Saturday, March 9, 2019

अहले सुबह इनोवा और ट्रक की टक्कर में एक ही परिवार के 10 की मौत

अनीश,रामगढ़ ।

रामगढ़. कुजू थाना क्षेत्र के पैंकी एनएच-33 पर शनिवार की सुबह करीब साढ़े 4 बजे सड़क हादसे में एक ही परिवार के 10 लाेगों की मौत हो गई। सभी आरा (बिहार) से बच्चे का मुंडन कर इनोवा कार से अपने हटिया (रांची) स्थित आवास पर आ रहे थे। दुर्घटना इनोवा कार और ट्रक के आमने-सामने की टक्कर की वजह से हुआ। हादसे के बाद ट्रक को मौके पर ही छोड़ ड्राइवर भाग निकला। दुर्घटना में दोनों ही गाड़िया एक-दूसरे में घुस गई थी। इस वजह से करीब तीन घंटे की मशक्कत के बाद शवों को बाहर निकाला गया।

मृतकों की पहचान सत्यनारायण सिंह (73), इनका बेटा अजीत कुमार सिंह (28), सत्यनारायण सिंह के दामाद मंटू कुमार सिंह (32), मंटू की पत्नी सरोज सिंह (30), सत्यनारायण सिंह के दूसरे दामाद सुबोध कुमार सिंह, इनकी पत्नी रिंकू, मंटू की बेटी कली कुमारी (13), बेटा रौनक कुमार (4), सुबोध की बेटी रूही कुमारी(7), इनोवा ड्राइवर अंचल पांडेय (33) के रूप में की गई। मंटू कुमार सिंह के चार वर्षीय पुत्र रौनक का आरा में मुंडन था। यहीं से सभी लोग इनोवा में सवार होकर वापस रांची आ रहे थे कि रास्ते में यह हादसा हो गया।

मृतक एक ही परिवार के सदस्य थे।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, इनोवा जब पैंकी एनएच-33 पटना-रांची मार्ग पर चल रही थी तो गलती से वो दूसरे रोड पर चली गई। इसी दौरान सामने से आ रहे तेज रफ्तार ट्रक ने उसे अपनी चपेट में ले लिया और यह घटना हुई। इनोवा सवार सभी की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद मौके पर जुटे लोगों ने पुलिस को इसकी सूचना दी और शवों को बाहर निकालने का काम शुरू हुआ। फिलहाल शवों को रामगढ़ के सदर अस्पताल में रखा गया है, जहां पोस्टमॉर्टम के बाद बॉडी रांची भेजा जाएगा।

झारखंड प्रदेश महिला कांग्रेस द्वारा अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर कार्यक्रम का आयोजन

रांची। रांची कांग्रेस पार्टी कार्यालय के सभागार में झारखंड प्रदेश महिला कांग्रेस द्वारा अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रदेश अध्यक्ष आदरणीय गुंजन सिंह ने किया। कार्यक्रम में महिलाओं को अधिकार दिलाने और जागरूक करने को लेकर प्रदेश अध्यक्ष गुंजन सिंह ने धनबाद जिला अध्यक्ष सीता राणा, गुमला जिलाध्यक्ष और रांची नगर जिलाध्यक्ष को माला पहनाकर सम्मानित किया गया।

 धनबाद जिलाध्यक्ष सीता राणा ने कहा कि आज महिलाएं किसी से कम नहीं हैं और विकास के हर क्षेत्र में सहभागिता निभा रही हैं। जनप्रतिनिधि के क्षेत्र में 50 फीसदी आरक्षण लिए बगैर महिलाओं का संघर्ष नही रुकेगा। आज महिला उत्पीड़न की संख्या बढ़ी है जो चिंता का विषय है। 

सरकार महिला उत्पीड़न के आरोपियों को संरक्षण देकर न्याय का गला घोंट रही है। महिलाएं सभी क्षेत्र में अपनी भूमिका साबित कर रही हैं और जागरूक होकर अन्याय के खिलाफ एकजुटता के साथ संघर्ष कर रही है। कार्यक्रम में प्रियदर्शनी योजना के अध्यक्ष हेमा जी ने भी संबोधित किया।

कार्यक्रम में सोनी खातुन, अंजू शर्मा, शिल्पी देवी, सविता देवी, हुस्ना बानो, कुसमी देवी आदि उपस्थित थी।

