Saturday, March 23, 2019
लोकसभा चुनाव 2019 को लेकर बिहार महागठबंधन में हुआ सीटों का बंटवारा
Friday, March 22, 2019
इराक के मोसुल शहर के नजदीक टिगरिस नदी में नौका डूबने से कम से कम 83 लोगों की मौत
इराक के मोसुल शहर के नजदीक टिगरिस नदी में नौका डूबने से कम से कम 83 लोगों की मौत हो गई. नौका में क्षमता से अधिक लोग सवार थे जो कुर्द नयासाल मना रहे थे. अधिकारियों ने यह जानकारी दी है.
उत्तरी नाइनवेह प्रांत में नागरिक सुरक्षा के प्रमुख कर्नल हुसाम खलील ने बताया कि घटना गुरुवार को तब हुई हुई जब बड़ी संख्या में लोग नवरोज मनाने के लिये बाहर निकले थे. नवरोज कुर्द नयासाल और वसंत ऋतु के आगमन का प्रतीक है.
नक्सली वर्दी में आए अज्ञात हमलावरों ने की दो की गोली मार कर हत्या, महिला व बच्चा घायल
गुमला के कामडरा थाना क्षेत्र के टुरुनडु गांव में अज्ञात हमलावरों द्वारा की गई फायरिंग में दो लोगों की मौत हो गई जबकि एक महिला व उसका बच्चा गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना में मारा गया एक व्यक्ति घायल महिला का पति है।यह घटना गुरूवार को उस समय घटी जब ये लोग अपने घर के आंगन में थे। तभी हमलावर आए और फायरिंग करने लगे,घटना की सूचना पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जानकारी ली।
गुमला पुलिस ने घायल मां-बेटे को कामडरा पीएचसी में भर्ती कराया है. घायल महिला व बच्चे ने बताया कि जो हमलावर फायरिंग कर रहा था वह नक्सली वर्दी पहने हुए था।घर में अचानक आकर फायरिंग करने लगे। घायलों ने किसी भी प्रकार की दुश्मनी होने से इंकार किया है, पर पुलिस को लग रहा है कि कोई बात तो जरूर होगी, जो इस तरह हमला किया गया. पुलिस इसे लोकसभा चुनाव से पूर्व नक्सलियों की ओर से दहशत फैलाने वाली हरकत भी मान रहे हैं. पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
Thursday, March 21, 2019
गुजरात के अहमदाबाद मे TV9 के कॉपी एडिटर पत्रकार चिराग पटेल की हत्या
Wednesday, March 20, 2019
धनबाद कांग्रेस उपाध्यक्ष ने की छात्रा की अस्मत लूटने की कोशिश, शिकायत बाद भूमिगत
धनबाद। धनबाद जिला कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष मनोज सिंह पर एक छात्रा की इज्जत लूटने की कोशिश का आरोप लगा है। छात्रा की शिकायत के बाद वह भूमिगत हो गए हैं।
क्या है मामलाः मनोज सिंह धनबाद के मनोरम नगर स्थित अपने आवास में हॉस्टल का संचालन करते हैं। आरोप लगाने वाली छात्रा हॉस्टल में रहती है। धनबाद के एक कॉलेज में स्नातक की छात्रा है। वह प. बंगाल की रहने वाली है। होली की छुट्टी के कारण ज्यादातर लड़कियां हॉस्टल से अपने घर चली गईं हैं। मंगलवार की रात तीन लड़कियां हॉस्टल में थीं। धनबाद थाना में शिकायत दर्ज कराने वाली लड़की का कहना है कि वह अपने कमरे में अकेले थी। आधी रात को मनोज सिंह ने उसके कमरे की खिड़की से नोट का बंडल फेंका। वह डर गई। किसी तरह का रिस्पांस नहीं देने मनोज ने दरवाजा खोलने को कहा। वह जोर-जोर से दरवाजा पीट रहे थे। छात्रा का कहना है कि उसने हिम्मत कर शोर मचाया। शोर सुन हॉस्टल की दो अन्य छात्राएं भी चिल्लाने लगी। इसके बाद मनोज सिंह भाग गए।
मनोज सिंह के लड़के से पूछताछः घटना की जानकारी मिलने के बाद बुधवार सुबह अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से जुड़े छात्रों ने पीडि़ता से मुलाकात की। छात्रा को लेकर शिकायत दर्ज कराने धनबाद थाना पहुंचे। लिखित शिकायत के बाद पुलिस ने मनोज सिंह की तलाश शुरू कर दी है। पुलिस मनोज उनके घर पहुंची तो वह गायब थे। पुलिस उनके लड़के को लेकर धनबाद थाना पहुंची। पूछताछ करने के बाद लड़के को थाने से छोड़ दिया गया।
शिकायत बाद छात्रा घर चली गईः छात्रा बुधवार को दिनभर धनबाद महिला थाने में बैठी रही। उसने पुलिस को लिखित शिकायत दी है। शाम को वह अपने घर प. बंगाल चली गई।
छात्रा ने कांग्रेस नेता मनोज सिंह के खिलाफ लिखित शिकायत दी है। पुलिस मनोज सिंह के घर पर गई थी वह नहीं मिले। जांच की जा रही है। जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी। उपरोक्त जानकारी एम गुड़िया, थाना प्रभारी, धनबाद महिला थाना ने मीडिया को दी ၊
A total of 128 people died in 42 plane crashes
A total of 128 people died in 42 plane crashes and accidents that occurred in Russia in 2018, the Interstate Aviation Committee (IAC) said in a report published on Wednesday.
