Thursday, April 2, 2020

एशिया के सबसे बड़े स्लम एरिया मुंबई की धारावी में कोरोना संक्रमित की मौत से लोगों में दहशत




मुंबई में एशिया की सबसे बड़ी स्लम बस्ती धारावी में कोरोना से पीड़ित व्यक्ति की बुधवार को मौत से झारखंड प्रवासी मजदूर दहशत के माहौल में जीने पर मजबूर हैं।जानकारी के अनुसार धारावी मुंबई में 15 लाख लोगों की घनी आबादी वाला क्षेत्र है, जहां पर झारखंड के लगभग दस हजार से अधिक की संख्या में दिहाड़ी मजदूर और छोटे कारोबारी रहते हैं।यहाँ जानकारी के मुताबिक, मुंबई के धारावी में बसे स्लम को एशिया की सबसे बड़ी झोपड़पट्टी के तौर पर जाना जाता है।यहां करीब 15 लाख लोग रहते हैं।सिर्फ इस इलाके का टर्न ओवर 10 करोड़ से अधिक है।यहां एक झोपड़ी की कीमत भी इसी वजह से अब 50 स ,60 लाख रुपये तक पहुंच चुकी है।
बता दे, मुंबई की झुग्गी-झोपड़ियां और चॉल में यह वायरस तेजी से फैल रहा है और यहां पर इसे काबू पाना प्रशासन की सबसे बड़ी चुनौती है।प्रवासी मजदूरों हितार्थ में कार्य करने वाले समाजसेवी सिकन्दर अली का कहना हैं कि इस वायरस को रोकने के लिए सोशल डिस्टेंसिंग सबसे अहम हैं और इन घनी बस्तियों में यह संभव नहीं हो पा रहा हैं।अब तक बस्तियों में आठ लोग कोरोना पॉजिटिव हो चुके है।




लेकिन सामाजिक दूरी इन मलिन बस्तियों और चॉलों में संभव नहीं है। झुग्गी बस्तियों में ज्यादातर घरों में टिन की चादरें एक साथ रखी जाती हैं और यहां रहने वाले लोग सामुदायिक शौचालयों का उपयोग करते हैं।चॉलों में तो 8X10 के कमरों में सामान्यता छह लोग तक रहते हैं। यहां के लोगों में बीमारी रोकना शुरू से ही स्वास्थ्य विभाग के लिए बड़ी चुनौती रहा है।ऐसे में झारखंड सरकार को महाराष्ट्र सरकार से बात कर झारखंड प्रवासी मजदूरों के बचाव के लिए ठोस कदम उठाने की जरूरत हैं।

एशिया के सबसे बड़े स्लम एरिया मुंबई की धारावी में कोरोना संक्रमित की मौत से लोगों में दहशत




मुंबई में एशिया की सबसे बड़ी स्लम बस्ती धारावी में कोरोना से पीड़ित व्यक्ति की बुधवार को मौत से झारखंड प्रवासी मजदूरों में दहशत के माहौल में जीने पर मजबूर हैं।जानकारी के अनुसार धारावी मुंबई में 15 लाख लोगों की घनी आबादी वाला क्षेत्र है, जहां पर झारखंड के लगभग दस हजार से अधिक की संख्या में दिहाड़ी मजदूर और छोटे कारोबारी रहते हैं।यहाँ जानकारी के मुताबिक, मुंबई के धारावी में बसे स्लम को एशिया की सबसे बड़ी झोपड़पट्टी के तौर पर जाना जाता है।यहां करीब 15 लाख लोग रहते हैं।सिर्फ इस इलाके का टर्न ओवर 10 करोड़ से अधिक है।यहां एक झोपड़ी की कीमत भी इसी वजह से अब 50 स ,60 लाख रुपये तक पहुंच चुकी है।
बता दे, मुंबई की झुग्गी-झोपड़ियां और चॉल में यह वायरस तेजी से फैल रहा है और यहां पर इसे काबू पाना प्रशासन की सबसे बड़ी चुनौती है।प्रवासी मजदूरों हितार्थ में कार्य करने वाले समाजसेवी सिकन्दर अली का कहना हैं कि इस वायरस को रोकने के लिए सोशल डिस्टेंसिंग सबसे अहम हैं और इन घनी बस्तियों में यह संभव नहीं हो पा रहा हैं।अब तक बस्तियों में आठ लोगों को कोरोना पॉजिटिव हो चुका है।




