Saturday, September 14, 2019

महिला का शव तलाश रही थी पुलिस, महिला मिली जिंदा


 (file Photo)


लोहरदगा:- झारखंड के लोहरदगा जिले में एक महिला की हत्या के बाद उसके शव को दफनाने की सूचना मिलने पर पुलिस जांच में जुट गई. पुलिस ने सर्च अभियान चलाया. जहां पुलिस को महिला जीवित मिली. महिला के सुरक्षित बरामद होने पर पुलिस ने राहत की सांस ली है।

जावाखाड़ गांव में डायन-बिसाही के संदेह पे ग्रामीणों ने दंपति की बुरी तरह से पिटाई कर दी थी. इसी बीच पीड़ित के शौच का बहाना बनाया और जंगल में भाग कर अपनी जान बचाई. जबकि सुखराम की पत्नी बालो नगेशिया की बुरी तरह से पिटाई करने के बाद जब ग्रामीणों को यकीन हो गया कि वह मर चुकी है तो उसे घर के आंगन में ही छोड़कर चले गए।

सूचना मिलने पर पुलिस जावाखाड़ गांव पहुंची और दो अलग-अलग टीमों में बंटकर महिला का शव 6 घंटे तक जंगलों और पहाड़ों में तलाश करती रही, लेकिन जिस महिला का शव पुलिस तलाश कर रही थी, वह जिंदा मिली. यह बात पुलिस को शुक्रवार की देर शाम पता चली कि बालो केकरांग के एक घर में छिपी हुई है. इसके बाद पुलिस ने महिला को सुरक्षित बरामद कर सदर अस्पताल में लाकर इलाज कराया।

हिंदी हमारी पहचान...हिंदी हमारी शान..,स्वभाषा के माध्यम से भारत को विश्वगुरु बनाना है-रघुबर दास





तीन माह के अंदर हिंदी भवन का शिलान्यास होगा

अगले वर्ष हिंदी दिवस पर कवि सम्मेलन मोरहाबादी में

---रघुवर दास, मुख्यमंत्री झारखण्ड*
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रांची।
स्वभाषा के माध्यम से भारत विश्वगुरु बन सकता है। स्वभाषा विकास का परिचायक है। यह भारत के स्वाभिमानी भारत बनने के मार्ग को प्रशस्त करेगा। कोई भी विकसित राष्ट्र के आगे बढ़ने का सबसे बड़ा कारण स्वभाषा है। मैं यह नहीं कहता कि अन्य भाषा का उपयोग न करें। आप उनका भी सम्मान करें। यही वजह है कि राज्य सरकार द्वार संथाली, बंगला, मुंडारी, हो, खड़िया, कुरमाली, नागपुरी, पंचपरगनिया, उड़िया, मगही, भोजपुरी, मैथली आंगिक एवं भूमिज को दूसरी राजभाषा का दर्जा उनके सम्मान के लिए झारखण्ड में दिया गया है। क्योंकि भाषा सरकार एवं जनता को आपस में जोड़ती है। ये बातें मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास ने प्रोजेक्ट भवन में आयोजित हिंदी दिवस समारोह में कही। मुख्यमंत्री ने कहा कि हिंदी दिवस के अवसर पर मैं राज्य के लोगों से हिंदी का प्रयोग करने की अपील करता हूं। 


तीन माह के अंदर हिंदी भवन का शिलान्यास होगा
मुख्यमंत्री ने कहा कि हिंदी प्रेमियों, साहित्यकार, रचनाकार, कवि को समर्पित हिंदी भवन का शिलान्यास तीन माह में होगा। देश भर से झारखण्ड आने वाले साहित्यकारों, रचनाकारों और कवियों को बातचीत, आयोजन व अन्य गतिविधियों के लिए एक उचित परिसर देना सरकार का उद्देश्य है। कार्मिक, प्रशासनिक एवं राजभाषा विभाग अगले वर्ष से हिंदी दिवस का आयोजन संध्या बेला में मोरहाबादी मैदान में करे। जहां लोग कवि सम्मेलन का आनंद लें और युवा कवियों को सरकार एक मंच देने में सफल हो सके।

