Saturday, May 9, 2020

कोरोनोवायरस पुरुषों के वीर्य में पाया जाता है, ऐसी संभावना बढ़ जाती है कि वायरस यौन संचारित हो सकते हैं




 चीनी शोधकर्ताओं ने कहा कि - नए कोरोनावायरस वायरस के ठीक होने के बाद भी पुरुषों के वीर्य में बने रह सकते हैं, एक संभावना है कि वायरस यौन संचारित हो सकता है।

 शांगचिउ म्यूनिसिपल हॉस्पिटल की एक टीम ने जनवरी और फरवरी में चीन में महामारी की ऊंचाई पर इलाज किए गए 38 पुरुष रोगियों का परीक्षण किया।

 टीम ने उनके वीएएमए नेटवर्क ओपन जर्नल में रिपोर्ट किया कि उनमें से लगभग 16% को कोरोनोवायरस के सबूत मिले थे।  टीम ने बताया कि उनमें से लगभग एक चौथाई संक्रमण की तीव्र अवस्था में थे और उनमें से लगभग 9% ठीक हो गए थे।

 चीनी पीपुल्स लिबरेशन आर्मी जनरल अस्पताल के दियांगेंग ली ने कहा, "हमने पाया कि SARS-CoV-2 में COVID-19 के रोगियों के वीर्य मौजूद हो सकते हैं, और SARS-CoV-2 में अभी भी रोगियों को ठीक करने के वीर्य का पता लगाया जा सकता है।"  बीजिंग और उनके सहयोगियों ने लिखा।

 "भले ही वायरस पुरुष प्रजनन प्रणाली में प्रतिकृति नहीं कर सकता है, यह जारी रह सकता है, संभवतः वृषण के विशेषाधिकार प्राप्त प्रतिरक्षा के परिणामस्वरूप," टीम ने कहा।  विशेषाधिकार प्राप्त प्रतिरक्षा का अर्थ है कि प्रतिरक्षा प्रणाली पूरी तरह से वायरल आक्रमणकारियों पर हमला करने के लिए क्षेत्र तक नहीं पहुंच सकती है।

 यह एक आश्चर्यजनक खोज नहीं है।  कई वायरस पुरुष प्रजनन पथ में रह सकते हैं।  इबोला और जीका वायरस दोनों ही वीर्य में फैलते पाए गए, कभी-कभी महीनों के बाद एक पुरुष मरीज बरामद हुआ था।

 यह अभी तक स्पष्ट नहीं है कि क्या कोरोनावायरस इस तरह फैल सकता है।  वायरस के सबूत खोजना जरूरी नहीं है कि यह संक्रामक है।

 "अगर यह साबित किया जा सकता है कि SARS-CoV-2 को भविष्य के अध्ययनों में यौन संचारित किया जा सकता है, तो यौन संचरण संचरण की रोकथाम का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हो सकता है," टीम ने लिखा।

 “इन रोगियों के लिए संयम या कंडोम के उपयोग को निवारक साधन माना जा सकता है।  इसके अलावा, यह ध्यान देने योग्य है कि भ्रूण के विकास की निगरानी के अध्ययन की आवश्यकता है।  इसलिए, रोगी की लार और रक्त के संपर्क से बचने के लिए पर्याप्त नहीं हो सकता है, क्योंकि ठीक होने वाले रोगी के वीर्य में SARS-CoV-2 का अस्तित्व दूसरों को संक्रमित करने की संभावना को बनाए रखता है। "

 -CNN-WIRE

कोरोनोवायरस पुरुषों के वीर्य में पाया जाता है, ऐसी संभावना बढ़ जाती है कि वायरस यौन संचारित हो सकते हैं




 चीनी शोधकर्ताओं ने कहा कि - नए कोरोनावायरस वायरस के ठीक होने के बाद भी पुरुषों के वीर्य में बने रह सकते हैं, एक संभावना है कि वायरस यौन संचारित हो सकता है।

