Saturday, February 16, 2019

लातेहार :चंदवा में नागरिकों की ओर से अहले सुन्नत गुलशने सैयदना मदरसा शुक्रबजार से कैंडल मार्च निकाला

लातेहार : पुलवामा घटना के खिलाफ चंदवा में नागरिकों की ओर से अहले सुन्नत गुलशने सैयदना मदरसा शुक्रबजार से कैंडल मार्च निकाला गया ၊ मार्च मे शामिल लोग आतंकियों को शख्त सजा दो, आतंकवाद मुर्दाबाद,पुलवामा हमले में शामिल आतंकियों पर कार्रवाई करो,  आदि नारे लगा रहे थे ၊ कैंडल मार्च का नेतृत्व अयुब खान, असगर खान, हाफिज शेर मोहम्मद, बाबर खान, मो0 शाहीद संयुक्त रूप से कर रहे थे ၊ यह मार्च टोरी रेलवे स्टेशन, रेल क्रॉसिंग, होते हुए सुभाष चौक पहुंचा जहां वीर शहीद जवानों को भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी गई ၊ वहीं अयुब खान ने कहा पुलवामा में CRPF दल पर आतंकी हमला भारत की आत्मा पर हमला है ၊

हम सभी नागरिक देश के वीर जवानों तथा सरकार के साथ हैं, उन्होंने ने आतंकियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की, रामयश पाठक ने कहा कि भारत सरकार को आतंकियों पर जल्द कार्रवाई करनी चाहिए, मार्च में मो रिजवान, मो सलीम, पचु गंझु, मनु उरांव, मो आदिल, मो इरसाद, मो सलाम, मो मोजीब, मो इब्राहीम, मो सरफुद्दीन, मो जम्हीर टेलर, मदरसा के छात्रों समेत बड़ी संख्या में लोग शामिल थे।

छिप नहीं सकेंगे पुलवामा के गुनहगार, सजा जरूर मिलेगी -पीएम मोदी ने किया ऐलान

मुंबई। पीएम नरेंद्र मोदी ने आज महाराष्ट्र के यवतमाल में एक रैली को संबोधित करते हुए यह ऐलान किया. उन्होंने देशवासियों से धैर्य रखने और जवानों पर भरोसा रखने का भी आह्वान किया.

पुलवामा अटैक के बाद जम्मू-कश्मीर में सुरक्षाबलों के सर्च ऑपरेशन के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यवतमाल की रैली से बड़ा ऐलान किया है. उन्होंने कहा है कि पुलवामा में आतंक के जिन सरपरस्तों ने गुनाह किया है, वो चाहे जितना छिपने की कोशिश करें, उन्हें सजा जरूर दी जाएगी. पीएम मोदी का यह बयान काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है. पाकिस्तान की सरजमीं से नापात करतूत करने वाले जैश के सरगना मसहूद अजहर के खिलाफ ओसामा बिन लादेन जैसी कार्रवाई की मांग की जा रही है. पीएम मोदी ने एक बार फिर देशवासियों को भरोसा दिलाया कि शहीदों का बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा. उन्होंने आतंक का मुहंतोड़ जवाब देने के लिए सुरक्षाबलों को खुली छूट देने की भी बात कही. पीएम मोदी ने देशवासियों से धैर्य रखने की अपील करते हुए कहा कि जवानों पर भरोसा रखिए, गुनहगारों को सजा जरूर मिलेगी.

पीएम मोदी ने कहा:

पीएम मोदी ने यहां कहा, 'मैं जानता हूं कि हम सभी किस गहरी वेदना से गुजर रहे हैं. पुलवामा में जो हुआ, उसको लेकर आपके आक्रोश को मैं समझ रहा हूं. जिन परिवारों ने अपने लाल को खोया है, उनकी पीड़ा मैं अनुभव कर सकता हूं. इन शहीदों का बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा. आतंकी संगठनों ने, आतंक के सरपरस्तों ने जो गुनाह किया है, वो चाहे जितना छिपने की कोशिश करें, उन्हें सजा जरूर दी जाएगी.' पीएम मोदी ने यह भी कहा कि सैनिकों में और विशेषकर CRPF में जो गुस्सा है, वो भी देश समझ रहा है. इसलिए सुरक्षाबलों को खूली छूट दी गई है।