In 2017, 51 people died in 39 accidents.
Three-quarters of all accidents in 2018 were blamed on human error.
The IAC previously named 2016 as a record-setting year with 63 accidents in Russia and 11 other post-Soviet countries.
जरा सम्भल कर मनाएं होली, की महिलाओं से छेड़छाड़ तो जाना पड़ सकता है जेल
होली का त्योहार रंग और उल्लास से भरा होता है. इस त्योहार पर लोग जमकर होली खेलते हैं. एक दूसरे को रंगों से सराबोर कर देते हैं. लेकिन इस त्योहार के जोश में आप जाने अनजाने कानूनी पचड़े में भी पड़ सकते हैं. क्योंकि होली पर अक्सर महिलाएं भी खूब रंग खेलती हैं. ऐसे में यदि कोई पुरुष उनके साथ जोर जबरदस्ती करे. या उनको आपत्तिजनक तरीके से छूने की कोशिश करे तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई भी हो सकती है.
दरअसल, भारतीय दंड सहिंता यानी IPC महिलाओं को विशेष सुरक्षा प्रदान करता है. इसलिए त्योहार पर भी उनके साथ कोई जोर जबरदस्ती करना किसी को भी महंगा पड़ सकता है. महिलाओें के साथ-साथ बच्चों के साथ भी जोर जबरदस्ती या छेड़छाड़ या उत्पीड़न के मामले में भी सख्त कार्रवाई हो सकती है. पुलिस महिलाओं के साथ होने वाले ऐसे मामलों में आरोपी के खिलाफ धारा 354 के तहत मुकदमा दर्ज करती है. आइए पहले जानते हैं आईपीसी की धारा 354 के बारे में.
क्या है IPC की धारा 354
भारतीय दंड संहिता की धारा 354 का इस्तेमाल ऐसे मामलों में किया जाता है. जहां स्त्री की मर्यादा और मान सम्मान को क्षति पहुंचाने के लिए उनके साथ जोर जबरदस्ती की जाए. उनको गलत नीयत से छुआ जाए. या उन पर आपत्तिजनक टिप्पणी की जाए या फिर बुरी नीयत से हमला किया जाए. गलत मंशा के साथ महिलाओं से किया गया बर्ताव भी इसी धारा के दायरे में आता है.
क्या होती है सजा
भारतीय दंड संहिता के मुताबिक यदि कोई व्यक्ति किसी महिला की मर्यादा को भंग करने के लिए उस पर हमला या जोर जबरदस्ती करता है, तो उस पर आईपीसी की धारा 354 लगाई जाती है. जिसके तहत आरोपी पर दोष सिद्ध हो जाने पर दो साल तक की कैद या जुर्माना या फिर दोनों की सजा हो सकती है.
क्या होता है पॉक्सो एक्ट?
बच्चों के साथ जोर जबरदस्ती या छेड़छाड़ या उत्पीड़न के मामले में पॉक्सो एक्ट के तहत कार्रवाई की जाती है. ये शब्द अंग्रेजी से आता है. इसका पूर्णकालिक मतलब होता है प्रोटेक्शन आफ चिल्ड्रेन फ्राम सेक्सुअल अफेंसेस एक्ट 2012 यानी लैंगिक उत्पीड़न से बच्चों के संरक्षण का अधिनियम 2012. इस एक्ट के तहत नाबालिग बच्चों के साथ होने वाले यौन अपराध और छेड़छाड़ के मामलों में कार्रवाई की जाती है.
यह एक्ट बच्चों को सेक्सुअल हैरेसमेंट, सेक्सुअल असॉल्ट और पोर्नोग्राफी जैसे गंभीर अपराधों से सुरक्षा प्रदान करता है. पॉक्सो एक्ट की धारा 5 एफ, 6, 7, 8 और 17, किसी शैक्षिक संस्थान में बाल यौन उत्पीड़न से सबंधित है. अगर किसी के खिलाफ पॉक्सो एक्ट के तहत कार्रवाई होती है, तो आरोपी को तुरंत गिरफ्तार किया जाता है. इस एक्ट के तहत धरे गए आरोपी को जमानत भी नहीं मिलती है. इस एक्ट में पीड़ित बच्ची या बच्चे के प्रोटेक्शन का भी प्रावधान हैं.
क्या है भारतीय दंड संहिता
भारतीय दण्ड संहिता यानी Indian Penal Code, IPC भारत में यहां के किसी भी नागरिक द्वारा किये गये कुछ अपराधों की परिभाषा औ दण्ड का प्राविधान करती है. लेकिन यह जम्मू एवं कश्मीर और भारत की सेना पर लागू नहीं होती है. जम्मू एवं कश्मीर में इसके स्थान पर रणबीर दंड संहिता (RPC) लागू होती है.
अंग्रेजों की देन है IPC:
भारतीय दण्ड संहिता यानी आईपीसी सन् 1862 में ब्रिटिश काल के दौरान लागू हुई थी. इसके बाद समय-समय पर इसमें संशोधन होते रहे. विशेषकर भारत के स्वतन्त्र होने के बाद इसमें बड़ा बदलाव किया गया. पाकिस्तान और बांग्लादेश ने भी भारतीय दण्ड संहिता को ही अपनाया. लगभग इसी रूप में यह विधान तत्कालीन ब्रिटिश सत्ता के अधीन आने वाले बर्मा, श्रीलंका, मलेशिया, सिंगापुर, ब्रुनेई आदि में भी लागू कर दिया गया था.
बांग्लादेश सरकार ने इस्कॉन संतों को भारत में प्रवेश से रोका
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