Tuesday, May 21, 2019

कार पर गोबर लीपकर तपती गर्मी में बना लिया इसे कूल

देश में क्रिएटिव लोगों की कमी नहीं है और सोशल मीडिया पर कब क्या वायरल होने लग जाए इसकी कोई गारंटी नहीं है। ऐसे में गर्मी को मात देने के लिए क्रिएटिविटी का एक उदाहरण सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। दरअसल कुछ फोटोज सोशल मीडिया पर काफी शेयर की जा रही हैं जिसमें एक कार को गोबर से पूरी तरह लेपा गया है। यानी एक तरह से कार पर गोबर की कोटिंग कर दी गई है। कार की फोटो और फेसबुक पोस्ट सोशल मीडिया पर जमकर शेयर किया जा रहा है। वहीं पोस्ट पर एक कमेंट के मुताबिक कार रमणीकलाल शाह की है।         किसकी है यह कार: फेसबुक पोस्ट के मुताबिक शख्स का नाम रूपेश दास है। जिसने कार पर गोबर की कोटिंग का फोटो पोस्ट किया है। वहीं रुपेश ने फोटो पोस्ट करने के साथ ही एक कैप्शन लिखा है। रुपेश ने लिखा है- ‘मैनें गाय के गोबर का इससे बढ़िया प्रयोग कभी नहीं देखा है। 45 डिग्री के इस तापमान में अपनी कार को कूल रखने के लिए मिसेज सेजल शाह ने अपनी कार को गाय के गोबर से कवर किया है।’

कौनसी कार पर की गोबर की कोटिंग: जानकारी के मुताबिक जिस कार पर कोटिंग की गई है वो टोयोटा की लग्जरी सिडान कार Corolla Altis है, हालांकि ये पुरान मॉडल है। इस कार की शुरुआती कीमत करीब 16.45 लाख रुपए है।

पेयजलापूर्ति हेतु लगे हैण्ड पंप बने केवल हाथी के दांत , जमकर हुई झोल का खामियाजा भुगत रही प्यासी जनता



गिरिडीह ၊ एक ओर सरकार द्वारा जन सुविधाओं को ले पेयजल आपूर्ति के दृष्टिकोण से विभिन्न स्थानों पर हैण्ड पम्प लगवाए गए हैं ,किंतु दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति यह है कि इस तपती भीषण गर्मी में अधिकांश चापाकल खराब पड़े हैं ၊ जो हाथी के दांत बनकर रह गये हैं ,दिखाने के और जबकि खाने के और ၊              

                                                                         गौरतलब है कि राज्य सरकार ने ग्रामीण क्षेत्र में जनता के लिए पेयजल आपूर्ति निश्चित किये जाने को ले जगह जगह हैण्ड पम्प लगवाये हैं ,आश्चर्यजनक तथ्य है कि इससे भले ग्रामीण जनता की प्यास नहीं बुझी हो , लेकिन संवेदक के अवश्य पौ बारह हो चुके हैं ၊ उन्होंने इन हैण्ड पंप के इन्स्टॉस्टॉलेशन में स्थानीय बाजार में उपलब्ध निम्नतम स्तर की सामग्री केस इन , बॉल्व इत्यादि जो लगाए हैं ၊ इस सम्बन्ध में एक चापाकल तकनीशियन ने रहस्योद्घाटन किया है कि केसिन की घटिया क्वालिटी के कारण वह कुछ ही दिनों में जमीन के अंदर सड़ जाते हैं , बॉल्व खराब हो जाते हैं ၊ बताया जा रहा है कि प्रखण्ड में  हैण्ड पंपों को लगाने हेतु भूमिगत बोरिंग भी निर्धारित मात्रा से कम तथा कम चौड़ी की गई है ၊ पूर्व एसडीएम श्री ज्ञान प्रकाश मिंज ने इस सम्बन्ध में बताया था कि यह कार्य पूर्व में ही कराये गए हैं , मैं क्या करूँ ၊ किंतु वास्तविकता यह है कि डुमरी प्रखण्ड में ही संवेदक ने अनियमितता नहीं बरती है , बल्कि जिले के कई स्थानों में इस मामले पर झोल ही झोल है ၊ मजे की बात है कि जिले के कई प्रखण्ड में एक ही संवेदक को हैण्ड पंप लगाने का कार्य सौंप दिया गया था ၊  कुछ ऐसा ही उदाहरण जिले के डुमरी प्रखण्ड में पारसनाथ रेल स्टेशन से लेकर इसरी बाजार चौक तक लोगों को देखने को मिल रहे हैं ၊ हावड़ा - नई दिल्ली बीजी लाईन पर अबस्थित  इस  मुख्य मार्ग के दोनों ओर स्थित विभिन्न व्यवसायिक प्रतिष्ठानों में जाने आने वाले लोग प्यास के मारे हलकान हो रहे हैं ၊ दूसरी ओर स्थानीय मुख्य व्यवसायिक केन्द्र होने के कारण लोगों की जमघट यहाँ लगी रहती हैं। भ्रष्ट मशीनरी के कोपभाजन का शिकार केवल डुमरी के ही ग्रामीण नहीं हैं , अपितु जिले के अन्य प्रखण्डों के अंतर्गत कई पंचायतों की स्थिति कमोबेश एक ही है ၊