लेकिन सामाजिक दूरी इन मलिन बस्तियों और चॉलों में संभव नहीं है। झुग्गी बस्तियों में ज्यादातर घरों में टिन की चादरें एक साथ रखी जाती हैं और यहां रहने वाले लोग सामुदायिक शौचालयों का उपयोग करते हैं।चॉलों में तो 8X10 के कमरों में सामान्यता छह लोग तक रहते हैं। यहां के लोगों में बीमारी रोकना शुरू से ही स्वास्थ्य विभाग के लिए बड़ी चुनौती रहा है।ऐसे में झारखंड सरकार को महाराष्ट्र सरकार से बात कर झारखंड प्रवासी मजदूरों के बचाव के लिए ठोस कदम उठाने की जरूरत हैं।

अखिल भारतीय स्वर्णकार संघ, कोडरमा के डोमचांच प्रखंड द्वारा स्वर्णकार बंधुओं को खाद्यान्न सामग्री का वितरण

श्री प्रसाद सोनी #कोडरमा।
आज अखिल भारतीय स्वर्णकार संघ, जिला इकाई कोडरमा के डोमचांच प्रखंड इकाई ने अपने प्रखंड में स्वर्णकार भाईयों के बीच राशन सामाग्री का वितरण किया।

देश में लॉक डाउन के चलते उभरे परिस्थित के मद्देनजर वैसे लोगों के बीच राहत सामग्री का वितरण किया गया जो इस दौरान अपनी रोजी-रोटी जुटाने में असमर्थ हो रहे थे।
प्रखंड अध्यक्ष विनय पोद्दार अपने प्रखंड लेवल टीम के साथ पुरे प्रखंड का दौरा कर जरुरतमंद लोगों की सूची बनाई और आज चिन्हित किये गये लोगों के बीच घर-घर जाकर राहत सामाग्री का वितरण किया । लॉक डाऊन के दौरान कोई भी स्वर्णकार बंधु भूखा न रहे-- इस उददेश्य के साथ प्रखंड इकाई ने सराहनीय कार्य किया है ।
जिन बंधुओं ने इस खुबसूरत कार्य के लिये फंड का इन्तजाम किये उनमें डोमचांच से प्रखंड सचिव मुन्ना वर्मा, कोषाध्यक्ष पिन्टु सोनी कार्यकारणी सदस्य दीपक सोनी प्रमुख है।
इसके साथ ही स्पेशल थैंक्स के वो लोग भी हकदार है जिन्होनें न सिर्फ इसके लिये प्रोत्साहन किया बल्कि अपने प्रखंड के बाद डोमचांच प्रखंड के लिये भी सहयोग राशि उपलब्ध कराई । उनमें तिलैया से जिलाध्य्क्ष नवल किशोर प्रसाद, नगर अध्यक्ष अनिल वर्मन तथा दीपू जी शामिल थे।


राहत सामग्री पाने वालों में डोमचांच से
रामप्रसाद स्वर्णकार, कृष्णा सोनार उर्फ (फूचन सोनार), बेबी देवी तथा शिला देवी।

बेहराडीह से-
अनिता देवी, कुन्ती देवी तथा सुनील स्वर्णकार।


रायडीह से-
बबुलाल सोनार, विजय सोनार, दुलारी देवी, प्रमिला देवी तथा गिरिजा मसोमत।

पुरनाडीह (बीघा) से-
शान्ती देवी, किशुनी देवी, सकुन देवी, आलो देवी और विजय सोनार।

Wednesday, April 1, 2020

गिरिडीह:लॉक डाउन का उल्लंघन करने वालो को 6 माह से एक वर्ष तक की जेल



गिरिडीह प्रशासन द्वारा #लॉक_डाउन का उल्लंघन करने वालो के लिए अब सख्त कदम उठाए गए है, जिसमें 6 महीने से लेकर 2 वर्ष तक की सजा का प्रावधान किया गया है।


1) राशन दुकान , मेडिकल स्टोर, सब्जी एवं फल दुकान के आलावा खुले पाए गए सभी दुकान का लाइसेंस रद्द किया जाएगा, तथा उपरोक्त मालिक को सरकारी आदेश ना मानने के जुर्म में करवाई की जाएगी।

2) कोई भी वाहन (दो पहिया, तीन पहिया, चार पहिया) जो अनावश्यक रूप से घूमते या यात्री को ले जाते पाए जाने पर, वाहन मालिक और ड्राइवर पर कार्रवाई की जाएगी।

3) कोई भी होटल, रेस्टोरेंट, मिठाई स्टोर, आदि खुले पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी।

