Saturday, February 2, 2019

झारखण्ड :अपराधियों ने कर्मचारी को गोली मारकर उतारा मौत के घाट, पॉकलेन मशीन और वाहन में लगाई आग

चाईबासा: पश्चिम सिंहभूम जिले के चक्रधरपुर थाना क्षेत्र के बाईपी पंचायत अंतर्गत सोमरा में कंस्ट्रक्शन साइट पर अज्ञात अपराधियों ने गोली मारकर एक कर्मचारी की हत्या कर दी. साथ ही पुल निर्माण कार्य में लगे पॉकलेन और एक महिंद्रा कैंपर को आग के हवाले कर दिया.


अपराधियों ने पॉकलेन मशीन और वाहन में लगाई आग.

जानकारी के अनुसार, अज्ञात अपराधियों ने सोमरा और इचाकुटी के बीच पुल निर्माण कार्य में लगे कर्मचारियों के साथ झगड़ा किया और कंस्ट्रक्शन कंपनी के कर्मचारी को गोली मार दी. इससे कंस्ट्रक्शन कंपनी के कर्मचारी की घटनास्थल पर ही मौत हो गई. अपराधियों ने घटनास्थल से जाने से पूर्व घटना को नक्सली रूप देने का प्रयास भी किया. कर्मचारी को गोली मारने के बाद पुल निर्माण कार्य में लगे पॉकलेन और एक महिंद्रा कैंपर को आग के हवाले कर दिया. 


मृतक कर्मचारी की पहचान योगेश महतो के रूप में हुई है, जो बोकारो का रहने वाला बताया जा रहा है. इस घटना के दौरान कंस्ट्रक्शन कंपनी के दो अन्य कर्मचारी भी घटनास्थल पर मौजूद थे, लेकिन कर्मचारी को गोली मारने के बाद से दोनों कर्मचारी गायब हैं. घटना की जानकारी मिलते ही देर रात अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सकलदेव राम ने अपने दल बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचकर कंस्ट्रक्शन कंपनी के कर्मचारी योगेश महतो का शव बरामद कर लिया है. पुल का निर्माण मनोहरपुर के ठेकेदार महंती द्वारा कराया जा रहा है. पुलिस मामले को लेवी से जुड़े होने की आशंका जता रही है. 


गोली चलने की आवाज से आसपास के ग्रामीणों में भय का माहौल व्याप्त है. नक्सल प्रभावित क्षेत्र होने के कारण ग्रामीणों ने समझा कि नक्सली हमला हुआ है. इधर, पश्चिम सिंहभूम पुलिस अधीक्षक चंदन झा ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि चक्रधरपुर थाना क्षेत्र में बाईपी पंचायत के सोमरा में अज्ञात अपराधियों ने गोली मारकर एक व्यक्ति की हत्या कर दी है. लेकिन ये कोई नक्सली घटना नहीं है ना ही नक्सलियों ने इस घटना को अंजाम दिया है.

Friday, February 1, 2019

केन्द्रीय बजट में सरकार ने दिया छप्पर फाड़ के , आखिर इतनी आपाधापी मची क्यों

5 लाख तक इनकम टैक्स में छूट
कार्यवाहक वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने बजट में लोअर मिडिल क्लास को बड़ा तोहफा दिया। 5 लाख तक की टैक्सेबल इनकम को टैक्स फ्री किया गया। हालांकि मिडिल क्लास को मायूसी हाथ लगी। टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं किय गया। गोयल ने कहा, 'पांच लाख रुपये तक की व्यक्तिगत आय पूरी तरह से कर मुक्त होगी और विभिन्न निवेश उपायों के साथ 6.50 लाख रुपये तक की व्यक्तिगत आय पर कोई कर नहीं देना होगा। व्यक्तिगत कर छूट का दायरा बढ़ने से तीन करोड़ करदाताओं को 18,500 करोड़ रुपये तक का कर लाभ मिलेगा। वेतनभोगी तबके के लिए स्टैंडर्ड डिडक्शन को 40,000 से बढ़ाकर 50,000 रुपये किया गया।' इस घोषणा के बाद संसद में काफी देर तक मोदी-मोदी के नारे गूंजते रहे। गोयल ने कहा, 'हम कर दाताओं का शुक्रिया अदा करते हैं। आपके टैक्स से ही देश का विकास होता है।'

