Friday, November 1, 2019

झारखंड में विधान सभा चुनाव हेतु अधिसूचना जारी;24 जिलों के 81विस क्षेत्रों के 2.265 करोड़ मतदाता देंगे वोट


BREAKING UPDATE

झारखंड में तत्काल प्रभाव से आदर्श आचार संहिता लागू

झारखंड में 9 सीट SC, 28 सीट ST के लिए रिज़र्व

 2.265 करोड़ मतदाता झारखंड में कर सकेंगे मतदान

 चुनाव आयोग की ओर से सुदीप जैन झारखण्ड चुनाव का काम देखेंगे

 मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा ने पत्रकारों को जानकारी देते हुए कहा कि झारखंड में 67 विधानसभा क्षेत्र नक्सल प्रभावित है। नक्सल प्रभावित इलाके में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाने हैं।चुनाव आयोग ने शुक्रवार कोझारखंड विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान कर दिया। 30 नवंबर से 20 दिसंबर के बीच 5चरणों में मतदान होगा। नतीजे 23 दिसंबर को आएंगे। पिछली बार भीराज्य में पांच चरण में मतदान हुआ था। 81 सदस्यीय विधानसभा का कार्यकाल 5 जनवरी 2020 को खत्म हो रहा है। राज्य में अभी भाजपा और आजसू (ऑल झारखंड स्टूडेंट्स यूनियन) की गठबंधन सरकार है। रघुवर दास मुख्यमंत्री हैं। बहुमत के लिए 41 का आंकड़ा जरूरी है। 2014 के विधानसभा चुनाव में भाजपा को 37 और आजसू को 5 सीटें मिली थीं। बाद में झारखंड विकास मोर्चा के 6 विधायक भाजपा में शामिल हो गए। अभी भाजपा के पास 43 विधायक हैं।

पहला चरण
सीटें: 13
नोटिफिकेशनः 6 नवंबर
नामांकन की आखिरी तारीख: 13 नवंबर
स्क्रूटनी: 14 नवंबर
नाम वापसी आखिरी तारीख: 16 नवंबर
मतदान की तारीख: 30 नवंबर
दूसरा चरण
सीटें: 20
नोटिफिकेशनः 11 नवंबर
नामांकन की आखिरी तारीख: 18 नवंबर
स्क्रूटनी: 19 नवंबर
नाम वापसी आखिरी तारीख: 21 नवंबर
मतदान की तारीख: 7 दिसंबर

तीसरा चरण
सीटें: 17
नोटिफिकेशनः 16 नवंबर
नामांकन की आखिरी तारीख: 25 नवंबर
स्क्रूटनी: 26 नवंबर
नाम वापसी आखिरी तारीख: 28 नवंबर
मतदान की तारीख: 12 दिसंबर


चौथा चरण
सीटें: 15
नोटिफिकेशनः 22 नवंबर
नामांकन की आखिरी तारीख: 29 नवंबर
स्क्रूटनी: 30 नवंबर
नाम वापसी आखिरी तारीख: 2 दिसंबर
मतदान की तारीख: 16 दिसंबर


पांचवां चरण
सीटें: 16
नोटिफिकेशनः 26 नवंबर
नामांकन की आखिरी तारीख: 3 दिसंबर
स्क्रूटनी: 4 दिसंबर
नाम वापसी आखिरी तारीख: 6 दिसंबर
मतदान की तारीख: 20 दिसंबर

भाजपा के खिलाफ झामुमो का महागठबंधन
भाजपा-आजसू के खिलाफ झारखंड मुक्ति मोर्चा के नेतृत्व वाला महागठबंधन चुनाव लड़ेगा। झामुमो 43 से 45, कांग्रेस 25 से 27, राजद और लेफ्ट 5-5 सीटों पर चुनाव लड़ सकता है। झारखंड विकास मोर्चा (झाविमो) इस महागठबंधन से अभी बाहर है। इसकी वजह यह है कि झाविमो नेता बाबूलाल मरांडी किसी भी कीमत पर झामुमो नेता हेमंत सोरेन को महागठबंधन का नेता मानने को तैयार नहीं हैं। मरांडी अपनी पार्टी के लिए कम से कम 22 सीटें चाहते थे। लेकिन झामुमो और कांग्रेस उन्हें 10 से 12 सीटें देने को ही तैयार थी। इसके चलते झाविमो ने सभी सीटों पर प्रत्याशी उतारने का ऐलान कर दिया है।