 शांगचिउ म्यूनिसिपल हॉस्पिटल की एक टीम ने जनवरी और फरवरी में चीन में महामारी की ऊंचाई पर इलाज किए गए 38 पुरुष रोगियों का परीक्षण किया।

 टीम ने उनके वीएएमए नेटवर्क ओपन जर्नल में रिपोर्ट किया कि उनमें से लगभग 16% को कोरोनोवायरस के सबूत मिले थे।  टीम ने बताया कि उनमें से लगभग एक चौथाई संक्रमण की तीव्र अवस्था में थे और उनमें से लगभग 9% ठीक हो गए थे।

 चीनी पीपुल्स लिबरेशन आर्मी जनरल अस्पताल के दियांगेंग ली ने कहा, "हमने पाया कि SARS-CoV-2 में COVID-19 के रोगियों के वीर्य मौजूद हो सकते हैं, और SARS-CoV-2 में अभी भी रोगियों को ठीक करने के वीर्य का पता लगाया जा सकता है।"  बीजिंग और उनके सहयोगियों ने लिखा।

 "भले ही वायरस पुरुष प्रजनन प्रणाली में प्रतिकृति नहीं कर सकता है, यह जारी रह सकता है, संभवतः वृषण के विशेषाधिकार प्राप्त प्रतिरक्षा के परिणामस्वरूप," टीम ने कहा।  विशेषाधिकार प्राप्त प्रतिरक्षा का अर्थ है कि प्रतिरक्षा प्रणाली पूरी तरह से वायरल आक्रमणकारियों पर हमला करने के लिए क्षेत्र तक नहीं पहुंच सकती है।

 यह एक आश्चर्यजनक खोज नहीं है।  कई वायरस पुरुष प्रजनन पथ में रह सकते हैं।  इबोला और जीका वायरस दोनों ही वीर्य में फैलते पाए गए, कभी-कभी महीनों के बाद एक पुरुष मरीज बरामद हुआ था।

 यह अभी तक स्पष्ट नहीं है कि क्या कोरोनावायरस इस तरह फैल सकता है।  वायरस के सबूत खोजना जरूरी नहीं है कि यह संक्रामक है।

 "अगर यह साबित किया जा सकता है कि SARS-CoV-2 को भविष्य के अध्ययनों में यौन संचारित किया जा सकता है, तो यौन संचरण संचरण की रोकथाम का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हो सकता है," टीम ने लिखा।

 “इन रोगियों के लिए संयम या कंडोम के उपयोग को निवारक साधन माना जा सकता है।  इसके अलावा, यह ध्यान देने योग्य है कि भ्रूण के विकास की निगरानी के अध्ययन की आवश्यकता है।  इसलिए, रोगी की लार और रक्त के संपर्क से बचने के लिए पर्याप्त नहीं हो सकता है, क्योंकि ठीक होने वाले रोगी के वीर्य में SARS-CoV-2 का अस्तित्व दूसरों को संक्रमित करने की संभावना को बनाए रखता है। "

 -CNN-WIRE

पत्रकार पर जानलेवा हमला, पुलिस ने एक अपराधी को किया गिरफ्तार




#गम्हरिया/जमशेदपुर
आदित्यपुर थानांतर्गत गम्हरिया मोतीनगर में शराब के नशे में धुत लालबाबू यादव के बेटे रवि यादव ने स्थानीय पत्रकार सुनील गुप्ता पर जानलेवा किया। इससे पत्रकार सुनील गुप्ता को गंभीर चोट लगी है। पत्रकार ने इसकी सूचना आदित्यपुर पुलिस को देते हुए कार्रवाई की मांग की है। मौके पर पहुंचकर पुलिस ने अपराधी लालबाबू यादव को गिरफ्तार कर लिया । जबकि उसके बेटे रवि यादव फरार हो गया। वहीं पुलिस ने पत्रकार को इलाज के लिए स्वास्थ केंद्र ले गयी। उन्होंने घटना की जानकारी देते हुए बताया कि लालबाबू यादव और उसके बेटे रवि यादव उनके घर में भाड़े पर रहे इंजीनियर से रंगदारी की मांग कर रहे थे, जिसका उन्होंने विरोध किया। इसके बाद रवि ने कटारी से उसपर जानलेवा हमला किया।