Monday, May 20, 2019

अवैध कोयला तस्करी के खिलाफ बेरमो एसडीएम एवं एएसपी ने की छापेमारी , दुग्धा महामाया कोल फैक्ट्री को किया गया सील

*बोकारो*--

बोकारो । बेरमोअनुमंडल पदाधिकारी श्री प्रेम रंजन एवं बेरमो एएसपी आर रामकुमार के नेतृत्व में चंदरपुरा प्रखंड के दुग्धा थाना अंतर्गत महामाया कोल ट्रेडिंग कम्पनी ज़हरगढ में छापामारी अभियान चलाया गया । जिसमें कोयले का सही कागजात नही दिखा पाने के कारण कोल फेक्ट्री को सील कर दिया गया । बेरमो अनुमण्डल पदाधिकारी श्री प्रेम रंजन एवं एएसपी श्री आर राम कुमार ने बताये की गुप्त सूचना के आधार पर युक्त फेक्ट्री में छापामारी एवं औचक जाँच अभियान चलाई गई ।जाँच में फेक्ट्री के कर्मीयों द्वारा कोयला के श्रोत के बारे में स्पष्ट जानकारी एवं कागज पेस नहीं कर पाए साथ ही चिमनी का भी  इस्तेमाल नहीं हो रहा था । जिस कारण फिलहाल फेक्ट्री को सील कर दिया गया है । कहे कि फेक्ट्री में पाये गए कोयला के स्टॉक की जाँच एवं अन्य काग़ज़ातों की जाँच खनन निरीक्षक बोकारो के द्वारा करवाई जा रही है ।जाँच की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि यहाँ रखे गए कोयला बैध है या अवैध । जांच की प्रक्रिया पूरी होने तक सील की गई यह कोल फेक्ट्री दुग्धा थाना प्रभारी के निगरानी व देख रेख में रहेगी ।

फोटो ।

किसी एग्जिट पोल की गारंटी नहीं; जानें झारखंड में कितनी जोरदार पकड़ एनडीए और युपीए की, कौन कितने पानी में . . . . . . .

 


रांची: राष्ट्र के 13 वें लोकसभा चुनाव 2019 का मतदान समाप्त होने के बाद मीडिया में एग्जिट  पोल की चर्चा जोरों पर है ၊ विभिन्न मीडिया चैनलों में कुछेक को छोड़ कर प्रायः सभी के पूर्वाभास पर आधारित चुनाव परिणाम की प्रमाणिकता व सत्यता भी संदेह से परे नहीं है ၊ एग्जिट पोल के प्रकाशन में कोई भी न्यूज़ चैनल  पोल के आधार किस सर्वे पर आधारित है , यह स्पष्ट नहीं करते हैं ၊ अधिकांश 23 मई से इस मसले पर अपना रोना शुरू कर कन्नी काटते ही दिखेंगे ၊ यह तो वही बात हुई कि चित भी मेरी पट भी मेरी ၊ जैसे पार्टियों के चुनावी घोषणा पत्र की कोई गारंटी नहीं होती है , वही बात इन एगिज़ट पोल की है ၊ 

  स्वतंत्र संवाद (The free Press) और तहलका लाइव  के सर्वे में हमने जमीनी सच्चाई को लोकतंत्र के जनाधार को स्पर्श करने का अथक प्रयास किया है ၊ मीडिया के  तथ्यहीन सर्वे को देख टीम ने इसे उजागर करना कर्तव्य समझ पेश की है ၊ जानिए झारखंड के किस सीट से कौन उम्मीदवार जीत रहे है। झारखंड में भाजपा महागठबंधन पर भारी पड़ता दिख रहा हैं। संसदीय चुनाव के परिणाम का सीधा प्रभाव राज्य के आगामी विधान सभा  चुनाव में देखने को मिल सकता है , इसमें कोई अतिश्योक्ति नहीं ၊                                                                           सीट और जीतने वाले संभावित उम्मीदवार

