Sunday, April 14, 2019

चिल्ला चिल्ली वाले, टेलीविज़न वाले, कई सज्जन, खुद ही सवाल करते हैं और खुद ही जवाब भी देते हैं,यह कैसे पत्रकार हैं!!

चिल्ला चिल्ली वाले, टेलीविज़न वाले, कई सज्जन, खुद ही सवाल करते हैं और खुद ही जवाब भी देते हैं । इन्हे पत्रकार कहना तो उचित नहीं लगता इसलिए सज्जन शब्द ही उचित है क्यूंकि अभी भी बहुत से अच्छे पत्रकार हैं जो मीडिया की गरिमा को बनाये हुए हैं । मीडिया की प्रतिष्ठा और विश्वसनीयता गिराने में सबसे ज्यादा योगदान इसी तरह के लोगो ने किया है।


खुद पर प्रश्न उठते ही भृकुटी क्यों तन जाती है ? अगर कोई उनसे प्रश्न कर ले तो पूरी भाव भंगिमा एक बिगड़े हुए राजनीतिज्ञ जैसी हो जाती है। अगर आपको दूसरो को ऐसी तैसी करने में मज़ा आता है तो वह सुख लेने का दूसरो को भी तो अधिकार है। क्यों होड़ लगी है आप में लोगो में चिल्ला चिल्ला कर अपने सोच थोपने की।


ये कौन सा तरीका है बहस करवाने का। क्या प्रजातंत्र में ऐसे ही बहस होनी चाहिए। बाकायदा झगड़ा करवाया जाता है लोगो को भड़का कर। पत्रकारों का काम है एक आयने जैसे जो हो रहा है उसे दिखाना न कि कुछ लोगो की सोच का ढोल पीटना। हर कोई देख सकता है कि पूरा का पूरा प्लेटफार्म किस तरह से कुछ गिने चुने लोगो को दे दिया गया है। राजनैतिक पार्टियों के लोगो के बात तो समझ में आती है लेकिन अब जनता की बात रखने वाले कुछ खास नाम और चेहरे ही हैं जिनको जनता सुन सुन कर थक चुकी है।


चिल्ला चिल्ली वाले दोस्तों, कृपया जनता के बीच जाइये और करिये कुछ गंभीर चर्च। वहां भी झगड़ा न करवाइये बहस के नाम पर। पहले आयना खुद को दिखाईये और फिर दूसरो को।


राजीव तिवारी 

फाउंडर, मीडिया नेटवर्क,पूर्व जनरल मैनेजर एवं प्रकाशक इंडियन एक्सप्रेस, दिल्ली

Saturday, April 13, 2019

AMU की फेक आईडी बनाकर कांग्रेस का हो रहा था प्रचार, सामने आई ये हकीकत

 उत्तर प्रदेश में स्थित अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (एएमयू) की फेसबुक आईडी से कांग्रेस का प्रचार करने का मामला सामने आया है। सोशल मीडिया पर वायरल होती खबर में इस आईडी से पहले चरण के लिए हुए मतदान का जिक्र करते हुए वोट करने की अपील की गई थी। हालांकि इस मामले में एएमयू प्रशासन ने कहा कि जिस फेसबुक आईडी से ये खबर शेयर की गई वह यूनिवर्सिटी की नहीं हैं। साथ ही प्रशासन की ओर से ये भी कहा कि एएमयू की आधिकारिक आईडी अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी न्यूज के नाम से है जोकि वोट के लिए अपील नहीं करती।

 क्या है मामला: बता दें कि सोशल मीडिया पर अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी नाम से एक पेज वायरल हो रहा था जिसमें आरोप है कि चुनाव के दौरान ये पेज कांग्रेस का प्रचार कर रहा है। इस दौरान पेज से एक अपील की गई कि लोग अधिक से अधिक मतदान करें। लोगों से लोकतंत्र के महापर्व में शामिल होने की बात कही थी। फेसबुक पेज के माध्यम से दो फोटो शेयर की गई जिसमें से एक पर कांग्रेस का निशान था।

 एएमयू ने किया खंडन: बता दें कि जब इस बारे में एएमयू प्रशासन से बात की गई तो एएमयू के पीआरओ उमर सलीम पीरजादा ने बताया कि जिस फेसबुक आईडी की बात कही जा रही है वह यूनिवर्सिटी की नहीं हैं। उन्होंने कहा कि एएमयू एक शैक्षणिक संस्था है और ये वोट के लिए अपील नहीं करती है।


