Tuesday, November 20, 2018

काले रंग से इतना खौफ, प्रशासन को चौथे स्तंभ पर भी नही रहा भरोसा


पलामू: सोमवार को झारखंड के मुख्यमंत्री रघुवर दास के पलामू दौरे के दौरान पलामू प्रशासन काले कपड़े से इतना खौफ हो गया था कि प्रशासन ने पत्रकार के ही कपड़े उतरवा दिए। हुआ यूं कि रघुवर दास के पलामू आगम के दौरान न्यूज कवरेज करने के लिए विभिन अखबार और न्यूज चैनल के पत्रकार चियांकी स्थित हवाई अड्डा गए थे, उसी दौरान हिंदुस्तान के नितेश तिवारी और न्यूज़18 के नीलकमल काले रंग का कोर्ट और शर्ट पहनकर न्यूज़ कवरेज करने गए थे। इस दौरान दोनों को अपने अपने कोर्ट और शर्ट उतारने की बात प्रशासन द्वारा कही गई। यहाँ तक कि एक पत्रकार काले रंग के बेल्ट पहने हुए थे उन्हें भी खोलवा दिया गया। और तो और पुलिस लाइन स्टेडियम में जो महिला काले रंग के सूट, शॉल, साड़ी, ब्लाउज  पहनी थी उन्हें इन्ट्री नही मिली।

झारखण्ड: लेवी के लिए उग्रवादियों ने दो ट्रकों में आग लगाया

दिलीप की रिपोर्ट 

बालूमाथ (लातेहार), 20 नवम्बर ၊

बालूमाथ - सेरेगाड़ा मार्ग पर बुकरू ग्राम के समीप स्थित नो इंट्री बेरियर (नाका) के पास उग्रवादियों ने दो ट्रकों में आग लगा दिया है। जलाये गये ट्रकों में से एक ट्रक में कोयला लदा है तथा एक ट्रक खाली है। 

बताया जाता है कि एक और अन्य तीसरे ट्रक में भी आग लगाने का प्रयास किया गया। मगर ट्रक ड्राईवर की सूझ बूझ से उसे बचा लिया गया। इस घटना की जिम्मेवारी जेजेएमपी नामक उग्रवादी संगठन ने घटनास्थल पर पर्चा छोड़कर लिया है। मामला लेवी से सम्बंधित बताया जाता है। यह घटना बालूमाथ थाना क्षेत्र की है। बालूमाथ थाना पुलिस घटनास्थल पर पहुंच चुकी है। पुलिस द्वारा मामले की छानबीन जारी है।

झारखंड के 18 जिलों के 129 प्रखंड सूखाग्रस्त घोषित

रांची : राज्य के 18 जिलों के 129 प्रखंड को सूखाग्रस्त घोषित कर दिया गया है। राज्य गृह आपदा प्रबंधन विभाग ने इससे संबंधित अधिसूचना रविवार को जारी कर केंद्र को रिपोर्ट भेज दी है। अधिसूचना जारी करने के लिए मंत्रिमंडल के अनुमोदन की आवश्यकता होती है। विशेष परिस्थिति को ध्यान में रखते हुए मंत्रिमंडल के अनुमोदन की प्रत्याशा में मुख्यमंत्री के अनुमोदन के बाद केंद्र को रिपोर्ट भेजी गई है। केंद्रीय सहायता के लिए निर्धारित अवधि में क्षेत्र भ्रमण के लिए केंद्रीय टीम भेजने का आग्रह केंद्र सरकार से किया गया है। केंद्र से भी इसे सूखाग्रस्त घोषित करने और सहायता देने का अनुरोध किया गया है।

