Thursday, December 19, 2019

बिहार के मुख्यमंत्री ने गांधी मैदान गया में कहा, जल जीवन हरियाली में कमी आई तो सुरक्षित नहीं मानव


 
रिपोर्टःदिनेश कुमार पंडित।
बिहार के गया के गांधी मैदान में सूबे के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने ऐतिहासिक गांधी मैदान में सभा को संबोधित करते हुए कहा कि जल और हरियाली में कमी आई तो जीवन सुरक्षित नहीं रहेगा।  जल का संरक्षण और हरियाली को बढ़ावा देना है। जिस वक्त झारखंड और बिहार का बंटवारा हुआ था उस वक्त बिहार में कुछ था ही नहीं। तो हमने देखा कि बिहार में जंगल की कमी है। हमलोगों ने उसी समय सोचा कि और पेड़-पौधा लगायेंगे और 2012 में हरियाली मिशन लागू करके बिहार में 29 करोड़ वृक्षारोपण किया है। 8 करोड़ से ज्यादा और हमलोग पौधा लगायेंगे। श्री कुमार ने कहा कि बिहार में जो भी पोखर, तलाब, कुआ, आहर पोखर उसका किसी ने अतिक्रमण कर लिया है तो उसे भी अतिक्रमण से मुक्त कराकर सबका जीर्णोद्धार कराएंगे और उन्होंने कहा कि मेरे रहते हुए अल्पसंख्यकों को कुछ नहीं होगा। गया, बोधगया की भूमि ऐतिहासिक है और ज्ञान की भूमि है और निर्माण की भूमि है। यहां लाखों ही नहीं करोड़ों से भी ज्यादा देश और दुनिया भर के लोग पहुंचे है। कहा कि हम लोगों ने तय किया है कि गंगा जल का पानी गया, बोधगया, राजगीर और नवादा में भी पहुंचाएंगे। हम लोगों का लक्ष्य है कि 2021 तक पहुंचा देने का। श्री कुमार ने कहा कि हम लोगों का प्रयास है कि फल्गु नदी में सारे दिन पानी रहे इसके लिए भी कमिटी बना ली है और इस पर काम भी हो रही है। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी दी है कि फल्गु नदी में नाले का पानी नहीं जायेगा और उसको अलग से ले जाया जायेगा। श्री कुमार ने कहा कि न्याय के साथ विकास, हर इलाके का विकास करने में हम लोग जुटे हुए हैं। हमें जानकारी मिली कि गया से ओटीए को हटाया जा रहा है उसी वक्त हम सुनकर दंग रह गए और तत्काल ही केंद्रीय रक्षा मंत्री को पत्र लिखा है। उन्होंने कहा कि बताइए बिहार में शराब बंदी बिहार के लोग शान्तिपूर्ण अच्छा सहसूस कर रहे है।