Friday, February 15, 2019

सऊदी क्राउन प्रिंस बिन सलमान के निकट पाकिस्तान दौरे के अवसर पर पाकिस्तानी सेना ने जान की रक्षा के लिए आवश्यक सुरक्षा प्रबंध अपने हाथ में ले लिए

सऊदी क्राउन प्रिंस बिन सलमान के निकट पाकिस्तान दौरे के अवसर पर पाकिस्तानी सेना ने उनकी जान की रक्षा के लिए आवश्यक सुरक्षा प्रबंध अपने हाथ में ले लिए हैं।


पाकिस्तानी मीडिया के अनुसार सऊदी क्राउन प्रिंस मुहम्मद बिन सलमान के इस्लामाबाद दौरे के विरुद्ध पाकिस्तानी जनता के व्यापक विरोधों के बावजूद वह शनिवार को इस्लामाबाद पहुंचने वाले हैं।


सूत्रों का कहना है कि सुरक्षा के सारे प्रबंध पाकिस्तानी सेना के ज़िम्मेद है और पाकिस्तानी सेना ने सभी ज़मीनी और हवाई सुरक्षा की ज़िम्मेदारी अपने हाथ में ले ली है।


सूत्रों का कहना है कि पाकिस्तानी सेना ने स्थिति पर नज़र रखने के लिए गृहमंत्रालय की इमारत में एक कंट्रोल रूप स्थापित किया है जहां वह बिन सलमान के रुकने के स्थान की ओर जाने वाले सभी रास्तों पर नज़र रखेगी।

इसके अतिरिक्त सेना की विशेष टुकड़ी के 12 हज़ार सैनिक इस्लामाबाद और रावलपिंडी में तैनात हैं ताकि वह तरह से संदिग्ध गतिविधि पर नज़र रखें।

सूत्रों का कहना है कि बिन सलमान के विमान के पाकिस्तानी वायु सीमा में आने से लेकर हवाई अड्डे पर उसके उतरने तक के दौरान पाकिस्तानी वायु सेना के युद्धक विमान उसे अपने घेरे में लिए रहेंगे।

यह ऐसी स्थिति में है कि सऊदी सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों की 6 सदस्यीय टीम ने पहले ही पाकिस्तान का दौरा करके बिन सलमान के दौरे के बारे में सुरक्षा कार्यवाहियों की जाएज़ा लिया है।

पुलवामा हमला: शुरुआती जांच में बड़ा खुलासा, RDX से नहीं किया गया था धमाका

पुलवामा हमले की शुरुआती जांच में बड़ा खुलासा हुआ है. इस हमले में RDX का इस्तेमाल नहीं किया गया था, बल्कि कश्मीर के पत्थर के खदानों में इस्तेमाल किए जाने वाला बहुत अच्छी गुणवत्ता वाले यूरिया अमोनियम नाइट्रेट का इस्तेमाल किया गया था. आदिल ने इसे दो-तीन जगहों से इकट्ठा किया था.

हमले की जांच कर रही एनआईए, एनएसजी जैसी केंद्रीय जांच एजेंसियों के फॉरेंसिक विशेषज्ञों की मानें तो शुरुआती जांच में RDX के इस्तेमाल न किए जाने की रिपोर्ट आई है. फॉरेंसिक विशेषज्ञों के अनुसार, अभी यह प्रतीत होता है कि खाद बनाने में इस्तेमाल होने वाले अमोनियम नाइट्रेट का इस्तेमाल किया गया है. बता दें, अमोनियम नाइट्रेट एक अकार्बनिक यौगिक है. यह साधारण ताप व दाब पर सफेद रंग का क्रिस्टलीय ठोस पदार्थ होता है. कृषि में इसका उपयोग उच्च-नाइट्रोजनयुक्त उर्वरक के रूप में तथा विस्फोटकों में ऑक्सीकारक के रूप में होता है.

