Friday, November 29, 2024

संभल जिलाधिकारी ने 10 दिसंबर तक निषेधाज्ञा लागू की

उत्तर प्रदेश | डीएम संभल डॉ राजेंद्र पेंसिया ने 10 दिसंबर 2024 तक बीएनएसएस की धारा 163 लागू करते हुए निषेधाज्ञा जारी की है।

इस धारा के तहत बिना पूर्व अनुमति के 5 या अधिक लोगों का एकत्र होना प्रतिबंधित है।

गुमला में हाईवा और बोलेरो में जोरदार टक्कर, 2 की मौक़े पर मौत,3 गंभीर रूप से घायल



गुमला : गुमला जिले में सड़क दुर्घटना में दो लोगों कई दर्दनाक मौत हो गई। वहीं तीन ज़िंदगी और मौत से जूझ रहे है।  घटना सिसई थाना क्षेत्र के नागफनी स्थित नेशनल हाईवे  की है। 

शुक्रवार की देर शाम आरकेडी कंस्ट्रक्शन कंपनी के हाईवा और एक बोलेरो वाहन के बीच टक्कर हुई। इस घटना में बोलेरो सवार दो लोगों की मौत हो गई। जबकि तीन लोग गंभीर रूप से घायल है। मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल गुमला भेजा गया।   

मिली जानकारी के अनुसार, बोलेरो वाहन से पांच लोग पंडरिया गुमला से दुंबो की ओर जा रहे थे।  इसी क्रम में नागफनी के पास हाईवा और बोलेरो में जोरदार टक्कर हो गई। 
दुर्घटना इतना भयानक था कि बोलेरो के परखच्चे उड़ गए। इस घटना में दो लोगों की मौत घटना स्थल पर ही हो गई।

बांग्लादेश की सड़कों पर मुस्लिमों ने हिंदुओं के कत्लेआम का आह्वान करते हुए मार्च निकाला

बांग्लादेश की सड़कों पर मुस्लिम भीड़ खुलेआम हिंदुओं के कत्लेआम का नारा लगाती है, हिंदू धर्म के शांतिपूर्ण अनुयायियों को निशाना बनाती है। उनके खौफनाक नारों में शामिल है, “इस्कॉन के लिए यहाँ कोई जगह नहीं होगी” और “हम इस्कॉन भक्तों की खाल उधेड़ देंगे।”

ये सिर्फ़ धमकियाँ नहीं हैं-ये नरसंहार का आह्वान हैं। आध्यात्मिक भक्ति और अहिंसा में निहित हिंदू धर्म की एक शाखा, इस्कॉन भक्तों को सिर्फ़ उनकी मान्यताओं के लिए शिकार बनाया जा रहा है। मंदिरों को अपवित्र किया जाता है, हिंदू लड़कों को दिनदहाड़े मार दिया जाता है, और हिंदू आध्यात्मिक नेताओं को मनगढ़ंत आरोपों में कैद कर लिया जाता है जबकि आतंकवादी खुलेआम घूमते हैं।

यह कोई यादृच्छिक हिंसा नहीं है; यह हिंदू धर्म और बांग्लादेश से गैर-इस्लामिक हर चीज़ को मिटाने का एक व्यवस्थित अभियान है।

अब खुद से पूछें: जब यही भीड़ आपके शहर की सड़कों पर आपके सिर के नारे लगाते हुए मार्च करेगी, तो आप क्या करेंगे?  जब वे आपकी संस्कृति, आपके विश्वास और आपके जीवन के तरीके को नष्ट करने की मांग करेंगे, तो आप क्या करेंगे? क्या आपको लगता है कि जहाँ आप रहते हैं, वहाँ ऐसा नहीं हो सकता? फिर से सोचें।

आपके नेता इस अराजकता को आयात कर रहे हैं

वही लोग जो बांग्लादेश की सड़कों पर हिंदुओं के वध के नारे लगाते हुए मार्च करते हैं, उन्हें आपके शहरों और कस्बों में उन राजनेताओं द्वारा आने दिया जा रहा है जो उनके साथ आने वाली खतरनाक विचारधाराओं को अच्छी तरह समझते हैं। उनका एजेंडा सह-अस्तित्व नहीं है - यह विजय है।

