Friday, February 1, 2019

वर्तमान राजनीति में राजनेताओं से नैतिकता और पवित्रता की उम्मीद करना बेमानी!!

हालांकि देश की वर्तमान राजनीति में राजनेताओं ने नैतिकता और पवित्रता की उम्मीद करना बेमानी है, लेकिन जो राजनेता देश चलाने और संभालने की बात करते हैं उन्हें तो अपना आचरण नैतिक और पवित्र ही रखना चाहिए। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी यदि शब्दों का घालमेल कर राजनीति करेंगे तो फिर दूसरे नेताओं से क्या उम्मीद की जा सकती है। राहुल गांधी 29 जनवरी को अपनी माताजी श्रीमती सोनिया गांधी के साथ गोवा के दौरे पर थे, तभी राहुल गांधी गोवा के सीएम मनोहर पर्रिकर से मिलने उनके आवास पर पहुंच गए। चूंकि पर्रिकर इन दिनों जानलेवा रोग कैंसर से संघर्ष कर रहे हैं, इसलिए राहुल की इस मुलाकात को शिष्टाचार मुलाकात माना गया। स्वाभाविक है कि दोनों के बीच कोई राजनीतिक संवाद  नहीं हुआ होगा। लेकिन 30 जनवरी को राहुल गांधी ने बीमार पर्रिकर से हुई मुलाकात को राजनीति से जोड़ दिया। राहुल ने एक सार्वजनिक समारोह में कहा कि 29 जनवरी को उन्होंने पूर्व रक्षामंत्री मनोहर पर्रिकर से मुलाकात की। पर्रिकर ने भी कहा था कि राफेल सौदे पर प्रधानमंत्री ने रक्षामंत्री से कोई बात नहीं की। राहुल ने शब्दों का ऐसा घालमेल किया, जिससे लगा कि 29 जनवरी की मुलाकात में पर्रिकर ने राफेल पर राहुल से बात की है। यह माना कि राफेल विमान सौदे पर राहुल गांधी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर हमले का कोई मौका नहीं छोड़ना चाहते, लेकिन राहुल को कम से कम बीमार पर्रिकर के कंधे पर बंदूक रख कर नहीं चलानी चाहिए। राहुल के बयान के बाद पर्रिकर को अपनी सफाई में पत्र भी लिखना पड़ा। स्वाभाविक है कि इससे पर्रिकर के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर पड़ रहा होगा। ऐसे में यदि पर्रिकर के साथ कोई अनहोनी हो जाती है तो कौन जिम्मेदार होगा? क्या राजनीति करने का मतलब किसी की जान लेना है? राहुल गांधी भी जानते हैं कि मनोहर पर्रिकर देश के चुनिंदा ईमानदार नेताओं में से एक है। पर्रिकर की ईमानदारी की वजह से ही उन्हें गोवा के सीएम के पद से हटा कर देश का रक्षामंत्री बनाया गया था। राहुल गांधी को कम से कम पर्रिकर जैसे राजनेता को तो बख्शना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद भी राफेल विमान सौदे पर राहुल गांधी प्रधानमंत्री मोदी पर हमला करें, यह उनकी राजनीति हो सकती है, लेकिन किसी बीमार व्यक्ति को टारगेट करना उचित नहीं माना जा सकता। यह माना कि तीन राज्यों में कांग्रेस की सरकार बनने से राहुल गांधी बेहद उत्साहित हैं और उन्हें लगता है कि अब लोकसभा चुनाव में नरेन्द्र मोदी और भाजपा को हटा  देंगे। लेकिन ऐसे अति उत्साह में राजनीति की नैतिकता और पवित्रता का तो ख्याल रखना ही चाहिए। (एसपी मित्तल)

Wednesday, January 30, 2019

तस्वीरें सोशल मीडिया में वायरल होने पर प्रेमीयुगल ने दे दी जान

उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में बदनामी से तंग आकर एक प्रेमी जोड़े ने ट्रेन के सामने कूदकर खुदकुशी कर ली. उन दोनों की लाशें पुलिस ने रेलवे लाइन से बरामद की हैं. पुलिस को जांच में पता चला कि मामला ब्लैकमेलिंग का है. युवक-युवती का उनका एक दोस्त ही ब्लैकमेल कर रहा था. इसी बात से परेशान होकर दोनों ने ये खौफनाक कदम उठाया है. अब आरोपी लड़का फरार है.

