Friday, October 2, 2020

कोडरमा में वर्षों बाद दिखा विलुप्त गिद्धों का झुंड,हजारीबाग से पहुंचे पदाधिकारी ने जताया आश्चर्य


KODERMA.

कोडरमा।जिले के झुमरीतिलैया नगर परिषद क्षेत्र अंतर्गत गांधी स्कूल रोड स्थित झारखंड राज्य खनिज विकास निगम जमीन पर सैकड़ों गिद्ध के झुंड देखे जाने की सूचना के बाद शुक्रवार को हजारीबाग वन संरक्षक कार्य योजना अंचल के पदाधिकारी अजीत कुमार सिंह हजारीबाग से कोडरमा पहुंचे। जहां कोडरमा के डीएफओ सूरज कुमार सिंह ने उनका स्वागत किया। इसके बाद दोनों अधिकारी समेत वन विभाग के अन्य कर्मी गिद्ध की झुंड देखे जाने वाले स्थान पर पहुंचे। उक्त स्थल पर अलग-अलग झुंडों में करीब 100 से अधिक गिद्ध देखे गए। कोडरमा जिले से लगभग लुप्त हो चुके गिद्ध को वर्षों के बाद काफी संख्या में कोडरमा की धरती पर देखकर हजारीबाग से आए पदाधिकारी एवं डीएफओ आश्चर्यचकित एवं काफी खुश हुए।


इस मौके पर हजारीबाग वन संरक्षक पदाधिकारी अजीत कुमार सिंह ने बताया कि गिद्ध को प्राकृतिक सफाई कर्मी कहा जाता है। उन्होंने कहा कि गिद्ध खुले स्थानों पर फेंके गए मृत मवेशियों को साफ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

यदि हमारे प्राकृतिक में गिद्ध नहीं होते तो खुले स्थानों में फेंके जाने वाले मृत मवेशियों से काफी महामारी फैलती। उन्होंने बताया कि गिद्दों के लुप्त होने का एक प्रमुख कारण मवेशी पालकों के द्वारा मवेशी में जनित विभिन्न प्रकार के रोगों में उपयोग किए जाने वाले डायक्लोफेनिक के प्रयोग से मवेशियों के शरीर पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।

इन मवेशियों की मौत के बाद जब गिद्ध इन्हें खाते हैं तो गिद्दों के किडनी पर काफी खराब प्रभाव पड़ता है। जिससे गिद्दों की मौत हो जाती है। और गिद्दों के प्रजनन क्षमता पर भी प्रभाव पड़ता।


.इन वजहों से काफी तेजी से गिद्दों की संख्या क्षेत्र से विलुप्त होती जा रही है। उन्होंने कहा कि गिद्ध एक बार में एक अंडा देती है और अंडे से निकले चूजे का जीवित रहने का दर भी काफी कम है। इस वजह से भी गिद्धों का हमारे प्राकृतिक में काफी अधिक महत्व है। उन्होंने कहा कि यदि हम इसे नहीं बचाएंगे तो हम एक अलग महामारी को आमंत्रित करेंगे। वन विभाग एवं कुछ एनजीओ इसके संरक्षण को लेकर पूरे झारखंड में काम कर रही है।

उन्होंने मवेशी पालकों से घातक डाइक्लोफिनेक दवा का इस्तेमाल नही करने एवं इसके जगह पर विकल्प के तौर पर उपलब्ध अन्य दवाओं का प्रयोग करने की अपील की। ताकि प्रकृति के सफाई कर्मी गिद्ध का संरक्षण हो सके। उन्होंने बताया कि इन दवाओं के प्रयोग रुकने के लिए भारत सरकार ने गाइडलाइन भी जारी की है।

*वंही समाज में चमगादड़ को अशुभ माने जाने की सोच पर उन्होंने कहा कि चमगादड़ हमारे पूरे पर्यावरण के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण जीव है।*