 उपलब्धियों को गिनाया
वित्त मंत्री ने कहा, 'मैं भरोसे कह सकता हूं कि भारत बेहत मजबूती से ट्रैक पर वापस आ गया है। देश तरक्की और सम्पन्नता के रास्ते पर चल पड़ा है। हमारी सरकार ने कमरतोड़ महंगाई की कमर ही तोड़ दी है। हमने 2022 तक सभी लोगों को घर देने का वादा किया है। हम दुनिया की छठी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गए हैं। रिफॉर्म के बाद सबसे ज्यादा जीडीपी ग्रोथ हुई। हमने राजकोषीय घाटे पर लगाम लगाई है। पिछले पांच साल में एफडीआई में अभूतपूर्व बढ़ोतरी हुई है। हमारी सरकार में दम था कि हमें आरबीआई से कहें कि वे सभी लोन को देखें और बैंकों की सही स्थिति जनता के सामने रखें। सरकार ने एनपीए को कम करने की कोशिश की और उसमें काफी हद तक सफल भी हुए हैं। रेरा के जरिए रियल एस्टेट सेक्टर में पारदर्शिता लाई गई है।'
आयुष्मान भारत बड़ी उपलब्धि

वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने शुक्रवार को कहा कि विश्व के सबसे बड़े स्वास्थ्य सेवा कार्यक्रम 'आयुष्मान भारत योजना' के तहत अब तक 10 लाख मरीजों का उपचार किया जा चुका है। गोयल ने लोकसभा में 2019-20 के लिए अंतरिम बजट पेश करते हुए कहा कि सरकार जन औषधि स्टोर के जरिए सस्ती दरों पर दवाइयां मुहैया करा रही है। उन्होंने गरीबों को किफायती स्वास्थ्य सेवा मुहैया कराने के लिए नरेंद्र मोदी नीत सरकार द्वारा उठाए गए कदमों को रेखांकित करते हुए कहा कि देश में 21 अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) स्थापित किए गए हैं या काम कर रहे है, जिनमें से '14 संस्थानों को 2014 के बाद मंजूरी दी गई है'। गोयल ने बताया कि एक अन्य संस्थान हरियाणा में खोला जाएगा।


किसानों के लिए बड़ा ऐलान
हमारी सरकार ने सभी 22 फसलों में लागत से 50 पर्सेंट ज्यादा एमएसपी दिया। हमने किसानों की आय बढ़ाने का ऐतिहासिक काम किया। छोटे और सीमांत किसानों की आय और बढ़ाई जाएगी। 2 हेक्टेयर (करीब 5 एकड़) तक की जमीन वाले किसानों के खातें में हर साल 6 हजार रुपये जाएंगे। करीब 12 करोड़ किसान परिवारों को इससे सीधा लाभ मिलेगा। इसे 1 दिसंबर 2018 से लागू किया जाएगा।



डिफेंस बजट 3 लाख करोड़ रुपये
वित्त वर्ष 2019-20 के लिए रक्षा बजट 3 लाख करोड़ रुपये से अधिक रखा गया है, जो अब तक किसी भी साल की तुलना में सबसे अधिक है। वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने लोकसभा में शुक्रवार को यह जानकारी दी। उन्होंने 2019-20 के लिए अंतरिम बजट प्रस्तुत करते हुए कहा, ‘‘हमारे सैनिक सीमाओं पर देश की रक्षा करते हैं, जिन पर हमें गर्व है। हमने हमारी सीमाओं को सुरक्षित बनाने के लिए बजट में 3 लाख करोड़ रुपये से अधिक का आवंटन किया है, जो अब तक का सर्वाधिक है। अगर जरूरत पड़ी तो अतिरिक्त फंड मुहैया कराया जाएगा।’’ गोयल ने कहा कि सरकार ने वन रैंक, वन पेंशन अवधारणा लागू की है और अब तक 35,000 करोड़ रुपये से अधिक का वितरण कर चुकी है। उन्होंने कहा, ‘‘कांग्रेस सरकार ने ओआरओपी के वादे को तीन बार बजट में रखा, लेकिन हमने इसे लागू किया है।’