वोट के लिए हेमंत सोरेन भगवा और जनजातीय समाज को बदनाम कर रहे हैं:विहिप


राँची।
विश्व हिंदू परिषद प्रांत कार्यालय किशोरगंज में आज एक प्रेस वार्ता हुई जिसको संबोधित करते हुए क्षेत्र मंत्री माननीय वीरेंद्र विमल जी ने झामुमो के कार्यकारी अध्यक्ष हेमंत सोरेन द्वारा दी गई भगवा पर आपत्तिजनक बयान पर काफी खेद प्रकट किया । उन्होंने कहा कि भगवा हिंदुत्व की आन बान शान है , हेमंत सोरेन के द्वारा कहा गया है कि भगवा पहनने वाले और अविवाहित लोग ही बलात्कार करते हैं, तो ऐसे में क्या कोई अगर हरे रंग का कपड़ा पहन के करता तो हर व्यक्ति जो हरा रंग पहनता है वह भी बलात्कारी है , तो हेमंत सोरेन स्वयं भी हरा दुपट्टा पहनकर घूमते हैं, क्या वह स्वयं भी बलात्कारी हैं। उन्होंने कांग्रेस पार्टी के राहुल गांधी का जिक्र करते हुए क्या कहा कि अभी तक उनकी शादी नहीं है, वह भी अविवाहित है इस प्रकार क्या वह राहुल गांधी को भी एक बलात्कारी के रूप में देखते हैं। उन्होंने सिस्टर लूसी द्वारा लिखे गए आत्मकथा का जिक्र करते हुए कहा कि सिस्टर लूसी ने पादरियों द्वारा चर्च में यौन दुराचार की बात कही, जिसे स्वयं पोप ने भी स्वीकारा है। तो क्या हेमंत सोरेन के परिभाषा से सभी पादरी बलात्कारी हैं । झारखंड  पुण्य भूमि एवं वीरो की भूमि रही है, इसी धरती में भगवान शिव भी देवघर में आकर वास करते हैं, वही भगवान राम ने भी 14 वर्षों के वनवास के दौरान भगवा वस्त्र पहनकर ही रामरेखा धाम झारखंड में अपने भाई लक्ष्मण एवं पत्नी सीता माता के साथ आए, यहां अंजन धाम भी है, जहां मां अंजना का जन्म एवं हनुमान जी का जन्म हुआ है, यहां किष्किंधा भी है और पंपा सरोवर भी है, यहां सुग्रीव और बाली का वास रहा है, यहां पांडवों का भी वास रहा है। इस तरह झारखंड की संस्कृति भगवा संस्कृति है ।5000 से अधिक वर्षों से झारखंड की भगवा संस्कृति है, झारखंड की संस्कृति का नाम लेकर झारखंड की संस्कृति एवं यहां के लोगों को बदनाम करने का षड्यंत्र कर रहे हैं। पाकुड़ राजमहल तरफ आतंकी प्रवृत्ति के कई रोहिंग्या और बांग्लादेशी आकर बस गए हैं, जिनके वोट के लिए हेमंत सोरेन भगवा और जनजातीय समाज को बदनाम कर रहे हैं । उन्होंने कहा भगवा वस्त्र पहनकर हमारे साधू संतो ने देश को संवारा है,हमारे महाराणा प्रताप,वीर शिवाजी जैसे योद्धा की विजय पताका भी भगवा ही होती थी।  हमारे वीरो ने भगवा पहनकर ही अद्भुत पराक्रम दिखाया है और राष्ट्र की रक्षा की है ।उन्होंने कहा कि हेमंत सोरेन अपनी संकीर्ण मानसिकता का परित्याग करें ,अन्यथा इस भगवा की आग में जल कर राख हो जाएंगे। यह हिंदू संस्कृति अपमान को स्वीकार नहीं करती और एक न एक दिन उन्हें समूल नाश कर देती है।
               प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए  विश्व हिंदू परिषद के क्षेत्र संगठन मंत्री माननीय अकारपू केशव राजू जी ने हेमंत सोरेन को चेतावनी देते हुए कि भगवा पूरे समाज का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि भगवा को बदनाम करके शासन में आना चाहते हैं, तो यह उनकी बहुत बड़ी भूल है। उन्होंने कहा कि भगवा इस देश का  प्रतीक है समाज का प्रतीक है, सर्व धर्म का प्रतीक भगवा सिख जैन बौद्ध सारे सनातन धर्म का प्रतीक है,हमारे रास्ते ध्वज के सबसे ऊपर भगवा रंगी है जो शौर्य वीरता और त्याग का  प्रतीक है । भगवा हमारी साधु संतों और महात्माओं का प्रतीक है इस तरह उन्होंने महात्मा साथ पूरे भारत का अपमान किया है। उन्होंने कहा कि सत्ता के लालच में राज्य का इसाई करण करने के लिए जनजाती समाज के साथ षड़यंत्र कर रहे हैं । उन्होंने कहा कि भगवा को बदनाम करने वाले लोग कभी सत्ता में नहीं आना चाहिए।
                 निस्वार्थ में प्रेस वार्ता में मुख्य रुप से प्रांत मंत्री डॉ वीरेंद्र साहू, प्रांत उपाध्यक्ष गंगा प्रसाद यादव, ध्रुवदेव तिवारी, देवी प्रसाद शुक्ला, रांची विभाग प्रचार प्रसार प्रमुख प्रसाद सहित कई पदाधिकारी थे।


रांची:देवी देवताओं के अपमान को लेकर कांग्रेस नेता के खिलाफ एफआईआर

 


राँची। झारखंड कांग्रेस के प्रवक्ता कुमार राजा पर भारतीय जनता युवा मोर्चा की तरफ से राँची के अरगोड़ा थाने में देवी देवताओं का अपमान करने को लेकर एफआईआरदर्ज करवाया गया है। भारतीय जनता युवा मोर्चा रांची महानगर के अध्यक्ष सूर्य कुमार के द्वारा दर्ज एफआईआर में यह कहा गया है कि कुमार राजा ने अपने ट्विटर अकाउंट पर हिंदू देवी के बारे में आपत्तिजनक पोस्ट किया है। एफआईआर में यह जिक्र किया गया है कि कुमार राजा के इस ट्वीट से धार्मिक उन्माद और सामाजिक समरसता बिगड़ सकता है।