राहत आपदा कोष से लोगों को मिल सकेगा कुछ लाभ

ये तस्वीर कोडरमा जिले की है। यहां वर्षा 54% कम रही थी,जबकि धनरोपनी में 50% नुकसान हुआ था। इस वर्ष राज्य के 15.27 लाख हेक्टेयर में धान की खेती हुई थी, जिसमें वर्षा के अभाव में 40% फसल बर्बाद हो गई थी। राज्य सरकार द्वारा सूखाग्रस्त घोषित किए जाने से फसल बीमा की राशि तुरंत मिलने और पेयजल जानवरों के चारा आदि के लिए जिलों के राहत आपदा कोष से लोगों को तत्काल कुछ लाभ मिल सकेगा। केंद्रीय टीम के लौटने के बाद केंद्र सरकार द्वारा सुखाड़ मुआवजा राज्य को उपलब्ध होगा। देरी से मानसून आने, अनियमित वर्षा तथा धान के कवरेज की स्थिति पर विचार के लिए 25 अक्टूबर को मुख्य सचिव की अध्यक्षता में बैठक की गई थी। जिसमें संभावित सुखाड़ की समीक्षा कर आगे की कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया था।

अधिसूचना से फायदा

राज्य सरकार द्वारा सूखाग्रस्त घोषित किए जाने से फसल बीमा की राशि तुरंत मिलेगी। पेयजल और जानवरों के चारा आदि के लिए जिलों के राहत आपदा कोष से किसानों को तत्काल कुछ लाभ मिल सकेगा। फसल बीमा का भुगतान भी जल्द हो सकेगा। केंद्रीय टीम द्वारा जांच करने के बाद केंद्र सरकार द्वारा राहत सुखाड़ मुआवजा राज्य को अतिरिक्त मिलेगा। वैसे आपदा प्रबंधन ने जिलों को 49 करोड़ रुपए भेज दिए हैं। जिलों में ड्रॉट मॉनिटरिंग सेंटर की भी स्थापना की गई है।

 

18 जिले सूखा घोषित

पलामू, जामताड़ा, पाकुड़, धनबाद, गोड्‌डा, बोकारो, कोडरमा, खूंटी, रामगढ़, गढ़वा, लातेहार, देवघर, गिरिडीह, रांची, लोहरदगा, साहेबगंज, चतरा और दुमका।

क्यों घोषित हुआ सूखा

आपदा विभाग की अधिसूचना में कहा गया है कि झारखंड में सामान्य परिस्थिति में 15 जुलाई तक धान की 80% और 31 जुलाई तक शत-प्रतिशत रोपाई हो जाती है। 31 जुलाई के बाद होने वाली रोपाई लेट की श्रेणी में आती है। ऐसे में उपज पर असर होता है। इस साल 31 जुलाई तक सभी फसलों का कवरेज मात्र 41.95% एवं धान का कवरेज 33.7% था। जबकि धान का कवरेज 31 जुलाई तक होना चाहिए था। जून में बारिश सामान्य से 32.97% कम हुई। जुलाई में 1 से 15 के बीच 53.6% कम वर्षा हुई। यही समय धान की बुआई-रोपाई के लिए उपयुक्त था। बारिश कम होने से इसपर विपरीत प्रभाव पड़ा। जुलाई-अगस्त एवं सितंबर में 18 जिलों में 1 या इससेे ज्यादा अवधि में सूखा रहा। सितंबर में 56.74% वर्षा हुई, यह सामान्य से 43.6% कम है। हथिया नक्षत्र में भी 1.6 मिमी बारिश हुई। इसलिए सूखे की स्थिति उत्पन्न हो गई।

Monday, November 19, 2018

'छोटे समाचारपत्र की आवाज कोई दबा नही सकता है'; एसोसिएशन आफ स्माल एण्ड मीडियम न्यूज पेपर ऑफ इण्डिया की विशाल बैठक

डीजिटल तकनीक आने से सोशल मीडिया का फैलाव हुआ है। यह बात एसोसिएशन आफ स्माल एण्ड मीडियम न्यूज पेपर आँफ इण्डिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष के डी चंदोला ने राज्य सूचना केन्द्र, हजरतगंज लखनऊ में आयोजित विशाल बैठक में कही ၊ उन्होंने यह भी कहा कि लघु समाचारपत्र आवाज बुलंद कर सकते हैं, लेकिन कोई छोटे समाचारपत्र की आवाज को दबा नही सकते हैं। 