80 पर्सेट बढ़ी टैक्सपेयर्स की संख्या
देश भर में टैक्स देने वालों की तादाद 80 पर्सेंट तक बढ़ी। पहली बार 12 लाख करोड़ रुपये जमा हुआ। मैं देश के ईमानदार करदाताओं का धन्यवाद देता हूं। डायरेक्ट टैक्स वसूली सिस्टम को और आसान बनाया जाएगा। टैक्स कलेक्शन का पैसा गरीबों के विकास में लगेगा। हमारी सरकार देश से कालेधन को हटाकर ही दम लेगी। नोटबंदी से 1 लाख 36 हजार करोड़ रुपये का टैक्स मिला। 1 करोड़ से ज्यादा लोगों ने टैक्स फाइल किया।

घटी महंगाई दर
वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने शुक्रवार को कहा कि औसत महंगाई दर घटकर 4.6 फीसदी हो गई है जो साल 1991 में आर्थिक सुधारों के बाद से किसी भी सरकार के कार्यकाल में सबसे कम है। वर्ष 2019-20 का अंतरिम बजट पेश करते हुए गोयल ने लोकसभा को बताया कि 2009 से 2014 के बीच महंगाई की औसत दर 10.1 प्रतिशत थी और एनडीए सरकार में यह घटकर 4.6 प्रतिशत पर आ गई है। गोयल के अनुसार, दिसंबर 2018 में महंगाई दर दो फीसदी से थोड़ी अधिक थी।


ग्रामीण सड़कों के लिए 19 हजार करोड़
उन्होंने कहा, 'हमले सुनिश्चित किया कि अनाज सबको मिले, और कोई भी देश में भूखा न सोए। पिछले पांच साल में हमने गांवों में शहरों जैसी सुविधाएं दी। प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना ने इसमें काफी योगदान किया। गांव की सड़कों के लिए 19 हजार करोड़ रुपये इस साल दिए जाएंगे।'

बनेगा कामधेनु आयोग
वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने शुक्रवार को घोषणा की कि केंद्र गायों के कल्याण के लिए 'कामधेनु योजना' स्थापित करेगा। लोकसभा में 2019-20 के लिए अंतरिम बजट पेश करते हुए उन्होंने कहा, 'सरकार गायों के सम्मान और सुरक्षा के लिए जो भी आवश्यक है वह करेगी।' इस योजना के लिए 750 करोड़ रुपये दिए जाएंगे।


गायों की रक्षा का प्रावधान,
श्रमिकों के लिए बड़ा ऐलान
ग्रेच्युटी की सीमा 10 लाख रुपये से बढ़ाकर 20 लाख रुपये की गई है। सरकार की 21 हजार रुपये कमाने वालों को 7 हजार रुपये बोनस की योजना। काम के दौरान श्रमिकों की मौत पर उन्हें 6 लाख रुपये दिए जाएंगे। पीएम श्रम योगी मानधन योजना को मंजूरी। 10 करोड़ मजदूरों को इस योजना का लाभ मिलेगा।
महिलाओं के लिए ऐलान
उज्ज्वला योजना में 6 करोड़ मुफ्त गैस कनेक्शन दिए। हमारी सरकार 2 करोड़ मुफ्त गैस कनेक्शन और देंगे। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि हमने गरीब महिला के जीवन स्तर को ऊपर उठाने का प्रयास करेंगे। 70 प्रतिशत मुद्रा लोन महिलाओं को मिले।
रेलवे के लिए सबसे सुरक्षित साल
पीयूष गोयल ने कहा, 'भारतीय रेल लिए सबसे सुरक्षित साल रहा। देश में सभी ब्रॉडगेज लाइन से मानवरहित क्रॉसिंग खत्म की।' देश की पहली हाई स्पीड ट्रेन के बारे में उन्होंने आगे कहा, 'पहली बार वंदे मातरम सेमी हाई स्पीड ट्रेन भारत में बनी। वंदे मातरम एक्सप्रेस में आधुनिक सुविधाएं दी गई हैं। हमने पूर्वोत्तर राज्यों में रेलवे का विस्तार किया। सरकार ने पूर्वोत्तर के लिए कंटेनर कार्गो का विस्तार किया गया।'

