*आठ वर्ष की आदिम जनजाति की मासूम बच्ची को चैनपूर ग्राम के रहने वाले माइकेल तिर्की ने अपने यंहा कार्य करने के लिए रखा था।*
*महुआडांड थाना प्रभारी महेन्द्र करमाली को मासूम बच्ची की हत्या करने वाली को गिरफ्तार करने में मिली सफलता।*
*देवानन्द प्रसाद/महुआडांड*
महुआडांड थाना क्षेत्र स्थित ग्राम चैनपूर में गुरूवार को आदिम जनजाति की एक आठ वर्ष की मासूम बच्ची का हत्या कर नदी किनारे फेंक दिये जाने का एक सनसनीखेज मामला प्रकाश में आया है। मृतक बच्ची अंजिता हेम्ब्रोम पिता लेदेन कोरवा उम्र 8 वर्ष महुआडांड थाना क्षेत्र स्थित ग्राम ग्वालखांड़ की रहने वाली थी। हालाँकि वह लगभग तीन सप्ताह पूर्व ही चैनपूर ग्राम के रहने वाले माइकेल तिर्की के घर रहकर घर का काम करती थी व साथ ही पढ़ाई भी करती थी। घटना के संबंध में महुआडांड थाना प्रभारी महेन्द्र करमाली से मिली जानकारी के अनुसार घटना बुधवार की है। बुधवार को दिन के लगभग दस बजे मृतका अंजिता हेम्ब्रोम चैनपूर ग्राम की ही रहने वाली इस्तेला तिर्की पति गोलेमान तिर्की उम्र 35 वर्ष के साथ चैनपूर ग्राम के ही समीप बहने वाली बेरा नदी स्नान करने गई हुई थी। नहाने के क्रम में इस्तेला तिर्की को न जाने क्या हुआ अपनी पीठ से मैल छुड़ाने के बहाने अपने समीप बुलाकर बच्ची अंजिता हेम्ब्रोम का गला घोंटकर व पानी में डुबोकर हत्या कर दी। जब काफी देर तक बच्ची घर नही लौटी तो माइकेल तिर्की व गांव वाले बच्ची को खोजने लगे। काफी खोजबीन के बाद देर रात बेरा नदी किनारे बच्ची का लाश खोजने में ग्रामीण सफल हुए। घटना की सूचना लोगों ने मृतका के पिता व थाना में दी। घटना की जानकारी मिलते ही महुआडांड थाना प्रभारी महेन्द्र करमाली सदल बल के साथ घटना स्थल पर पहुंचे व लाश को कब्जे में कर पोस्टमार्टम हेतु सदर अस्पताल लातेहार भेज दिया वहीं छानबीन के दौरान हत्यारे का पता चलने पर महुआडांड थाना प्रभारी महेन्द्र करमाली ने हत्यारी इस्तेला तिर्की को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। घटना चाहे जैसे भी घटित हो आदिम जनजाति की एक आठ वर्ष की मासूम बच्ची की हत्या से पुरे महुआडांड प्रखण्ड में लोग मर्माहित हैं वहीं मृतक के परिजनों का रो रो कर हाल बेहाल है।
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