ये शरण मांगने वाले प्रवासी नहीं हैं। वे विचारधारा वाले लोग हैं जो बांग्लादेश में फैलाई गई उसी नफरत, हिंसा और प्रभुत्व को आपके दरवाजे पर ला रहे हैं। वे आपके राष्ट्रों को अंदर से कमजोर करते हैं, आतंक और अराजकता का मार्ग प्रशस्त करते हैं।

इस्लाम के लक्ष्य स्पष्ट हैं

इस्लाम अपने एजेंडे को नहीं छिपाता है। यह धर्म में लिपटी एक राजनीतिक ताकत है, जो अपने खिलाफ खड़े किसी भी व्यक्ति पर हावी होने और उसे मिटाने के लिए बनाई गई है। यह एकीकरण नहीं चाहता है - यह समर्पण की मांग करता है।

आज, बांग्लादेश में हिंदू हैं। कल, यह ईसाई, यहूदी और कोई भी होगा जो झुकने से इनकार करता है।  इस्लाम सिर्फ़ व्यक्तियों को ही नहीं बल्कि पूरी सभ्यताओं को निशाना बनाता है। अगर पश्चिम अंधा बना रहा, तो ये भीड़ जल्द ही आपकी सड़कों पर मार्च करेगी, आपके विनाश के नारे लगाएगी।

पश्चिम के लिए एक चेतावनी

बांग्लादेश में जो हो रहा है, वह एक चेतावनी है। ये नारे, ये हिंसा, ये नफरत सिर्फ़ एक देश तक सीमित नहीं रहेगी। आपके राजनेता, “विविधता” और “सहिष्णुता” के पीछे छिपकर, इस विचारधारा को आपके शहरों में आयात कर रहे हैं। लेकिन विविधता और सहिष्णुता का उस विचारधारा के लिए कोई मतलब नहीं है जो सिर्फ़ दो विकल्प देखती है: समर्पण या मृत्यु।

बहुत देर होने से पहले उठ खड़े हों

यह कोई अभ्यास नहीं है। यह एक चेतावनी है। अगर पश्चिम कार्रवाई नहीं करता है, तो बांग्लादेश में भयावहता आपके अपने समुदायों की वास्तविकता बन जाएगी।

- अपने नेताओं से जवाबदेही की मांग करें।
- इस्लामी प्रवास के खतरों को उजागर करें।
- मीडिया की चुप्पी और मिलीभगत को उजागर करें।

रेखा खींच दी गई है। क्या आप अपने देश, अपने विश्वास और अपने भविष्य के लिए लड़ेंगे - या इसे बर्बाद होते हुए देखेंगे?

 

Thursday, March 21, 2024

सरकारी अस्पताल में बंध्याकरण कराने पहुंची शोभा की स्थिति बिगड़ी, रिम्स में जिंदगी और मौत से लड़ रही है



गिरिडीह।

कहते हैं कि अयोग्य चिकित्सकों के कारण समाज के गरीब तबके ही अधिकतर शिकार होते हैं।ये कथित डॉक्टर अर्थिकोपार्जन की लालसा में मरीजों के जीवन से खिलवाड़ करते कहे जाता हैं।लेकिन जब सरकारी अस्पताल की स्थिति इतनी बद्तर हो जाएगी कि ऑपरेशन में किसी मरीज के इंटेस्टाइन जो मानव शरीर
के प्राकृतिक संरचना का मनुष्य के जीवंत रहने के लिए महत्वपूर्ण हिस्सा है,उसे ही काट दिया जाए तो सहज ही आप अंदाजा लगा सकते हैं कि मरीज की क्या हालत हो रही होगी।जी हां,ऐसा हुआ है और ये बिल्कुल सत्य है।मामला झारखंड के गिरिडीह जिले की है।

सरकार रेफरल अस्पताल डुमरी के एक चिकित्सक की लापरवाही के कारण अस्पताल में बंध्याकरण का आपरेशन कराने गई एक महिला रिम्स अस्पताल में  जिदंगी और मौत से जूझ रही है।

महिला की बिगड़ती हालत को देखकर बुधवार को महिला के ससुराल और मायके वाले डुमरी रेफरल अस्पताल पहुंचे और डॉक्टर से इलाज के आस लगाए बैठे हैं। सूचना पर सूबे के पूर्व मंत्री लालचंद महतो डुमरी रेफरल अस्पताल पहुंचे और परिजनों से पूरी घटना की जानकारी लेते हुए अस्पताल प्रबंधक से मुआवजे को मांग करते हुए महिला का समुचित इलाज करवाने की बात कही। 