बनेंगे डिजिटल विलेज
मोबाइल डेटा में भारत दुनिया में सबसे आगे है। पिछले पांच साल में डेटा इस्तेमाल 50 गुना बढ़ा है। हमारी सरकार की योजना एक लाख डिजिटल विलेज बनाने की है। डिजिटल इंडिया कैंपेन से देश भर में डिजिटल क्रांति को बढ़ावा मिला।
'बजट नहीं, यह विकास यात्रा है'
बजट भाषण खत्म करते हुए वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने कहा, 'यह सिर्फ अंतरिम बजट नहीं है, देश की विकास यात्रा का माध्यम है। देशवासियों के जोश से देश बदल रहा है। 'एक पांव रखता हूं, हजार राहें फूट पड़ती हैं' हमने नए भारत के निर्माण के लिए सशक्त कदम उठाए हैं। हम देशवासियों के बलबूते पर भारत को दुनिया का अग्रणी देश बनाएंगे। अभी तो हम सबने मिलकर सिर्फ नींव रखी है। देश की जनता के साथ इसे भव्य इमारत बनाएंगे। हमारे पास निर्णायक नेतृत्व, नीयत साफ, नीति स्पष्ट और निष्ठा अटल है।

नवजात शिशुओं के मामले में झारखण्ड पुलिस पूरी संवेदनशीलता से काम करेगी और देश के सामने नई इबारत पेश करेगी


हजारीबाग ၊

सड़क किनारे, झाड़ियों में, कॉर्टन में मिले मृत बच्चों के शव किन परिस्थितियों में छोड़े गए हैं, उन्हें जीवितावस्था में छोड़ा गया या मृत्यु के बाद, यह जानना अत्यंत जरूरी है। 

यह भी जानना ज़रूरी है कि शिशु की हत्या करने के बाद तो कहीं शव को छोड़ा नहीं गया। इसके कारणों की तह तक जाना अत्यंत आवश्यक है, और यह तभी संभव हो सकता है जब इसमें पुलिस प्रशासन अपनी जिम्मेदारी समझे और जवाबदेही सुनिश्चित करते हुए हर मामले की उपयुक्त धाराओं में एफआईआर दर्ज करें।

 उक्त बातें पालोना मुहिम चलाने वाली संस्था आश्रयणी फाउंडेशन की संस्थापक मोनिका गुंजन  आर्य ने कही। वह हजारीबाग स्थित पुलिस अकेडमी में प्रशिक्षु डीएसपी और सब इंस्पेक्टर्स को सम्बोधित कर रहीं थीं। इस मौके पर 20 से ज्यादा डीएसपी और 450 ट्रेनी सब इंस्पेक्टर (महिला व पुरुष) उपस्थित थे।


उन्होंने अपने संबोधन में आगे कहा कि झारखंड में यह समस्या विकराल रूप लेती जा रही है। इस अपराध की गम्भीरता को बताते हुए उन्होंने देश के अनेक हिस्सों में हुई ऐसी जघन्य घटनाओं की अनेक वीडियो फुटेज एवं तस्वीरे भी दिखाईं और बताया कि किस प्रकार पुलिस की सजगता से कुछ मामलों में दोषियों तक पहुंचा जा सका और कैसे इसकी कमी के कारण पर्याप्त क्लू होने के बाद भी किसी नतीजे पर नहीं पहुंचा जा सका। घटनाओं में संदेह होने के बाद भी यह नहीं जाना जा सका कि बच्चों की हत्या हुई है या मामला कुछ और है।

श्रीमती आर्य ने उपस्थित पुलिस अधिकारियों को इस प्रकार की घटनाओं में कानून क्या कहता है, कौन सी धाराएं लगती हैं,  पुलिस की क्या जिम्मेदारी- जवाबदेही होती है, इस बारे में विस्तार पूर्वक बताया।


आश्रयणी फाउंडेशन और इसकी मुहिम पालोना के बारे में उन्होंने बताया कि यह एकमात्र संगठन व अभियान है, जो इस मुद्दे पर सक्रिय है और इस अपराध पर रोक लगाने और नवजातों के जीवन को बचाने के प्रयासरत है। सेंसेटाइजेशन, सेंसिटिव जर्नलिज़्म, रिसर्च, एडवोकेसी और अवेयरनेस के माध्यम से लगातार इसे उठा रहा है।

कार्यक्रम के दौरान मोनिका आर्य द्वारा बीते 04 सालों का डेटा और नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो से उसकी तुलनात्मक विवेचना भी प्रस्तुत की गई।  इस रिपोर्ट में यह बताया गया कि उक्त समय सीमा के अंदर झारखंड में कितने बच्चों के शव मिले हैं और कितने नवजात जिंदा मिले हैं।

