Thursday, November 22, 2018

राजनीति: जम्मू कश्मीर विधानसभा भंग, सरकार बनाने की संभावना खत्म


जम्मू-कश्मीर में पीडीपी के सरकार बनाने के मंसूबों पर पानी फिर गया है. राज्यपाल ने जम्मू कश्मीर विधानसभा भंग कर दी है जिसके बाद सरकार बनने की सारी संभावनाएं खत्म हो गई हैं. इससे पहले पीडीपी की मुखिया महबूबा मुफ्ती ने सरकार बनाने का दावा पेश किया था. मुफ्ती ने आज तक से एक्सक्लूसिव बातचीत में कहा था कि उन्होंने नेशनल कॉन्फ्रेंस और कांग्रेस के समर्थन पत्र के साथ राज्यपाल को चिट्ठी लिख दी है. इधर पीडीपी में बगावत होने की खबर है. पीडीपी विधायक इमरान अंसारी ने दावा किया कि उनके साथ 18 विधायक हैं. उन्होंने कहा कि हम भी राज्यपाल के पास सरकार  बनाने का दावा पेश करेंगे.

राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने धारा 53 के तहत विधानसभा भंग करने का आदेश दिया. इससे पहले पीडीपी ने एनसी और कांग्रेस के साथ सरकार बनाने का दावा पेश किया था. इसके साथ ही पीडीपी में बगावत की खबरें आने लगीं. कुछ विधायकों ने गठबंधन सरकार बनाने का विरोध किया. 

महबूबा मुफ्ती ने 'आजतक' से कहा कि सरकार बनाने का उनका दावा वैध था लेकिन विधानसभा भंग कर दी गई. कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा कि अभी पार्टियों में बात भी नहीं हुई थी और विधायकों की बैठक बुलाई गई थी लेकिन बीजेपी नहीं चाहती जम्मू कश्मीर में कोई सरकार बने. आजाद ने कहा कि बीजेपी का तानाशाही रवैया फिर सामने आया है. अफवाहों से बीजेपी डर गई और विधानसभा भंग कर दी गई. आजाद ने कहा कि हम प्रदेश में चुनाव चाहते हैं.

पीडीपी-बीजेपी के ‘तलाक’ के बाद अब राज्य में सरकार बनाने के लिए कांग्रेस, नेशनल कॉन्फ्रेंस और पीडीपी एक साथ आ रहे हैं. महबूबा मुफ्ती ने आजतक से खास बातचीत में कहा कि हमारा मुख्य ध्यान 35 ए और राज्य के विशेष दर्जे को लेकर है. इसका मसला जनवरी में उठा था. जब मैं मुख्यमंत्री थी, तब मैंने इसका विरोध किया था. कश्मीरी अवाम ने इसके लिए बहुत कुर्बानी दी है. उस समय कई ऐसे बदलाव करने की बातें थीं, जो लोगों के हित में नहीं थी. महबूबा ने तीनों दलों के एक साथ आने के बचाव में तर्क दिया कि राज्य के स्पेशल दर्जे को बचाए रखने के लिए ही हम सभी साथ आए हैं.

क्या भाजपा के अन्य दूसरे दलों के साथ सरकार बनाए जाने की खबरों के चलते पीडीपी-कांग्रेस और नेशनल कॉन्फ्रेंस एक साथ आए हैं? इस सवाल पर महबूबा ने कहा कि राज्य में बड़ी पार्टी बनने के बाद बीजेपी उन पार्टियों को तोड़ने की कोशिश कर रही है जिन्होंने रियासत में बड़ी मेहनत और कुर्बानियों के बाद लोकतांत्रिक मूल्यों को स्थापित किया था. ऐसी ही ताकत का सामना करने के लिए हमने एक साथ आने का फैसला लिया.

तीनों दलों में से किसने एक साथ आने की पहल की, इस सवाल पर महबूबा ने कहा कि हम तीनों ही एक साथ आए हैं. हमारी तरह दोनों दल भी 35 ए और केंद्र के राज्य के प्रति रवैये को लेकर चिंतित हैं.

तीनों दलों में कौन इसका नेतृत्व करेगा, इस सवाल पर महबूबा ने कहा कि फिलहाल तो पीडीपी इसका नेतृत्व कर रही है. लेकिन अभी हम इस पर चर्चा कर रहे हैं. क्या एनसी भी सरकार का हिस्सा बनेगी या फिर वो सिर्फ बाहर से समर्थन करेगी, इस सवाल पर महबूबा ने कहा कि इस पर अभी फैसला होना बाकी है. राज्यपाल को सरकार बनाने का दावा पेश करने के सवाल पर महबूबा ने कहा कि हम उन्हें दोनों दलों के समर्थन पत्र के साथ फैक्स कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि देखते हैं कि आगे क्या होता है. 