क्षेत्र भ्रमण के दौरान अन्नपुर्णा देवी पहुँची बगोदर विधायक नागेन्द्र महतो के पास, कार्यकर्ताओ ने किया भव्य स्वागत

  

बगोदर/गिरिडीह:-कोडरमा लोकसभा की भाजपा प्रत्याशी अन्नपूर्णा देवी शुक्रवार देर शाम बगोदर विधायक नागेन्द्र महतो के पैतृक आवास खेतको पहूंची ।जहां भाजपा कार्यकर्ताओं ने भव्य स्वागत किया।इस दौरान कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए अन्नपूर्णा देवी ने कहा कि मै आपलोगों के बीच बेटी,बहु व बहन बनकर आई हूँ,भाजपा ने मेरी उपर आस्था जताते हुए कोडरमा लोकसभा से  प्रत्याशी बनाया है।उन्होंने मोदी सरकार के कार्यो की  प्रशंसा करते हुए  कहा कि राष्ट्र मे मजबूत सरकार के लिए मोदी दोबारा आएंगे और भाजपा का  नारा है कि इस बार लोकसभा की चुनाव मे 400 सौ से अधिक सांसद लाना है ၊ जिसके तहत क्षेत्र को कार्यकर्ता पूर जोर शोर से लगे हुए।वहीं वर्तमान सांसद रविन्द्र कुमार राय के बारे मे कहा कि वे  मेरे बड़े भाई है और पार्टी के लिए निष्ठावन बेहतर कार्य करेगें।वहीं विधायक नागेन्द्र  महतो ने कहा कि कार्यकर्ता मोदी के प्रति समर्पित है, और भारत के प्रधानमंत्री दोबा मोदी ही बनेगें, जिसे लेकर कार्यकर्ता काफी उत्साहित हैं । मौके पर बरकट्ठा के पूर्व विधायक अमित यादव,भाजयुमो जिला अध्यक्ष अशीष कुमार बार्डर,भाजयुमो कार्यसमिति सदस्य प्रवीण कुमार शशि कुमार दिपू मंडल समेत काफी संख्या मे बगोदर  व कई भाजपा कार्यकर्ता शामिल थे ।  


फोटो:-कार्यक्रम में लोकसभा प्रत्याशी अन्नपूर्णा देवी व विधायक नागेन्द्र महतो व अन्य   

शुक्रवार को 5 प्रत्याशियों ने किया नामांकन, 11 नामांकन पत्र बिके

5-कोडरमा, 8-रांची, 11-खूंटी (एसटी) और 14- हजारीबाग* लोकसभा सीट के लिए चल रही है नामांकन प्रक्रिया

- अबतक कुल 7 प्रत्याशियों द्वारा किया गया है नामांकन, बिके हैं 47 नामांकन पत्र

झारखण्ड में दूसरे चरण में ( भारत निर्वाचन आयोग का पांचवा चरण ) 5-कोडरमा, 8 –रांची, 11-खूंटी (एसटी) और 14- हजारीबाग लोकसभा सीट के लिए चल रही नामांकन प्रक्रिया के दूसरे दिन  दिनांक 12 अप्रैल को 11 नामांकन पत्रों की बिक्री हुई ၊ जबकि 5 प्रत्यशियों द्वारा नामांकन पत्र दाखिल किया गया. इस तरह इन चार लोकसभा सीटों के लिए अब तक कुल 47 नामांकन पत्र बिक चुके हैं और 7 प्रत्याशियों ने नामांकन पत्र दाखिल किया है. इन चार सीटों के लिए नामांकन की प्रक्रिया 18 अप्रैल तक चलेगी. नामांकन पत्रों की स्क्रूटनी 20 अप्रैल को होगी, जबकि 22 अप्रैल नाम वापस की अंतिम तिथि है. इन सीटों के लिए 6 मई को मतदान होगा. 

5- कोडरमा सीट के लिए बिका 1 नामांकन पत्र, कोई नामांकन नहीं

5- कोडरमा सीट के लिए दिनांक 12 अप्रैल को 1 नामांकन पत्र बिका जबकि किसी प्रत्याशी ने नामांकन पत्र दाखिल नहीं किया गया. इस तरह अबतक 10 नामांकन पत्रों की बिक्री हो चुकी है और 1 प्रत्याशी ने पर्चा दाखिल किया है.