पीसीआई सदस्य व जनसामना के संपादक श्याम सिंह पवार ने कहा कि लघु वर्ग व मध्यम वर्ग की संस्थाये अपनी बात कहने में झिझक महसूस करते हैं। हम सब छोटे समाचारपत्र के संपादक व रिपोर्टर जरूर है, लेकिन अधिकार सबको एक समान मिले है। बड़ी मीडिया संस्थाओं पर राजनीतिक व सरकारें दबाव बना लेती है, लेकिन हम छोटे समाचारपत्रों पर किसी भी प्रकार का दबाव नही होता है। आप अपने अखबार के मालिक खुद होते हैं। उत्तर प्रदेश राज्य सरकार से मान्यता प्राप्त पत्रकार उमा मिश्रा ने कहा कि हम सबको मिलकर काम करना है। एकता में शक्ति होती है, हमारा अखबार छोटा जरूर है, लेकिन हम आम जनता की समस्या को सरकारें तक पहुंचा कर हल निकालने का प्रयास कर सकते हैं।

राष्ट्रीय कोहिनूर समाचारपत्र के संपादक मदन गोपाल शर्मा ने कहा कि संगठन को चाहिए कि सरकारी विज्ञापन को छोटे समाचारपत्रों को भी मिलना चाहिए। विगत 30 वर्ष से

पत्रकारों को 2500 किमी तक की यात्रा फी में मिलती है। संगठन को इसे बढ़ाने की बात सरकार से करनी चाहिए।  इस बैठक में रिपोर्टर को न्यूज एकत्र करने से न रोकने, छोटे समाचारपत्रों को सम्मान, संगठन को बढ़ाने पर चर्चा की गई। मंच का संचालन स्वैच्छिक दुनिया के संपादक डां राजीव मिश्रा ने किया। इस विशाल बैठक में प्रमुख रूप से समय संचार के संपादक राम सुख यादव, अलर्ट टीम समाचारपत्र के संपादक के के साहू, संरक्षक दिलीप कुमार मिश्रा, फोटोग्राफर आमिर सोलकी, राष्ट्रीय कोहिनूर के संपादक मदन गोपाल शर्मा, दिनेश शर्मा, शादाब खान, दिनेश शर्मा आदि लोग मौजूद रहे।



झारखण्ड: पारा शिक्षक गुंडागर्दी कर रहे हैं, उनकी जगह जेल में है -सीएम रघुवर दास

पलामू: राज्य स्थापना दिवस के दिन पारा शिक्षकों ने कार्यक्रम में जमकर हंगामा किया था. पहली बार पारा शिक्षकों के हंगामे पर रघुवर ने चुप्पी तोड़ी है. इस दौरान वे जमकर पारा शिक्षकर पर बरसे हैं.

सीएम रघुवर दास ने कहा कि पारा शिक्षक गुंडागर्दी कर रहे हैं, उनकी जगह जेल में है. इस सरकार में गुंडागर्दी बर्दाश्त नहीं की जाएगी, उनकी जगह होटवार जेल में है. दरअसल, रघुवर दास पलामू में प्रमंडलीय चौपाल कार्यक्रम में भाग लेने पंहुचे थे. सीएम ने करीब 20 मिनट तक मंच से भाषण दिया, भाषण के अंत में सीएम ने कहा कि पारा शिक्षक गुंडागर्दी कर रहे हैं. 

उन्होंने कहा कि राज्य स्थापना दिवस के दिन जो हुआ है वह कभी शिक्षक नहीं कर सकता है. सीएम ने मंच से पारा शिक्षकों से कहा कि गुंडागर्दी बर्दाश्त नहीं होगी, राज्य में फिर से बहाली होगी. राज्य में नौजवानों की कमी नहीं है, सबको नौकरी दी जाएगी.