कोडरमा जिले में दो कोरोना पॉजिटिव मरीज मिलने से मचा हड़कंप, रातो रात किया कोविड-19 हॉस्पिटल में भर्ती





अनुप कु पांडेय।
#कोडरमा - कोडरमा जिला में शुक्रवार की देर रात दो मरीज मिलने से जिला में हड़कंप मच गया। शुक्रवार की देर रात कोडरमा से 2 कोरोना पॉजिटिव रिपोर्ट आने पर जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग ने रातों-रात दोनों कोरोना पोजिटिव मरीज को डोमचांच महिला डिग्री कॉलेज में बने आइसोलेशन वार्ड से होली फैमिली कोविड हॉस्पिटल में भर्ती किया गया । कोडरमा में मिला पहला कोरोना मरीज डोमचांच प्रखंड के बगरीडीह निवासी है जो हाल ही में दिल्ली से अपने दो साथियों के साथ बाइक से निकला। युवक बाइक से दिल्ली बॉर्डर पहुंचकर फिर टैंकर में सवार होकर तीनों बनारस पहुंचे बीच में खाना खाने के लिए होटल में भी रुके बनारस तक टैंकर में सफर कर पहुंचे फिर पुनः बनारस से सभी एक ट्रक में सवार होकर बरही तक पहुंचे फिर यहां से एक बोलेरो पर सवार होकर अपने घर बगरीडीह पहुंचे । युवक ने 3 मई को सदर अस्पताल कोडरमा में अपना सैंपल जांच के लिए दिया था तब से उसे डोमचांच प्रखंड मुख्यालय के पास स्थित महिला डिग्री कॉलेज में बने आइसोलेशन वार्ड में रखा गया था। वही दूसरा कोरोना मरीज चंदवारा का रहने वाला है और सूरत में कपड़ा फैक्ट्री में काम करता था सूरत से बस के द्वारा बरही पहुंचा था और जिस बस से युवक सूरत से निकला था उस बस में कुल 53 लोग सवार थे। सभी सूरत से बस 2 लाख में रिजर्व कर निकले थे बस में कुछ लोग हजारीबाग कुछ लोग कोडरमा व गिरिडीह जिला के रहने वाले थे । हजारीबाग के बरही में 12 से 13 लोग बस से उतर गए जिसमें कोडरमा का यह युवक भी था यह युवक बरही से सीधे कोडरमा जेजे कॉलेज में बने स्क्रीनिंग सेंटर में आवश्यक जांच कराने के बाद 5 मई को उसका सैंपल जांच के लिए लेकर डोमचांच महिला डिग्री कॉलेज में बने आइसोलेशन वार्ड में भेज दिया गया रिपोर्ट पॉजिटिव आते ही कोडरमा जिला प्रशासन ने कोरोना पॉजिटिव मरीजों को कोविड-19 हॉस्पिटल हॉली फेमली में रातों-रात भर्ती कर दिया गया। वहीं पहला कोरोनावायरस मरीज के गांव बग़रीडीह को पूरे 3 किलोमीटर एरिया से चारों तरफ प्रशासन के द्वारा सील कर दिया गया। कोडरमा उपायुक्त रमेश घोलप पुलिस अधीक्षक एहतेशाम वकारीब अनुमंडल पदाधिकारी विजय वर्मा डोमचांच वीडियो मनीष कुमार बग़रीडीह गांव का दौरा किए एवं स्थिति का जायजा लिए। पॉजिटिव मरीज के गांव बग़रीडीह को पूरी तरह सील करवा कर पूरे क्षेत्र में पुलिस फोर्स की चारों तरफ तैनाती कर दी गई एवं पूरे इलाके को सैनिटाइज करने का काम शुरू कर दिया गया। वही गांव के 3 किलोमीटर के आगे बैरियर लगाकर लोगों की आवाजाही पर पूरी तरह रोक लगा दी गई । स्वास्थ्य विभाग की टीम के द्वारा जांच की जा रही है। प्रशासन दोनों पॉजिटिव मरीजों की ट्रेवल हिस्ट्री निकाल कर पूरी सतर्कता से जांच में जुटी है। कोडरमा सदर अस्पताल के कोविड-19 नोडल पदाधिकारी डॉ मनोज कुमार ने बताया कि देर रात दोनों मरीजों का रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद तुरंत इन्हें कोविड-19 हॉस्पिटल में भर्ती कर आवश्यक इलाज किया जा रहा है । दोनों मरीजों के संपर्क में आए सभी लोगों की कोरोना जाँच की जाएगी। कोडरमा सदर अस्पताल के सिविल सर्जन डॉक्टर पार्वती कुमारी नाग ने बताया कि कोरोना मरीज के गांव को सील कर सैनिटाइज करके हमारे कोरोना योद्धाओं के द्वारा गांव में बारीकी से जांच की जा रही है। साथ ही संदिग्ध लोगों को चिन्हित कर उसका सैंपल जांच के लिए लिया जाएगा। पॉजिटिव कोरोना मरीज के गांव के 3 किलोमीटर के चारों तरफ के एरिया को सील करके कंटेंटमेंट जोन के रूप में बांटा गया एवम सात किलोमीटर गाँव के चारों तरफ के एरिया को सील करके रेड जॉन व बफर जोन के रूप में बांटा जाएगा दोनों ही जॉन में पूरे इलाके को सैनिटाइज किया जाएगा एवं इस पूरे एरिया में पूरी तरह लोक डाउन सख्ती से पालन होगा किसी को भी बाहर निकलने की अनुमति नहीं होगी।
डॉ मनोज कुमार
कोविड-19 नोडल पदाधिकारी सदर अस्पताल कोडरमा