राजमहल- विजय हांसदा, जेएमएम

दुमका- शिबू सोरेन, जेएमएम

गोड्डा- प्रदीप यादव, जेवीएम

चतरा- सुनील सिंह, भाजपा

कोडरमा- अन्नपूर्णा देवी ,भाजपा

गिरिडीह- चंद्रप्रकाश चौधरी, एनडीए

धनबाद- पीएन सिंह, भाजपा

रांची- संजय सेठ, भाजपा

जमशेदपुर- विद्यूत वरण महतो, भाजपा

सिंहभूम- गीता कोड़ा, कांग्रेस

खूंटी- कालीचरण मुंडा, कांग्रेस

लोहरदगा- सुखदेव भगत, कांग्रेस

पलामू- विष्णू दयाल राम, भाजपा

हजारीबाग- जयंत सिन्हा, भाजपा

Sunday, May 19, 2019

झारखण्ड के अंतिम चरण में 71.96% मतदान, 91.01 प्रतिशत दिव्यांग मतदाताओं ने किया मताधिकार का इस्तेमाल

झारखण्ड के अंतिम चरण में 71.96% मतदान 

राजमहल 71.83% 

दुमका 73.16% और 

गोड्डा के लिये 68.96% मतदान*

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91.01 प्रतिशत दिव्यांग मतदाताओं ने किया मताधिकार का इस्तेमाल


लोकसभा चुनाव 2014 Vs 2019

                      2014         2019

1-राजमहल      70.37%   71.83%


राजमहल         66.19%   66.40% 

बोरियो             65.13%   67.62% 

बरहेट              69.02%   70.85%

लिट्टीपाड़ा         74.49%   75.20%

पाकुड़              72.10%  73.49%

महेशपुर           76.93%   79.50%

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2- दुमका          71.80%  73.16%


शिकारीपाड़ा      76.28%  74.10%

नाला                 75.51% 76.37%

जामताड़ा           73.10% 71.11%

दुमका               68.60%  70.50%

जामा                72.90%  71.52%

सारठ                66.00%  75.60%

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3- गोड्डा           66.30%  68.96%


जरमुंडी             69.15%  72.33%

मधुपुर              68.81%  72.07%

देवघर              66.29%   69.16%

पौडेया हाट       66.06%   69.41%

गोड्डा               64.68%   66.41%

महगामा           63.46%   64.89%


झारखंड में चौथे चरण में राजमहल, दुमका और गोड्डा सीट के लिए आज हुए मतदान में *91.01 प्रतिशत दिव्यांग मतदाताओं* ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया. श्री खियांग्ते ने बताया कि दिव्यांग मतदाताओं की सहूलियत औऱ सुविधा के लिए मतदान केंद्रों पर पुख्ता इंतजाम किए गए थे. इसी का नतीजा रहा कि दिव्यांग मतदाताओं ने मतदान में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया.


श्री एल खियांग्ते, मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने आज दिनांक 19 मई को संवावदाता सम्मेलन* में बताया कि इन तीन सीटों के हुए मतदान को लेकर कहीं से किसी तरह की गड़बड़ी की कोई सूचना नहीं मिली. सभी मतदान केंद्रों में शांतिपूर्ण औऱ निष्पक्ष तरीके से मतदान हुआ.


संवाददाता सम्मेलन में अपर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री विनय कुमार चौबे और अपर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी डॉ अमिताभ कौशल तथा पुलिस महानिरीक्षक (अभियान)-सह राज्य पुलिस नोडल ऑफिसर श्री आशीष बत्रा उपस्थित थे.


नई सरकार को लड़खड़ाती अर्थव्यवस्था विरासत में मिलेगी!

नई दिल्ली ၊ चुनावी माहौल में मतदाता राजनीतिक चर्चा के केंद्र में हैं, लेकिन इससे उनकी पीड़ा दूर नहीं होगी, क्योंकि देश के आर्थिक हालात ठीक नहीं हैं।

वैश्विक मंदी का जिस देश की अर्थव्यवस्था पर बहुत असर नहीं हुआ और 2016 की नोटबंदी के आघात के बाद भी 2018 के आरंभ में अर्थव्यवस्था में सुधार आया, लेकिन आगे आर्थिक विकास की रफ्तार थमने का खतरा बना हुआ है।

प्रमुख आर्थिक आंकड़े बताते हैं कि लोकसभा चुनाव के बाद नई सरकार को लड़खड़ाती अर्थव्यवस्था विरासत में मिलेगी।