8- रांची सीट के लिए  बिके 2 नामांकन पत्र, 2 ने भरा पर्चा 

8- रांची सीट के लिए नामांकन प्रक्रिया के दूसरे दिन  दिनांक 12 अप्रैल को 2 नामांकन पत्र बिके, जबकि 2 निर्दलीय प्रत्याशियों ने नामांकन पत्र दाखिल किया. इस तरह अबतक 16 नामांकन पत्रों की बिक्री हो चुकी है और 2 प्रत्याशियों द्वारा नामांकन पत्र दाखिल किया गया है. 


11- खूंटी (एसटी) सीट के लिए 1 प्रत्याशी ने भरा नामांकन पत्र

11- खूंटी सीट (एसटी) के लिए नामांकन प्रक्रिया के तीसरे दिन दिनांक 12 अप्रैल को 3 नामांकन पत्र बिके, जबकि 1 प्रत्याशी  ने नामांकन पत्र दाखिल  किया. इस तरह अबतक 12 नामांकन पत्रों की बिक्री हो चुकी है और 1 प्रत्याशी द्वारा नामांकन पत्र दाखिल किया गया है. 


14- हजारीबाग सीट के लिए बिके 5 नामांकन पत्र, 2 ने किया नामांकन

11- हजारीबाग सीट के लिए चल रही नामांकन प्रक्रिया के तीसरे दिन आज दिनांक 12 अप्रैल को 5 नामांकन पत्र बिके, जबकि 2 प्रत्याशी ने नामांकन पत्र दाखिल किया.  श्री राजेश रंजन, एसयूसीआई (COMMUNIST) और मोहम्मद मोईन्उद्दीन अहमद (निर्दलीय) ने नामांकन पत्र दाखिल किया. इस तरह अबतक 9 नामांकन पत्रों की बिक्री हो चुकी है और 3 प्रत्याशी ने पर्चा दाखिल किया है.

लोकसभा सीट नामांकन पत्रों की बिक्री दाखिल किए गए नामांकन पत्र

12 अप्रैल तक कुल 12 अप्रैल कुल

(5) कोडरमा 01 (एक) 10 (दस ) 00 (शून्य) 01 (एक)

(8) रांची 02 (दो) 16 (सोलह) 02 (दो) 02 (दो)

(11) खूंटी (एसटी) 03 (एक) 12 (बारह ) 01 (एक) 01 (एक)

14- हजारीबाग 05 (पांच) 09 (नौ ) 02 (दो) 03 (तीन )

कुल 11 (ग्यारह) 47 (सैंतालीस) 05 (पांच) 07 (सात)

Friday, April 12, 2019

रामनवमी पर बजरंग दल ने निकाली भव्य शोभा यात्रा रैली, मंत्री और अध्यक्ष ने भगवा झंडा दिखाकर किया रवाना

राजेश मेहता ၊ 

डोमचाँच । शिक्षा मंत्री सह कोडरमा के विधायक नीरा यादव और डोमचाँच नगर पंचायत अध्यक्ष राजकुमार मेहता  ने बजरंग दल की शोभा यात्रा रैली को भगवा झंडा दिखाकर रवाना किया।  डोमचांच में बजरंग दल ने शुक्रवार को हजारों की संख्या में कार्यकर्ता के साथ भब्य जनसमूह के साथ रैली निकाली। जिसमें बालिकाओ ने भी भाग लिया रैली की शुरुआत चंद्रावती स्मारक उच्च विद्यालय के प्रांगण से की गई जो गिरिडीह रोड, महेशपुर , नवलशाही, पचगांव, फुलवरिया बेहराडीह ,मसनोडीह, नवाडीह , शिव सागर, ढाब रोड, शहीद चौक  सहित पूरे नगर का भ्रमण किया रैली में लगभग 15 सौ से अधिक मोटरसाइकिल शामिल रहे।

 यहां शोभायात्रा के आकर्षक के केंद्र रही। वहीं सुरक्षा की कमान  एसडीएम  विजय वर्मा  एसडीपीओ  राजेंद्र प्रसाद  डोमचांच वीडियो में  मनीष कुमार  इंस्पेक्टर  और  डोमचांच थाना प्रभारी  विनोद कुमार  समेत भारी संख्या में सुरक्षा बल के जवान भी मौजूद रहे । इस रैली के दौरान प्रशासनिक व्यवस्था चुस्त-दुरुस्त रही । वहीं डोमचांच थाना प्रभारी विनोद कुमार ने कहा की कमेटी द्वारा ताई मार्ग से चलें ताकि किसी को आने जाने मे कोई समस्या नहीं और लोग अपने सयंम का परिचय दें क्योंकि भगवान श्री राम जी इनके सबसे बड़ा उदाहरण है ।

