Friday, March 1, 2019

आधी रात ट्रेन से DGP गुप्तेश्वर पांडेय अचानक पहुंचे आरा,कई थानों का किया निरीक्षण


दो थानेदार की जमकर कामों पर नाखुश दिखे बिहार पुलिस के मुखिया


शराब तस्करी , अवैध खनन, सट्टाबाजी, लॉटरी, अपराधियों से थानेदार की सांठगांठ किसी कीमत पर नहीं होगा बर्दाश्त-गुप्तेश्वर पांडेय डीजीपी बिहार


*आरा*-बिहार के नए डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय ने जब से पद संभाली है तब से वे एक्टिव मोड में नजर आ रहे हैं। थानों का औचक निरीक्षण करना मानो उनके ड्यूटी का हिस्सा बन चुका है। उन्होंने अब तक बिहार के कई जिलों के थाने की औचक निरीक्षण की है और अनियमिता पाने पर थानाध्यक्षों को निलंबित भी किया है। इसी क्रम में वे गुरूवार की देर रात आरा पहुंचे जहां उन्होंने कई थानों का औचक निरीक्षण किया। इस निरीक्षण में उन्होंने थानों में कई गड़बड़ी पाई जिससे वे काफी नाराज हुए।


थानाध्यक्ष को जमकर लगाया फटकार


सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार गुरुवार की देर रात डीजीपी गुप्तेश्वर पाण्डेय भोजपुर में पुलिसिंग की जांच को निकले थे। ट्रेन से भोजपुर पहुँचने पर उन्होंने आरा नवादा थाना और आरा नगर थाना का निरीक्षण किया और थाने में कई अनियमितता पाई। जिसको लेकर डीजीपी काफी गुस्सा हुए और उन्होंने आरा नगर थानाध्यक्ष चंद्रशेखर गुप्ता और आरा नवादा थानाध्यक्ष सुबोध कुमार को जमकर फटकार लगाया।


थानाध्यक्ष किसी काम के नहीं है


मीडिया से बात करने के दौरान डीजीपी ने कहा कि नवादा थाना और आरा नगर थाना के थानाध्यक्ष किसी काम के नहीं है। आरा की स्थिति मुझे बहुत खराब लगी। उन्होंने कहा कि बिहार के 12 करोड़ की जनता की सुरक्षा  में किसी की भी कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। थानाध्यक्ष थाना डायरी को अपनी पर्सनल डायरी नहीं समझें और पुलिस मैन्युअल के हिसाब से दायित्व निभाइए। जिस थाने में शराब, जुआ, सट्टा और बालू चलेगा वहाँ के थाना प्रभारी नपेंगे अर्थात उनपर बड़ी कार्रवाई की जाएगी। बिहार पुलिस में केवल काम करने वाले ही थानेदार की चलेगी आराम बिलकुल नहीं चलेगा। इस तरह से औचक निरीक्षण से भोजपुर ही नहीं पूरा प्रदेश की भय देखा जा रहा है। वहीं बिहार के जनता जरूर बिहार के डीजीपी को बधाई देते फुले नहीं समा रहे हैं। जब समाजसेवी , व्यापारी वर्ग, महिला,छात्रा से इस मामले में बात की गई बिहार प्रदेश में कितना सुरक्षित है तो सभी का करीब एक जैसा जवाब सुनने मिला जब से बिहार के नये डीजीपी के रूप में गुप्तेश्वर पांडेय की आगमन हुआ तब से अपराधी में भय तो दिख ही रहा है जो पुलिसकर्मी जनता की फरियाद नहीं सुनते थे वो भी फरियाद सुनने लगे। अब पुलिसकर्मी का सुचारू रूप से काम देखा जा रहा है। आगे पत्रकारों को बताया कि पुलिसिया व्यवस्था कुछ चरमरा गया था जो कि नये डीजीपी के आने से धीरे-धीरे सुधार की ओर बढ़ रहा है।

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