झारखंड की राजधानी रांची में नये साल से पहले तापमान में अच्छी-खासी गिरावट दर्ज की गयी है. इसलिए शीतलहर का प्रकोप जारी है. एक्यूवेदर के पूर्वानुमान में कहा गया है कि आने वाले दो दिन में लोगों को ठंड से राहत नहीं मिलेगी. हालांकि, 31 दिसंबर को अधिकतम और न्यूनतम तापमान में एक-एक डिग्री की वृद्धि हो सकती है. वहीं, मौसम विभाग ने भी कहा है कि इस साल झारखंड को शीतलहर से राहत मिलने की उम्मीद नहीं है. एक्यूवेदर की रिपोर्ट बताती है कि एक दिसंबर से अब तक न्यूनतम तापमान में करीब 12 डिग्री सेंटीग्रेड तक की गिरावट आयी है. दिसंबर के पहले दिन अधिकतम तापमान 29 डिग्री और न्यूनतम तापमान 16 डिग्री सेल्सियस था, जो अब गिरकर क्रमश: 20 और 4 डिग्री सेल्सियस रह गया है. यह पिछले साल की तुलना में काफी कम है. वर्ष 2017 में 29 दिसंबर का अधिकतम तापमान 25 डिग्री और न्यूनतम तापमान 13 डिग्री सेल्सियस था. भारतीय मौसम विभाग के रांची केंद्र ने कहा है कि 31 दिसंबर तक राज्य के एक-दो स्थानों पर शीतलहरी जारी रहेगी. विभाग के अनुसार, झारखंड के ऊपर उत्तर और उत्तर-पश्चिमी शुष्क हवा बह रही है. इसका असर राज्य पर पड़ेगा. हवा की गति सामान्य से थोड़ी तेज है. इस कारण ठंड का एहसास हो रहा है. धूप में भी लोगों को राहत नहीं मिल रही है. शुक्रवार को राजधानी के शहरी इलाकों का तापमान आठ डिग्री सेल्सियस के आसपास रहा. यह सामान्य से करीब दो डिग्री सेल्सियस कम है. वहीं, बीएयू स्थित कृषि भौतिकी विभाग ने शुक्रवार को कांके का न्यूनतम तापमान 3.3 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया है. विभाग के अनुसार, आनेवाले कुछ दिनों तक ऐसी ही स्थिति बनी रहेगी. रात का तापमान सामान्य से दो से चार डिग्री सेल्सियस कम रहने की उम्मीद है. मैक्लुस्कीगंज में पड़ रही कड़ाके की ठंड मैक्लुस्कीगंज व आसपास के क्षेेत्रों में कड़ाके की ठंड पड़ रही है. पछुआ हवा से आम जनजीवन तो प्रभावित हो ही रहा है, मवेशियों पर भी इसका असर दिख रहा है. रात में बाहर खड़े वाहनों व खेत-खलिहान में रखे पुआल पर ओस की बूंदें जमकर बर्फ बन जा रही हैं. दिन में सर्द हवा से बचने के लिए धूप और शाम में अलाव का सहारा ले रहे हैं. एक बार पुन: तापमान में गिरावट दर्ज की गयी. मैक्लुस्कीगंज में रहने वाले एंग्लो समुदाय के मैल्कॉम हॉरिगन के तापमान मापक यंत्र ने सुबह यहां का तापमान दो डिग्री रिकॉर्ड किया
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