बताया जाता है कि 16 फरवरी को प्रखंड के चैनपुर पंचायत के भेलावाटुगरी  निवासी दुरलचंद महतो की पत्नी शोभा कुमारी गांव की सहिया बुधेश्वरी देवी के साथ बंध्याकरण का ऑपरेशन करवाने डुमरी रेफरल अस्पताल पहुंची थी। ऑपरेशन अस्पताल में कार्यरत चिकित्सक आशीष कुमार ने किया। ऑपरेशन के बाद महिला अपने घर चली गई। लेकिन दो दिन के बाद महिला का पेट फूलने लगा। जिसे देख महिला के परिजन महिला को लेकर अस्पताल पहुंचे। तब चिकित्सको की इस बात की जानकारी हुई कि ऑपरेशन के क्रम में महिला की लैट्रिन की नाली और पेशाब की नाली कट गए हैं। इस समय चिकित्सको ने महिला का सम्पूर्ण इलाज के करवाने की बात कहते हुए महिला को धनबाद के एसएनएम एमसीएच रेफर कर दिया।महिला की स्थिति बिगड़ती देखकर धनबाद से उसे रिम्स रेफर कर दिया गया। 

जहां महिला जिंदगी और मौत से लड़ रही है। महिला के परिवार की स्थिति दयनीय होने के कारण महिला के परिवार वाले बुधवार को डुमरी रेफरल अस्पताल पहुंचकर डॉक्टर पर लापरवाही का आरोप लगते हुए महिला के समुचित इलाज की मांग करने लगे। इसके बाद अस्पताल पहुंचे पूर्व मंत्री श्री महतो ने भी डॉक्टर पर लापरवाही का आरोप लगते हुए कहा कि विगत एक माह पूर्व अस्पताल के सर्जन के द्वारा बाध्यकरण कर दौरान महिला का पेशाब और लेट्रिन का नस काट दिया गया था। जिस कारण आज महिला अपने जीवन और मौत की लड़ाई से रोज रुबरु हो रही है। उसकी स्थिति दयनीय बन गई है। 


पूर्व ऊर्जा मंत्री ने अस्पताल के प्रभारी चिकित्सक प्रभारी राजेश महतो से बात कर महिला का समुचित उपचार करवाने की मांग करते हुए उसके बच्चो का इंसुरेस करवाने सहित बच्चे के खान पान में होने वाले खर्च को वहन दोषी डॉक्टर को उठाने की मांग की।पूर्व मंत्री ने बताया कि अस्पताल के चिकित्सक प्रभारी ने स्वीकारा कि ऑपरेशन के दौरान गलती हुई है। जिसके लिए हम सभी महिला का इलाज करवाने के लिए कुछ सहयोग राशि देंगे। इसके अलावा सरकारी प्रवधान के तहत जो भी मुआवजा होगा उसे महिला को दिलाया जायेगा। इन सभी बातों के बाद महिला के परिजन और नेता अस्पताल से चले गए। 

बताया जाता है कि महिला के तीन छोटे छोटे बच्चे हैं और उसका पति मजदूरी का काम करता है। परिवार वालो का कहना था कि आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने के कारण वो पीड़िता का इलाज करवाने में सक्षम नहीं है, डॉक्टर ने गलती के बाद कहा था कि इलाज के दौरान होने वाले खर्च को वहन किया जाएगा। लेकिन आज तक डॉक्टरों ने किसी तरह का खर्च नही दिया। आज पीड़िता रिम्स में  मौत की सैया पर पड़ी है, महिला का पेट पूरी तरह से खुल गया है, अब महिला के बच्चे और परिवार इलाज के लिए अस्पताल प्रबंधक की ओर आस लगाए हुए हैं।

Wednesday, March 20, 2024

भाजपा कार्यकर्ता के पुत्र के निधन पर पूर्व विधायक नागेन्द्र महतो ने किया शोक प्रकट



गिरिडीह के बिरनी प्रखंड अंतर्गत ग्राम सुईयाडीह निवासी भाजपा कार्यकर्ता श्री सुरेन्द्र प्रसाद वर्मा के 15 वर्षीय पुत्र का रांची स्थित हॉस्पिटल में इलाज के दौरान अकास्मिक निधन हो गया। वे पिछले एक वर्ष से बीमार चल रहे थे। 


