Sunday, December 30, 2018

बोकारो: एबीपीएसएस की बैठक में पत्रकारों ने एक स्वर में पत्रकार सुरक्षा कानून को ले आवाज बुलंद की

बोकारो ၊ पत्रकार सुरक्षा कानून को झारखंड में लागू करने की माँग के सवाल पर राष्ट्रीय संगठन- अखिल भारतीय पत्रकार सुरक्षा समिति की बोकारो जिला इकाई के पत्रकारों ने एक स्वर में आवाज बुलंद की। शनिवार को संगठन के जिला  प्रभारी मनोज कुमार के नेतृत्व में आयोजित बैठक के दौरान दर्जनों पत्रकार शामिल हुए एवं राज्य सरकार से पत्रकार सुरक्षा कानून को हर हाल में लागू करने की माँग पर निर्णायक रणनीति पर विमर्श किया। बैठक के दौरान झारखंड प्रदेश के अध्यक्ष सर्वेश तिवारी ने आगामी वर्ष 2019 में केन्द्रीय कमिटि के देशव्यापी आंदोलन करने हेतु निर्देश के तहत राज्य के जिलेवार कमिटि को रणनीतिक विचारो का आदान-प्रदान किये ၊ मौके पर मौजूद प्रदेश महासचिव अनिल कुमार ने बैठक को सम्बोधित करते हुए कहा कि एबीपीएसएस पूरे देश भर में पत्रकारों की असुरक्षा को लेकर चिंतित है तथा पत्रकार सुरक्षा कानून को लेकर व्यापक अभियान चलाएगी ၊ 

वहीं दूसरी ओर झारखण्ड के उत्तरी छोटानागपुर प्रमण्डल अध्यक्ष अमरेद्र झा ने राज्य के तमाम जिला कमिटि को सशक्त होकर अपने अधिकार के लिये सरकार से निर्णायक जंग के लिये तैयार रहने का निर्देश दिया। श्री झा ने पत्रकारों के लिये लंबित कानून को लागू करने के इस देशव्यापी अभियान में राज्य के तमाम पत्रकार संगठनो, समाजिक संगठनों सहित आम बुद्धिजिवियों को भी आगे आने की अपील की। बैठक के दौरान संगठन के प्रदेश सचिव अनिल कुमार ने भी संगठन के उद्देश्य  एवं दिशा पर विस्तृत बात बताये। 

 बोकारो जिला संगठन की आयोजित इस बैठक में दर्जनों दिग्गज पत्रकारों ने भी शिरकत कर संगठन के उद्देश्य पर अपना संपूर्ण समर्पण व्यक्त करते हुए पत्रकार सुरक्षा कानून को हर हाल में लागू कराने में अपना समर्थन दिया। इस क्रम में जिला प्रभारी श्री कुमार ने जिले के तमाम पत्रकारों को संगठन का पहचान प्रपत्र भरकर उन्हें किसी भी प्रकार की असुरक्षित दशा में संगठन से संपूर्ण मदद का भरोसा दिया। इस दौरान वरिष्ठ पत्रकार श्री अशोक अश्क,अजय अश्क, जय सिन्हा,कुमार दिनेश सिंह,  सच्चिदानंद पाठक,वृज भूषण द्विवेदी , आलोक कुमार, रिपु सदन पाठक,मनीष कुमार ,उपस्थित थे।