 मौके पर रैली में दल के जिला अध्यक्ष अरविंद सिंह, हजारीबाग विभाग मंत्री मनोज चंद्रवंशी ,जिला मंत्री अजय वर्मा, सह संयोजक अविनाश सिंह, डोमचांच अध्यक्ष रामकुमार मोदी, सह संयोजक राजेश राज, वित्त मंत्री पप्पू साहू, लखन राणा, पंकज मेहता,समाजसेवी  उमेश वर्मा. नवीन, बालचंद कुमार मेहता, रजनीश कुमार ,किरण प्रकाश कुमार , राजीव, अंशुमान, बीरेंद्र कराटे, बीरेंद्र कुमार, राजेन्द्र राज, मुकेश पांडेय, सोनू कुमार, श्यामसुंदर यादव, रोहित, माही, मुरली प्रेमचंद मेहता आदि लोग कार्यक्रम को सफल बनाने में योगदान दिया।

लोक सभा चुनाव 2019: चुनावी भाषण से गायब स्थानीय मुद्दा बन गया है चर्चा का विषय

नूर आलम, वरिष्ठ पत्रकार बेगूसराय ၊

इस बार का लोकसभा चुनाव अब तक हुए सभी चुनावों से बिल्कुल ही अलग-थलग दिख रहा है। देश भर की नजर बेगूसराय पर टिकी है। देश के विभिन्न कोने से लोग आकर यहां प्रचार कर रहे हैं। मीडिया का जमावड़ा लगा हुआ है। भाषणों का दौर जारी है, वायदे लगातार हो रहे हैं। लेकिन इन सबके बीच स्थानीय मुद्दा बिल्कुल ही गायब हो गया है। सब के सब राष्ट्रवाद, मोदी भगाओ, लालू यादव को जेल से निकालो, लोकतंत्र को बचाना है ,पर ही टिक गए।                                                                                             

   बेगूसराय के किसी भी कॉलेज में पूरी संख्या में प्रोफेसर  की कमी, बेगूसराय में एयरपोर्ट से उड़ान भरना, छतौना का अधूरा पूल, प्रधानमंत्री सड़क योजना से दस साल पूर्व से अधूरी सड़क, दियारा के विकास पर नहीं बोल रहे हैं। कोई नहीं बोल रहे हैं कि जिला में तीन सौ से अधिक नलकूप ठप है और वर्षों से किसान मंहगी सिंचाई कर रहे हैं। कोई नहीं बोल रहे हैं कि बूढ़ी गंडक नदी के छतौना घाट पर वर्षों से पहुंच के अभाव में हाथी का दांत बना पुल कब चालू होगा। किसी भाषण में सुनने में नहीं आ रहा है कि हम गढ़हारा के बेकार पड़े करीब 22 सौ एकड़ जमीन पर पुन: रेल विकास की संभावना की तलाश करेंगे। कोई नहीं बोल रहा कि बेगूसराय से अच्छे राजस्व देने वाली वैशाली सुपरफास्ट एक्सप्रेस बरौनी से पूर्णियां चला गया। कोई नहीं बोल रहे हैं की काबर झील का उद्धार होगा। किसी नेताओं के मुंह से यह बात नहीं निकल रहा है की हम काबर के किसानों के जमीन की खरीद बिक्री पर लगे रोक को दूर करेंगे। ललित नारायण मिश्र के सपनों का बरौनी-हसनपुर रेल लाइन निर्माण कार्य की शुरुआत करेंगे। बिहार के औद्योगिक राजधानी बेगूसराय जिला मुख्यालय के स्टेशन से थ्रू-पास करने वाली एक दर्जन गाड़ी का स्टॉपेज होगा। 