महिलाओं से सम्बंधित सवाल, समस्या और समाधान को लेकर मंथन करने की जरूरत है

धनबाद। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस 8 मार्च महिलाओं से सम्बंधित सवाल, समस्या और समाधान को लेकर मंथन करने की जरूरत पर बल देता है। आज पूरी दुनिया अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर महिलाओं पर बात तो करती है पर महिलाओं को उनका अधिकार देने से डरती भी है क्यों ? ये सवाल मथता है कि जिस आधी आबादी को लेकर हम काम कर रहे वही उपेक्षित कैसे रह जाता है। जागरूकता की कमी, शिक्षा का अभाव, परंपरा के नाम पर बंधन, पुरुषों की मानसिकता, संवैधानिक अधिकार का उपयोग न होना और भी बहुत कुछ जिसके वजह से मजिलाएँ आज हर क्षेत्र में सक्रिय भूमिका निभाने के बाद भी अपनी अलग पहचान के लिए जद्दोजहद कर रही है। 

महिला अधिकार को लेकर विधानसभा व लोकसभा चुनाव में महिलाओं को 33 फीसदी आरक्षण को लेकर आवाज उठाई मगर भाजपा सरकार ने महिलाओं के इस मांग को अनसुना कर गई। हाल के तीन चार साल में लगातार महिलाओं पर यौन उत्पीड़न की घटना बढ़ी और जिस तरह से भाजपा की केंद्र और भाजपा की  राज्य सरकारों ने अपराधियों को संरक्षण देने का काम किया उससे न्याय की उम्मीद नही जगती। खैर, सरकार अपना काम करती है। हमें अपना काम करते रहना चाहिए महिलाओं को लेकर उनके अधिकार और उनको न्याय दिलाने को लेकर, जागरूक करने को लेकर।

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस  पर रांची में आयोजित कार्यक्रम में भाग लेने जाने के क्रम में धनबाद जिला महिला कांग्रेस कमिटि की जिलाध्यक्ष सीता राणा ने कही। साथ मे सोनी खातुन, शिल्पी देवी, सविता देवी, अंजू शर्मा, कुसमी देवी आदि मौजूद थी।

भाजपा अध्यक्ष अमित शाह और आजसू सुप्रीमो सुदेश महतो।


भाजपा और आजसू गठबंधन के तहत लोकसभा का चुनाव लड़ेंगे। गिरिडीह सीट आजसू को देने पर सहमति बनी है, हालांकि आजसू सुप्रीमो सुदेश महतो ने हजारीबाग सीट पर भी दावेदारी जताई है। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह और आजसू अध्यक्ष सुदेश महतो की शुक्रवार को नई दिल्ली में हुई बैठक के बाद गठबंधन को अंतिम रूप दिया गया। इसमें झारखंड के लोकसभा प्रभारी मंगल पांडेय भी मौजूद थे। प्रदेश नेतृत्व के साथ बातचीत के बाद गठबंधन का औपचारिक ऐलान किया जाएगा।


इधर, विपक्षी महागठबंधन को लेकर पिछले कई माह से कवायद जारी है। सीट शेयरिंग को लेकर मामला हर बार फंसता गया। इस बीच भाजपा आलाकमान ने आजसू सुप्रीमो सुदेश महतो को बातचीत के लिए दिल्ली बुलाया। वहां गठबंधन पर तत्काल फैसला ले लिया गया। बताया जाता है कि भाजपा 13 सीटों पर और आजसू एक सीट पर लोकसभा चुनाव लड़ेगी। विधानसभा चुनाव में ज्यादा सीटें दी जाएंगी।


Friday, March 8, 2019

विश्व महिला दिवस पर आएं, महिलाओं को उनके सम्मान व अधिकार वापस देने हेतु लें प्रण!

हर साल हम 8 मार्च को विश्व की प्रत्ये‍क महिला के सम्मान में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस मनाते हैं। लेकिन महिला दिवस मनाए जाने का इतिहास हर कोई नहीं जानता। जानिए महिला दिवस को इतिहास के झरोखों से - 

8 मार्च को मनाए जाने वाले अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर सम्पूर्ण विश्व की महिलाएं देश, जात-पात, भाषा, राजनीतिक, सांस्कृतिक भेदभाव से परे एकजुट होकर इस दिन को मनाती हैं। साथ ही पुरुष वर्ग भी इस दिन को महिलाओं के सम्मान में समर्पित करता है।

   दरअसल इतिहास के अनुसार समानाधिकार की यह लड़ाई आम महिलाओं द्वारा शुरू की गई थी। प्राचीन ग्रीस में लीसिसट्राटा नाम की एक महिला ने फ्रेंच क्रांति के दौरान युद्ध समाप्ति की मांग रखते हुए इस आंदोलन की शुरूआत की, फारसी महिलाओं के एक समूह ने वरसेल्स में इस दिन एक मोर्चा निकाला, इस मोर्चे का उद्देश्य युद्ध की वजह से महिलाओं पर बढ़ते हुए अत्याचार को रोकना था ၊
सन 1909 में सोशलिस्ट पार्टी ऑफ अमेरिका द्वारा पहली बार पूरे अमेरिका में 28 फरवरी को महिला दिवस मनाया गया। सन 1910 में सोशलिस्ट इंटरनेशनल द्वारा कोपनहेगन में महिला दिवस की स्थापना हुई और 1911 में ऑस्ट्रि‍या, डेनमार्क, जर्मनी और स्विटजरलैंड में लाखों महिलाओं द्वारा रैली निकाली गई। मताधिकार, सरकारी कार्यकारिणी में जगह, नौकरी में भेदभाव को खत्म करने जैसी कई मुद्दों की मांग को लेकर इस का आयोजन किया गया था। 1913-14 प्रथम विश्व युद्ध के दौरान, रूसी महिलाओं द्वारा पहली बार शांति की स्थापना के लिए फरवरी माह के अंतिम रविवार को महिला दिवस मनाया गया। 