झारखंड में शीतलहर का प्रकोप जारी, रांची के कांके में 3.3 डिग्री दर्ज की गई

झारखंड की राजधानी रांची में नये साल से पहले तापमान में अच्छी-खासी गिरावट दर्ज की गयी है. इसलिए शीतलहर का प्रकोप जारी है. एक्यूवेदर के पूर्वानुमान में कहा गया है कि आने वाले दो दिन में लोगों को ठंड से राहत नहीं मिलेगी. हालांकि, 31 दिसंबर को अधिकतम और न्यूनतम तापमान में एक-एक डिग्री की वृद्धि हो सकती है. वहीं, मौसम विभाग ने भी कहा है कि इस साल झारखंड को शीतलहर से राहत मिलने की उम्मीद नहीं है. एक्यूवेदर की रिपोर्ट बताती है कि एक दिसंबर से अब तक न्यूनतम तापमान में करीब 12 डिग्री सेंटीग्रेड तक की गिरावट आयी है. दिसंबर के पहले दिन अधिकतम तापमान 29 डिग्री और न्यूनतम तापमान 16 डिग्री सेल्सियस था, जो अब गिरकर क्रमश: 20 और 4 डिग्री सेल्सियस रह गया है. यह पिछले साल की तुलना में काफी कम है. वर्ष 2017 में 29 दिसंबर का अधिकतम तापमान 25 डिग्री और न्यूनतम तापमान 13 डिग्री सेल्सियस था. भारतीय मौसम विभाग के रांची केंद्र ने कहा है कि 31 दिसंबर तक राज्य के एक-दो स्थानों पर शीतलहरी जारी रहेगी. विभाग के अनुसार, झारखंड के ऊपर उत्तर और उत्तर-पश्चिमी शुष्क हवा बह रही है. इसका असर राज्य पर पड़ेगा. हवा की गति सामान्य से थोड़ी तेज है. इस कारण ठंड का एहसास हो रहा है. धूप में भी लोगों को राहत नहीं मिल रही है. शुक्रवार को राजधानी के शहरी इलाकों का तापमान आठ डिग्री सेल्सियस के आसपास रहा. यह सामान्य से करीब दो डिग्री सेल्सियस कम है. वहीं, बीएयू स्थित कृषि भौतिकी विभाग ने शुक्रवार को कांके का न्यूनतम तापमान 3.3 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया है. विभाग के अनुसार, आनेवाले कुछ दिनों तक ऐसी ही स्थिति बनी रहेगी. रात का तापमान सामान्य से दो से चार डिग्री सेल्सियस कम रहने की उम्मीद है. मैक्लुस्कीगंज में पड़ रही कड़ाके की ठंड मैक्लुस्कीगंज व आसपास के क्षेेत्रों में कड़ाके की ठंड पड़ रही है. पछुआ हवा से आम जनजीवन तो प्रभावित हो ही रहा है, मवेशियों पर भी इसका असर दिख रहा है. रात में बाहर खड़े वाहनों व खेत-खलिहान में रखे पुआल पर ओस की बूंदें जमकर बर्फ बन जा रही हैं. दिन में सर्द हवा से बचने के लिए धूप और शाम में अलाव का सहारा ले रहे हैं.  एक बार पुन: तापमान में गिरावट दर्ज की गयी. मैक्लुस्कीगंज में रहने वाले एंग्लो समुदाय के मैल्कॉम हॉरिगन के तापमान मापक यंत्र ने सुबह यहां का तापमान दो डिग्री रिकॉर्ड किया

Saturday, December 29, 2018

गिरिडीह: दसवीं का छात्र बोकारो के चंद्रपुरा से पाँच दिनों से लापता

बगोदर / गिरिडीह बगोदर थाना क्षेत्र के चौधरीबांध पंचायत अन्तर्गत कोड़ाडीह निवासी विरेन्द्र यादव का 16 वर्षीय पुत्र  कैलाश यादव बोकारो जिले के चन्द्रपुरा में अपने मामा के यहाँ रहकर पढाई करता था। उक्त युवक अपने मामा घर चन्द्रपुरा से पैतृक निवास कोड़ाडीह के लिए 25 दिसम्बर को घर से निकला । लेकिन घर नही पहुँचा ၊ उधर उक्त किशोर युवक के घर नहीं पहुँचने से परिजनो में किसी अनहोनी की आशंका को ले दिन प्रति दिन चिन्ता बढ़ती  जा रही है ၊ इधर परिजनो ने बताया  कि उक्त युवक इसी वर्ष फरवरी माह में मैट्रिक की  परीक्षा देने वाला है ၊ इस सम्बन्ध में  लापता छात्र के दादा टिपन यादव व मामा द्वारा चन्द्रपुरा थाना को  सूचना दे चुके है၊परिजनों ने बताया कि लापता  छात्र को घर तक पहुँचाने या सूचना देने वाले को उचित इनाम उपहार स्वरूप दिया जाएगा । सूचना मो नं 7091762679 अथवा 9503069691 पर दी जा  सकती है ।



गायब छात्र का फाइल


 फोटो

Friday, December 28, 2018

राजस्थान: सरकारी दस्तावेजों से हटेगा पं. दीनदयाल उपाध्याय का फोटोयुक्त लोगो

राजस्थान में नवगठित अशोक गहलोत सरकार ने राज्य में पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के एक आदेश को पलटने जा रहीं है। राजस्थान सरकार के लेटर पैड और किसी भी लिखित आदेश पर अब जनसंघ के संस्थापक पं. दीनदयाल उपाध्याय का फोटो वाला लोगो नहीं दिखेगा। कांग्रेस की अशोक गहलोत सरकार में अब लेटर पैड और सरकारी परिपत्रों पर केवल अशोक स्तंभ ही छापा जाएगा। इसको लेकर जल्द ही आदेश जारी हो सकते हैं।