4) एक जगह 5 व्यक्ति या उससे ज्यादा घर के बाहर अनावश्यक रूप से पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी।

5) सड़क पर इधर उधर गंदगी फैलाने वालों पर कार्रवाई की जाएगी।

6) किसी भी कोचिंग संस्थान या शिक्षण संस्थान के खुले पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी।

7) बच्चो को बाहर किसी भी प्रकार के खेल( क्रिकेट, फुटबाल, हॉकी इत्यादि) खेलने पर कार्रवाई की जाएगी।

8) किसी भी स्थान पर शादी, समारोह, उत्सव करवाने वाले परिवार पर कार्रवाई की जाएगी।

9) किसी भी प्रकार के शमशान यात्रा (हिन्दू, मुस्लिम कोई भी) में भीड़ को लेकर जाने पर कार्रवाई की जाएगी।

घर के अंदर रहे, खुद बचे, दूसरो को बचाए


Tuesday, March 31, 2020

दिल्ली के निजामुद्दीन कालोनी से भयभीत करने वाली खबर की पुष्टि हो चुकी है ,1400 लोग एकसाथ इकट्ठे हो मना रहे थे जलसा

ब्रेकिंग खतरनाक न्यूज

#दिल्ली के निजामुद्दीन कालोनी से भयभीत करने वाली खबर की पुष्टि हो चुकी है

वहां की #मस्जिद मे एकसाथ 1400 मुस्लिम इकट्ठा जलसा मनाते पाए गये ,

उनमे से 6 मुसलमान पूरी तरह से कोरोनो पाजिटिव पाए गये तथा अन्य 100 मुसलमानों मे कोरोना के स्पष्ट लक्षण पाए गये हैं ,और तीसरी आश्चर्य की बात ये हैं कि इन 1400 मुसलमानों मे 200 विदेशी मुसलमान भी हैं।

इन सभी 1400 मुसलमानों को पूरी तैयारी के साथ घेर कर रखा गया है।

आनन फानन मे वर्ल्ड हेल्थ आर्गनाइजेशन WHO की टीम भी पहुंच गई है।

इन सभी 1400 मुसलमानोंको क्वारंटाइन किए जाने की व्यस्था की जा रही है।

 ये बिमारी को भी जिहाद की तरह यूज कर रहें हैं।

पिछले हफ्ते में भी बंगाल, झारखंड आदि से चीनी उइगर मुसलमान मस्जिद एवं मदरसों से बरामद हो चुके हैं।
बांकी अभी जितने कोरोना के मरीज मिले हैं पिछले 6 दिन मे उनमे 90% मुसलमान हैं।,
और ये लोग जांच करवाकर भाग आए और पब्लिक के बीच घूम रहे थे जिसको बाद मे प्रशाशन ने जबर्दस्ती उठा लिया था।लेकिन मीडिया कनिका कपूर के अलावा अब मरीज का नाम लेने से बच रही है।
अब जब इतना बडा भंडाफोड़ हो गया देलही मे तो जाकर मीडिया दिखा रही है वो भी बडी सफाई के साथ।

खतरनाक शाजिश की बू आ रही है।
सावधान!!

नवीं मुंबई के वर्ली में एक भवन में रुके गिरिडीह के मजदूरों की सुनी गई आवाज,सभी तीन सौ लोगों के भोजन की हुई व्यवस्था







#गिरिडीह।गिरिडीह जिले के अभी भी हजारों ग्रामीण मजदूरों के महानगरों में फंसे होने की जानकारी मिल रही है। जत्थे के रूप में फंसे हुए लोग अपने घरों को आने को व्याकुल हो रहे हैं तथा अपने परिजनों को वहां से बाहर आने के लिए सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी फोटो एवं वीडियो भेज कर व्यवस्था करने के लिए गिड़गिड़ा रहे हैं। इसी क्रम में सोमवार को नवी मुंबई के वर्ली इलाके में कोलीवाडा सोनापुर लेन में स्थित भवन में जिले के डुमरी बगोदर पीरटांड़ आदि प्रखंडों के लगभग 300 मजदूर ने अपनी सूची एवं फोटो भेज कर इस संवाददाता से आने की गुहार लगाई है।