चमगादड़ जो कि एक शाकाहारी पक्षी है। जो मुख्यतः फलों का सेवन करते हैं। वह प्राकृतिक के विस्तार में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने बताया कि कई ऐसे दुर्गम स्थान होते हैं जहां इंसान हमेशा नहीं पहुंच पाते हैं। लेकिन चमगादड़ उन इलाकों में आसानी से पहुंचते हैं और उनके द्वारा मल से निकले बीज से उक्त स्थल पर पेड़ पौधे उगते हैं।

वहीं डीएफओ सूरज कुमार सिंह ने बताया कि कोडरमा जिला एक पक्षी प्रधान जिला है। यहां पर कई विदेशी पक्षियों का भी आगमन होता है

उन्होंने कहा कि गिद्दों के लिए घातक डाइक्लोफिनेक दवा को लेकर प्रशासन के सहयोग से इसके प्रयोग के रोकथाम को लेकर अभियान चलाया जाएगा और जरूरत पड़ी तो मेडिकल स्टोर पर छापेमारी कर इसकी बिक्री पर रोक लगाया जाएगा। डीएफओ ने बताया कि पर्यावरण में पशु पक्षियों के घटती संख्या का एक कारण औद्योगिक क्षेत्रों का विस्तार एवं शहरी क्षेत्रों का विस्तार भी है। जिसकी वजह से पेड़ पौधे काटे जा रहे हैं। प्राकृतिक को नष्ट किया जा रहा है। इस वजह से भी पर्यावरण जीवों की संख्या घटी है। जिसके संरक्षण को लेकर वन विभाग लगातार कार्य कर रही है।

Thursday, October 1, 2020

एसडीपीओ विनोद महतो की बर्खास्तगी व न्याय की माँग को ले भाकपा (माले) ने दिया धरना,कहा - भाजपा के राज्य में बेटियां सुरक्षित नहीं हैं


बगोदर(गिरिडीह)।बगोदर सरिया एसडीपीओ विनोद महतो की बर्खास्तगी व न्याय की माँग को लेकर आज भाकपा माले बगोदर प्रखंड कमिटी ने जिला ब्यापी कार्यक्रम के तहत बगोदर बस पड़ाव मे एक दिवसीय धरना दिया।।धरने की अध्यक्षता व संचालन जिप सदस्या सरिता महतो ने किया।धरने को संबोधित करते हुए आखिल भारतीय किसान सभा के प्रदेश सचिव पूरन महतो ने कहा कि बगोदर सरिया के वर्तमान एसडीपीओ के कार्यकाल मे पुलिस व अपराधी बेलगाम हो गए हैं।पुलिस भूमाफिया के लठैत के बतौर काम कर रही है।एसडीपीओ महिला विरोधी चेहरा दिखाते हुए अश्लील टिप्पणी करने वालों की संरक्षक बन महिलाओं व युवाओं पर झूठा मुकदमा पहले बिरनी थाने मे किया। वही कहा कि इसका विरोध करने पर 41 माले नेताओं पर राजनीतिक मुकदमा पुना सरिया मे कियागया,माले के लोग मुकदमे से घबराने वाले नही हैं।धरने को इनौस के राष्ट्रीय सचिव संदीप जायसवाल,जीप सदस्य पूनम महतो,उप प्रमुख सरिता साव,भुनेश्वर महतो,संजय यादव,सुनिल स्वर्णकार,गीता देवी,गुलाबी देवी,राजू महतो,डेगलाल महतो सहित सैकडों लोग शामिल थे।

कोडरमा:राजमिस्त्री मनीष को पटककर जान से मारने का प्रयास, पुलिस की तत्परता से बची जान




राजमिस्त्री मनीष को पटककर जान से मारने का प्रयास, पुलिस की तात्परता से बची जान
#अनूप कुमार।