झारखंड विधानसभा चुनाव में 2,26,17,612 मतदाता राज्य के 81 विधायक चुनेंगे। राज्य में कुल 1,18,16,098 पुरुष वोटर हैं। वहीं, महिला मतदाताओं की संख्या 1,08,01,274 है। 240 मतदाता थर्ड जेंडर के हैं। जनवरी-2019 में जारी मतदाता सूची के अनुसार राज्य में जहां कुल वोटर 2,19,81,172 थे, वहीं आठ माह में यह संख्या 6 लाख 36 हजार बढ़ी है।

स्वतंत्र व निष्पक्ष चुनाव कराने हेतु चुनाव आयोग के बनाए गए नियमों को ही आचार संहिता कहते है


●स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराने के लिए चुनाव आयोग के बनाए गए नियमों को ही आचार संहिता कहते है....*
==================
रांची । स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव सम्पन्न कराने के लिए चुनाव आयोग कुछ नियम बनाता है। चुनाव आयोग के इन्हीं नियमों को आदर्श आचार संहिता कहते हैं। विधानसभा चुनाव के दौरान उन नियमों का पालन करना प्रशासन, प्रत्याशी एवम राजनीतिक दलों की जिम्मेदारी होती है।
भारत निर्वाचन आयोग द्वारा आज चुनाव घोषणा के उपरांत आदर्श आचार संहिता लागू हो गई है एवम चुनाव प्रक्रिया के संपन्न होने तक लागू  रहेगी। 
*●आचार संहिता के नियम....*
 चुनाव आचार संहिता लागू होने के बाद कई नियम भी लागू हो जाते हैं। इनकी अवहेलना कोई भी राजनीतिक दल या राजनेता नहीं कर सकता। 
 सार्वजनिक धन का इस्तेमाल किसी विशेष राजनीतिक दल या नेता को फायदा पहुंचाने वाले काम के लिए नहीं होगा।
 सरकारी गाड़ी, सरकारी विमान या सरकारी बंगले का इस्तेमाल चुनाव प्रचार के लिए नहीं किया जायेगा।
 किसी भी तरह की सरकारी घोषणा, लोकार्पण और शिलान्यास आदि नहीं होगा.
 किसी भी राजनीतिक दल, प्रत्याशी, राजनेता या समर्थकों को रैली करने से पहले आर0ओ0 से अनुमति लेनी होगी।
 किसी भी चुनावी रैली में धर्म या जाति के नाम पर वोट नहीं मांगे जाएंगे।
 धार्मिक स्थानों का उपयोग चुनाव प्रचार के मंच के रूप में नहीं किया जाएगा।
 मत पाने के लिए भ्रष्ट आचरण का उपयोग न करें। जैसे-रिश्वत देना, मतदाताओं को परेशान करना आदि।
 किसी की अनुमति के बिना उसकी दीवार, अहाते या भूमि का उपयोग न करें।
 किसी दल की सभा या जुलूस में बाधा न डालें।
 राजनीतिक दल ऐसी कोई भी अपील जारी नहीं करेंगे, जिससे किसी की धार्मिक या जातीय भावनाएँ आहत होती हों।
*राजनीतिक सभा....*
 सभा के स्थान व समय की पूर्व सूचना पुलिस अधिकारियों को दी जाए।
 दल या अभ्यर्थी पहले ही सुनिश्चित कर लें कि जो स्थान उन्होंने चुना है, वहॉँ निषेधाज्ञा तो लागू नहीं है।
 सभा स्थल में लाउडस्पीकर के उपयोग की अनुमति पहले प्राप्त करें।
 सभा के आयोजक विघ्न डालने वालों से निपटने के लिए पुलिस की सहायता करें।
●जुलूस....
 जुलूस का समय, शुरू होने का स्थान, मार्ग और समाप्ति का समय तय कर सूचना पुलिस को दें।
 जुलूस का इंतजाम ऐसा हो, जिससे यातायात प्रभावित न हो।
 राजनीतिक दलों का एक ही दिन, एक ही रास्ते से जुलूस निकालने का प्रस्ताव हो तो समय को लेकर पहले बात कर लें।
आचार संहिता के उल्लंघन पर कार्रवाई
चुनाव आचार संहिता के नियम सख्ती से लागू होते हैं. अगर इन नियमों का उल्लंघन किया जाता है तो उसके लिए सजा का प्रावधान भी है। चुनाव आचार संहिता के उल्लंघन पर दंडात्मक कार्रवाई की जा सकती है। 
सरकार के कर्मचारी चुनावी प्रक्रिया पूरी होने तक सरकार के नहीं, चुनाव आयोग के कर्मचारी की तरह काम करते हैं। आदर्श आचार संहिता के लागू होने के पश्चात भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार मुख्यमंत्री या मंत्री अब न तो कोई घोषणा कर सकेंगे, न शिलान्यास, लोकार्पण या भूमिपूजन। सरकारी खर्च से ऐसा आयोजन नहीं होगा, जिससे किसी भी दल विशेष को लाभ पहुँचता हो। राजनीतिक दलों के आचरण और कार्यकलाप पर नजर रखने के लिए चुनाव आयोग के पर्यवेक्षकों की नजर होगी।