कार्यक्रम के दौरान झारखण्ड में लग रहे क्रेडल्स की जानकारी भी दी गई और एक बच्चे के मिलने के बाद पुलिस को त्वरित गति से क्या-क्या करना चाहिए, ये भी बताया गया, जैसे बच्चे को सबसे पहले फर्स्ट एड, इलाज दिलवाना, फिर cwc को सूचित करना और एफआईआर दर्ज करना, मृत शिशु का पोस्टमार्टम करवाना, उसके अंतिम संस्कार की व्यवस्था, क्षेत्र की गैर सरकारी संस्थाओं की मदद से उपलब्ध करवाना आदि।

ट्रेनिंग सेशन को डीएसपी श्री राजकुमार महता ने भी सम्बोधित किया और ये विश्वास दिलवाया कि नवजात शिशुओं के मामले में झारखण्ड पुलिस पूरी संवेदनशीलता से काम करेगी और देश के सामने नई इबारत पेश करेगी।कार्यक्रम में पुलिस विभाग की ओर से डीएसपी श्री अजय कुमार झा, डीएसपी श्री रतिभान सिंह, डीएसपी श्री नवीन चन्द्र दास, डीएसपी श्री केदार नाथ व  पालोना की ओर से श्री प्रोजेश दास व श्री अमित कुमार भी मौजूद थे।

वर्तमान राजनीति में राजनेताओं से नैतिकता और पवित्रता की उम्मीद करना बेमानी!!

हालांकि देश की वर्तमान राजनीति में राजनेताओं ने नैतिकता और पवित्रता की उम्मीद करना बेमानी है, लेकिन जो राजनेता देश चलाने और संभालने की बात करते हैं उन्हें तो अपना आचरण नैतिक और पवित्र ही रखना चाहिए। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी यदि शब्दों का घालमेल कर राजनीति करेंगे तो फिर दूसरे नेताओं से क्या उम्मीद की जा सकती है। राहुल गांधी 29 जनवरी को अपनी माताजी श्रीमती सोनिया गांधी के साथ गोवा के दौरे पर थे, तभी राहुल गांधी गोवा के सीएम मनोहर पर्रिकर से मिलने उनके आवास पर पहुंच गए। चूंकि पर्रिकर इन दिनों जानलेवा रोग कैंसर से संघर्ष कर रहे हैं, इसलिए राहुल की इस मुलाकात को शिष्टाचार मुलाकात माना गया। स्वाभाविक है कि दोनों के बीच कोई राजनीतिक संवाद  नहीं हुआ होगा। लेकिन 30 जनवरी को राहुल गांधी ने बीमार पर्रिकर से हुई मुलाकात को राजनीति से जोड़ दिया। राहुल ने एक सार्वजनिक समारोह में कहा कि 29 जनवरी को उन्होंने पूर्व रक्षामंत्री मनोहर पर्रिकर से मुलाकात की। पर्रिकर ने भी कहा था कि राफेल सौदे पर प्रधानमंत्री ने रक्षामंत्री से कोई बात नहीं की। राहुल ने शब्दों का ऐसा घालमेल किया, जिससे लगा कि 29 जनवरी की मुलाकात में पर्रिकर ने राफेल पर राहुल से बात की है। यह माना कि राफेल विमान सौदे पर राहुल गांधी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर हमले का कोई मौका नहीं छोड़ना चाहते, लेकिन राहुल को कम से कम बीमार पर्रिकर के कंधे पर बंदूक रख कर नहीं चलानी चाहिए। राहुल के बयान के बाद पर्रिकर को अपनी सफाई में पत्र भी लिखना पड़ा। स्वाभाविक है कि इससे पर्रिकर के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर पड़ रहा होगा। ऐसे में यदि पर्रिकर के साथ कोई अनहोनी हो जाती है तो कौन जिम्मेदार होगा? क्या राजनीति करने का मतलब किसी की जान लेना है? राहुल गांधी भी जानते हैं कि मनोहर पर्रिकर देश के चुनिंदा ईमानदार नेताओं में से एक है। पर्रिकर की ईमानदारी की वजह से ही उन्हें गोवा के सीएम के पद से हटा कर देश का रक्षामंत्री बनाया गया था। राहुल गांधी को कम से कम पर्रिकर जैसे राजनेता को तो बख्शना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद भी राफेल विमान सौदे पर राहुल गांधी प्रधानमंत्री मोदी पर हमला करें, यह उनकी राजनीति हो सकती है, लेकिन किसी बीमार व्यक्ति को टारगेट करना उचित नहीं माना जा सकता। यह माना कि तीन राज्यों में कांग्रेस की सरकार बनने से राहुल गांधी बेहद उत्साहित हैं और उन्हें लगता है कि अब लोकसभा चुनाव में नरेन्द्र मोदी और भाजपा को हटा  देंगे। लेकिन ऐसे अति उत्साह में राजनीति की नैतिकता और पवित्रता का तो ख्याल रखना ही चाहिए। (एसपी मित्तल)