शाम्हो और चमथा दियारा में कृषि क्षेत्र में व्याप्त संभावनाओं का विकास कर कृषि प्रसंस्करण उद्योगों की स्थापना होगी। नौला में ठप हो चुके बराज में फिर से पानी पहुंचाएंगे। चंद्रभागा का उद्धार करेंगे। भ्रष्टाचार के खात्मे की सब कर रहे हैं। जबकि लोग चाह रहे हैं नेता बोलें की प्रखंड कार्यालय में बगैर सौ-पचास दिए ही प्रमाण पत्र बन जाएगा। जनप्रतिनिधियों को दो हजार दिए बिना ही शौचालय बन जाएगा। 20 से 30 हजार दिए बिना ही आवास योजना का लाभ मिल जाएगा। बगैर चाय पिलाये पेंशन शुरू हो जाएगा। लोग जानना चाह रहे हैं कि सांसद बनने के बाद हमारे नेता बगैर घूस लिए काम नहीं करने वाले जनप्रतिनिधि और निचले स्तर के कर्मचारियों-अधिकारियों पर कैसे कार्रवाई करेंगे। आज भी बैंकों में लोगों की भीड़ सुबह से शाम तक लगी रहती है। पर्याप्त संख्या में रेल नहीं चलने के कारण बोगियों में मारा मारी की स्थिति रहती है। कॉलेज में सभी प्रोफेसर और स्कूल में अधिकतर शिक्षक दिनभर मोबाइल में व्यस्त रहकर बगैर पढ़ाये वेतन ले रहे हैं। सरकारी डॉक्टर की ड्यूटी अस्पताल के बदले क्लिनिक में पूरी हो रही है। अस्पताल में सभी तरह की दवाई नहीं दी जा रही है।  कुल मिलाकर इस चुनाव में धरातलीय स्तर पर व्याप्त स्थानीय मुद्दा पूरी तरह से गायब हो गया है। सिर्फ और सिर्फ राष्ट्रीय स्तर पर बातें अटक कर रह गई है।

पहले चरण में लगभग शांतिपूर्ण रहा मतदान- बिहार में सबसे कम और पश्चिम बंगाल में सर्वाधिक मतदान


पहले चरण में लगभग शांतिपूर्ण रहा मतदान- बिहार में सबसे कम और पश्चिम बंगाल में सर्वाधिक मतदान

पहले चरण में लगभग शांतिपूर्ण रहा मतदान- बिहार में सबसे कम और पश्चिम बंगाल में सर्वाधिक मतदान

 

- मतदान के दौरान गड़बड़ी से जुड़ी विभिन्न राजनीतिक दलों की शिकायतों की आयोग शुक्रवार को दिन में 11 बजे समीक्षा करेगा. 

- इस दौरान राजनीतिक दलों को अपना पक्ष रखने का मौका दिया जायेगा : 

(उप चुनाव आयुक्त- उमेेेेश सिंहा)

 

नई-दिल्ली: लोकसभा चुनाव के पहले चरण के लिये बृहस्पतिवार को 20 राज्यों की 91 सीटों के लिये मतदान लगभग शांति पूर्ण रहा।

 

शाम पांच बजे तक के आंकड़ों के अनुसार बिहार में सबसे कम 50 प्रतिशत मतदान और पश्चिम बंगाल में सर्वाधिक 81 प्रतिशत मतदान रहा। 

 

उप चुनाव आयुक्त उमेश सिंहा ने संवाददाता सम्मेलन में बताया कि पहले चरण के चुनाव में मतदान का स्तर सामान्य रहा। सिंहा ने कहा कि अंतिम आंकड़े आने तक यह स्तर पिछले चुनाव की तुलना में लगभग बराबर ही होगा। उन्होंने कहा कि सभी 20 राज्यों की मतदान वाली सीटों पर सामान्य रूप से शांतिपूर्ण मतदान रहा। कुछ इलाकों में हिसा और बाधा पहुंचाने की शिकायतें जरूर मिली जिन्हें तत्काल दूर कर दिया गया। 

 

उन्होंने बताया कि पहले चरण में 91 सीटों पर कुल 1239 उम्मीदवार चुनाव मैदान में है। इनमें जिन राज्यों की सभी लोकसभा सीटों पर मतदान हुआ उनमें आंध्र प्रदेश की 25 सीटों पर शाम पांच बजे तक 66 प्रतिशत और तेलंगाना की 17 सीटों पर 60 प्रतिशत मतदान हुआ। जबकि संयुक्त आंध्र प्रदेश में 2014 के चुनाव में 76.64 प्रतिशत मतदान हुआ था।

 

इसके अलावा उत्तराखंड की पांच सीटों पर 57.85 प्रतिशत मतदान हुआ। राज्य में 2014 में 62.15 प्रतिशत मतदान हुआ था।