हज कमेटी ने नियुक्त किया जिला स्तरीय खादिमूल हुज्जाज की सूची



 राँची । झारखंड हज कमेटी के चेयरमैन जनाब रिजवान खान ने आज पूरे झारखंड के जिला स्तरीय खादिमूल हुज्जाज की सूची जारी की है । जिनका दायित्व होगा कि वह अपने-अपने जिला में वर्ष 2020 में जाने वाले लोगों को मदद करें और उनकी परेशानियों को आसान कराने में अपना योगदान दें । ताकि लोग आराम से अपने कार्यो को निपटा सके। 
 बताया कि यह कार्य में लगाए गए लोगों को निशुल्क सेवा देना है इसके लिए किसी तरह के कोई वेतन इत्यादि नहीं है यह सवाब जारिया कार्य है।
 हज कमेटी के चेयरमैन रिजवान खान साहब की यह पहल बहुत बेहतरीन है और अल्लाह से दुआ है कि रिजवान खान साहब को उनके नेक मकसद को कामयाब करें और हमें उम्मीद है कि वर्ष 2020 और उसके आगे भी लोगों को उनके द्वारा राज्य सरकार के द्वारा ज्यादा से ज्यादा लाभ पहुंचाने की कोशिश की जाएगी।

Thursday, October 31, 2019

पत्रकारों, वकीलों और व्हाट्सएप सॉफ्टवेयर का उपयोग करने वाले लोगों पर निशाना साधने के लिए....

पत्रकारों, वकीलों और व्हाट्सएप सॉफ्टवेयर का उपयोग करने वाले लोगों पर निशाना साधने के लिए नरेंद्र मोदी सरकार को निशाना बनाने के लिए विपक्ष ने ताजा गोला बारूद दिया है।

 व्हाट्सएप स्पायवेयर के कम से कम दो पीड़ित खुले में बाहर आए हैं ताकि यह पुष्टि की जा सके कि वे कथित स्नूपिंग के संबंध में फेसबुक के स्वामित्व वाले चैटिंग ऐप के साथ संचार में थे।

 मानवाधिकार कार्यकर्ता बेला भाटिया और निहाल सिंह राठौड़ - भीमा कोरेगांव मामले से जुड़े एक वकील - ने व्हाट्सएप द्वारा अलर्ट प्राप्त करने की पुष्टि की है कि उनके फोन दो सप्ताह की अवधि के लिए मई 2019 तक अत्याधुनिक निगरानी में थे।

 स्क्रॉल.इन के अनुसार, 10 कार्यकर्ताओं ने व्हाट्सएप से संदेश प्राप्त करने की पुष्टि की और उन्हें अवैध जासूसी के बारे में बताया।  अन्य आठ हैं जगदलपुर लीगल एड ग्रुप की शालिनी गेरा, दलित अधिकार कार्यकर्ता डिग्री प्रसाद चौहान, अकादमिक आनंद तेलतुम्बडे, छत्तीसगढ़ के शुभ्रांशु चौधरी, दिल्ली से पीपुल्स यूनियन फॉर डेमोक्रेटिक राइट्स के आशीष गुप्ता, दिल्ली विश्वविद्यालय के सहायक प्रोफेसर सरोज गिरि, पत्रकार सिदांत सिब्बल।  और स्वतंत्र पत्रकार राजीव शर्मा।

 व्हाट्सएप के भारत में पत्रकारों और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं के निगरानी के लक्ष्य होने के बाद यह आया है।  अवैध जासूसी के शिकार लोग इजरायली स्पाइवेयर, पेगासस का उपयोग करते हुए अज्ञात संस्थाओं द्वारा जासूसी करने वालों में से थे, जो एक इज़राइली कंपनी द्वारा बनाया गया एक सॉफ्टवेयर है।