कोडरमा:- डोमचांच प्रखंड अंतर्गत तेतरियाडिह पंचायत ग्राम बंगाईकला निवासी धर्मेंद्र यादव उम्र 38 पिता नारायण यादव ने डोमचांच थाने में आवेदन देकर शिकायत दर्ज करवाते हुए कहा कि मौजा तेतरियाडीह में अनिल पंडित पिता स्व० चांदो पंडित ग्राम तेतरियाडीह निवासी से झोपड़ी नुमा घर एवं जमीन बिक्रीनामा पर रकम देकर खरीदा हूं जिसका खाता संख्या 8 प्लॉट संख्या 401 403 कुल रकबा 12 डिसमिल है। उक्त जमीन के बगल के सुमित्रा देवी के व परिवार के द्वारा बार बार अड़चन डालने पर अंचल अधिकारी डोमचांच मनीष कुमार को लिखित आवेदन देकर उक्त जमीन का नापी कराने का अनुरोध किया जिसके पश्चात अंचल अधिकारी डोमचांच द्वारा दिनांक 4 सितंबर 2020 को डोमचांच पुलिस एवं दंडाधिकारी के सहयोग से अनिल पंडित के मोजुदगी में उक्त घर एवं जमीन का नापी कर मुझे दे दिया गया। अंचल अधिकारी नापी कर संपूर्ण कागजात भी उसे दिया गया। अनिल पंडित के कहने पर मैं दिनांक 24 सितंबर 2020 को करीब 12:30 बजे वे मजदूर को लेकर उक्त अपने जमीन एवं घर पर काम करवाने के लिए पहुंचा तो करीब 20 से 30 मिनट तक काम करवाने के बाद एकाएक धारदार हरवे हथियार से लैस होकर जान मारने की नियत से उसे एवं उसके मजदूरों पर सुमित्रा देवी पति स्व शिव नारायण सिंह, रेखा देवी पति नामालूम, कृष्णा राम, रंजीत राम, दोनों पिता स्वर्गीय शिव नारायण सिंह, लक्ष्मी देवी पति कृष्णा राम, रंजीत राम की पत्नी सहित सभी साकिन कोठियाराबर थाना डोमचांच जिला कोडरमा उस पर और मजदूरों पर जानलेवा हमला कर दिया। जिससे वे और मजदूर जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। अपने गाड़ी के पास गया तो पीछे से सुमित्रा देवी, रंजीत राम, एवं रंजीत राम की पत्नी ने गाड़ी के पास आकर गाड़ी का शीशा तोड़-फोड़ कर गाड़ी की डिक्की में रखा पर्स भी ले लिया। जिसमें करीब 8500 सौ नगद रुपया और कुछ जरूरी कागजात थे। कृष्णा राम एवं उनकी उसकी पत्नी लक्ष्मी देवी के द्वारा राजमिस्त्री मनीष कुमार को पकड़कर जमीन पर पटक दिया तथा जान मारने की नीयत से गला दबा दिया। इसी बीच डोमचांच थाना पुलिस पहुंचकर बच बचाव किया तभी मनीष कुमार की जान बची नहीं तो कुछ अनहोनी हो सकती थी। सभी लोग गंदी गंदी और अभद्र गाली गलौज कर रेप केस में फंसाने की धमकी दे रहे थे।वे पुलिस के साथ भी गाली गलौज करने लगे। प्रशासन तक को गाली गलौज करने पर डरे सहमे धर्मेंद्र यादव ने थाना अध्यक्ष दशरथ यादव से अनुरोध के साथ दोषियों पर के विरुद्ध आवश्यक कानूनी कार्रवाई कर न्याय की गुहार लगाई। वहीं मामले को लेकर कांड संख्या 102/20 धारा 147 148 149 341 323 307 379 427 504 506 के तहत मामला दर्ज कर डोमचांच पुलिस अनुसंधान व आवश्यक कार्रवाई में जुट गई।

Monday, September 28, 2020

Mumbai Crime Branch, Unit 9 arrested a drug peddler Usman Sheikh who used to supply drugs to struggling Bollywood actors and TV actors


Mumbai : While the Narcotic Control Bureau (NCB) have arrested major drug suppliers to Bollywood in the ongoing Sushant Singh death case probe, the Mumbai City Crime Branch, Unit 9, have arrested a 40-year-old drug peddler, identified as Usman Sheikh who used to supply drugs to struggling Bollywood actors and TV actors.