बीजेपी के शासन में सरकार ने आदेश जारी कर सभी आदेशों पर पं. दीनदयाल उपाध्याय का लोगो लगाना अनिवार्य किया था। जिसके बाद कांग्रेस सरकार ने इसका विरोध भी किया था। कांग्रेस नेताओं का कहना था कि बीजेपी की सरकार राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के एजेंडें को लागू करने की कोशिश कर रही है। उनका कहना था कि यह अशोक स्तम्भ का अपमान है जो कि अलोकतांत्रिक है।


एक रिपोर्ट के मुताबिक, अशोक गहलोत के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार सरकारी पुस्तकालयों में पं. दीनदयाल उपाध्याय के जीवन पर लिखित पुस्तकें रखनें की बाध्यता भी हटाने जा रही है। गौरतलब है कि बीजेपी की पिछली सरकार में दीनदयाल उपाध्याय संपूर्ण वांगमय की पुस्तकें सचिवालय सहित प्रदेशभर की लाइब्रेरी में रखवाई गईं थी।



रांची: एडीजे तदाशा मिश्रा के पुत्र ने बॉडीगार्ड की रिवाल्वर छीन मारी खुद को गोली, हुई मौत

राँची ၊ एडीजी तदाशा मिश्रा के इकलौते पुत्र ने खुद को गोली मार कर खुदकशी कर ली। एडीजी तदाशा मिश्रा के बेटे ने एयरपोर्ट के पास गोली मारी।राँची से बैंगलोर जा रहा था तभी बॉडीगार्ड से हथियार लेकर गोली मार ली। बॉडीगार्ड भी कुछ समझ नहीं सका अचानक कैसे हो गया। गोली चलने के बाद उसे मेडिका अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। हालांकि अब तक स्पष्ट नहीं है गोली क्यों मारी, आईपीएस अधिकारी तदाशा मिश्रा एडीजी के पद पर तैनात हैं। पुलिस मामले की छानबीन में जुटी है। हालांकि पुलिस फिलहाल कुछ भी कहने से बच रही है। बताया जा रहा है कि अंगरक्षक दिलीप कुमार सिन्हा के सर्विस रिवाल्वर से गोली मारी थी, एयरपोर्ट जाने के दौरान गाड़ी में ही अमितेश ने खुद को गोली मारी थी, मौत की खबर के बाद से ही पुलिस के वरीय अधिकारियों के आने का सिलसिला जारी है। पुलिस महकमे और परिवार में शोक की लहर दौड़ गयी है। अभी शव को मेडिका से रिम्स लाया गया।

Thursday, December 27, 2018

बीते वर्ष 2018 में पत्रकारों के खूब बहे खून,80 पत्रकार मारे गए!!


रिपोर्टर्स विदाउट बॉर्डर्स की रिपोर्ट के मुताबिक दुनिया भर में पत्रकारों की मौत के मामले आठ फीसदी बढ़े हैं. पत्रकार राजनीतिक और धार्मिक घृणा का शिकार बन रहे हैं.        2018 के 11 महीनों में दुनिया भर में 80 पत्रकार मारे गए. गैर सरकारी संस्था रिपोर्टर्स विदाउट बॉर्डर्स (आरएसएफ) के मुताबिक इस दौरान 348 पत्रकारों को जेल में बंद किया गया और 60 से ज्यादा को बंधक बनाया गया.

18 दिसंबर को जारी हुई आरएसएफ की रिपोर्ट में विस्तार से पत्रकारों के खिलाफ हो रही हिंसा का जिक्र है. रिपोर्ट कहती है कि 49 पत्रकारों की हत्या की गई. संस्था के मुताबिक सऊदी पत्रकार जमाल खशोगी और स्लोवाकिया के डाटा जर्नलिस्ट यान कुसिएक की हत्या "दर्शाती है कि प्रेस की आजादी के दुश्मन किस हद तक जा सकते हैं."

संस्था ने रिपोर्ट के साथ एक बयान जारी करते हुए कहा, "पत्रकारों के खिलाफ हिंसा इस साल अभूतपूर्व स्तर पर पहुंच चुकी है और अब स्थिति गंभीर है." इसके लिए राजनेताओं, धार्मिक नेताओं और कारोबारियों को भी जिम्मेदार ठहराया गया है, "कभी कभार तो पत्रकारों के खिलाफ खुलकर घृणा व्यक्त की जा रही है, ऐसा करने वालों में बेशर्म राजनेता, धार्मिक नेता और कारोबारी भी हैं. इसका बुरा नतीजा, पत्रकारों के खिलाफ विचलित करने वाली हिंसा में दिखाई पड़ रहा है."