मिलिये झारखंड की रणचंडी से : 6 नक्सलियों से अकेली भिड़ गयी झारखंड की ये आदिवासी बेटी, परिवार को बचाने के लिए एरिया कमांडर को टांगी से काट डाला

 




#गुमला।गुमला में एक आदिवासी बेटी विनीता उरांव ने बहादुरी दिखाते हुए अपने घर के छह सदस्यों की जान बचाने के लिए टांगी लेकर पीएलएफआई के नक्सलियों से भिड़ गयी. विनीता ने रणचंडी का रूप लेकर गोली चलाते हुए दरवाजा तोड़कर घर में घुसे पीएलएफआई के एरिया कमांडर बसंत गोप को टांगी से काट डाला. इससे नक्सली बुरी तरह डर गये और अपने घायल साथी को लेकर भाग नकले. लेकिन भागने के क्रम में बसंत की मौत हो गयी. बीते बुधवार की सुबह वृंदा जंगल से एरिया कमांडर बसंत का शव मिला.

मामला गुमला सदर थाना से 10 किमी दूर वृंदा नायक टोली गांव की है. जानकारी के अनुसार पीएलएफआई के 5-6 नक्सलियों ने वृंदा नायकटोली गांव के भीम उरांव के घर पहुंच कर मंगलवार की रात करीब 8.30 बजे हमला कर दिया और अंधाधुंध हवाई फायरिंग की. नक्सली आवाज देकर विनीता उरांव के पति भीम उरांव व परिवार के सभी सदस्यों को घर से निकलने के लिए कह रहे थे. घर का दरवाजा नहीं खुला तो नक्सली दरवाजा तोड़कर अंदर घुस गए. जैसे ही दरवाजा की कुंडी टूटी और नक्सली घुसे. दरवाजे के कोने में छिपी विनीता ने टांगी से बसंत गोप पर हमला कर दिया.