निजी क्षेत्र में हिंदी के उपयोग हेतु अनुरोध
मुख्यमंत्री ने कहा कि वैश्वीकरण के बाद शिक्षा और स्वास्थ्य का बाजारीकरण हुआ, जिससे अंग्रेजी भाषा का प्रचलन बढ़ा। यह स्वाभाविक भी था कि इस समय सरकारी स्कूलों पर किसी ने ध्यान नहीं दिया। राज्य सरकारी स्कूलों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने का कार्य कर रही है। अब हम सभी को अपनी मानसिकता बदलने की जरूरत है। कार्मिक, प्रशासनिक एवं राजभाषा विभाग एक अनुरोध पत्र सभी निजी संस्थानों को जारी करे, जिसमें यह स्पष्ट लिखा हो कि वे अपने पत्राचार समेत अन्य कार्यों में हिंदी को बढ़ावा देने का प्रयास करें।

*संविदा पर नियुक्त करें अनुवादक*
मुख्यमंत्री ने कहा कि विभागों से निर्गत होने वाले आदेश, परिपत्र या आदेश अगर अंग्रेजी भाषा में हो तो उसके हिंदी अनुवाद हेतु अनुवादक को संविदा या कार्य के आधार पर नियुक्त कर मानदेय दें। ताकि आम लोगों तक हिंदी में भी विभाग द्वारा निर्गत पत्र या आदेश पहुंच सके। ऐसे राज्य सरकार भरसक सभी ऐसे कार्य हिंदी के माध्यम से कर रही है लेकिन जहां जरूरत हो इसे लागू करें।

*53 करोड़ लोग हिंदी बोलने वाले, सहज व सरल है हिंदी भाषा*
सचिव कार्मिक, प्रशासनिक सुधार तथा राजभाषा विभाग श्री अजय कुमार सिंह ने कहा कि हिंदी सहज और सरल भाषा है। हिंदी विश्व की तीसरी बोले जाने वाली भाषा है। आज हिंदी का प्रचलन विश्व मे बढ़ता जा रहा है। देश में 43 प्रतिशत लोग यानी करीब 53 करोड़ लोग हिंदी का उपयोग करते हैं। 1949 में संविधान सभा द्वारा राजभाषा का दर्जा हिंदी को मिला। उसके बाद 1953 से लगातार हिंदी दिवस का आयोजन होता आ रहा है। अब तो 14 करोड़ लोग इंटरनेट में हिंदी का उपयोग करते हैं। 94 प्रतिशत की दर से इंटरनेट में बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। सरकार के नियम, परिपत्र या आदेश राजभाषा में जारी होते हैं और आम जन तक उनकी पहुंच बनती है।

*विश्व के 143 विश्वविद्यालय की हिंदी पढ़ाई*
वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. माया प्रसाद ने कहा कि हम आज हिंदी को संयोजित करने के लिए उपस्थित हुए हैं। यह वह भाषा है जो देश को एक सूत्र में बांधे रखी है। विश्व के 143 विश्वविद्यालय में हिंदी पढ़ाई जा रही है। यह हमारे पुरखों की विरासत है। राष्ट्रीय व्यवहार में हिंदी को काम में लाना देश के शीघ्र उन्नति के यह आवश्यक है। हिंदी हमारे राष्ट्र के अभिव्यक्ति का सरलतम स्रोत भी है।

*हिंदी का फैलाव विश्वस्तर पर हो रहा है*
डॉ हरेराम त्रिपाठी ‘चेतन ‘ ने कहा कि राजभाषा आज कार्यालयों में सक्रिय है। इसका बड़ा आयाम हो रहा है। विश्व स्तर पर हिंदी का फैलाव हो रहा है। हिंदी की नवीन ग्रन्थों की मांग आज विदेशों में है। लेकिन हमारे यहां हिंदी की क्या स्थिति है उसका आकलन होना चाहिए। राज्य के मुख्यमंत्री अगर एक हिंदी भवन हम साहित्यकारों, रचनाकारों को उपलब्ध करा देते तो अच्छा रहता।

मौके पर मुख्यमंत्री ने हिंदी हिंदी दिवस समारोह के अवसर पर आयोजित लघु कथा लेखन प्रतियोगिता के तहत रोशनी कुमारी, हर्षिनी शंकर और सेजल तिवारी को प्रथम, सृष्टि कुमारी, आराधना दुबे, मानस दीप्त को द्वितीय एवं मेघा कुमारी, आकृति सोरेंग एवं आर्य झा को तृतीय पुरस्कार देकर सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने निबंध लेखन प्रतियोगिता में अजय कुजूर को प्रथम, धनंजय कुमार मिश्र को द्वितीय एवं दिलीप कुमार कर्ण को तृतीय पुरस्कार देकर सम्मानित किया।