क्या हैं विधानसभा के समीकरण

 जम्मू-कश्मीर विधानसभा में कुल 89 सीटे हैं, जिनमें से दो सदस्य मनोनीत किए जाते हैं. ऐसी स्थिति में सरकार बनाने के लिए 44 विधायकों की जरूरत होती है. मौजूदा स्थिति में पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) के पास 28, बीजेपी के 25 और नेशनल कॉन्फ्रेंस के पास 15 और कांग्रेस के पास 12 सीटे हैं. यानी अगर पीडीपी, कांग्रेस और नेशनल कॉन्फ्रेंस एक साथ आते हैं तो आंकड़ा 55 तक पहुंच रहा है और आसानी से सरकार का गठन किया जा सकता है।

देश में कैश संकट टालने के लिए आज सिस्टम में 8 हजार करोड़ रुपये डालेगा RBI

रिजर्व बैंक और मोदी सरकार के बीच खींचतान के बीच  आरबीआई बोर्ड की 9 घंटे मैराथन बैठक चली. दिनभर चली इस बैठक में कई अहम मसलों पर चर्चा के साथ उन सभी मुद्दों पर बात हुई जिसके चलते बीते दिनों केन्द्र सरकार और आरबीआई के बीच खींचतान देखने को मिल रही थी. केन्द्रीय बैंक इको कैप फ्रेमवर्क के लिए एक्सपर्ट समिति गठित करेगा ၊                                            उधर झारखण्ड कोयलांचल के वरिष्ठ कांग्रेसी राजेन्द्र सिंह ने इस पर तंज कसते हुए ट्वीट कर  कहा है कि 

केंद्र सरकार और रिजर्व बैंक में तनातनी के बीच सोमवार को मुंबई में बैंक के निदेशक मंडल की बैठक हुई, जिसमें टकराव की स्थिति समाप्त करने के लिए कई अहम निर्णय लिए गए. रिजर्व बैंक के पास कितना खजाना रहना चाहिए, इस विवादित मसले को सुलझाने के लिए एक 'विशेषज्ञ समिति' गठित करने पर सरकार और बैंक के बीच सहमति बन गई है. इसके अलावा बैंक ने गवर्नमेंट सिक्योरिटी बॉन्ड खरीद के जरिए 8,000 करोड़ रुपये सिस्टम में लाने का फैसला किया है.

रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने सोमवार को अहम बैठक में कहा था कि वह 22 नवंबर को सरकारी प्रतिभूतियों (बॉन्ड इत्यादि) की खरीद के माध्यम से प्रणाली में 8,000 करोड़ रुपये डालेगा. यानी रिजर्व बैंक के पास मौजूद खजाने के जिस हिस्से को लेकर विवाद की स्थिति देखने को मिल रही थी, उसमें से रिजर्व बैंक ने खरीदारी कर पैसा सरकारी सिस्टम में लाने का निर्णय लिया है.

केंद्रीय बैंक ने कहा, 'नकदी की मौजूदा स्थिति को देखते हुए और भविष्य में टिकाऊ तरलता की जरूरत को देखते हुए आरबीआई ने मुक्त बाजार परिचालन (ओएमओ) के तहत सरकारी प्रतिभूतियों को खरीदने का फैसला किया है. इसके तहत बैंक 22 नवंबर को प्रणाली में 80 अरब रुपये डालेगा.'

रिजर्व बैंक के इस कदम से आईएलएंडएफएस समूह की कंपनियों के दायित्व भुगतान में असफल रहने के चलते उत्पन्न नकदी संकट को कम करने में मदद मिलेगी. यानी देश में एनबीएफसी (नॉन बैंकिंग फाइनेंनशियल कंपनियों) के नकदी संकट को दूर किया जा सकेगा और देश में कारोबारी तेजी के लिए नया कर्ज देने का काम शुरू किया जा सकेगा.

इसके अलावा आरबीआई बोर्ड ने केन्द्रीय बैंक को सलाह दी है कि वह मीडियम एंड स्मॉल सेक्टर इंडस्ट्री को राहत पहुंचाने के लिए फॉर्मूला तैयार करे. इसके तहत एमएसएमई सेक्टर को रिजर्व बैंक 25 करोड़ तक के कर्ज के लिए एक नई स्कीम भी लाने पर काम करेगा.

रिजर्व बैंक के गवर्नर उर्जित पटेल की अध्यक्षता में हुई निदशेक मंडल की बैठक हुई. न्यूज एजेंसी भाषा के मुताबिक, बैठक के दौरान किसी भी प्रस्ताव पर मतदान की नौबत नहीं आई.