Wednesday, January 30, 2019

तस्वीरें सोशल मीडिया में वायरल होने पर प्रेमीयुगल ने दे दी जान

उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में बदनामी से तंग आकर एक प्रेमी जोड़े ने ट्रेन के सामने कूदकर खुदकुशी कर ली. उन दोनों की लाशें पुलिस ने रेलवे लाइन से बरामद की हैं. पुलिस को जांच में पता चला कि मामला ब्लैकमेलिंग का है. युवक-युवती का उनका एक दोस्त ही ब्लैकमेल कर रहा था. इसी बात से परेशान होकर दोनों ने ये खौफनाक कदम उठाया है. अब आरोपी लड़का फरार है.

मामला मेरठ के परतापुर थाना क्षेत्र का है. जहां मंगलवार को पुटठा गांव के पास रेलवे लाइन पर स्थानीय लोगों ने एक युवक और युवती की लाश पड़ी हुई देखी. फौरन इस बात की सूचना पुलिस को दी गई. सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर जा पहुंची. दोनों लाशों को देखकर साफ पता चल रहा था कि उन दोनों ने किसी ट्रेन के सामने कूदकर जान दी है. पुलिस ने जब उनका पर्स और बैग आदि चैक किया तो मोबाइल फोन और आधार कार्ड बरामद हुए.

उन दोनों की शिनाख्त शोभापुर निवासी नितिन और हसनपुर की रहने वाली कोमल के रूप हुई है. पुलिस ने दोनों शव पंचनामे के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए. पुलिस के मुताबिक छानबीन में पता चला कि नितिन और कोमल के बीच करीब दो साल से लव अफेयर चल रहा था. नितिन मेरठ एक फैक्ट्री में काम करता था. इसी दौरान एक दिन नितिन के एक दोस्त प्रवेश ने कोमल और नितिन की कुछ आपत्तिजनक तस्वीरें सोशल मीडिया में शेयर कर दी.

इसी के चलते वो तस्वीरें नितिन और कोमल के घरवालों ने भी देख ली. इससे पहले मामला बढ़ता. नितिन के घरवाले रिश्ता लेकर कोमल के घर जा पहुंचे. वहां कोमल के परिजनों से दोनों की शादी की बात की. कोमल के घरवाले भी शादी के लिए मान गए. लेकिन उन्होंने कहा कि पहले कोमल की बड़ी बहन की शादी हो जाए. फिर नितिन और कोमल का विवाह कर देंगे.

लेकिन इसी दौरान फिर से नितिन और कोमल की कुछ अंतरंग तस्वीरें फिर से सोशल मीडिया में वायरल हो गई. ये बात युवती के घवालों को बहुत नागवार गुजरी. इसी बात पर कोमल और नितिन के घरवालों के बीच कहासुनी हो गई. बाद में पता चला कि फोटो वायरल होने के पीछे नितिन के दोस्त प्रवेश का हाथ है. ये सारा विवाद चल ही रहा था कि प्रवेश ने फिर से फोटो वायरल कर दिए.

बस बदनामी की वजह से परेशान होकर नितिन और कोमल ने ट्रेन के सामने कूदकर अपनी जीवन लीला खत्म कर ली. अब पुलिस नितिन के दोस्त प्रवेश की तलाशी कर रही है. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा. कोमल और नितिन के शव पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिए गए

प्रतिकूल फैसलों पर जजों पर हमले उचित नहीं 

जस्टिस मिश्रा का कहना है कि अगर कोर्ट का निर्णय किसी के प्रतिकूल नहीं आता है तो वह जज के खिलाफ किसी उचित मंच पर शिकायत दर्ज करा सकता 