Infografik Länder, in denen die meisten Journalsiten getötet wurden 2018 EN

ये बने 2018 में पत्रकारों के लिए सबसे खतरनाक देश

अफगानिस्तान अब भी पत्रकारों के लिए सबसे खतरनाक देश बना हुआ है. 2018 में वहां 15 मीडियाकर्मियों की मौत हुई. नौ पत्रकार तो सिर्फ 30 अप्रैल के दोहरे धमाके में मारे गए. भारत, अमेरिका और मेक्सिको जैसे युद्ध न झेलने वाले देश भी पत्रकारों के लिए जोखिम भरे बने हुए हैं. मेक्सिको में इस साल नौ पत्रकारों की हत्या हुई. भारत में छह पत्रकार मारे गए. दोनों ही देशों में कई पत्रकारों ने जानलेवा हमले झेले और धमकियों का सामना भी किया. अमेरिका के मैरीलैंड राज्य में एक शूटिंग के दौरान एक अखबार के पांच कर्मचारी मारे गए.

चीन और तुर्की का बुरा हाल

सरकार या प्रशासन के खिलाफ अपनी राय जाहिर करने वालों के लिए चीन सबसे बड़ी जेल बना हुआ है. आरएएसफ के मुताबिक चीन में गैर पेशेवर पत्रकारों को बड़ी संख्या में कैद किया गया. रिपोर्ट कहती है, "सोशल नेटवर्कों या मैसेजिंग सर्विस में सिर्फ एक पोस्ट लिखने के कारण उन्हें अकसर अमानवीय परिस्थितियों में कैद किया गया."

Infografik Top 5 der Staaten, die Journalisten inhaftieren EN

इन देशों में कैद हुए सबसे ज्यादा पत्रकार

पेशेवर पत्रकारों के लिए तुर्की सबसे बड़ा कैदखाना बना. उसके बाद मिस्र, ईरान और सऊदी अरब का जिक्र है. मध्य पूर्व के देशों में 2018 में 60 पत्रकारों को कैद किया गया. इन देशों के अलावा आतंकवादी संगठन इस्लामिक स्टेट ने अब तक 24 पत्रकारों को बंधक बनाया हुआ है. यमन के हूथी विद्रोहियों के कब्जे में 16 जर्नलिस्ट हैं.

रिपोर्ट्स विदाउट बॉर्डर्स के मुताबिक 21 जनवरी को मेक्सिको से, 14 मार्च को हैती से और सात जून को रूस से गायब हुए तीन पत्रकारों का अब तक कोई सुराग नहीं मिला है.

ओएसजे/एनआर (एएफपी, रॉयटर्स)

Wednesday, December 26, 2018

रांची:डुमरी सीओ को मुख्य मंत्री ने किया बर्खाश्त,दागी अधिकारियों के सम्पति की होगी जांच

 रांची ၊  हटाए जाएंगे डुमरी अंचल से डुमरी के भ्रष्ट अंचलाधिकारी रविंद्र पांडे, साथ ही  होगी उनके संपत्ति की जांच ၊ लक्ष्मण टुंडा पंचायत समिति सदस्य  श्रीमती सुनीता देवी एवं भाजयुमो गिरिडीह जिला उपाध्यक्ष  सुरेन्द्र कुमार  की मांग पर मुख्यमंत्री ने  निर्णय लिया ၊ बुधवार को  सूचना भवन रांची में आयोजित मुख्यमंत्री संवाद कार्यक्रम में  लक्ष्मण टुण्डा पंचायत समिति सदस्य श्रीमती सुनीता देवी ने मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास से मुलाकात कर डुमरी अंचलाधिकारी रविंद्र पांडेय के भ्रष्ट कार्यों को अवगत कराते हुए पत्र सौंपकर अविलंब सीओ को डुमरी अंचल से हटाने की मांग की  ၊ जिस पर मुख्यमंत्री ने अंचलाधिकारी डुमरी को अविलम्ब बुधवार को ही हटाने का  निर्देश जारी कर दिया ၊ वही डुमरी प्रखंड के लचर स्वास्थ सुविधा में सुधार हेतु तथा लक्ष्मण टुंडा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सहित सभी उप केंद्रों में एएनएम तथा स्वास्थ्य में सुधार की  मांग की  पर भी  मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य विभाग को डुमरी में स्वास्थ्य में सुधार के लिए स्वास्थ्य सचिव को निर्देश दिए। उक्त कार्य के लिए श्रीमती सुनीता देवी एव सुरेन्द्र कुमार  ने  मुख्यमंत्री जी का आभार व्यक्त किए।

बांग्लादेश सरकार ने इस्कॉन संतों को भारत में प्रवेश से रोका

चौंकाने वाली खबर 🚨  बांग्लादेश ने 63 इस्कॉन भिक्षुओं को भारत में प्रवेश करने से रोका सभी के पास वैध पासपोर्ट और वीज़ा थे। आव्रज...