The accused Usman Ali Shaikh and his two employees would wear the Zomato delivery boy’s uniform to evade any police nakabandi or police checking while they went to deliver the drugs to various clients.


Acting on the specific tip off, the crime branch unit 9 led by police inspector Nandkumar Gopale and Sanjeev Gawde laid a trap at New link road at Oshiwara and detained Usman Shaikh.

His personal search resulted in the recovery of 139 grams of mephedrone or MD, synthetic drug from his possession. On examination of contraband with the Narcotic test kits, it was confirmed that the contraband was drugs falling under the NDPS Act.
Police have also seized his bike, on which he used to move and deliver the drugs to several residents of Lokhandwala and Versova.

Deputy commissioner of police (Crime) Akbar Pathan states that though Usman has been indulging in drug peddling for past one year, he has been arrested for the first time. Police have also detained his two employees, who are likely to be made witnesses as both of them used to work on fixed salary.


lice have also stumbled upon the contact list of Shaikh, as most of the clients are TV actors and struggling stars.

He used to procure drugs for anywhere from Rs 600 to 800 from Wadi Bunder in Dongri and sell at Rs 1600 to 1800 per gram to various clients.

बड़े घरों की लड़कियों और औरतों को फंसा कर याैन शोषण व ब्लैकमेलिंग के आरोप में घिरने के बाद कोयला व्यवसायी व ठेकेदार बादल गौतम



धनबाद
बड़े नेताओं और बड़े पुलिस पदाधिकारियों के साथ संबंधों का हवाला देकर बड़े घरों की लड़कियों और औरतों को फंसा कर याैन शोषण और ब्लैकमेलिंग के आरोप में घिरने के बाद कोयला व्यवसायी व ठेकेदार बादल गौतम के पीछे अब धनबाद पुलिस पड़ी है। गिरफ्तारी के लिए पुलिस की कवायद को देख बादल ने अपने मोबाइल का स्विच ऑफ कर लिया है। दूसरी तरफ डाक से पुलिस को पत्र लिखकर सफाई दे रहा है। पत्र में बादल ने खुद की जान को खतरा बताया है। हालांकि दुष्कर्म और ब्लैकमेलिंग के सवाल पर बादल ने पत्र में कुछ नहीं कहा है।


शहर के चर्चित दुष्कर्म कांड का आरोपी बादल गौतम ने वरीय पुलिस अधीक्षक असीम विक्रांत मिंज को रजिस्टर्ड डाक से पत्र देकर अपने और अपने परिवार के सुरक्षा की गुहार लगायी है। इस पत्र के माध्यम से बादल ने सुरेश सिंह हत्या कांड से लेकर अब तक की घटनाओं का जिक्र करते हुए और बिहार के विधायक अनंत सिंह समेत कई अन्य लोगों से अपनी जान को खतरा बताया है। बादल ने अपने पत्र में कहा है कि सुरेश सिंह हत्या कांड में स्व. सुरेश सिंह के पुत्र अजय सिंह ने तत्कालीन विधायक संजीव सिंह और शशि सिंह के खिलाफ गवाही देने के लिए दवाब बनाया और हत्या करा देने की धमकी दी थी। वर्ष 2013 में उनके करीब राजन सिंह की चुन्नू सिंह ने हत्या करा दी। चुन्नू के मित्र की पत्नी संगीता राजगढ़ीया ने केस किया और यह झूठा साबित हुआ। जेल मे बंद फहीम खान के भतीजा चीकू के खिलाफ केस दर्ज कराया तो उसकी महिला मित्र अनुपा गुप्ता ने उन पर झूठा केस कर दिया।

बड़े घरों की लड़कियों और औरतों को फंसा कर याैन शोषण व ब्लैकमेलिंग के आरोप में घिरने के बाद कोयला व्यवसायी व ठेकेदार बादल गौतम