रांची से पार्थिव शरीर के गांव पहुंचने पर दुखद समाचार पाकर बगोदर के पूर्व विधायक श्री नागेन्द्र महतो उनके निवास स्थान पर जाकर पार्थिव शरीर का अंतिम दर्शन कर श्रद्धांजलि अर्पित किया।उन्होंने शोक संतप्त परिवारजनों से मुलाकात कर हिम्मत बंधाया।


इस दुख की घडी में जिला परिषद सदस्य सूरज सुमन,सांसद प्रतिनिधि प्रशासन देवनाथ राणा, सांसद प्रतिनिधि बब्लू मंडल, पूर्व मुखिया टुपलाल वर्मा, पंचायत समिति प्रतिनिधि विक्रम तरवे, पूर्व मुखिया कृष्ण मुरारी सिन्हा, राज कुमार वर्मा, सहित अन्य लोग मौजूद रहें।

पूर्व ऊर्जा मंत्री ने अपने आवासीय कार्यालय में की बैठक,कहा लोस चुनाव में उतरने की बात






गिरिडीह।

झारखण्ड के पूर्व ऊर्जा मंत्री लालचन्द महतो ने डुमरी प्रखण्ड के इसरी बाजार स्थित अपने आवास में बुधवार को डुमरी प्रखंड के  प्रमुख कार्यकर्ताओं के साथ  बैठक कर लोकसभा चुनाव पर चर्चा की।

पूर्व मंत्री ने बैठक में उपस्थित कार्यकर्ताओं से लोकसभा चुनाव में गिरिडीह लोकसभा चुनाव में उम्मीदवारी पर विस्तार पूर्वक चर्चा की। साथ ही सर्वसम्मति से सभी कार्यकर्ताओं ने निर्णय लिया कि 31 मार्च को इसरी बाजार में लोकसभा क्षेत्र के सभी विधानसभा क्षेत्र के प्रमुख कार्यकर्ताओं एवं सहयोगियो के साथ बैठक कर चुनाव में उम्मीदवारी एवं अन्य परिस्थितियों पर चर्चा की जाएगी।


बैठक के बाद पूर्व मंत्री ने बताया कि अपने कार्यकर्ताओं को पिछले कई सालों तक पूरी ईमानदारी से कार्य करते देखा है।श्री महतो ने कहा कि गिरिडीह के सभी विधानसभा क्षेत्र के प्रमुख कार्यकर्ताओं के साथ 31 मार्च को एक दिवसीय बैठक आयोजित किया जाएगा।जिसमें सर्वसम्मति से निर्णय लेते हुए घोषणा की जाएगी कि आगामी लोकसभा चुनाव में पूरी ताकत के साथ मैदान में कैसे उतरना है।

उन्होंने कहा कि हमारे द्वारा भ्रष्टाचार, दलितों,पिछड़ों के आरक्षण के विरुद्ध बेरोजगारी, महंगाई के विरुद्ध में पूरे जोर शोर के साथ कार्यकर्ताओं के साथ में चुनाव लड़ा जाएगा।उन्होंने कहा कि माण्डु विधायक जय प्रकाश पटेल का भाजपा छोड़ कर कांग्रेस में जाना इंडिया एवं तीसरे मोर्चे के लिए एक अच्छा संकेत है। इस दौरान डालोराम महतो, चिंतामणि महतो,मदन मोहली,रूपलाल महतो,गंगाधर
महतो,टेकलाल महतो,रेवतलाल महतो,मोहन महतो, मोहन महतो,महेन्द्र महतो,गांधी महतो,राजेन्द्र मोहली, करमचन्द महतो आदि उपस्थित थे।

Friday, December 8, 2023

गंजेपन का सफल चमत्कारी इलाज....?

