धनबाद : केन्द्र और ममता के द्वंद के मध्य वृद्ध ने दे दी अपनी जान ၊ दामोदरपुर सोम नगर के रहनेवाले 70 वर्षीय अवध किशोर गिरी का शव शनिवार को तालाब से बरामद किया गया. बताया जाता है कि अवध किशोर गिरी कैंसर से पीड़ित थे. वे हाल ही में कोलकाता स्थित चितरंजन नेशनल कैंसर इंस्टीट्यूट इलाज कराने के लिए गये थे. उनके पास इलाज कराने के लिए पैसे नहीं थे. डॉक्टरों ने आयुष्मान भारत कार्ड से इलाज करने से साफ मना कर दिया, जिस कारण उन्होंने घर पहुंच कर तालाब में कूद कर अपनी जान दे दी.
डॉक्टरों ने कहा- यहां ममता की सरकार है, यहां सिर्फ उन्हीं का कार्ड चलता है
अवध किशोर के पुत्र दीपक ने बताया कि सीएनसीआइ के डॉक्टरों ने साफ कहा कि यह बंगाल है. यहां ममता दीदी की सरकार है. यहां पर सिर्फ उन्हीं का कार्ड चलता है. इसलिए यहां पर इस कार्ड से इलाज नहीं होगा. दीपक ने बताया कि वे लोग गरीब हैं. पहले तो यहीं पर कई अस्पतालों में पिता का इलाज कराया. सभी ने कोलकाता के सीएनसीआइ ले जाने की सलाह दी. किसी तरह हम लोग पिता को कोलकाता सीएनसीआइ इलाज कराने के लिए ले गये. पिता को अस्पताल में भर्ती करा कर फिर धनबाद आये और यहां पर आयुष्मान भारत का कार्ड बनवाया. कार्ड बनवाने के बाद हम लोग काफी खुश थे कि अब पिता के इलाज में कोई अड़चन नहीं आयेगी लेकिन वहां पर डॉक्टरों ने साफ मना कर दिया, जिस कारण हम लोग मायूस होकर लौट आये.

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