 
यूरोप भर में भी युद्ध के खिलाफ प्रदर्शन हुए। 1917 तक विश्व युद्ध में रूस के 2 लाख से ज्यादा सैनिक मारे गए, रूसी महिलाओं ने फिर रोटी और शांति के लिए इस दिन हड़ताल की। हालांकि राजनेता इस आंदोलन के खिलाफ थे, फिर भी महिलाओं ने एक नहीं सुनी और अपना आंदोलन जारी रखा और इसके फलस्वरूप रूस के जार को अपनी गद्दी छोड़नी पड़ी साथ हीसरकार को महिलाओं को वोट देने के अधिकार की घोषणा भी करनी पड़ी। 
 
महिला दिवस अब लगभग सभी विकसित, विकासशील देशों में मनाया जाता है। यह दिन महिलाओं को उनकी क्षमता, सामाजिक, राजनैतिक व आर्थिक तरक्की दिलाने व उन महिलाओं को याद करने का दिन है, जिन्होंने महिलाओं को उनके अधिकार दिलाने के लिए अथक प्रयास किए। 
संयुक्त राष्ट्र संघ की भूमिका
संयुक्त राष्ट्र संघ ने महिलाओं के समानाधिकार को बढ़ावा और सुरक्षा देने के लिए विश्वभर में कुछ नीतियां, कार्यक्रम और मापदण्ड निर्धारित किए हैं। संयुक्त राष्ट्र संघ के अनुसार किसी भी समाज में उपजी सामाजिक, आर्थिक व राजनैतिक समस्याओं का निराकरण महिलाओं की साझेदारी के बिना नहीं पाया जा सकता। 
 
भारत में भी महिला दिवस व्यापक रूप से मनाया जाने लगा है। पूरे देश में इस दिन महिलाओं को समाज में उनके विशेष योगदान के लिए सम्मानित किया जाता है और समारोह आयोजित किए जाते हैं। महिलाओं के लिए काम कर रहे कई संस्थानों द्वारा जैसे अवेक, सेवा, अस्मिता, स्त्रीजन्म, जगह-जगह महिलाओं के लिए प्रशिक्षण शिविर लगाए जाते हैं, सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है। समाज, राजनीति, संगीत, फिल्म, साहित्य, शिक्षा क्षेत्रों में श्रेष्ठ प्रदर्शन के लिए महिलाओं को सम्मानित किया जाता है। कई संस्थाओं द्वारा गरीब महिलाओं को आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है।
 
भारत में महिलाओं को शिक्षा, वोट देने का अधिकार और मौलिक अधिकार प्राप्त है। धीरे-धीरे परिस्थितियां बदल रही हैं। भारत में आज महिला आर्मी, एयर फोर्स, पुलिस, आईटी, इंजीनियरिंग, चिकित्सा जैसे क्षेत्र में पुरूषों के कंधे से कंधा मिला कर चल रही हैं। माता-पिता अब बेटे-बेटियों में कोई फर्क नहीं समझते हैं। लेकिन यह सोच समाज के कुछ ही वर्ग तक सीमित है। 
 
सही मायने में महिला दिवस तब ही सार्थक होगा जब विश्व भर में महिलाओं को मानसिक व शारीरिक रूप से संपूर्ण आजादी मिलेगी, जहां उन्हें कोई प्रताड़ित नहीं करेगा, जहां उन्हें दहेज के लालच में जिंदा नहीं जलाया जाएगा, जहां कन्या भ्रूण हत्या नहीं की जाएगी, जहां बलात्कार नहीं किया जाएगा, जहां उसे बेचा नहीं जाएगा। 
 
समाज के हर महत्वपूर्ण फैसलों में उनके नजरिए को महत्वपूर्ण समझा जाएगा। तात्पर्य यह है कि उन्हें भी पुरूष के समान एक इंसान समझा जाएगा। जहां वह सिर उठा कर अपने महिला होने पर गर्व करे, न कि पश्चाताप, कि काश मैं एक लड़का होती।