मामला मेरठ के परतापुर थाना क्षेत्र का है. जहां मंगलवार को पुटठा गांव के पास रेलवे लाइन पर स्थानीय लोगों ने एक युवक और युवती की लाश पड़ी हुई देखी. फौरन इस बात की सूचना पुलिस को दी गई. सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर जा पहुंची. दोनों लाशों को देखकर साफ पता चल रहा था कि उन दोनों ने किसी ट्रेन के सामने कूदकर जान दी है. पुलिस ने जब उनका पर्स और बैग आदि चैक किया तो मोबाइल फोन और आधार कार्ड बरामद हुए.

उन दोनों की शिनाख्त शोभापुर निवासी नितिन और हसनपुर की रहने वाली कोमल के रूप हुई है. पुलिस ने दोनों शव पंचनामे के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए. पुलिस के मुताबिक छानबीन में पता चला कि नितिन और कोमल के बीच करीब दो साल से लव अफेयर चल रहा था. नितिन मेरठ एक फैक्ट्री में काम करता था. इसी दौरान एक दिन नितिन के एक दोस्त प्रवेश ने कोमल और नितिन की कुछ आपत्तिजनक तस्वीरें सोशल मीडिया में शेयर कर दी.

इसी के चलते वो तस्वीरें नितिन और कोमल के घरवालों ने भी देख ली. इससे पहले मामला बढ़ता. नितिन के घरवाले रिश्ता लेकर कोमल के घर जा पहुंचे. वहां कोमल के परिजनों से दोनों की शादी की बात की. कोमल के घरवाले भी शादी के लिए मान गए. लेकिन उन्होंने कहा कि पहले कोमल की बड़ी बहन की शादी हो जाए. फिर नितिन और कोमल का विवाह कर देंगे.

लेकिन इसी दौरान फिर से नितिन और कोमल की कुछ अंतरंग तस्वीरें फिर से सोशल मीडिया में वायरल हो गई. ये बात युवती के घवालों को बहुत नागवार गुजरी. इसी बात पर कोमल और नितिन के घरवालों के बीच कहासुनी हो गई. बाद में पता चला कि फोटो वायरल होने के पीछे नितिन के दोस्त प्रवेश का हाथ है. ये सारा विवाद चल ही रहा था कि प्रवेश ने फिर से फोटो वायरल कर दिए.

बस बदनामी की वजह से परेशान होकर नितिन और कोमल ने ट्रेन के सामने कूदकर अपनी जीवन लीला खत्म कर ली. अब पुलिस नितिन के दोस्त प्रवेश की तलाशी कर रही है. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा. कोमल और नितिन के शव पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिए गए

प्रतिकूल फैसलों पर जजों पर हमले उचित नहीं 

जस्टिस मिश्रा का कहना है कि अगर कोर्ट का निर्णय किसी के प्रतिकूल नहीं आता है तो वह जज के खिलाफ किसी उचित मंच पर शिकायत दर्ज करा सकता 

राजनीतिक उद्देश्यों के लिए जजों पर हमला नहीं किया जा सकता: सुप्रीम कोर्ट
जस्टिस विनीत सरन के साथ एक पीठ की ओर से एक मामले पर फैसला सुनाते हुए, जस्टिस मिश्रा ने वकीलों के एक समूह को जमकर फटकार लगाई है. उन्होंने कहा कि वे (वकीलों का समूह) सस्ते प्रचार के भूखे हैं और सोचते हैं कि वे बार काउंसिल से भी ऊपर हैं.उन्होंने कहा, 'यह समय-समय पर देखा गया है कि न्यायिक प्रणाली पर कई हमले किए गए हैं. यह आम हो गया है कि बार के सदस्य मीडिया या प्रेस के सामने जा कर जजों की आलोचना और अवमानना करते हैं. जजों को कुछ निर्णयों के लिए राजनीतिक उद्देश्य पूरे करने का जिम्मेदार ठहराया जाता है. यह कोर्टी की अवमानना का उग्र रूप है.