सीएम ने मंच से कहा कि पत्थरबाज शिक्षक नहीं चलेंगे. पारा शिक्षक मान जाएं वरना उनकी जगह जेल में है. पारा शिक्षक पर कानून की इतनी दफा लगाई जाएगीं कि वे भूल जाएंगे कि वे शिक्षक भी हैं. सीएम ने कहा कि लोकतंत्र में सबको विरोध करने का हक है, लेकिन राज्य स्थापना दिवस के दिन पारा शिक्षकों ने गुंडागर्दी की है. वर्ष में वे किसी भी दिन सीएम को काला झंडा दिखा सकते थे, लेकिन 15 नवंबर भगवान बिरसा मुंडा का जन्मदिन और राज्य की 3.50 करोड़ आबादी का खुशी का दिन.

बोकारो:ब्रेक की जगह दब गया कार का एक्सिलेटर; आधा दर्जन घायल, एक गंभीर

बोकारोबोकारो के सेक्टर- 4 थाना क्षेत्र अंतर्गत बोकारो जनरल अस्पताल (बीजेएच) परिसर में सोमवार लगभग सवा 11 बजे एक कार दुर्घटना में आधा दर्जन लोग घायल हो गए, जिनमें एक महिला की स्थिति समाचार लिखे जाने तक काफी नाजुक बनी थी। बोकारो जनरल अस्पताल के आईसीयू वार्ड में उसका इलाज चल रहा है। वहीं हादसे के बाद पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त कार तथा कार के चालक को अपनी हिरासत में ले लिया है। उक्त दुर्घटना का कारण कार चालक द्वारा कार का ब्रेक दबाने के बजाय गलती से एक्सेलरेटर पर पांव चला जाना बताया जा रहा है। प्राप्त जानकारी के अनुसार सेक्टर 2बी स्थित आवास संख्या 2392 निवासी ब्रजकिशोर सिंह नई-नई नई कार चलाना ही सीख रहा था। उसकी गाड़ी पर 'एल' (लर्निंग) कार स्टीकर भी लगा हुआ था। प्रत्यक्षदर्शी बताते हैं कि ब्रजकिशोर अपनी पत्नी यशोदा देवी और सरहज के साथ उनके इलाज को लेकर बोकारो जनरल अस्पताल में ऑर्थो (हड्डी रोग) विभाग की ओपीडी में आया था। ओपीडी के बाहर उसने कार खड़ी की। उसके बाद उसकी पत्नी और सरहज कार से उतरकर आगे से चली गयीं। इस बीच कार को खड़ी करने के लिए ब्रेक दबाने के बजाय ब्रजकिशोर से कार का एक्सीलरेटर दब गया, जिससे कार काफी तेजी के साथ उछलकर आगे की ओर बढा और इसकी चपेट में खुद उसकी पत्नी यशोदा देवी एवं सरहज के साथ-साथ सेक्टर- 2 के ही रहने वाले बीपी शर्मा और उनके बच्चों में नीतू, छोटू आ गये। टक्कर इतनी जोरदार थी कि कार का पहिया ब्रजकिशोर की सरहज और पत्नी पर चढ़ गए, जिसमें सरहज बुरी तरह कुचल कर घायल हो गई। पास में ही खड़ा एक अन्य बच्चा भी मामूली रूप से चोटिल हुआ। घटना के बाद मौके पर भारी हंगामा और अफरा-तफरी का माहौल बन गया। आनन-फानन में लोगों ने घायल लोगों को अस्पताल के भीतर पहुंचाया, जहां ब्रजकिशोर की सरहज का इलाज सीसीयू वार्ड में शुरू किया गया, जबकि अन्य घायलों का इलाज कैजुअल्टी वार्ड में चल रहा है। हादसे के बाद आक्रोशित लोगों ने कार के चालक ब्रजकिशोर को घेर लिया और उसे मारने को उतारू हो गए थे ၊ इतने में अस्पताल में ड्यूटी पर तैनात होमगार्ड के जवानों ने किसी तरह बीच-बचाव कर उसे बचा लिया। बाद में घटनास्थल पर पहुंची सेक्टर 4 थाने की पुलिस ने उक्त हुंडई इयोन कार (जेएच09 एजे 5990) को अपने कब्जे में तथा ब्रजकिशोर सिंह को हिरासत में ले लिया।