Thursday, March 7, 2019

जैक की मैट्रिक 2019 बोर्ड परीक्षा में बड़े कदाचार का मामला , केन्द्राधीक्षक समेत दो निलम्बित

राजेश मेहता ၊                                                          कोडरमा। मैट्रिक की परीक्षा में हो रहे कदाचार का बड़ा मामला उजागर हुआ है। परीक्षार्थी केंद्रों पर मोबाइल भी लेकर जा रहे हैं। गुरूवार को लगभग 12 बजे दिन डीसी भुवनेश प्रताप सिंह ने जिला मुख्यालय स्थित राजकीयकृत +2 उच्च विद्यालय कोडरमा में बनाये गये। परीक्षा केंद्र का निरीक्षण किया तो वहां कमरा संख्या 9 में तलाशी के दौरान एक परीक्षार्थी राहुल चैधरी के पाकेट से मोबाइल बरामद किया गया। वहीं कमरा संख्या 22 में परीक्षार्थी धीरज कुमार के पास से चिट बरामद किया गया। मामले की गम्भीरता को देखते हुए डीसी के निर्देश पर तत्काल प्रभाव से मो. एसएम वसीम परवेज को केंद्राधीक्षक के पद से बर्खास्त करते हुए उनकी जगह पर सहायक शिक्षक उदय कुमार को केंद्राधीक्षक बनाया गया है। वहीं कमरा संख्या 9 में प्रतिनियुक्त वीक्षक निरूपमा सिंह तथा कमरा संख्या 22 में प्रतिनियुक्त वीक्षक अंशु अविनाश को वीक्षण कार्य से बर्खास्त कर दिया गया है। निरूपमा सिंह +2 उच्च विद्यालय जयनगर में अंग्रेजी की सहायक शिक्षिका और अंशु अविनाश मध्य विद्यालय लरियाडीह के सहायक शिक्षक हैं। दोनों को निलम्बित करते हुए विभागीय कार्यवाही के अधीन किया गया है, वहीं श्रीमती निरूपमा सिंह का निलम्बन अवधि में मुख्यालय जिला शिक्षा अधीक्षक कोडरमा कार्यालय और अंशु अविनाश का मुख्यालय प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी कोडरमा कार्यालय बनाया गया है। इस संबंध में जिला शिक्षा पदाधिकारी सह जिला शिक्षा अधीक्षक शिवनारायण साह ने विभागीय आदेश भी निकाला है जिसकी सूचना जैक के साथ ही उपायुक्त और अन्य वरीय अधिकारियों को दी गयी है। इसके साथ ही उक्त दोनों परीक्षार्थियों को परीक्षा से निष्कासित कर दिया गया है।

बगोदर विधायक ने किया 3 करोड70 लाख से बनने वाली पुल का शिलान्यास

अशोक कुमार की रिपोर्ट ၊                                बगोदर / गिरिडीह : -मुख्यमंत्री ग्रामसेतू योजना के अन्तर्गत बगोदर प्रखण्ड के जरमुने पुर्वी पंचायत के हरिजन टोला तथा बरांय पंचायत के नौवाडीह यमूनिया नदी में बगोदर विधायक नागेन्द्र महतो ने तीन करोड सत्तर लाख की लागत से बनने वाली पुल का विधिवत शिल्या न्यास वृस्पतिवार को नारियल फोड कर किया ၊ वहीं बगोदर विधायक नागेन्द्र महतो ने लोगों को सबोधित करते हुए कहा कि मैं इस क्षेत्र का विधायक नही बल्कि मैं जनता का सेवक हूँ, और मैंने पिछलेेे विधानसभा के चुनाव में क्षेत्र भ्रमण करने के दौरान यह वचन दिया था कि मुझे जनता एक बार सेवा करने का मौके देगी तो मैं इस नदी पर पुल का निर्माण अश्व करूगाँ जिसका मैं अपना वचन पुरा किया और आज वो सौभग्य दिन का अवसर मिला ၊ बता दे की इस जगह पुल का निर्माण होन से कई गाँवों कें लोगों का लाभ मिलेगा तथा दो पंचायत दो प्रखण्ड के साथ दो जिला के सीमावर्ति इलाके को जोडेगा मौके पर वरिष्ठ भाजपा नेता कुलदीप साव दुर्गेश कुमार, शंकर पटेल, सुधीर सिंह बंटी कुमार प्रयाग मण्डल जितेन्द्र महतो सुखदेव राणा रामजी गुप्ता मौजूद थे ၊

बांग्लादेश सरकार ने इस्कॉन संतों को भारत में प्रवेश से रोका

चौंकाने वाली खबर 🚨  बांग्लादेश ने 63 इस्कॉन भिक्षुओं को भारत में प्रवेश करने से रोका सभी के पास वैध पासपोर्ट और वीज़ा थे। आव्रज...