न्यूज18 की रिपोर्ट के मुताबिक सुप्रीम कोर्ट के जज ने वकीलों को मीडिया और प्रेस की बहसों के दौरान जजों पर हमला किए जाने को लेकर फटकार लगाई है. उनका कहना है कि कोर्ट के फैसलों को राजनीतिक रंग देना कोर्ट की अवमानना का उग्र रूप है. राजनीतिक उद्देश्यों के लिए जजों और न्यायपालिका पर आरोप नहीं लगाया जा सकता है.जस्टिस मिश्रा का कहना है कि अगर कोर्ट का निर्णय किसी के प्रतिकूल नहीं आता है तो वह जज के खिलाफ किसी उचित मंच पर शिकायत दर्ज करा सकता है. लेकिन प्रेस में उनपर हमला करना बिलकुल भी उचित नहीं है. कोर्ट ने कड़े शब्दों में कहा कि वकीलों को प्रेस में बहस के माध्यम से निर्णयों को प्रभावित करने की कोशिश नहीं करनी चाहिए.एक क्लिक और खबरें खुद चलकर आएंगी आप

गिरिडीह: मुख्य मार्ग पर स्थित सीमेंट हाउस में चोरी की घटना को अंजाम देकर पुलिस की उड़ाई नींद

गिरिडीह: पचम्बा थाना क्षेत्र के गिरिडीह पचम्बा मुख्य मार्ग में स्थित बोडो के समीप श्रीराम सीमेंट हाउस में चोरों ने आतंक मचाया।

दुकान के प्रोपराइटर पिंटू बरनवाल ने जानकारी देते हुए बताया कि लगभग पचास हजार रुपये की चोरी हुई है तथा चोरों ने रात्रि के समय बंद पड़े दुकान पर छत का शटर काटकर प्रवेश किया और गल्ले से, गोदरेज से, सभी जगह से रखे पैसे को लेकर फरार हो गए। इसकी सूचना समीप के थाने में दे दी गई है।

घटना की सूचना मिलते ही पचम्बा थाना प्रभारी शर्माना सिंह  एएसआई सत्यदीप कुमार एस आई इस्माइल मरान्डी व दल बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचकर पूरे घटना का ब्योरा लिए। साथ ही उन्होंने आश्वासन दिया है कि बहुत जल्द सारे चोर पुलिस के गिरफ्त में होंगे।

बता दें कि पचम्बा थाना क्षेत्र में इन दिनों चोरों ने आतंक मचाए हुए हैं बताया जा रहा है कि कोयले में हो रही नाका बंदी को लेकर कोयला चोरों ने अब घरों को और दुकानों को निशाना बनाना शुरू कर दिया है।

अब देखना यह है कि पचम्बा थाना से महज 500 मीटर की दूरी पर स्थित मुख्य मार्ग में चोरों ने इस घटना को अंजाम देकर ना सिर्फ थाने थाना प्रभारी की नींद उड़ाई है बल्कि पुलिस प्रशासन को भी चुनौती देने का कार्य किया है। अब देखना यह है कि कब तक चोर पुलिस की गिरफ्त से बच पाते हैं फिलहाल अनुसंधान जारी है।

जिस थाने में है थाना प्रभारी उसी थाने की हवालात में बंद है थाना प्रभारी और तीन पत्रकार, मामला कॉल सेन्टर से रिश्वत का

  एसएसपी वैभव कृष्ण ने एसएचओ समेत तीन पत्रकार रिश्वत लेते किये गिरफ्तार, 

जिस थाने में है थानाप्रभारी उसी थाने की हवालात में बंद है थाना प्रभारी और तीन पत्रकार 