राजनीतिक उद्देश्यों के लिए जजों पर हमला नहीं किया जा सकता: सुप्रीम कोर्ट
जस्टिस विनीत सरन के साथ एक पीठ की ओर से एक मामले पर फैसला सुनाते हुए, जस्टिस मिश्रा ने वकीलों के एक समूह को जमकर फटकार लगाई है. उन्होंने कहा कि वे (वकीलों का समूह) सस्ते प्रचार के भूखे हैं और सोचते हैं कि वे बार काउंसिल से भी ऊपर हैं.उन्होंने कहा, 'यह समय-समय पर देखा गया है कि न्यायिक प्रणाली पर कई हमले किए गए हैं. यह आम हो गया है कि बार के सदस्य मीडिया या प्रेस के सामने जा कर जजों की आलोचना और अवमानना करते हैं. जजों को कुछ निर्णयों के लिए राजनीतिक उद्देश्य पूरे करने का जिम्मेदार ठहराया जाता है. यह कोर्टी की अवमानना का उग्र रूप है.

न्यूज18 की रिपोर्ट के मुताबिक सुप्रीम कोर्ट के जज ने वकीलों को मीडिया और प्रेस की बहसों के दौरान जजों पर हमला किए जाने को लेकर फटकार लगाई है. उनका कहना है कि कोर्ट के फैसलों को राजनीतिक रंग देना कोर्ट की अवमानना का उग्र रूप है. राजनीतिक उद्देश्यों के लिए जजों और न्यायपालिका पर आरोप नहीं लगाया जा सकता है.जस्टिस मिश्रा का कहना है कि अगर कोर्ट का निर्णय किसी के प्रतिकूल नहीं आता है तो वह जज के खिलाफ किसी उचित मंच पर शिकायत दर्ज करा सकता है. लेकिन प्रेस में उनपर हमला करना बिलकुल भी उचित नहीं है. कोर्ट ने कड़े शब्दों में कहा कि वकीलों को प्रेस में बहस के माध्यम से निर्णयों को प्रभावित करने की कोशिश नहीं करनी चाहिए.एक क्लिक और खबरें खुद चलकर आएंगी आप

गिरिडीह: मुख्य मार्ग पर स्थित सीमेंट हाउस में चोरी की घटना को अंजाम देकर पुलिस की उड़ाई नींद

गिरिडीह: पचम्बा थाना क्षेत्र के गिरिडीह पचम्बा मुख्य मार्ग में स्थित बोडो के समीप श्रीराम सीमेंट हाउस में चोरों ने आतंक मचाया।

दुकान के प्रोपराइटर पिंटू बरनवाल ने जानकारी देते हुए बताया कि लगभग पचास हजार रुपये की चोरी हुई है तथा चोरों ने रात्रि के समय बंद पड़े दुकान पर छत का शटर काटकर प्रवेश किया और गल्ले से, गोदरेज से, सभी जगह से रखे पैसे को लेकर फरार हो गए। इसकी सूचना समीप के थाने में दे दी गई है।

घटना की सूचना मिलते ही पचम्बा थाना प्रभारी शर्माना सिंह  एएसआई सत्यदीप कुमार एस आई इस्माइल मरान्डी व दल बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचकर पूरे घटना का ब्योरा लिए। साथ ही उन्होंने आश्वासन दिया है कि बहुत जल्द सारे चोर पुलिस के गिरफ्त में होंगे।

बता दें कि पचम्बा थाना क्षेत्र में इन दिनों चोरों ने आतंक मचाए हुए हैं बताया जा रहा है कि कोयले में हो रही नाका बंदी को लेकर कोयला चोरों ने अब घरों को और दुकानों को निशाना बनाना शुरू कर दिया है।

अब देखना यह है कि पचम्बा थाना से महज 500 मीटर की दूरी पर स्थित मुख्य मार्ग में चोरों ने इस घटना को अंजाम देकर ना सिर्फ थाने थाना प्रभारी की नींद उड़ाई है बल्कि पुलिस प्रशासन को भी चुनौती देने का कार्य किया है। अब देखना यह है कि कब तक चोर पुलिस की गिरफ्त से बच पाते हैं फिलहाल अनुसंधान जारी है।

बांग्लादेश सरकार ने इस्कॉन संतों को भारत में प्रवेश से रोका

चौंकाने वाली खबर 🚨  बांग्लादेश ने 63 इस्कॉन भिक्षुओं को भारत में प्रवेश करने से रोका सभी के पास वैध पासपोर्ट और वीज़ा थे। आव्रज...