एक सौ रुपए के लिए मां ने लगाई डांट,तेरह वर्षीय छात्र ने लगा ली फांसी


लोहरदगा । जिले के सेन्हा थाना अंतर्गत एकागुड़ी गांव का छात्र सुमन उरांव उर्फ रंथू उरांव (13 वर्ष) ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। परिजनों को इसकी जानकारी गुरुवार को सुबह ग्रामीणों से मिली। जिसके बाद इसकी सूचना स्थानीय थाना पुलिस को दी गई। मौके पर पहुंची सेन्हा थाना पुलिस ने पेड़ से किशोर के शव को नीचे उतारा और पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल लोहरदगा भेज दिया।

बताया जाता है कि एकागुड़ी गांव निवासी जवां उरांव का पुत्र सुमन उरांव उर्फ रंथू मध्य विद्यालय चितरी के कक्षा 7वीं का छात्र था, जिसे उसकी मां ने बुधवार की रात बिना बोले 100 रुपया पर्स से निकालने पर डांट लगाई थी।जिसके बाद सुमन गुस्से में आकर गांव के सामुदायिक भवन के पीछे बैर के पेड़ में साड़ी का फंदा गले से लगाकर आत्महत्या कर लिया। हालांकि पुलिस किशोर द्वारा आत्महत्या करने के अन्य कारणों की भी जांच-पड़ताल कर रही है।

सचमुच के डॉक्टर और लाजवाब अभिनेता डॉ श्रीराम लागू




डॉक्टर श्रीराम लागू जैसे संवेदनशील और लाजवाब  अभिनेता विरले ही होते हैं। इनकी जैसी भूमिका निभाने वाले कलाकारों को हम आमतौर पर कैरेक्टर आर्टिस्ट  कहते हैं। किसी फिल्म में इनकी भूमिका कितनी महत्वपूर्ण होती है यह अक्सर आम दर्शक नजरअंदाज कर जाते हैं। इससे हम एक उदाहरण से अच्छी तरह से समझ सकते हैं। जैसे कोई फुटबॉल मैच चल रहा हो तो दर्शकों का ध्यान सबसे अधिक फारवर्ड खेलने वाले और गोल करने वाले खिलाड़ियों पर ही होता है। उसी तरह से किसी भी फिल्म में दर्शकों का  सबसे अधिक ध्यान हीरो, हीरोइन या फिर विलेन पर ही होता हैं लेकिन जिस तरह से फुटबॉल मैच में गोल करने वाले के अलावा भी कई महत्वपूर्ण खिलाड़ी होते हैं जैसे गोलकीपर और डिफेंडर। ये खिलाड़ी भी अपनी टीम की जीत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं उसी तरह से श्रीराम लागू जैसे कलाकार भी किसी फिल्म को मजबूती देने में, उसे दर्शनीय बनाने में और उसे सफल करने में अपनी भूमिका अदा करते हैं।

मुकद्दर का सिकंदर के रामनाथ वकील
श्रीराम लागू की जो पहले फिल्म सिनेमा हॉल में देखी थी  वह मुकद्दर का सिकंदर थी। लेकिन उस समय श्रीराम लागू पर ध्यान नहीं गया था। सारा ध्यान अमिताभ बच्चन, रेखा, विनोद खन्ना राखी और अमजद खान पर ही था। इस फिल्म में श्रीराम लागू ने राखी के पिता की भूमिका निभाई थी और इस भूमिका में उन्होंने जान डाल दी थी। फिल्म सौतनमें भी काफी अच्छे लगे थे उसमें इन्होंने पद्मिनी कोल्हापुरी के पिता का किरदार अदा किया था। 

सिनेमा में यादगार भूमिकाएं
श्रीराम लागू ने हिंदी और मराठी फ़िल्मों में कई यादगार रोल किए। मसलन 1977 की फ़िल्म घरौंदा का वो उम्रदराज़ बॉस (मिस्टर मोदी) जो अपने ऑफ़िस में काम करने वाली एक युवा लड़की (ज़रीना वहाब) से शादी करता है। ज़रीना वहाब दरअसल अमोल पालेकर से प्यार करती है लेकिन अमोल पैसे के लालच में ज़रीना को मजबूर करता है कि वो श्रीराम लागू से शादी करे. मगर धीरे-धीरे एक उम्रदराज़ मर्द और एक युवा लड़की के बीच प्यार पनपता है, घरौंदा उसकी ख़ूबसूरत सी कहानी है। ये रोल आसानी से नेगेटिव शेड ले सकता था लेकिन श्रीराम लागू इसे बड़ी नज़ाकत से निभाते हैं. घरौंदा के लिए उन्हें फ़िल्मफ़ेयर सर्वश्रेष्ठ सहअभिनेता का अवॉर्ड मिला था। 