नोएडा: एसएसपी वैभव कृष्ण ने जिले में आज फिर एक बात साबित की है। जिले का कैप्टन जैसा होगा वैसा ही जिले को चलना पड़ेगा। ईमानदार अधिकारी के रूप में अपनी एक पहचान बना चुके वैभव कृष्ण ने जिले की पुलिस को एक नसीहत दे दी।
जब तक में एसएसपी हूँ जिले में भ्रष्टाचार नहीं चलेगा। 
चाहे वो कितना ही ताकतवर हो। नोएडा के सेक्टर 20 से एक बड़ी खबर आ रही है। जिसके अनुसार एसएसपी वैभव कृष्ण ने नोएडा के सेक्टर-20 थाना प्रभारी मनोज पंत को खुद रंगे हाथों आठ लाख रुपए की घूस लेते गिरफ्तार कर लिया है।
मनोज पंत के साथ पत्रकार उदित गोयल,रमन ठाकुर और सुशील पंडित गिरफ़्तार हुए है। 
यह चारों लोग एक कॉल सेंटर से वसूली कर रहे थे। कॉल सेंटर और चारों के बीच करोड़ों की डील होनी थी। 
मौके से एसएसपी ने एक पिस्टल भी बरामद किया है। एसएसपी ने एडिशनल प्रभारी थाना सेक्टर २० जयवीर सिंह को सस्पेंड किया है। एसएसपी नोएडा की बड़ी कार्यवाही । चौकी इंचार्ज को किया सस्पेंड और केस भी कराया दर्ज एसएसपी ने मुकदमा दर्ज कर इंस्पेक्टर और तीनों पत्रकारों को हवालात में बंद किया गया है।खबर आ रही है कि थोड़ी देर में कोर्ट में पेश कर जेल भेजने की तैयारी की जा रही है। अभी थोड़ी देर में एसएसपी प्रेस वार्ता कर जानकारी भी देंगे।   पुलिस ने ये गिरफ्तारियां ऑपरेशन 'ट्रैप' के अंतर्गत की थीं। आरोपियों में सेक्टर 20 के एसएचओ मनोज पंत, कथित पत्रकार सुशील पंडित, उदित गोयल और रमन ठाकुर हैं। इन सबको सेक्टर 20 के एसएचओ के दफ्तर में 8 लाख रुपए लेते हुए रंगेहाथ पकड़ा गया। आरोपी एक कॉल सेंटर मालिक से उसका नाम एक एफआईआर से हटाने की एवज में पैसे वसूल रहे थे। एफआईआर नवंबर 2018 में दर्ज की गई थी।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक वैभव कृष्णा ने बुधवार को बताया, ‘‘सेक्टर 20 पुलिस थाना प्रभारी मनोज कुमार पंत और पत्रकारों सुशील पंडित, उदित गोयल और रमन ठाकुर को कल गिरफ्तार किया गया।’’ 

उन्होंने बताया कि चारों को सेक्टर 20 पुलिस थाने में आठ लाख रुपए की रिश्वत लेते या जबरन वसूली करते रंगे हाथ पकड़ा गया। कृष्णा ने कहा, ‘‘वे एक कॉल सेंटर मालिक से नवंबर 2018 में दर्ज हुई एक प्राथमिकी से उसका नाम हटाने के एवज में धन वसूल रहे थे।’’ 

थाना प्रभारी जयवीर सिंह है फरार

एसएसपी ने बताया कि इनमें से एक पत्रकार के पास से मर्सिडीज कार जब्त की गई है, जो पृथम दृष्ट्या किसी ‘‘आपराधिक गतिविधि’’ से संबंधित प्रतीत होती है। उन्होंने बताया कि एक पत्रकार के पास से .32 बोर की पिस्तौल मिली है।

जिला पुलिस प्रमुख ने कहा, ‘‘कुल आठ लाख रुपए जब्त किए गए हैं और चारों को गिरफ्तार कर लिया गया है।’’ अधिकारी ने बताया कि सेक्टर 20 पुलिस थाने के अतिरिक्त थाना प्रभारी जयवीर सिंह को मामले में कथित संलिप्तता के आरोप में निलंबित कर दिया गया है।

Tuesday, January 29, 2019

मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास ने बाल संरक्षण आयोग के वेबसाइट पोर्टल का शुभारंभ किया

सभी वर्गों के बच्चों का सर्वांगीण विकास प्राथमिकता-- रघुवर दास, मुख्यमंत्री

झारखंड से बच्चों का पलायन रोकना उद्देश्य-- रघुवर दास, मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास ने कहा कि बच्चे देश के भविष्य होते हैं. बच्चों का सर्वांगीण विकास हो यह सरकार की प्राथमिकता है. राज्य में सभी वर्ग के बच्चों के अधिकारों के रक्षा के लिए राज्य में बाल संरक्षण आयोग का गठन किया गया है. पिछले 4 वर्षों से झारखंड राज्य बाल संरक्षण आयोग राज्य सरकार के साथ आपसी समन्वय स्थापित कर बच्चों के अधिकारों के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है. उक्त बातें मुख्यमंत्री ने आज झारखण्ड मंत्रालय के सभागार में आयोजित झारखंड राज्य बाल संरक्षण आयोग के ऑफिसियल वेबसाइट के लोकार्पण के अवसर पर अपने संबोधन में कहीं.