धनबाद
बड़े नेताओं और बड़े पुलिस पदाधिकारियों के साथ संबंधों का हवाला देकर बड़े घरों की लड़कियों और औरतों को फंसा कर याैन शोषण और ब्लैकमेलिंग के आरोप में घिरने के बाद कोयला व्यवसायी व ठेकेदार बादल गौतम के पीछे अब धनबाद पुलिस पड़ी है। गिरफ्तारी के लिए पुलिस की कवायद को देख बादल ने अपने मोबाइल का स्विच ऑफ कर लिया है। दूसरी तरफ डाक से पुलिस को पत्र लिखकर सफाई दे रहा है। पत्र में बादल ने खुद की जान को खतरा बताया है। हालांकि दुष्कर्म और ब्लैकमेलिंग के सवाल पर बादल ने पत्र में कुछ नहीं कहा है।


शहर के चर्चित दुष्कर्म कांड का आरोपी बादल गौतम ने वरीय पुलिस अधीक्षक असीम विक्रांत मिंज को रजिस्टर्ड डाक से पत्र देकर अपने और अपने परिवार के सुरक्षा की गुहार लगायी है। इस पत्र के माध्यम से बादल ने सुरेश सिंह हत्या कांड से लेकर अब तक की घटनाओं का जिक्र करते हुए और बिहार के विधायक अनंत सिंह समेत कई अन्य लोगों से अपनी जान को खतरा बताया है। बादल ने अपने पत्र में कहा है कि सुरेश सिंह हत्या कांड में स्व. सुरेश सिंह के पुत्र अजय सिंह ने तत्कालीन विधायक संजीव सिंह और शशि सिंह के खिलाफ गवाही देने के लिए दवाब बनाया और हत्या करा देने की धमकी दी थी। वर्ष 2013 में उनके करीब राजन सिंह की चुन्नू सिंह ने हत्या करा दी। चुन्नू के मित्र की पत्नी संगीता राजगढ़ीया ने केस किया और यह झूठा साबित हुआ। जेल मे बंद फहीम खान के भतीजा चीकू के खिलाफ केस दर्ज कराया तो उसकी महिला मित्र अनुपा गुप्ता ने उन पर झूठा केस कर दिया।

Friday, September 25, 2020

A minor Girl gave birth outside the SP office at Kishanganj in Bihar

PATNA: A minor girl, sexually exploited on the pretext of marriage by a youth, delivered a baby outside the office Kishanganj SP where she went to seek justice.

She was lured by a youth namely Munna Kumar of her neighbouring village under Pahadkatta police station about 10 months ago while grazing cattle. The victim, who fell in love with the accused, was sexually exploited for months. The youth refused to marry her When she became pregnant.

Later, the victim disclosed the matter to her family. But, when her father reached the accused's house and narrated the incident, he was allegedly beaten up.

Confirming the incident, Kishanganj SP Kumar Ashish said that the family of the victim tried to get justice first from the village panchayat (through social initiative) which was held about five times over the matter.

“The victim’s family initially did not approach the police. They tried getting the matter solved at the social level as the matter pertained to the dignity of a woman. When the victim’s family failed to get justice for nine months, she along with her family were on way to my office. She delivered a newborn in the office corridor on Tuesday”, Ashish said.

When informed, Ashish called an ambulance and assigned a woman SHO to take the victim to nearby Sadar Hospital. He also deployed two women cops to safeguard her at the hospital.

The SP said that an SIT has been formed to investigate the case. “Raids are on to nab the accused. The accused is absconding after the case was lodged”, the SP said, adding that the victim was discharged on Thursday. The newborn and the mother are in good health, he added.

बांग्लादेश सरकार ने इस्कॉन संतों को भारत में प्रवेश से रोका

चौंकाने वाली खबर 🚨  बांग्लादेश ने 63 इस्कॉन भिक्षुओं को भारत में प्रवेश करने से रोका सभी के पास वैध पासपोर्ट और वीज़ा थे। आव्रज...