*इस अवसर पर श्रम, नियोजन एवं प्रशिक्षण विभाग के प्रधान सचिव श्री राजीव अरुण एक्का, सचिव कार्मिक, प्रशासनिक सुधार तथा राजभाषा विभाग श्री अजय कुमार सिंह, वरिष्ठ साहित्यिक डॉ हरेराम त्रिपाठी, वरिष्ठ साहित्यकार डॉ माया प्रसाद व साहित्यकार, रचनाकार, कवि, लेखक और हिंदी प्रेमी उपस्थित थे।

गया में रूस से आई महिलाओं ने अपने पितरों की आत्मा की शांति के लिए किया पिंडदान




गया: भगवान विष्णु की धरती बिहार के गया में पिंडदान के लिए लोगों की भीड़ उमड़ने लगी है। देश ही नहीं, बल्कि विदेशों से भी लोग यहां पितृपक्ष में पितरों को मोक्ष दिलाने के लिए पिंडदान करते हैं। सनातन धर्म में मान्यता है कि पिंडदान करने से पुरखों को मोक्ष की प्राप्ति होती है। इसी क्रम में शुक्रवार को रूस से आईं 2 विदेशी महिला तीर्थयात्रियों जुलिया कुदरिना और इस्लामोभा वेनिरा ने विष्णुपद मंदिर प्रांगण में अपने पितरों की आत्मा की शांति के लिए पिंडदान किया।
रूस से आईं इन महिला तीर्थयात्रियों के मुताबिक वहां के लोग भी भारत के वैदिक धर्म से बेहद प्रभावित हैं और इसी वजह से परेशानियों और प्रेत बाधाओं से मुक्ति के लिए वे पिंडदान करने गया आई हैं। उन्होंने बताया कि विदेशियों में भी अपने पितरों के पिंडदान को लेकर विश्वास बढ़ा है और उनका मानना है कि पितरों की आत्माओं की मुक्ति गया में ही संभव है। इन विदेशी महिलाओं ने पूरी तरह भारतीय संस्कृति और वेशभूषा में पिंडदान किया। आपको बता दें कि लोग अपने पितरों के पिंडदान के लिए गया इसलिए आते हैं, क्योंकि ऐसी मान्यता है कि गया भगवान विष्णु का नगर है और विष्णु पुराण के अनुसार यहां पूर्ण श्रद्धा से पितरों का श्राद्ध करने से उन्हें मोक्ष मिलता है। ऐसा माना जाता है कि गया में भगवान विष्णु स्वयं पितृ देवता के रूप में उपस्थित रहते हैं, इसलिए इसे पितृ तीर्थ भी कहते हैं।

अमरीका 9/11 के सबसे अहम संदिग्ध सऊदी अधिकारी का नाम सार्वजनिक करेगा, सऊदी अरब में खलबली



 अमरीका का न्याय मंत्रलाय जल्द ही नाइन इलेवन की घटना अंजाम देने वाले आतंकियों से सहयोग के आरोपी सऊदी अधिकारी का नाम सार्वजनिक कर देगा।
अमरीका के न्याय मंत्रलाय ने घोषणा की है कि वह अंततः उस सऊदी अधिकारी के नाम से पर्दा उठा देगा, जिस पर 11 सितम्बर 2001 को अमरीका में हुए हमलों में अलक़ाएदा के आतंकियों से सहयोग का आरोप है। अमरीका ने लम्बे समय तक इस सऊदी अधिकारी का नाम गोनपीय रखा था। हमले के पीड़ितों के परिवारों द्वारा वर्षों से डाले जा रहे दबाव पर एफ़बीआई और न्याय विभाग ने इस ख़ास मामले की परिस्थितियों के दृष्टिगत सऊदी अरब के उक्त अधिकारी के नाम से पर्दा हटाने का फ़ैसला किया है। आरोप है कि इस सऊदी अधिकारी ने कुछ हमलावरों के अमरीका पहुंचने के बाद उनकी मदद की थी। इन 19 हमलावरों से 15 सऊदी अरब के थे और उन्होंने चार विमानों का अपचालन करने और उन्हें न्यूयॉर्क के वर्ल्ड ट्रेड सेंटर, पेंटागन और संभवत: वाइट हाउस या संसद पर गिराने की साजिश में भाग लिया था।
 