वेबसाइट पोर्टल सरकार,आयोग एवं समाज के बीच सेतु

मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास ने कहा कि आयोग के अपने वेबसाइट पोर्टल होने से राज्य के सुदूरवर्ती ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोग भी बच्चों के अधिकारों से संबंधित शिकायत आयोग के समक्ष रख सकेंगे. वेबसाइट सरकार, आयोग एवं समाज के बीच एक सेतु का कार्य करेगी. वेबसाइट पोर्टल के माध्यम से लोग बच्चों के अधिकारों से संबंधित शिकायत सीधे ऑनलाइन आयोग तक रख पाएंगे. आयोग में प्राप्त शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई करते हुए समाधान किया जा सकेगा. साथ ही साथ राज्य सरकार के पास आयोग के कार्यों का फीडबैक भी मिल सकेगा.

राज्य से पलायन रोकना मुख्य उद्देश्य

मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास ने कहा कि राज्य में बाल संरक्षण आयोग का गठन करने का मुख्य उद्देश्य यही है कि राज्य से पलायन पूर्ण रूप से रुके. उन्होंने कहा कि झारखंड में ट्रैफिकिंग की समस्या बहुत बड़ी चुनौती है. रोजगार की तलाश में कम उम्र में ही बच्चे बच्चियां झारखंड से पलायन कर दूसरे राज्यों के बड़े-बड़े शहरों में चले जाते हैं. राज्य सरकार हर हाल में पलायन रोकने के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है. बाल संरक्षण आयोग भी प्रतिबद्धता के साथ राज्य के सभी जिलों में आपसी समन्वय स्थापित कर पलायन रोकने का कार्य कर रही है. हम सबों को ट्रैफिकिंग के विरूद्ध और तेजी से कार्य करने की आवश्यकता है.

बच्चों को कौशल विकास प्रशिक्षण 

मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास ने कहा कि ट्रैफिकिंग से रेस्क्यू कर जो बच्चे झारखण्ड लाया जाते हैं उन्हें उनकी योग्यता के अनुसार इसकी कर रोजगार उपलब्ध कराना सरकार का लक्ष्य है. उन्होंने आयोग को निर्देशित किया कि वैसे सभी बच्चों का लिस्ट बनाकर आयोग राज्य सरकार को सौंपे जो रेस्क्यू कर आए हैं और रोजगार की तलाश में हैं. जो बच्चे बच्चियां आगे पढ़ाई करना चाहती हैं उन्हें भी राज्य सरकार शिक्षित करेगी. मुख्यमंत्री ने कहा कि बाल संरक्षण आयोग रेस्क्यू से वापस आई 16 से 18 वर्ष के उम्र की लड़कियों को कौशल विकास प्रशिक्षण के तहत प्रशिक्षित कर रोजगार उपलब्ध कराने पर अधिक जोर दें.

मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास ने कहा कि राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में गरीबी और बेरोजगारी के कारण बच्चियां सातवी आठवीं क्लास के बाद ड्रॉप आउट हो जाती हैं. ड्रॉप आउट होने के बाद कम उम्र में ही बच्चियों की शादी हो जाती है. ड्रॉपआउट और कम उम्र में शादी की समस्या को ध्यान में रखते हुए सरकार द्वारा राज्य में "मुख्यमंत्री सुकन्या योजना" की शुरुआत की गई है. इस योजना के तहत बच्चियों के जन्म से 2 साल उम्र में मां के खाते में सीधे ₹5 हजार की सहायता राशि उपलब्ध कराई जा रही है. बच्चियों के पहली कक्षा में नामांकन के समय ₹5 हजार की सहायता राशि दी जाएगी. इसी प्रकार 5वीं, 8वीं, 10वीं कक्षा के उत्तीर्ण होने के बाद 5-5 हजार की सहायता राशि सीधे बच्चियों के खाते में राज्य सरकार उपलब्ध कराएगी. बच्चियों के 12 वीं कक्षा उत्तीर्ण करने पर 10 हजार की वित्तीय सहायता राशि राज्य सरकार देगी. इसके पश्चात बच्चियां 18 वर्ष की उम्र में अगर अविवाहित हैं तो मुख्यमंत्री कन्यादान योजना से उनको ₹30 हजार की प्रोत्साहन राशि भी उपलब्ध कराई जाएगी. मुख्यमंत्री ने बाल संरक्षण आयोग को निर्देश दिया कि मुख्यमंत्री सुकन्या योजना का प्रचार-प्रसार ग्रामीण क्षेत्रों में भी व्यापक तरीके से करें. ताकि अधिक से अधिक लोगों को मुख्यमंत्री सुकन्या योजना का लाभ मिल सके और बच्चियों के समग्र विकास में आर्थिक सहायता मिल सके.