सिंहासन, सामना, पिंजरा जैस मराठी फिल्मों और चलते-चलते, मुक़दर का सिंकदर, सौतन और लवारिस जैसे कई हिंदी और मराठी फ़िल्मों में उन्होंने काम किया.

रिचर्ड एटनबरो की फ़िल्म गांधी में गोपाल कृष्ण गोखले का उनका छोटा सा रोल भी हमेशा याद रहता है, वही रोल जो उन्होंने बचपन में पुणे के अपने स्कूल में किया था।

Wednesday, December 18, 2019

चतरा। हंटर गंज थाना क्षेत्र में पुत्र ने आपसी विवाद  घटना की सूचना ग्रामीणों ने पुलिस को दी.मिलते ही मौके पर पुलिस पहुंच कर आरोपी बेटे को गिरफ्तार कर लिया और मृतक के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मामले की छानबीन में जुट गई है.

आपसी विवाद बनी हत्या की वजह

मिली जानकारी के अनुसार रामजीत भुईयां का उसके बड़े पुत्र निर्मल भुईयां से किसी बात को लेकर बुधवार को विवाद हो गया. बेटा ने घर में रखा टांगी को उठाया और बाप पर प्रहार करना शुरू कर दिया और तब तक प्रहार करता रहा, जब तक उसकी मौत ना हो गई.जब इसकी जानकारी गांव वालों को मिली, तो वे मौके पर पहुंचे और बेटे को बंधक बना लिया.उसके बाद इसकी सूचना हंटरगंज थाना को दी.

आरोपी बेटे को पुलिस ने किया गिरफ्तार

आरोपी को ग्रामीण के द्वारा बंधक बनाने के बाद घटना कि सूचना पुलिस को दी गई सूचना मिलते ही हंटरगंज थाना प्रभारी हंसे उरांव मौके पर पहुंचे और शव को अपने कब्जे में करते हुए पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया. इधर आरोपी बेटे को गिरफ्तार कर पुलिस अपने साथ थाना ले आई है.आरोपी बेटे से पुलिस पूछताछ कर रही है और किस वजह से पिता के साथ विवाद हुआ था.

जैक ने जारी की मैट्रिक परीक्षा के फॉर्म भरने की तारीख, 18 दिसंबर से 6 जनवरी तक जमा होंगे आवेदन






रांची। मैट्रिक परीक्षा 2020 के लिए 18 दिसंबर से 6 जनवरी तक परीक्षा फॉर्म जमा किये जाएंगे. झारखंड एकेडमिक काउंसिल ने इसके लिए ऑनलाइन व्यवस्था की है. लेट फाइन के साथ 7 से 13 जनवरी तक फॉर्म भरने की तिथि निर्धारित की गई है. फॉर्म भरने के लिए जैक के वेबसाइट www.jac.jharkhand.gov.in पर विद्यार्थियों को लॉग इन करना होगा.बता दें कि 2020 के फरवरी महीने से ही विभिन्न बोर्ड की परीक्षाओं की शुरुआत हो जाएगी. झारखंड एकेडमिक काउंसिल की ओर से आयोजित की जाने वाली मैट्रिक परीक्षा 2020 के लिए भी परीक्षा फॉर्म 18 दिसंबर से 6 जनवरी तक भरा जाएगा. बैंक में चालान के माध्यम से शुल्क 8 जनवरी तक जमा लिये जाएंगे. लेट फाइन के साथ फॉर्म 7 से 13 जनवरी तक भरने की तारीख निर्धारित की गई है. पूर्ववर्ती छात्रों का रजिस्ट्रेशन और परीक्षा फॉर्म ऑनलाइन ही भरे जाने का निर्णय लिया गया है.

बांग्लादेश सरकार ने इस्कॉन संतों को भारत में प्रवेश से रोका

चौंकाने वाली खबर 🚨  बांग्लादेश ने 63 इस्कॉन भिक्षुओं को भारत में प्रवेश करने से रोका सभी के पास वैध पासपोर्ट और वीज़ा थे। आव्रज...