यह देखकर घायल बसंत को नक्सली लेकर भाग निकले. नक्सलियों के भागने के बाद परिवार के लोगों ने गुमला पुलिस अधीक्षक एचपी जनार्दन को फोन पर सूचना दी. जिसके बाद रात को पुलिस गांव पहंचकर कैंप कर रही है. बुधवार को छापामारी के दौरान बसंत गोप का शव जंगल से मिला. शव लकड़ी में बंधा हुआ था. आशंका व्यक्त की जा रही है कि घायल बसंत को उसके साथी लकड़ी में बांधकर भाग रहे थे. परंतु जंगल में उसकी मौत हो गयी. उसके छाती पर गंभीर चोट के निशान थे. 

पीएलएफआई अब तक छह बार हमला कर चुका है :

घर में भीम उरांव, पत्नी विनीता उरांव, भाई पियुष टोप्पो, वृद्ध मां व दो बच्चे हैं. दो साल पहले भीम उरांव के पिता शनिचरवा उरांव की पीएलएफआई के नक्सलियों ने गांव में हमला कर हत्या कर दी थी. स्वर्गीय शनिचरवा गांव में जलछाजन का काम कराते थे. जिनसे नक्सलियों ने 50 हजार रुपये की लेवी मांगी थी. लेवी नहीं देने पर नक्सलियों ने उनकी हत्या कर दी. इसके बाद से परिवार के सभी छह सदस्य रांची पलायन कर गये थे और रांची में रहकर मजदूरी करते थे.

परंतु लॉकडाउन को देखते हुए वे लोग 24 मार्च को अपने गांव आ गए थे. भीम ने कहा कि पीएलएफआई का कमांडर बसंत गोप सहित पांच छह अन्य नक्सली थे जो घर पर हमला किए थे. अबतक छह बार नक्सलियों ने हमारे परिवार पर हमला किया है. नक्सलियों के डर से ही हम रांची में रहते थे लेकिन लॉकडाउन में गांव आने की सूचना पर नक्सलियों ने मंगलवार की रात को हमला कर मेरे परिवार के सभी सदस्यों की जान मारने का प्रयास किया है. मेरी पत्नी विनीता की हिम्मत के कारण हमलोगों की जान बची है.

हिम्मत जुटाकर की हमला:

विनीता उरांव ने कहा कि जब नक्सली गोलीबारी करने लगे और मेरे पिता को बाहर बुलाने लगे तो शुरू में मैं डर गयी. एकबार लगा कि अब नक्सली हम सभी को मार देंगे. इस डर के बीच मैं टांगी लेकर घर के दरवाजा के पास छिप गयी. जैसे ही नक्सली दरवाजा तोड़कर अंदर घुसे. मैंने हमला कर दिया. अंधेरा था. टांगी के वार से नक्सली दरवाजे के पास गिर गया. मैंने नक्सली को चार पांच बार टांगी से काटी. इसके बाद नक्सली डरकर अपने घायल साथी को घसीटते हुए लेकर भाग निकले.

परिवार गुमला पुलिस की सुरक्षा में :

इस घटना के बाद परिवार के लोग दोबारा हमला होने की आशंका से डरे हुए हैं. लेकिन गुमला पुलिस परिवार की सुरक्षा में लगी हुई है. गुमला से 10 किमी दूर वृंदा नायकटोली में पुलिस कैंप कर रही है. गुमला के पुलिस अधीक्षक एचपी जनार्दनन ने विनीता के परिवार की सुरक्षा का भरोसा दिलाया है. इधर, विनीता की बहादुरी के बाद आदिवासी समाज के लोग उसकी प्रशंसा कर रहे हैं.