न्यूयॉर्क, वाशिंगटन और पेन्सिलवेनिया में हुए हमलों में लगभग 3,000 लोग मारे गए थे। वर्ष 2002 में हमलों की एक आधिकारिक रिपोर्ट में कहा गया था कि कुछ हमलावरों को सऊदी अधिकारियों से धन मिला था। इन अधिकारियों में से कम से कम दो सऊदी अरब के गुप्तचर विभाग के अधिकारी थे। ये दोनों अधिकारी, फ़हद अलसुमैरी और उमर अलबायूमी उस समय अमरीका में सऊदी अरब के दूतावास में तैनात थे। बाद की जांच में इस दावे को ख़ारिज किया गया कि ये दोनों विमान हाई जैक करने वालों के साथ मिले हुए थे लेकिन 2012 में एफ़बीआई की रिपोर्ट में इन आरोपों को दोहराया गया और एक तीसरे व्यक्ति का भी उल्लेख किया गया जिसने संभवतः इन्हें निर्देश दिए थे, अलबत्ता तभी से तीसरे व्यक्ति का नाम गुप्त रखा गया है। टीकाकारों का विचार है कि इस तीसरे व्यक्ति का संबंध सऊदी अरब के शाही परिवार से है।
 
अमरीका के न्याय मंत्रालय ने यह नहीं बताया है कि तीसरे अभियुक्त का नाम कब सार्वजनिक किया जाएगा लेकिन वाॅशिंग्टन में अलजज़ीरा के संवाददाता का कहना है कि सबसे पहले न्यायालय और नाइन इलेवन के हमलों में मारे गए लोगों के परिजनों को अभियुक्त का नाम बताया जाएगा  और उसके बाद संभावना है कि वकील न्याय मंत्रालय में अपील करेंगे कि उसका नाम सार्वजनिक किया जाए। (HN)

झारखंड में 3 माह के लिए ट्रैफिक चालान से राहत




अगले 3 माह तक जागरूकता अभियान चलाये जाने तक आम जनता को ट्रैफिक के संशोधित प्रावधानों के तहत् होने वाले जुर्माने की राशि से राहत मिल सकेगी:रघुवर दास, मुख्यमंत्री

रांची ၊ मुख्यमंत्री  रघुवर दास ने झारखंड के सवा तीन करोड़ जनता से अपील किया है कि वे यातायात नियमों का अनुपालन करें। वाहनों का खतरनाक ढंग से परिचालन ना करें तथा सड़क पर वाहन चलाते हुए अपनी और दूसरे की जीवन की सुरक्षा करें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान में संशोधित मोटर वाहन अधिनियम 2019 के प्रावधानों को लागू किए जाने के कारण राज्य के विभिन्न क्षेत्रों से आम नागरिकों को हो रही दिक्कतों की समीक्षा की गई है।

मुख्यमंत्री ने समीक्षा के उपरांत परिवहन विभाग के सभी एनफोर्समेंट एजेंसी तथा यातायात पुलिस पदाधिकारियों को यह निर्देश दिया गया है कि आम नागरिकों को नियमों को समझाने तथा मोटर अधिनियम में के संशोधित प्रावधानों के अनुपालन करने की सलाह प्रदान करें।

मुख्यमंत्री ने परिवहन विभाग को यह भी निर्देश दिया है कि वे संबंधित नागरिक सुविधाओं को शीघ्र उपलब्ध करायें तथा अतिरिक्त सुविधा केंद्र सेवा काउंटर कैंपों का आयोजन करते हुए वाहन के स्वामियों के कागजात को अद्यतन कराने की दिशा में कार्रवाई करें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह प्रक्रिया अगले 3 माह तक चलाई जाए ताकि आम जनता को कागजातों को अद्यतन कराने के लिए पर्याप्त समय मिल सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस 3 माह के बीच अधिक से अधिक संख्या में सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान चलाए जाएं ताकि आम जनता नए प्रावधानों एवं नियमों से भलीभांति अवगत हो सके तथा लोग अपने वाहनों का कागजात अद्यतन करा सके। ऐसा करने से उन्हें नए संशोधित प्रावधानों के तहत लागू किए गए भारी जुर्माने की राशि से राहत मिल सकेगी।