 

अरुणाचल प्रदेश की दो सीटों पर 66 प्रतिशत मतदान रहा। राज्य में 2014 में मतदान का स्तर 80 प्रतिशत था।

 

मेघालय की दो सीटों पर शाम छह बजे तक 67.1 प्रतिशत हुआ और पिछली बार 68 प्रतिशत मतदान हुआ था। 

 

पहले चरण के मतदान वाले अन्य प्रमुख राज्यों में उत्तर प्रदेश की आठ सीटों पर शाम पांच बजे तक 63.69 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। छत्तीसगढ़ की बस्तर सीट पर 56 प्रतिशत मतदान हुआ। पिछले चुनाव में इस सीट पर 69.39 प्रतिशत मतदान हुआ था। 

 

सिंहा ने बताया कि बस्तर इलाके में दंतेवाड़ा और नारायणपुर क्षेत्र में हिंसा और मतदान में बाधा पहुंचाने की कोशिश की गयीं, लेकिन सुरक्षा बलों ने इन्हें नाकाम कर दिया। उन्होंने बताया दंतेवाड़ा के श्यामगिरि मतदान केन्द्र पर 77.7 प्रतिशत मतदान हुआ। इस इलाके में ही मंगलवार को नक्सली हमले में स्थानीय विधायक सहित पांच लोगों की मौत हो गयी थी। 

 

इसके अलावा जम्मू कश्मीर की दो सीटों बारामूला और जम्मू पर मतदान शांतिपूर्ण रहा। जम्मू सीट पर 72.16 प्रतिशत और बारामूला पर 35.01 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। 

 

पहले चरण में महाराष्ट्र की सात लोकसभा सीटों पर शाम पांच बजे तक 56 प्रतिशत मतदान हुआ। राज्य में गढ़चिरौली सीट पर चार मतदान केन्द्रों पर मतदान-कर्मियों के नहीं पहुंच पाने के कारण मतदान स्थगित करना पड़ा। 

 

इसके अलावा उड़ीसा की चार लोकसभा सीटों पर शाम पांच बजे 68 प्रतिशत मतदान हुआ। सिंहा ने बताया कि इन सभी सीटों पर मतदान के अंतिम आंकड़े अभी आने बाकी हैं। इसके बाद ही इन सीटों पर पिछले चुनाव की तुलना में मतदान के स्तर का आकलन किया जा सकेगा। 

 

सिंहा ने कहा कि एक-एक सीट वाले राज्य मिजोरम में 60 प्रतिशत (2014 में 61.95प्रतिशत), नगालैंड में 78 प्रतिशत (2014 में 87.91 प्रतिशत), सिक्किम 69 प्रतिशत (2014 में 83.64प्रतिशत) और लक्षदीप में 66 प्रतिशत (2014 में 86 प्रतिशत) मतदान रहा। उल्लेखनीय है कि इन सभी राज्यों में पिछले चुनाव की तुलना में मतदान का स्तर कम रहा। 

 

ईवीएम में गड़बड़ी के बारे में उन्होंने बताया कि सभी 91 सीटों पर मतदान के दौरान तकनीकी बाधाओं के कारण 1.7 प्रतिशत ईवीएम मशीनों को बदलना पड़ा। जबकि 1.04 प्रतिशत कंट्रोल यूनिट और 1.61 प्रतिशत वीवीपेट मशीनें बदली गयीं। 

 

उन्होंने कहा कि मतदान के दौरान गड़बड़ी से जुड़ी विभिन्न राजनीतिक दलों की शिकायतों की आयोग शुक्रवार को दिन में 11 बजे समीक्षा करेगा। इस दौरान राजनीतिक दलों को अपना पक्ष रखने का मौका दिया जायेगा। 

 

सिंहा ने कहा कि मतदान के दौरान ईवीएम को क्षतिग्रस्त करने के कुल 15 मामले सामने आये। इनमें छह आंध्र प्रदेश और एक एक बिहार एवं पश्चिम बंगाल में रहा। इनमें आयोग ने कानूनी कार्रवाई की है। 

 

बांग्लादेश सरकार ने इस्कॉन संतों को भारत में प्रवेश से रोका

चौंकाने वाली खबर 🚨  बांग्लादेश ने 63 इस्कॉन भिक्षुओं को भारत में प्रवेश करने से रोका सभी के पास वैध पासपोर्ट और वीज़ा थे। आव्रज...