वित्तवर्ष 2019 की तीसरी तिमाही में सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) वृद्धि दर चिंतनीय है। अक्टूबर-दिसंबर-2018 के दौरान जीडीपी वृद्धि दर 6.6 फीसदी रही जोकि पिछली छह तिमाहियों में सबसे कम है। इसके बाद बीते वित्त वर्ष की चौथी तिमाही में आर्थिक विकास दर कम होने की संभावना और चिंतनीय है।

केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय (सीएसओ) ने वित्त वर्ष 2018-19 की विकास दर अनुमान को 7.2 फीसदी से घटाकर सात फीसदी कर दिया है।

उधर, एशियाई विकास बैंक और अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष के साथ-साथ देश का केंद्रीय बैंक भारतीय रिजर्व बैंक ने भी जीडीपी वृद्धि दर अनुमान में कटौती की है।

कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज की रिपोर्ट में कॉरपोरेट सेक्टर की चिंता का जिक्र किया गया है जिसकी वजह अल्पकालीन मांग में अचानक कमी है।

योजना आयोग (जिसका नाम अब बदलकर नीति आयोग हो गया है) के पूर्व उपाध्यक्ष मोंटेक सिंह अहलूवालिया ने कहा, “इस बात की काफी संभावना है कि ग्रामीण क्षेत्र के संकट के कारण उपभोग में कमी आ सकती है। ग्रामीण आय और ग्रामीण क्षेत्र में उपभोग प्रवृत्ति काफी अधिक होती है। मेरा मानना है कि ग्रामीण क्षेत्र के संकट और अनौपचारिक क्षेत्र के प्रभावित होने से उपभोग पर असर हुआ है जिससे कारण जीडीपी वृद्धि दर घट गए है।”

वित्त मंत्रालय की रिपोर्ट के अनुसार, दोपहिया वाहनों की बिक्री में भारी गिरावट निजी उपभोग में कमी का सूचक है।

फरवरी में दोपहिया वाहनों की बिक्री में 20 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई ၊

वोट देने से एक दिन पूर्व ही लगा दी उंगलियों में स्याही ,500 रू देकर कहा किसी को बताना मत

 Lok Sabha Election 2019: लोकसभा चुनाव के आखिरी चरण के तहत रविवार (19 मई) को मतदान सम्पन्न हुआ। लेकिन इस बीच उत्तर प्रदेश की चंदौली लोकसभा सीट से मतदान से ठीक एक दिन पहले मतदाताओं की उंगुलियों पर जबरन स्याही लगाने का मामला सामने आने से हड़कंप मच गया है।  बताया जा रहा है कि मतदाताओं को 500 रुपए भी दिए गए और उनसे कहा गया कि आप लोगों को बीजेपी वोट देना है। बता दें कि चंदौली से बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र नाथ पांडेय उम्मीदवार है। इस मामले में चंदौली के एसडीएम ने ने कहा कि शिकायत दर्ज कर ली गई है। वे मतदान कर सकते है, क्योंकि तब वोटिंग की शुरुआत नहीं हुई थी।

दरअसल,मीडिया के मुताबिक शनिवार को चंदौली के तारा जीवनपुर गांव के निवासियों ने उनकी उंगलियों पर जबरदस्ती स्याही लगाने की बात कही है। उनका आरोप है कि उन्हें गांव के ही 3 लोगों  द्वारा उनको 500-500 रुपए दिए गए थे। उन्होंने कहा कि वे लोग बीजेपी से थे और हमसे पूछा कि क्या हम बीजेपी को वोट देंगे? इसके बाद उन्होंने कहा कि अब आप वोट नहीं दे सकते और यह किसी को मत बताना।     इस मामले में चंदौली के एसडीएम कुमार हर्ष ने कहा, ‘शिकायतकर्ता अभी पुलिस थाने में मौजूद हैं। शिकायत दर्ज होने के बाद, उसके मुताबिक हम लोग कार्रवाई करेंगे। वे अभी भी वोट डालने के योग्य हैं क्योंकि चुनाव तब शुरू नहीं हुए थे। उन्हें अपनी एफआईआर में लिखवाना होगा कि उनके उंगलियों पर जबरन स्याही लगाई गई है। बता दें कि एएनआई ने इन मतदाताओं की उंगुलियों पर लगी स्याही वाली तस्वीरें जारी की हैं, जिनमें लोगों ने अपने हाथ में उन्हें कथित तौर पर दिए गए नोटों को भी पकड़ रखा है।

बांग्लादेश सरकार ने इस्कॉन संतों को भारत में प्रवेश से रोका

चौंकाने वाली खबर 🚨  बांग्लादेश ने 63 इस्कॉन भिक्षुओं को भारत में प्रवेश करने से रोका सभी के पास वैध पासपोर्ट और वीज़ा थे। आव्रज...