Friday, May 8, 2020

शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो ने DSE को किया निलंबित, घोटाले का था आरोप


*
राज्य के शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो ने धनबाद के पूर्व जिला शिक्षा अधीक्षक (DSE) बांके बिहारी सिंह को चापाकल घोटाले मामले में निलंबित कर दिया है. शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो ने बांके बिहारी सिंह को निलंबित करते हुए विभागीय कार्रवाई का आदेश दिया है।

बांके बिहारी सिंह फिलहाल जामताड़ा में जिला शिक्षा पदाधिकारी के पद पर तैनात थे। शिक्षा मंत्री ने छह साल पुराने मामले में जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की है।

धनबाद में जिला शिक्षा अधीक्षक के पद पर रहते हुए बांके बिहारी सिंह ने बगैर टेंडर के ही 144 स्कूलों में चापाकल के लिए बोरिंग करवाए थे। झारखंड अराजपत्रित प्रारंभिक शिक्षा संघ के महासचिव राम नारायण सिंह ने इन स्कूलों में चापाकल लगाने में घोटाले का आरोप लगाते हुए जांच की मांग की थी। प्रत्येक स्कूलों में 200 फुट के स्थान पर 100 फुट बोरिंग की गई। जबकि भुगतान 200 फुट का किया गया। प्रत्येक स्कूल में 55 साै रुपए से लेकर 24000 रुपये तक अधिक का भुगतान किया गया।

एबीपीएसएस ने आगरा प्रशासन की लापरवाही से संक्रमण के कारण वरीय पत्रकार पंकज कुलश्रेष्ठ की मौत को ले परिजनों हेतु पचास लाख के मुआवजे की मांग की


#आगरा के जिला प्रशासन की लापरवाही से वरिष्ठ पत्रकार श्री पंकज कुलश्रेष्ठ की हुई मौत पर उत्तर प्रदेश सहित मध्य प्रदेश,छत्तीस गढ़,दिल्ली,राजस्थान,बिहार, झारखण्ड,पश्चिम बंगाल,गुजरात,कर्नाटक,मध्य प्रदेश, उड़ीसा, उत्तराखण्ड, हिमाचल प्रदेश,पंजाब,हरियाणा सहित बीस राज्यों के पत्रकारों ने एबीपी एस एस (अखिल भारतीय पत्रकार सुरक्षा समिति) के पत्रकार एकजुट हो उत्तर प्रदेश के मुख्य मंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी को कहा है कि
आगरा के जिला प्रशासन की लापरवाही से वरिष्ठ पत्रकार श्री पंकज कुलश्रेष्ठ को असमय ही काल के गाल में जाना पड़ा है । प्रशासन की लापरवाही से उचित इलाज नहीं मिला। प्रशासनिक मनमानी की वजह से इस प्रदेश में पहले पत्रकार की मौत कोरोना से हुई है । सरकार से अनेक बार मांग की गई कि पत्रकार बंधुओं का भी सरकारी अधिकारियों व कर्मचारियों की तरह ही बीमा होना चाहिए । आज तक सरकार ने इस ओर कोई सार्थक कार्यवाही नहीं की । उन्होंने मुख्यमंत्री श्री योगी से अनुरोध किया है कि पत्रकार पंकज कुलश्रेष्ठ के परिजनों को 50 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाए और उनके परिवार के किसी सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए। साथ ही संगठन ने प्रदेश भर के पत्रकारों की सुरक्षा के लिए मुकम्मल उपाय और बीमा कराया जाने की मांग रखी है।जिसमे
जिग्नेश कलावाडीया, राष्ट्रीय अध्यक्ष
राकेश सिंह परिहार,राष्ट्रीय महासचिव
रत्नाकर त्रिपाठी,राष्ट्रीय महासचिव
खालिद कैश,राष्ट्रीय महासचिव
सुनील चौधरी,राष्ट्रीय सचिव
अजय प्रताप नारायण सिंह,उत्तर प्रदेश अध्यक्ष, यूपी,मनीषा सिंह चौहान,प्रदेश संयोजक (महिला विंग) यूपी,खालिक अंसारी,प्रदेश संयोजक( युवा विंग) यूपी द्वारा यह अपील की गई है।