राज्य से गरीबी समूल नष्ट करना लक्ष्य

मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास ने कहा कि राज्य से गरीबी को समूल नष्ट करना सरकार का लक्ष्य है. राज्य में व्याप्त गरीबी तभी समूल नष्ट होगी जब विभिन्न स्वैच्छिक संस्थाएं, सामाजिक संस्थाएं एवं एनजीओ राज्य सरकार के साथ समन्वय स्थापित कर गरीबी उन्मूलन हेतु प्रतिबद्धता के साथ कार्य करें. उन्होंने कहा कि स्वैच्छिक संस्थाएं सामाजिक विकास की आत्मा होती हैं. बच्चों के विकास के लिए आप निरंतर कार्य करते रहें सरकार आपके साथ है.


झारखंड राज्य बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्षा श्रीमती आरती कुजूर* ने स्वागत संबोधन में कहा कि मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास के नेतृत्व में बाल संरक्षण आयोग बच्चों के अधिकार की रक्षा के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है. झारखंड से कम उम्र में बच्चों की ट्रैफिकिंग को रोकने के लिए आयोग गंभीरता पूर्वक कार्य कर रही है. राज्य में पहली बार सरकार द्वारा बाल बजट का प्रावधान किया गया है. बाल बजट के प्रावधान करने से सभी वर्गों के बच्चों का सर्वांगीण विकास हो सकेगा. तकनीकी के इस युग में वेबसाइट पोर्टल के माध्यम से मिलने वाले शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई आयोग द्वारा की जा सकेगी. उन्होंने वेबसाइट पोर्टल के लॉन्च होने पर राज्य सरकार और प्लान इंडिया को धन्यवाद ज्ञापित किया. श्रीमती आरती कुजूर ने कहा कि व्यस्त कार्यक्रम के बीच मुख्यमंत्री का आयोग के कार्यक्रम में आना यह दर्शाता है कि राज्य के बच्चों के सर्वांगीण विकास हेतु मुख्यमंत्री कितने प्रतिबद्ध हैं. उन्होंने मुख्यमंत्री के प्रति आभार प्रकट किया.


इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव डॉ सुनील कुमार वर्णवाल, महिला बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग के सचिव श्री अमिताभ कौशल, झारखंड बाल संरक्षण आयोग के सदस्य श्री बबन गुप्ता, श्री भूपेंन साहू, श्री अनहद लाल, प्लान इंडिया के प्रतिनिधि, स्वैच्छिक संस्थान, विभिन्न एनजीओ के प्रतिनिधि सहित अन्य बड़ी संख्या में उपस्थित थे.


मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास ने प्रसिद्ध राजनेता और पूर्व रक्षा मंत्री जॉर्ज फर्नांडिस के निधन पर गहरा शोक प्रकट किया

*मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास ने प्रसिद्ध राजनेता और पूर्व रक्षा मंत्री जॉर्ज फर्नांडिस के निधन पर गहरा शोक प्रकट किया *
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मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास ने पूर्व रक्षा मंत्री जॉर्ज फर्नांडिस के निधन पर गहरा शोक प्रकट किया है। उन्होंने कहा कि 'जॉर्ज साहब ने भारत को सर्वश्रेष्ठ नेतृत्व प्रदान किया। वह बहुत बेबाक और निर्भीक थे। उन्होंने देश के लिए अमूल्य योगदान दिया। वह गरीबों की सबसे मजबूत आवाज थे। उनके निधन से मैं आहत हूं। रक्षा मंत्री रहे स्व. फर्नांडिस ने भारतीय सेना की उत्कृष्टता के लिए कई बेहतरीन कदम उठाए थे। मुख्यमंत्री ने सूचना भवन, रांची में मुख्यमंत्री जन संवाद के तहत सीधी बात कार्यक्रम के दौरान शोक प्रकट करते हुए यह बात कही है।

बांग्लादेश सरकार ने इस्कॉन संतों को भारत में प्रवेश से रोका

चौंकाने वाली खबर 🚨  बांग्लादेश ने 63 इस्कॉन भिक्षुओं को भारत में प्रवेश करने से रोका सभी के पास वैध पासपोर्ट और वीज़ा थे। आव्रज...