बैठक में परिवहन एवं नगर विकास मंत्री श्री सी पी सिंह, राज्य के मुख्य सचिव डॉ डी के तिवारी, अपर मुख्य सचिव गृह श्री सुखदेव सिंह, राज्य के डीजीपी श्री कमल नयन चौबे, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव डॉ सुनील कुमार वर्णवाल, परिवहन सचिव श्री प्रवीण टोप्पो उपस्थित थे।

Friday, September 13, 2019

बैजनाथ सभागार सीधी में नाटक छोहर का मंचन सफल रहा


रोशनी प्रसाद मिश्र द्वारा लिखित वा निर्देशित नाटक 'छोहर' की रही मनमोहक प्रस्तुति..........
नाटक छोहर को देख दर्शकों के आंखों में छलके आंसू

बीती रात सीधी के दक्षिण करौंदिया में स्थित बैजनाथ सभागार में नाटक छोहर की सफल प्रस्तुति हुई, उक्त नाटक की प्रस्तुति सव्यसांची आवासीय आदिवासी कन्या शिक्षा परिसर सरेठी की बाल कन्याओं ने दिया, यह आयोजन इन्द्रवती नाट्य समिति सीधी एवं उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र प्रयागराज उत्तरप्रदेश के संयुक्त तत्वावधान में हुआ, बता दें कि यह नाटक 15 दिवसीय लोक नाट्य कार्यशाला के दौरान तैयार कराया गया था जिसका आलेख, परिकल्पना संगीत एवं निर्देशन शहर के युवा रंगकर्मी रोशनी प्रसाद मिश्र ने किया, सहायक निर्देशन रजनीश जायसवाल का रहा, प्रस्तुति संयोजन नीरज कुन्देर, प्रस्तुति प्रबंधन नरेन्द्र बहादुर सिंह, मंच प्रबंधन संतोष द्विवेदी, मंच सामग्री रूपेश मिश्र, रूप सज्जा आरती यादव एवं मीनाक्षी शर्मा, वस्त्र सज्जा करुणा सिंह वा प्रजीत साकेत, प्रॉपर्टी निर्माण डेविड सोलंकी वा भूपेन्द्र पटेल, प्रकाश रजनीश जायसवाल, संगीत सहयोगी प्रजीत साकेत एवं श्याम सुंदर बैगा का रहा ၊
मंच पर संतोषी सिंह, लक्ष्मी बाई सिंह, सीता सिंह, विभा सिंह, प्रीतू सिंह, मंजू सिंह, जया सिंह, रानी सिंह, पुष्पा सिंह शान्ति सिंह, सविता सिंह, रविता सिंह, अनार कली सिंह, कल्पना सिंह, सुहागबती सिंह, आकांक्षा सिंह 1,आकांक्षा सिंह 2,उर्मिला सिंह, राधा सिंह, बेला रानी बैगा ने अपने अभिनय और गायन से सभी दर्शकों का मन मोह लिया lदर्शक दीर्घा में बतौर अतिथि राजेंद्र भदौरिया वरिष्ठ समाजसेवी, इंजी. आर. बी. सिंह राष्टीय उपाध्यक्ष भारत रक्षा मंच, डॉ. शिवशंकर मिश्र 'सरस' वरिष्ठ साहित्यकार, मैथिली शरण शुक्ल वरिष्ठ साहित्यकार, इशरद मंसूरी धर्मेंद्र सिंह प्राचार्य सव्यसांची विद्यालय , सविता विश्वकर्मा, दीपिका सिंह, अरुणा सिंह अखिलेश पाण्डेय संभागीय अध्यक्ष श्रमजीवी पत्रकार संघ, मनोज पाण्डेय पत्रिका, कनिष्क तिवारी एम. पी. संदेश उपस्थित रहे साथ ही शहर के अन्य सदस्यों में बाबूलाल कुन्देर, राम नरेश सिंह चौहान, हरीश सिंह बघेल, आशीष पाण्डेय, रवि भारती सहित भारी मात्रा में महिला पुरुष उपस्थित थे, कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों ने दीप प्रज्वलन कर किया ၊इसके बाद वैष्णवी मिश्रा ने सुन्दर सा गीत प्रस्तुत किया ၊ तदुपरांत नाटक 'छोहर' की प्रस्तुति शुरू हुई, नाटक की शुरुआत सैला नृत्य से हुई, नाटक की कथावस्तु मूलतः सोहर राग परंपरा पर आधारित था, पूरी कहानी एक स्त्री के इर्द गिर्द घूमती है जिसमें आदि अनादि काल से चली आ रही स्त्री समस्या बांझपन को उल्लिखित किया गया है, हलांकि इस नाटक में यह तो नहीं दिखाया गया कि बच्चा न जन्मने का कारण पुरुष की पुरुषत्व की कमी है या फिर महिला के मातृत्व में पर अक्सर यह देखा जाता है कि चाहे कमी जिसमें भी हो लेकिन सुनना स्त्री को ही पड़ता है, बहरहाल इस नाटक को देखने के बाद यह सिद्ध हो गया कि हमारी पारंपरिक शिक्षा पद्धति चाहे वह लोकगीत हो या फिर लोकगाथा या लोककथा हो आज की शिक्षा पद्धति से ज्यादा बेहतर है, आज की शिक्षा प्रणाली में साक्षरता को ज्यादा महत्व दिया जाता है न कि शिक्षा को ၊ नाटक की मनमोहक प्रस्तुति देख दर्शकों के आंखों में आंसू छलक और बाल कलाकारों के सम्मान में तालियों की गड़गड़ाहट से पूरा हांल गूंज उठा ၊ प्रस्तुति उपरान्त अतिथियों ने अपने उद्बोधन में इन्द्रवती नाट्य समिति और त्रिदेव नीरज कुन्देर, रोशनी प्रसाद मिश्र एवं नरेन्द्र बहादुर सिंह की सराहना करते हुए किसे ने शिल्पकार कहा तो किसी कुम्हार की संजा देकर सराहना करते हुए बाल कलाकारों की भूरि- भूरि  प्रशंसा किया साथ ही लोकगीतों पर प्रकाश भी डाला, नाटक की अगली प्रस्तुति सिद्धभूमि इंटरनेशनल स्कूल में कराने की बात आर. बी. सिंह ने कहा तो बाणभट्ट महोत्सव में करने को अखिलेश पाण्डेय ने कहा ၊ वहीं दूसरी ओर गोव्हाटी में भी प्रस्तुति हेतु कहा गया है ၊ तदुपरांत  बाल कलाकार मान्या पाण्डेय ने एक भक्ति गीत प्रस्तुत किया और नाट्य कलाकारों ने नाटक की प्रस्तुति प्रक्रिया के बारे में बताया ၊अंत में नीरज कुन्देर ने सभी अतिथियों एवं दर्शकों का आभार व्यक्त किया ၊