वहीं एबीपी एस एस के राष्ट्रीय महासचिव श्री त्रिपाठी ने कहा है कि कोरोना के संक्रमण से जिस प्रकार पत्रकार पंकज कुलश्रेष्ठ जी का कल निधन हुआ वह मीडिया क्षेत्र की अपूरणीय क्षति है । पर उससे कहीं ज्यादा उनके परिवार की क्षति है जो उन पर आश्रित था । ऐसे समय मे पहले (6मई) की तरह मेरी सरकार से विनम्र प्रार्थना है कि मीडिया से जुड़े हर व्यक्ति को सरकार 50 लाख का बीमा कर उन्हें अन्य वॉरियर्स की तरह ही कोरोना वारियर माने , क्योकि यह वह जमात है जो इस भीषण संक्रमण काल मे बिना किसी लालच के अपनी जान हथेली पर लिए घर बैठे लोगों को खबरें पहुंचा रहे हैं ।उन्होंने देश भर के पत्रकारों का आह्वान करते हुए कहा कि अपने साथी की मौत पर मौन रहना अब ठीक नहीं, ये कायरता है,आवाज़ को बुलंद करने का समय है।
वहीं झारखण्ड इकाई के प्रदेश अध्यक्ष सर्वेश तिवारी ने उप्र के वरीय पत्रकार साथी पंकज कुलश्रेष्ठ के संक्रमण के कारण असामयिक हुए निधन पर संगठन के झारखण्ड के सभी साथियों की ओर से उनकी आत्मा की शांति हेतु सर्वप्रथम अश्रुपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि यह कैसी व्यवस्था है,जहां सफाई कर्मियों के भी बराबर हम पत्रकारों को नहीं समझा जाता है,समस्त मीडियाकर्मियों का आह्वान है कि इस दिशा में गंभीरतापूर्वक चिंतन मनन की आज आवश्यकता आन पड़ी है,इससे पूर्व महाराष्ट्र में भी कई पत्रकार साथी गण जत्थों में इस भयावह विषाणु से संक्रमित हो चुके हैं,हमलोग अपने अपने क्षेत्रों में जिस किसी तरह इस आपदा के समय संवादों का संकलन करने में लगे हैं,ऐसे में हम सभी उप्र राज्य के सम्मानित मुख्य मंत्री श्री आदित्य योगीनाथ जी से करबद्ध प्रार्थना करते हैं कि पत्रकारों के परिजनों के भविष्य की सुरक्षा हेतु त्वरित आवश्यक कदम उठाएं। उन्होंने मांग की है कि उत्तर प्रदेश सरकार दिवंगत पत्रकार साथी पंकज कुलश्रेष्ठ के परिजनों को ₹50लाख की आर्थिक सहायता प्रदान कर लोकतंत्र के सिपाही के परिवार को सुरक्षा उपलब्ध कराएं।साथ ही कहा कि झारखण्ड के सम्मानित मुख्य मंत्री श्री हेमंत सोरेन जी ने जैसे लाखों ग्रामीण श्रमिकों/छात्रों/एवं अन्य झारखंडी निवासियों को वापस लाने का महत्त्वपूर्ण कार्य किया व कर रहे हैं,तथा राज्य में अन्य राज्यों की तरह यहां शराब की दुकानों को नहीं खोले जाने का निर्णय ले जनहित को प्रमुखता देकर हम सब के साथ ही साथ पूरे राज्य वासियों के दिलों में जगह बनाई है,उसी तरह मुख्य मंत्री जी राज्य भर के पत्रकार साथियों को ₹50 लाख के बीमा की सुविधा का त्वरित आदेश दे व्यवस्था करने की कृपा करें। इसके लिए राज्य का पत्रकार जगत उनका हृदय से आभारी रहेगा। संगठन द्वारा सभी पत्रकारों से इसे मुख्य मंत्री, उप्र एवं मुख्य मंत्री, झारखण्ड,प्रधान मंत्री आदि को ट्विटर के माध्यम से संदेश पहुंचाने का आह्वान किया गया है।

बांग्लादेश सरकार ने इस्कॉन संतों को भारत में प्रवेश से रोका

चौंकाने वाली खबर 🚨  बांग्लादेश ने 63 इस्कॉन भिक्षुओं को भारत में प्रवेश करने से रोका सभी के पास वैध पासपोर्ट और वीज़ा थे। आव्रज...