रांची ၊
आम आदमी पार्टी (आप) के प्रदेश उपाध्यक्ष लक्ष्मी नारायण मुंडा ने कहा है कि उच्चतम न्यायालय का निर्णय देश के सोलह राज्यों के वन क्षेत्र में रहने वाले आदिवासियों के खिलाफ है। इस प्रकरण में ऐसा निर्णय आना केंद्र और विभिन्न राज्यों के सरकारों की भूमिका है। जग जाहिर है कि आदिवासियों से जंगल और प्रकृति आबाद रहा है। फिर भी इस तरह का फैसला दिया जाना आदिवासियों के नैसर्गिक परपंरागत अधिकारों पर हमला है। यह पूरी तरह आदिवासियों के जीवन- मरण से जुड़ा हुआ है तथा आदिवासियों के साथ ऐतिहासिक अन्याय है। इस निर्णय के खिलाफ केंद्र सरकार को उच्चतम न्यायालय में पुनर्विचार याचिका दायर करना चाहिए।
एक तरह से देखें तो यह फैसला घोर आदिवासी विरोधी है और इसके खिलाफ आदिवासी समुदाय हर स्तर से विरोध करने को तैयार रहेगी। जब आदिवासी समुदाय के वजूद को मिटाने, उजाड़ने की कोशिश हो रही है तब यह नहीं देखा जाता है कि निर्णय किसका और किसने दिया है।
उपरोक्त जानकारी लक्ष्मी नारायण मुंडा, उपाध्यक्ष, झारखंड प्रदेश,आम आदमी पार्टी ने दी ၊
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