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, विस्फोटक बनाने में प्रयुक्त सामग्री पंजाब या हरियाणा के स्थानीय डीलरों से खरीदी गई हो सकती है. जांच के पहले चरण में हमले में RDX का इस्तेमाल न होना सुरक्षा एजेंसियों के लिए गंभीर चिंता का विषय है. RDX का इस्तेमाल कश्मीर में एक दशक से अधिक समय से नहीं किया गया है. बीते सालों में कश्मीर में आतंकी अमोनियम नाइट्रेट आधारित विस्फोटकों का ज्यादा इस्तेमाल कर रहे हैं. गंभीर चिंता का यह एक और कारण है क्योंकि आरडीएक्स की तुलना में अमोनियम नाइट्रेट बनाना काफी आसान है.

हालांकि, अगर आगे की जांच में RDX के इस्तेमाल की बात आती है तो एजेंसियों के लिए यह एक और बड़ी चुनौती होगी. सबसे पहले उन्हें पता करना होगा कि RDX कश्मीर में कैसे आता है? क्या इसकी तस्करी की गई थी या इसे स्थानीय स्तर पर बनाया गया था? यदि स्थानीय स्तर पर बनाया जाता है, तो कच्चे माल की खरीद कैसे की गई? ये कुछ ऐसे प्रश्न हैं, जिन पर जांच करने वाली एजेंसियों को विचार करना होगा. बता दें, RDX एक कार्बनिक यौगिक है, जो बिना गंध या स्वाद के एक सफेद ठोस होता है, व्यापक रूप से एक विस्फोटक के रूप में उपयोग किया जाता है. द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान RDX का व्यापक रूप से इस्तेमाल किया गया था.

बता दें, पुलवामा हमले की जिम्मेदारी पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने ली है. हमले को आत्मघाती हमलावर आदिल अहमद डार ने अंजाम दिया. उसने विस्फोटकों से भरी अपनी एसयूवी से सीआरपीएफ की बस को टक्कर मार दिया था. इसके बाद धमाका हुआ था. धमाके में सीआरपीएफ के करीब 40 जवान शहीद हो गए.

पिता ने सड़क पर जूस बेचकर बनाया था CRPF जवान, आतंकियों ने ली जान


बिहार। जम्मू कश्मीर के पुलवामा में हुए आतंकी हमले में बिहार के रहने वाले जवान रतन ठाकुर भी शहीद हो गए. जब उनके घर पर शाहदत की खबर पहुंची तो मातम छा गया. पिता निरंजन ठाकुर फूट-फूटकर कर रोने लगे. उन्होंने कहा कि मेरा एक ही बेटा था जिसे मैंने बहुत जतन-रतन से पाला था. 

बेटे को पढ़ाने के लिए मैंने मजदूरी की. सड़कों पर जूस बेचा. ठेले लगाकर कपड़े बेचे. लेकिन अब सब ख़त्म हो गया है. आतंकियों ने मेरे बेटे को मार दिया. उन्होंने बताया कि रतन पढ़ाई में अच्छा था. वह 2011 में सीआरपीएफ में भर्ती हुआ. उसकी पहली पोस्टिंग गढ़वा में हुई. 


उसकी नौकरी लगने के बाद हमारी गरीबी दूर हो रही थी. धीरे-धीरे सब सही हो रहा था. पर उसके शहीद होने के बाद अब हम किसके सहारे जीएंगे. शहीद रतन की पत्नी राजनंदनी ने बताया कि रतन का दोपहर डेढ़ बजे फोन आया था. उन्होंने कहा कि श्रीनगर जा रहे हैं. रात में बात करेंगे. मैंने उनके फोन का इंतजार करती रही. 


इस बीच खबर मिली की पुलवामा में आतंकियों ने हमला कर दिया है. जब हमने टीवी देखा तो हमले का पता लगा. फिर थोड़ी ही देर बार उनके ऑफिस से फोन आया और रतन के शहीद होने की खबर मिली. 


पिता निरंजन ने बताया कि रतन की पत्नी गर्भवती है. फोन पर बात होने पर उसने होली पर घर आने की बात कही थी. उसका एक चार साल का बेटा कृष्णा ठाकुर है. जिसे उसके पिता के शहीद होने की खबर तक नहीं है.