साढू से पत्नी के अवैध संबंध के संदेह में पत्नी और सास को टांगी से काटकर कर दी हत्या




जामताड़ा:एक युवक ने पत्नी और सास की हत्या टांगी से काटकर कर दिया है। घटना सदर थाना क्षेत्र जामताड़ा के राखबन की है। यह घटना सुबह 3:30 बजे के लगभग की बताई जा रही है। 4.30 बजे के लगभग पुलिस को सूचना मिली। सूचना मिलने के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी युवक बहादुर रवानी को गिरफ्तार कर लिया है। साथ ही हत्या में  प्रयुक्त टांगी भी जब्त कर लिया है। मृतक राधा देवी उम्र 32 वर्ष और सरस्वती देवी उम्र 50 वर्ष है। आरोपी युवक का नाम बहादुर रवानी है जो 36 वर्ष का है। बहादुर रवानी देवघर जिले के कोरो थाना क्षेत्र के पाठकतेतरिया गांव का रहने वाला है। उसकी शादी लगभग 12 वर्ष पहले राखबन की राधा देवी से हुई थी। विगत कुछ सालों से वह घर जमाई के रूप में ससुराल में रहता था। जानकारी के अनुसार घटना के बाद जब पुलिस आरोपी युवक को साथ लेकर थाना आ रही थी तो ग्रामीण काफी उत्तेजित हो गए थे और उत्तेजित ग्रामीणों ने युवक पर पथराव के साथ लाठी डंडा से वार करने लगा।राधा और बहादुर का 10 साल का एक बेटा भी है ၊

बांग्लादेश सरकार ने इस्कॉन संतों को भारत में प्रवेश से रोका

चौंकाने वाली खबर 🚨  बांग्लादेश ने 63 इस्कॉन भिक्षुओं को भारत में प्रवेश करने से रोका सभी के पास वैध पासपोर्ट और वीज़ा थे। आव्रज...