कोसली:
सुविधा या दुविधा.....
बच्चों के हकों से खिलवाड़...
नही बांटी ग़रीब छात्रों की 17 लाख की लागत से ख़रीदी गई थी 551 साइकिलें...
तीन वर्ष पहले ख़रीदी गई साइकिलें हो चुकी है कबाड़...
जगदीश यादव। चंडीगढ़ । अब इसे सुविधा कहे या दुविधा सरकार की तरफ से 2 किमी की दूरी से स्कूल आने वाली छात्राओ की सुविधा के लिए साइकिले भेजी गई थी जिससे छात्रायें बिना किसी परेशानी के समय पर स्कूल पहुँच सके । परन्तु अगर जमीनी हकीकत देखी जाए तो नाहड़ ब्लाक के लिए 2016 में आई स्कूली छात्राओं के लिए साईकिल बन्द कमरों में धुल चाट रही है। नाहड़ खण्ड में 2016 में उन स्कूली छात्राओं के लिए 511 साईकिल वितरण के लिए आई थी लेकिन विभाग कि लापरवाही के कारण उक्त साईकिल ना तो वितरण हुई ओर ना ही वापिस भेजी गई जो लगभग साढे तीन साल से कमरों में बन्द जगं खा रही है समबन्धित विभाग इन्हे वितरण करने के इसलिए कतरा रहा है कि लबे समय तक खड़ी रहने के कारण जहां जग खा रही है वहीं टायर और टयूब भी खत्म हो गए है, इसके लिए अब विभाग ने रिपेयर करवाने के लिए हैड आफिस को चिटठी लिखी है। जिसमें प्रत्येक साईकिल पर 11 सौ रूपए खर्च होना बताया गया है। वही आज भी अकेले नाहड़ स्कूल से लगभग सौ छात्राएं भंडग़ी, कोहारड़ मुमताजपुर गावों से पैदल दो से तीन किलोमिटर चल कर स्कूल में शिक्षा ग्रहण करने पहुंच रही है।
विभाग के खण्ड कार्यालय से जानकारी में बताया कि 2016 में विभाग ने यह साईकिल 20 इंची 31 सौ ओर 22इंची साईकिल 33 की खरीद दिखाई गई है। जबकी आज बढती महगाई में हर चीज के दाम तीन साल में दोगुना हो गए है। लेकिन विभाग आज अपनी नीति बदल कर बच्चियों को साइकिल के नाम पर 31 सौ व 33 सौ रूपए नगद दे रहा है। इससे यह साबित होता है कि कहीं ना कहीं 2016 में खरीद की गई साईकिलो में भी घोटाला जरूर हुआ है जिसकी सत्यता जांच से ही सामने आ सकती है।
क्या कहना है खण्ड मौलिक शिक्षा अधिकारी का : इस विषय में खण्ड मौलिक शिक्षा अधिकारी राजेन्द्र शर्मा ने कहा कि वे दो माह पूर्व ही यहां कार्यभार सभाला है और उनके सज्ञांन में इस तरह का मामला नही था, अब आपके माध्यम से पता चला है ओर यह मामला बड़ा ही। भीर है इस मााामलेम सपर्क करेगें ओर उस समय जो भी अधिकारी था इसकी घोर लापरवाही रही है । उसके खिलाफ कारवाई कि मागं करेगें । इसके लिए चाहे हेड आॅफिस ही क्यों ना जाना पड़े ।
कोसली के राजकीय वरिष्ट माध्यमिक विधालय के चार कमरों में जगं खा रही रखी साईकिल। 2 ,खण्ड मोलिक शिक्षा अधिकारी राजेन्द्र शर्मा

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