पूछने पर बेटा कहना है कि पापा ड्यूटी पर हैं. वो जब आएंगे तो खिलौना लाएंगे. उसके फोन पर यह भी बताया था कि होली पर आने के लिए उसने छुट्टी का आवेदन दिया था।

Thursday, February 14, 2019

आतंकी हमले में शहीद हुए जवानों की संख्या 42 हुई, झारखण्ड के गुमला का विजय सोरेंग भी शामिल

 श्रीनगर,14 फरवरी।     JB Singh                             जम्मू एवं कश्मीर के पुलवामा में अवन्तीपुरा के गोरीपुरा इलाके में एक आईईडी विस्फोट में सीआरपीएफ के 42 जवान शहीद हो गए । सेना द्वारा शहीद जवानों की सूची जारी की गई है ၊

 इस आतंकी हमले की जिम्मेदारी जैश ए मोहम्मद ने ली है।

बताया जा रहा है कि आईईडी ब्लास्ट सुरक्षाबलों के वाहन को निशाना बनाकर किया गया था। इस हमले के बाद सुरक्षाबलों ने सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया है। 

सीआरपीएफ के जवानों की गाड़ी के काफिले को आतंकियों ने निशाना बनाया है और अवन्तीपुरा में ब्लास्ट किया। यह हमला तब किया गया जब काफिला जम्मू से श्रीनगर जा रहा था।

जम्मू-कश्मीर पुलिस के प्रवक्ता ने कहा है कि यह आईईडी ब्लास्ट ही है।

 यह आईईडी ब्लास्ट एक ऑटो रिक्शा में हुआ है जो नेशनल हाईवे में खड़ा था। इस हृदय विदारक हमले को ले भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने ट्वीट कर गहरी पीड़ा व्यक्त की है , वही आप नेता सह दिल्ली के मुख्य मंत्री अरविंद केजरीवाल ने शोक व्यक्त करते हुए इसे एक बड़ा आतंकी हमला करार दिया है ၊ उन्होंने इस हमले की तीखी निंदा की है ၊

      आत्मघाती हमलाावर की फोटो जारी की गई  :

भाकपा(माले) नेता बिनोद सिंह ने कहा,'बगोदर में प्रस्तावित ट्रामा सेंटर का न बनना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण'

बगोदर (गिरीडीह)

सरस्वती पूजा प्रतिमा विसर्जन के दौरान 14 फरवरी 2016 में  बगोदर के जीटी रोड सोनतुरपी में हुए भयानक सड़क हादसे में मारे गए राम प्रसाद वर्णवाल,संजय वर्णवाल,सुखदेव पंडित समेत 12 लोगो की याद में भाकपा माले ने सोनतुरपी में स्मृति शोक सभा का आयोजन किया. शोक सभा की शुरुआत सभी 12 लोगों की स्मृति में एक मिनट का मौन और माल्यार्पण से हुआ।

 

स्मृति शोक सभा को संबोधित करते बगोदर के पूर्व विधायक विनोद कुमार सिंह ने कहा कि न सिर्फ बगोदर बल्कि राज्य की सबसे दर्दनाक सड़क दुर्घटना के बाद भी बगोदर में प्रस्तावित ट्रामा सेंटर का न बनना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है और इसके लिए राज्य की रघुवर सरकार से लेकर स्थानीय सांसद -विधायक सीधे तौर पर जिम्मेवार हैं।बगोदर में ट्रामा सेंटर का निर्माण हीं सोनतुरपी सड़क दुर्घटना के शहीदों की सच्ची श्रद्धांजलि होगी।                                      उक्त स्मृति शोक सभा मे सोनतुरपी,गैडा,माहुरी,जरमुने ,मंझिलाडीह समेत आस पास के सैकड़ो लोग मौजूद थे।

बांग्लादेश सरकार ने इस्कॉन संतों को भारत में प्रवेश से रोका

चौंकाने वाली खबर 🚨  बांग्लादेश ने 63 इस्कॉन भिक्षुओं को भारत में प्रवेश करने से रोका सभी के पास वैध पासपोर्ट और वीज़ा थे। आव्रज...