 व्हाट्सएप ने कहा कि वह NSO ग्रुप, इजरायली सर्विलांस फर्म पर मुकदमा कर रहा था, जो कथित तौर पर प्रौद्योगिकी के पीछे है जिसने अनाम संस्थाओं की जासूसों को लगभग 1,400 उपयोगकर्ताओं के फोन में हैक करने में मदद की।

 ये उपयोगकर्ता चार महाद्वीपों में फैले हुए हैं और इनमें राजनयिक, राजनीतिक असंतुष्ट, पत्रकार और वरिष्ठ सरकारी अधिकारी शामिल हैं।

13 लाख निजी विद्यालय के शिक्षकों पर लटकी तलवार


एनसीटीई द्वारा NIOS से किए गए डीएलएड कोर्स को सरकारी शिक्षक नौकरी में अमान्य कर दिए जाने से देशभर के 13 लाख निजी विद्यालय के शिक्षकों पर तलवार लटक गई है । दरअसल सरकार ने निजी विद्यालय के शिक्षकों त किए जाने के चलते राष्ट्रीय मुक्त विश्व विद्यालयीन संस्थान यानी NIOS ( किली से डीएलएड पाठ्यक्रम कराया , जिसका रिजल्ट हाल ही में जारी हुआ है । लेकिन निजी विद्यालय के शिक्षकों ने सरकारी शिक्षक की नौकरी की चाह में इस कोर्स में गहरी दिलचस्पी दिखाई । प्रदेश में गत माह संपन्न हुईवर्ग 2 कीशिक्षक पात्रता परीक्षा में भी NIOS को डिग्री के आधार पर हजारों ऐसे शिक्षकों ने परीक्षा भी दे दी है । अब उन्हें सरकारी नियुक्ति का इंतजार है । लेकिन एनसीटीई ने हाल ही में कह दिया है कि नीओस से डीएलएड सरकारी शिक्षक नौकरी में अमान्य है । और इसी के साथ भूचाल आ गया है और मामला केंद्रीय कैबिनेट व प्रधानमंत्री तक पहुंच गया है । प्राप्त जानकारी के अनुसर प्रदेश में करीब 3 लाख जवकि देशभर में 13 लाख निजी विद्यालयों के शिक्षकों ने नीओस से डीएलएड किया है । एनसीटीई के फैसले अब अभ्यर्थियों में चिंता व्याप्त हो गई दरअसल निजी विद्यालय के शिक्षकों ने नौकरी की आस में NIOS से डीएलाड किया कि उन्हें सरकारी भर्ती में इसकी मान्यता मिलेगी । लेकिन गत दिनों एनसीटीई ने इस पाठ्यक्रम को सरकारी शिक्षक नौकरी के लिए अमान्य कर दिया नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ ओपन स्कूलिंग( एनआईओएस ) की ओर से आयोजित विशेष डीएलएड को बतौर शिक्षक नियुक्ति के लिए मान्यता न देने का मामला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तक पहुंच गया बुधवार को केंद्रीय कैबिनेट प्रधानमंत्री ने इस मामले पर चिंता और मानव संसाधन विकास मंत्री पोखरियल निशंक को इस मामले पर जल्द से जल्द फैसला लेने का निर्देश दिया । प्रधानमंत्री से निर्देश मिलने बाद निशंक ने अधिकारियों से इस बारे सभी पक्षसामने लाने को कहा है । राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षण संस्थान ( एनसीटीई एचआरडी मंत्री को मन्यता न देने फैसले के पीछे अतिरिक्त महाधिवक्ता की राय को आधार बताया है । वहीं एनआईओएस चेयरमैन प्रोफेसर सीबी शर्मा ने अपना पक्ष रखने के लिए समय मांगा है । मालूम हो कि NIOS माध्यम से 15 महीने के डीएलएड कार्यक्रमको निजी विद्यालय के शिक्षकों लिए आयोजित किया गया था अप्रशिक्षित थे और शिक्ष के अधिकार कानून के चलते उनकी नौकरी जाने का खतरा था। साथ ही सरकारी नौकरी में लाभ को देखते हुए उहोंने एनआईओएस से यह कोर्स किया था इस पाठ्यक्रमको लेकर संसद में कनून पारित कर विशेष रूप से मंजूरी ली गई । कोर्स करने के बाद जब बिहार में निजी स्कूलों में पढ़ा रहे शिक्षकों ने सरकारी भर्ती के लिए आवेदन किया तो बिहार सरकारने एनर मांगी कि शिक्षक भर्ती के लिए क्या नीओससे डीएलएड डिग्री योग्य है , तब एनसीटीई ने इस अमान्य बना दिया । अब यही स्थिति प्रदेश में भी उत्पन्न हो रही है , क्योंकि इस डिग्री के आधार पर गत माह हुईवर्ग दो शिक्षक की परीक्षा में हजारों अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी है ।