Sunday, November 18, 2018

उप्र:खूंखार आतंकवादी अजमल कसाब का निवास प्रमाण पत्र बना दिया

26 नवंबर 2008 को मुंबई में खून की होली खेलने वाले पाकिस्तानी आतंकादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के आतंकी अजमल कसाब की फोटो सहित निवास प्रमाण-पत्र जारी करने की घोर लापरवाही उप्र के ओरैया जिले में बिधूना तहसील के अधिकारियों ने की है। आपको बता दें 2008 में अजमल कसाब इकलौता आतंकी था जिसे जिंदा पकड़ा गया था। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद नवम्बर 2012 में उसे पुणे में फांसी दे दी गई थी।

बिधूना तहसील के अधिकारियों ने बड़ी लापरवाह का नमूना पेश करते हुए दुर्दात आतंकी अजमल कसाब की तस्वीर लगाकर किए गए आवेदन पर निवास प्रमाण-पत्र जारी कर दिया। बीती 21 अक्टूबर को किसी अज्ञात व्यक्ति ने अजमल कसाब का फोटो लगाकर आवेदन कर दिया था, जिस पर लेखपाल की रिपोर्ट लगने के बाद एसडीएम ने बिनी जांच-पड़ताल किए निवास प्रमाण-पत्र जारी कर दिया। आवेदन में कसाब के पिता का नाम मोहम्मद आमिर व मां का नाम मुमताज बेगम दर्ज किया गया था। मामला का संज्ञान लेकर एसडीएम ने प्रमाण-पत्र को तत्काल निरस्त करने के आदेश तो दिए ही, साथ ही लेखपाल को जवाब तलब कर निलंबित कर दिया गया है। एसडीएम बिधूना प्रवेंद्र कुमार ने पूरे मामले की जांच करवाई, जिसमें आवेदन में दिए गए तथ्य गलत साबित हुए और उन्होंने उक्त निवास प्रमाण-पत्र निरस्त करने के आदेश दिए। साथ ही लेखपाल को पहले नोटिस देते हुए स्पष्टीकरण मांगा है उसके बाद निलंबित कर दिया।

एसडीएम का यह है कहना-

इस पर बिधूना के एसडीएम प्रवेंद्र कुमार ने कहा कि मामले को संज्ञान में लेते हुए तुरंत जांच करवाई गई जिसमें इस नाम का कोई व्यक्ति उपरोक्त पते पर नहीं मिला। प्रमाण-पत्र को निरस्त करने के लिए एनआइसी को पत्र लिखा गया है। साथ ही लेखपाल से इस मामले में स्पष्टीकरण मांगा  गया है साथ ही उन्हें लापरवाही बरतने के चलते निलंबित कर दिया गया है। इसी बात से अंदाजा लगाया जा सकता है कि आज भी बहुत सारे लापरवाह विभिन्न पदों पर तैनात है, और अपने भ्रष्टाचार के चलते बीना जांच पड़ताल के कुछ भी जारी कर देते हैं।

बांग्लादेश सरकार ने इस्कॉन संतों को भारत में प्रवेश से रोका

चौंकाने वाली खबर 🚨  बांग्लादेश ने 63 इस्कॉन भिक्षुओं को भारत में प्रवेश करने से रोका सभी के पास वैध पासपोर्ट और वीज़ा थे। आव्रज...