएस अधिकारी नूपुर प्रसाद सलेमपुर गांव के इंदु भूषण प्रसाद की इकलौती पुत्री है।जिन्होंने पिता के साथ रहकर शिक्षा - दीक्षा लेते हुए उच्च कोटि के पद तक पहुंची है l ऐसे तो उनके पिता इंदु भूषण प्रसाद सेना में ऑडिटर के पद पर सेवा देते हुए सेवानिवृत्त हो चुके हैं l और दिल्ली में रह रहे हैं।

ऐसे तो पैतृक आवास सलेमपुर में नूपुर के चाचा नंदू प्रसाद सिन्हा पूरे परिवार के साथ रहते हैं।चाचा नंदू प्रसाद सिन्हा, भाभी ममता सिन्हा, सत्येंद्र कुमार सिन्हा उर्फ बड़े जी, त्रिपुरारी प्रसाद जयपुआर , एवं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सह सामाजिक कार्यकर्ता वाल्मीकि प्रसाद का कहना है कि आईपीएस अधिकारी बनी नूपुर सिन्हा बचपन से ही तेज तर्रार एवं आत्मबल के धनी तथा मेघावी छात्रा रही है। जिसका परिणाम है कि पिता, परिवार एवं गांव का नाम रौशन किया है।जिसके लेकर खुशी का माहौल एवं चर्चाएं जारी है।
  उन्होंने आगे कहा कि जिस प्रकार से नूपुर सिन्हा को जिम्मेवारी और विश्वास के साथ बॉलीवुड अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की आत्महत्या मामले की जांच करने हेतु सीबीआई टीम में शामिल किया गया है।
निश्चित है कि निष्पक्षता की जांच करते हुए दोषियों को सजा दिलाने में कामयाबी हासिल करेगी।परिवार वालों की बात सच मानी जाए तो कहना है कि जांच टीम का गठन किया जाएगा।उसका नेतृत्व नूपुर प्रसाद ही करेगी।अब देखना है कि बिहार के लाल बॉलीवुड अभिनेता सुशांत हत्या कांड मामले में जांच के बाद फैसला का परिणाम क्या आएगा यह तो आने वाला वक्त बताएगा l लेकिन जिस प्रकार से तेजतर्रार आईपीएस महिला अधिकारी को बड़ी जिम्मेवारी के साथ जांच करने हेतु सौंपा गया है। जिसके लेकर तरह-तरह की चर्चाएं जरूर जारी है।

Monday, August 10, 2020

शिक्षा मंत्री ने कराया 11वीं कला में नामांकन,बोकारो के नावाडीह देवी महतो स्मारक इंटर कॉलेज में कराया नामांकन


एडमिशन करवाने के बाद श्री महतो ने कहा कि अब वह उच्च शिक्षा हासिल करेंगे. इसलिए आर्ट्स संकाय में एडमिशन करवाया है. कॉलेज के कार्यालय कक्ष में जाकर मंत्री श्री महतो ने नामांकन फॉर्म का शुल्क जमा किया. इसके बाद नामांकन फॉर्म को भरा और 1100 (एक हजार एक सौ रुपये मात्र) रुपये नामांकन शुल्क के साथ उसे जमा करवाया.

कॉलेज के प्राचार्य दिनेश प्रसाद वर्णवाल ने शिक्षा मंत्री का नामांकन लिया. नामांकन के बाद श्री महतो ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि वह सारा काम देखते हुए सब कुछ करेंगे. कहा, ‘क्लास भी करेंगे और मंत्रालय भी संभालेंगे. घर में किसानी का काम भी करेंगे, ताकि मेरे काम को देखकर अन्य लोग भी प्रेरित हों.’

जगरनाथ महतो ने कहा, ‘शिक्षा हासिल करने की कोई उम्र सीमा नहीं होती. अन्य नौकरियों में रहते हुए लोग आईएएस, आईपीएस की तैयारी करते हैं और सफल भी होते हैं. मंत्री बनने के बाद कुछ लोगों को दिल में बहुत जोर का लगा. कहा कि 10वीं पास को शिक्षा मंत्री बनाया गया है.

शिक्षा मंत्री ने कहा कि उनके अंदर कुछ करने का जज्बा है. वह ऐसे लोगों को कुछ नहीं कहेंगे. विधिवत पढ़ाई करके इंटर की परीक्षा पास करेंगे, वही आलोचकों को उनका जवाब होगा. मंत्री ने कहा कि पूरे राज्य में 4,416 लीडर स्कूल खुलेंगे, जिसमें बेहतर से बेहतर सुविधाएं बच्चों को मिलेंगी. इसके फाइल पर उन्होंने आज ही साइन किया है.

मालूम हो कि शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो ने वर्ष 1995 में चंद्रपुरा प्रखंड के नेहरू उच्च विद्यालय तेलो से मैट्रिक की परीक्षा द्वितीय श्रेणी में पास की थी. मालूम हो कि देवी महतो महाविद्यालय की स्थापना मंत्री के सहयोग से 2006 में हुआ है. अपने द्वारा स्थापित महाविद्यालय में अब स्वयं शिक्षा ग्रहण करेंगे.