उन्होंने कहा है कि अचानक कंपनी बंद हो जाने के बाद वे एक भवन में सामूहिक रूप से फंसे हैं तथा बाहर निकलने पर लाठी-डंडे खाना पड़ रहा है। जबकि पैसे और खाद्यान्न खत्म हो गए हैं। कई दिनों से भूखे पेट पानी पीकर गुजारा कर रहे हैं। जब संवाददाता ने मोबाइल पर उन्हें बताया कि पूरे देश में सभी राज्यों एवं जिलों की सीमाएं सील कर दी गई है तो उन्होंने कहा कि अब भूखे मर जाने के अतिरिक्त हम लोगों को समक्ष कोई चारा नहीं है। इस पर झारखंड सरकार द्वारा गठित टीम के सदस्य का मोबाइल नंबर दें उन्हें वस्तुस्थिति से अवगत कराने को कहा।साथ ही मामले को आगे बढ़ाया।जिससे सुखद खबर यह अाई है कि उन सभी लोगों के लॉक डाउन की अवधि तक खाना की व्यवस्था कर दी गई है।
जिससे उन्होंने दिल से बधाई डी है। उधर डुमरी प्रमुख यशोदा देवी को भी तेलंगाना में फंसे लोगों ने वापस लौटने के लिए व्यवस्था करने की गुहार लगाई है। जिस पर उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को ट्वीट कर मामले की जानकारी दे दी है।जबकि तीन दिनों से उन्हें कोई जवाब नहीं मिलने की बात सामने आ रही है।
तेलंगाना के हैदराबाद में फंसे डुमरी प्रखंड के कई गांवाें के लगभग 25 मजदूर ने मोबाइल द्वारा इस संवाददाता को चूड़ा बांधकर पैदल ही चल देने की जानकारी दी है। वही आज अहले सुबह सूचना मिली कि झारखंड के सीमावर्ती जिलों में महाराष्ट्र से निजी वाहनों में लौटने वाले गिरिडीह जिले के मजदूरों को आइसोलेट करने के लिए बीती रात से ही रोक दिया गया है।उधर बंगलुरू में दर्जनों लोग रुके हो आने की राह तलाश रहे हैं।

गिरिडीह जमुआ में लॉक डाउन उल्लंघन में 21 पर प्राथमिकी दर्ज




कोविड-19 महामारी की रोकथाम के लिए राज्य और केंद्र सरकार द्वारा लगाए गए लॉकडाउन के लिए जमुआ थाना ने मानो कमर कस ली है। जमुआ थाना प्रभारी संतोष कुमार के नेतृत्व में यहां के पुलिसकर्मियों ने रात-दिन एक कर रखा है। सीमित संसाधन के बाबजूद लोगों को घर में रहने को लेकर प्रेरित करने और नहीं मानने पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। विदित हो कि भारत सरकार द्वारा पूरे देश में सम्पूर्ण लॉकडाउन एवं निषेधाज्ञा लागू किया गया है। इसके बावजूद जमुआ थाना क्षेत्र के कुछ लोगों द्वारा खुलेआम सरकार की आज्ञा का अवहेलना की जा रही है तथा संक्रमण फैलाने का काम कर रहे हैं। जमुआ पुलिस द्वारा ऐसे व्यक्तियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करते हुए कांड दर्ज किया गया है।

जमुआ थाना कांड संख्या 62/2020 दिनांक 26/03/2020 143/188/269/290 भा0द0वि0 के अंतर्गत लालू प्रसाद याद, कैलाश यादव दोनों भाई, मुकेश कुमार राम, प्रकाश यादव, पंकज तुरी, सभी ग्राम नावाडीह और जमुआ थाना कांड संख्या 64/2020 दिनांक 28/03/2020 143/188/269/290 भा0द0वि0 में शिवनारायण महतो, राकेश कुमार, मंजू देवी, यशोदा देवी, रुकसाना प्रवीण, संजय कुमार, रामावती देवी सभी ग्राम रंगामाटी और जमुआ थाना कांड संख्या 65/2020 दिनांक 28/03/2020 143/188/269/290 भा0द0वि0 में राजेश्वर राम, मोहन प्रसाद वर्मा, प्रसादी पंडित, अर्जुन महतो, रामचन्द्र प्रसाद वर्मा ग्राम रंगामाटी, कमलाकांत पांडेय, विनोद कुमार पांडेय, बालगोविंद पांडेय और भीखन पांडेय सभी ग्राम माधोपुर पर प्राथमिकी दर्ज़ की गई है।

बांग्लादेश सरकार ने इस्कॉन संतों को भारत में प्रवेश से रोका

चौंकाने वाली खबर 🚨  बांग्लादेश ने 63 इस्कॉन भिक्षुओं को भारत में प्रवेश करने से रोका सभी के पास वैध पासपोर्ट और वीज़ा थे। आव्रज...