गंजेपन का सफल चमत्कारी इलाज... मैं काफी दिनों से देख रही हूँ कि लोगों बालो की समस्या से काफ़ी परेशान हैं...जैसे की बाल झड़ना या बाल रहना ही ना....ध्यान इस बात पर दें कि हेयर फाल के बहुत रीजन होते है और लोगो द्वारा उतने नुस्खे भी बताये जाते है...हेयर फाल का सही कारण डर्मिटोलाजिस्ट जाँच कर के बताते है किसी को हेयर फाल हो तो डाक्टर से मिले। मै एक आयुर्वेदिक नुस्खा बता रही हूँ जिसे बाल धोने के लिये कोई भी इस्तेमाल कर सकता है . इसका बहुत लोंगो पर फायदा मैने देखा है . हाँलाकि कुछ लोगो पर बहुत कम फायदा हुआ . जिसका कारण है कि वो किसी रोग से पीडित थे हाँ तो नोट किजिये - सबसे पहले शरीर से वात रोग को हटाना है . गैस डकार पेट फूलना और कब्ज आदि मे बाल झडते है . उसका उपाय पिछली पोस्टो पर बताया है मेन्टल स्ट्रेस लेने वाले , अवसाद मे रहने वालो को बाल झडना शुरु हो जाता है . तो उससे दूर रहने के लिये योगा प्राणायाम करे...केमिकल वाले शैम्पू से और प्रदूषन से , बाल रूखे हो कर टुटते है चलिये नुस्खा देखिये ( नुस्खे मे सभी चीजे सूखी use करनी है , कोई पाउडर या बनी बनायी चीज का प्रयोग नही करना है ) 100 ग्रा आँवला , 100 ग्रा रीठा , 100 ग्रा शिकाकाई , 10 ग्रा गिलोय , 10 ग्रा ब्राह्मी , 10 ग्रा भृगंराज , 5 ग्रा देशी हिना , 5 ग्रा नीम की सूखी पत्ति का चूर्ण , 5 ग्रा सूखी तुलसी की पत्ति का चूर्ण ( तुलसी और नीम के पत्तियो को छाये मे सुखा कर उसका चूर्ण बनाना है .धूप मे नही ) इस 9 औषधियो को अलग अलग लोहे के खल बट्टे मे कूटना है . बिल्कुल पाऊडर नही करना है सिर्फ छोटे टुकडे हो जाये याद रहे कि पत्थर पर घिसाई नही करनी है जब सब औषधि कूट जाये तो सभी को मिला के भी कुछ देर कूट के फिर सबको शीशे के जार मे रख ले। प्रयोग : प्रयोग ध्यान से पढे- जिस दिन आपको ये लगाना है उससे पहले वाली रात को लोहे के बर्तन या कढाई मे ( इसके अलावा कोई और धातु नही ) डेढ गिलास पानी डाल के खौलाये और उसमे इस मिश्रण का 2 चम्मच डाल दें . जब पानी 1 कटोरी जितना बचे तब गैस बन्द कर दे और उसे रात भर छोड दे , सुबह फिर से अपने हाथो से मिश्रण को खूब निचोडे मसले और अच्छे से घोल के सब छान ले . अब उस 1 कटोरी मिश्राण के पानी से बालो मे खूब अच्छे से मसाज करे . पूरे बाल मे लगा के 7 से 10 मिनट छोड दे फिर सादे पानी से बाल धो ले . इसका प्रयोग हफ्ते मे 3 या 4 दिन जब आपकी मर्जी हो कर सकते है जिस दिन इसका प्रयोग करना है उससे एक रात पहले बालो मे आयलिंग करे चाहे नारियल का तेल हो , बादाम हो , जैतून हो , तिल हो . कडवे तेल जैसे सरसो आवले का प्रयोग न करे अधिक फायदे के लिये , बाल धोने से आधा घँटा पहले दही से बालो मे मसाज करे ◾लाभ ◾ लाभ तो मैने ऐसा देखा है कि सफेद बाल काले हो गये , मै खुद इसका प्रयोग करती हूँ . सर मे किसी प्रकार का एलर्जी हो या कोई चर्म रोग हो तो उसमे भी ये कारगर है . ये पूरा नेचुरल है . प्रदूषन से बचाता है . बाल को कन्डिशन करता है असमय सफेद होने से बचाता है . इसके साथ आप अपने खान पान का ख्याल रखे...

बांग्लादेश सरकार ने इस्कॉन संतों को भारत में प्रवेश से रोका

चौंकाने वाली खबर 🚨  बांग्लादेश ने 63 इस्कॉन भिक्षुओं को भारत में प्रवेश करने से रोका सभी के पास वैध पासपोर्ट और वीज़ा थे। आव्रज...