शिक्षा मंत्री ने एडमिशन के लिए रवाना होने से पहले कहा कि जिस दिन वह झारखंड के शिक्षा मंत्री बने थे, उसी दिन सोच लिया था कि अब आगे की पढ़ाई करेंगे. उनके मंत्री बनने के बाद लोगों ने कहा था कि दसवीं पास विधायक को शिक्षा मंत्री बनाया गया है. इसलिए हमने तय किया कि हम पढ़ेंगे. उच्च शिक्षा हासिल करेंगे और राज्य के विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा सुविधा देंगे.

यहां बताना प्रासंगिक होगा कि पश्चिमी सिंहभूम जिला के चक्रधरपुर विधानसभा क्षेत्र के विधायक रहे सुखराम उरांव ने विधानसभा का सदस्य चुने जाने के बाद एक बार फिर से पढ़ाई शुरू की थी और स्नातक की डिग्री हासिल की थी. सुखराम उरांव इस वक्त सुदेश महतो की पार्टी ऑल झारखंड स्टूडेंट्स यूनियन (आजसू) पार्टी में हैं.

शिक्षा मंत्री ने कराया 11वीं कला में नामांकन,बोकारो के नवाडीह देवी महतो स्मारक इंटर कॉलेज में कराया नामांकन


एडमिशन करवाने के बाद श्री महतो ने कहा कि अब वह उच्च शिक्षा हासिल करेंगे. इसलिए आर्ट्स संकाय में एडमिशन करवाया है. कॉलेज के कार्यालय कक्ष में जाकर मंत्री श्री महतो ने नामांकन फॉर्म का शुल्क जमा किया. इसके बाद नामांकन फॉर्म को भरा और 1100 (एक हजार एक सौ रुपये मात्र) रुपये नामांकन शुल्क के साथ उसे जमा करवाया.

कॉलेज के प्राचार्य दिनेश प्रसाद वर्णवाल ने शिक्षा मंत्री का नामांकन लिया. नामांकन के बाद श्री महतो ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि वह सारा काम देखते हुए सब कुछ करेंगे. कहा, ‘क्लास भी करेंगे और मंत्रालय भी संभालेंगे. घर में किसानी का काम भी करेंगे, ताकि मेरे काम को देखकर अन्य लोग भी प्रेरित हों.’

जगरनाथ महतो ने कहा, ‘शिक्षा हासिल करने की कोई उम्र सीमा नहीं होती. अन्य नौकरियों में रहते हुए लोग आईएएस, आईपीएस की तैयारी करते हैं और सफल भी होते हैं. मंत्री बनने के बाद कुछ लोगों को दिल में बहुत जोर का लगा. कहा कि 10वीं पास को शिक्षा मंत्री बनाया गया है.

शिक्षा मंत्री ने कहा कि उनके अंदर कुछ करने का जज्बा है. वह ऐसे लोगों को कुछ नहीं कहेंगे. विधिवत पढ़ाई करके इंटर की परीक्षा पास करेंगे, वही आलोचकों को उनका जवाब होगा. मंत्री ने कहा कि पूरे राज्य में 4,416 लीडर स्कूल खुलेंगे, जिसमें बेहतर से बेहतर सुविधाएं बच्चों को मिलेंगी. इसके फाइल पर उन्होंने आज ही साइन किया है.

मालूम हो कि शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो ने वर्ष 1995 में चंद्रपुरा प्रखंड के नेहरू उच्च विद्यालय तेलो से मैट्रिक की परीक्षा द्वितीय श्रेणी में पास की थी. मालूम हो कि देवी महतो महाविद्यालय की स्थापना मंत्री के सहयोग से 2006 में हुआ है. अपने द्वारा स्थापित महाविद्यालय में अब स्वयं शिक्षा ग्रहण करेंगे.

शिक्षा मंत्री ने एडमिशन के लिए रवाना होने से पहले कहा कि जिस दिन वह झारखंड के शिक्षा मंत्री बने थे, उसी दिन सोच लिया था कि अब आगे की पढ़ाई करेंगे. उनके मंत्री बनने के बाद लोगों ने कहा था कि दसवीं पास विधायक को शिक्षा मंत्री बनाया गया है. इसलिए हमने तय किया कि हम पढ़ेंगे. उच्च शिक्षा हासिल करेंगे और राज्य के विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा सुविधा देंगे.

यहां बताना प्रासंगिक होगा कि पश्चिमी सिंहभूम जिला के चक्रधरपुर विधानसभा क्षेत्र के विधायक रहे सुखराम उरांव ने विधानसभा का सदस्य चुने जाने के बाद एक बार फिर से पढ़ाई शुरू की थी और स्नातक की डिग्री हासिल की थी. सुखराम उरांव इस वक्त सुदेश महतो की पार्टी ऑल झारखंड स्टूडेंट्स यूनियन (आजसू) पार्टी में हैं.

बांग्लादेश सरकार ने इस्कॉन संतों को भारत में प्रवेश से रोका

चौंकाने वाली खबर 🚨  बांग्लादेश ने 63 इस्कॉन भिक्षुओं को भारत में प्रवेश करने से रोका सभी के पास वैध पासपोर्ट और वीज़ा थे। आव्रज...