गिरीडीह के बेंगाबाद छठ घाट में लगी है गंदगी का अम्बार,ग्रामीणों ने की सफाई व ब्रेकेटींग की मांग

 
 


गिरीडीह । बेंगाबाद के मशहूर मन्डा आहर तालाब जहाँ  छठ पर्व में छठव्रतियों व श्रद्धालुओ का जनसमूह उमड़ता है, वर्षो से लोगो का इस तालाब से आस्था और विश्वास जुड़ा हुआ है ।वहाँ इस वर्ष छठव्रतियों पर गिर सकती है गाज ।गंदगी के अलावे मरम्मती के दौरान काफी गहरा खुदाई हो जाने से छठव्रतियों को अर्घ देने में भारी मुसीबतों का सामना करना पड़ सकता है। वही बड़ी घटना से इनकार भी नही किया जा सकता है ।

स्वच्छता ओर ब्रेकेटिंग की व्यवस्था नही हुई तो स्थानीय ग्रामीण करेंगे जनप्रतिनिधियो का कड़ा विरोध ।
घाट किनारे गंदगी के अम्बार तो आम बात है शोच भी इतने पड़े है कि लोगो को खड़ा रहना भी मुश्किल हो रहा है ।

स्थानीय सबंधित विभाग जनप्रतिनिधियो में उदासीन रवैये के कारण आस्था विस्वास के पावन पर्व में श्रद्धालुओ के साथ सौतेला ब्यवहार से लोगो मे भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है ।

इधर समाजिक कार्यकर्ता कृष्णा पांडे हेमलाल पांडे वार्ड सदस्य मनोज साव आदि ने अविलम्ब स्वच्छता और ब्रेकेटिंग की ब्यवस्था की मांग की है ।

ट्रेन में अंडा उबाल रहे थे यात्री, सिलेंडर फटते ही 3 बोगियां खाक




पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान में गुरुवार सुबह बड़ा हादसा हुआ. यहां कराची-रावलपिंडी तेजगाम एक्सप्रेस में सिलेंडर में धमाका होने की वजह से तीन बोगियां जल गईं. इस हादसे में 60 लोगों से अधिक की मौत हो गई है, जबकि दर्जनों लोग घायल हैं. बताया जा रहा है कि ट्रेन में कुछ लोग अंडा उबाल रहे थे, तभी सिलेंडर में आग लग गई और ये बड़ा हादसा हुआ.

पाकिस्तानी अखबार Dawn ने वहां के रेल मंत्री शेख राशिद के हवाले से लिखा है कि रेल में कुछ यात्री नाश्ता बना रहे थे, इसी वक्त सिलेंडर में धमाका हो गया. इसी वजह से आग फैलती गई और लोग झुलस गए. पाकिस्तानी मीडिया के मुताबिक, कुछ लोग ट्रेन में अंडे उबाल रहे थे, तभी आग लगी और फैलती गई.

पाकिस्तानी रेल मंत्री शेख राशिद ने कहा कि जिन तीन बोगियों में आग लगी है, दो  इकॉनोमी क्लास की थीं. जबकि तीसरी बोगी बिजनेस क्लास की थी. सोशल मीडिया पर इस हादसे की कुछ तस्वीरें और वीडियो लगातार वायरल हो रहे हैं...
बता दें कि ये ट्रेन कराची से रावलपिंडी जा रही थी. स्थानीय मीडिया के मुताबिक, सुबह की नमाज़ पढ़ने के बाद यात्री नाश्ता बना रहे थे और तभी सिलेंडर में धमाका हुआ. लगातार दो सिलेंडरों में धमाका हुआ, यही कारण है कि तीन बोगियों में आग फैलती चली गई.

स्थानीय मीडिया के मुताबिक, तीन बोगियों में करीब 200 से अधिक लोग सवार थे. जो एक जलसे में हिस्सा लेने जा रहा थे. जिन लोगों की हादसे में मौत हुई है, उनमें अधिकतर पुरुष शामिल हैं.

बांग्लादेश सरकार ने इस्कॉन संतों को भारत में प्रवेश से रोका

चौंकाने वाली खबर 🚨  बांग्लादेश ने 63 इस्कॉन भिक्षुओं को भारत में प्रवेश करने से रोका सभी के पास वैध पासपोर्ट और वीज़ा थे। आव्रज...