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काबुल में मिलाद्दुनबी पर बड़ा धमाका ,कम से 50 की हुई मौत

अफ़ग़ानिस्तान की राजधानी काबुल में धर्मगुरुओं की सभा पर आत्मघाती हमले में कम से कम 50 लोग मारे गए हैं। इस धमाके में 80 से अधिक लोगों के घायल होने की भी सूचना है।

धर्म गुरु काबुल के हवाई अड्डे के निकट स्थित एक हाल में पैग़म्बरे इस्लाम का जन्म दिन मनाने के लिए एकत्रित हुए थे।

यह काबुल में हालिया महीनों का सबसे बड़ा हमला था। अब तक किसी ने इस हमले की ज़िम्मेदारी स्वीकार नहीं की है।

जिस समय धमाका हुआ हाल में लगभग एक हज़ार लोग उपस्थित थे।

अधिकारियों का कहना है कि आत्मघाती हमलावर हाल में प्रवेश के बाद बिल्कुल बीच में पहुंच गया और फिर उसने ख़ुद को धमाके से उड़ा लिया।  इस्लामिक स्कालर मुहम्मद हनीफ़ ने बताया कि धमाका कान फाड़ देने वाला था और हर कोई मदद के लिए पुकार रहा था।

अफ़ग़ान राष्ट्रपति अशरफ़ ग़नी ने हमले की कड़े शब्दों में निंदा की। उन्होंने बुधवार को राष्ट्रीय शोक की घोषणा की।

अफ़ग़ानिस्तान में संयुक्त राष्ट्र संघ के मिशन ने भी इस बम धमाके की आलोचना की।

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान ख़ान ने भी आतंकी हमले को कायरतापूर्ण कार्यवाही बतया और पीड़ित परिवारों से हमदर्दी जताई।

हालांकि इस हमले की ज़िम्मेदारी अभी किसी ने नहीं ली है लेकिन इस प्रकार के कई हमले दाइश की ओर से किए गए हैं। अगस्त महीने में काबुल में दो हमलों की ज़िम्मेदारी दाइश ने स्वीकार की थी।

हमले तो तालेबान की ओर से भी जारी हैं लेकिन तालेबान के हमले में अधिकतर सुरक्षा बलों को निशाना बनाया जाता है। तालेबान के प्रवक्ता ज़बीहुल्ला मुजाहिद ने मंगलवार को होने वाले हमले में तालेबान के लिप्त होने का खंडन किया है।

Wednesday, November 21, 2018

धनबाद .:पत्रकार को एसडीओ ने मारा थप्पड़, फिर कहा 'सॉरी'

Jharkhand.

Dhanbad: न्यूज विंग के संवाददाता विकास पांडेय के साथ धनबाद के एसडीओ राज महेश्वरम और उनके साथ मौजूद पुलिस दस्ते ने बुधवार दोपहर को मारपीट की. यह घटना उस समय हुई जब एसडीओ हीरापुर में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई कर रहे थे. विकास ने यह देखा तो उसका वीडियो बनाने लगा. यह देखकर एसडीओ और उसके साथ के पुलिस दस्ते ने पत्रकार के साथ लप्पड़-थप्पड़ शुरू कर दिया. पत्रकार का फोन भी छीन लिया. इसके बाद उसे अपनी स्कॉर्पियो में बैठाकर अपने सरकारी आवास ले गये. करियर बर्बाद कर देने की धमकी दी. वहां विकास ने जब कहा कि मेरे सीनियर से बात कर लीजिए तो उन्होंने उनकी एक नहीं मानी. उनके मोबाइल से फोटो और वीडियो डिलिट कर दिया. बाद में यह कहते हुए मोबाइल दिया कि सीधे भाग जाओ.

एसडीएम ने कहा सॉरी

मामले में जब एसडीओ से न्यूज विंग ने बात की और कहा कि किसी का वीडियो बनाना अपराध है क्या? पत्रकार के साथ क्यों मारपीट की गयी? इस पर उन्होंने माफी मांगी. सॉरी कहा. मामले की शिकायत धनबाद के डीसी ए दोड्डे से की गयी है. मारपीट के इस मामले को उन्होंने गंभीर बताते हुए आवश्यक कार्रवाई की बात की. भुक्तभोगी पत्रकार ने मामले की डीसी को लिखित सूचना देकर समुचित कार्रवाई की मांग की है.

एसडीएम की दलील कि विकास ने अपना आईकार्ड नहीं दिखाया

न्यूज विंग से बात करते हुए एसडीएम ने कहा कि जहां पर अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया चल रही थी, वहां बिलकुल पास में ही विकास खड़ा था. उससे हटने को कहा गया. लेकिन वो नहीं हटा. ऐसे में मेरे साथ मौजूद पुलिस कर्मियों ने उससे उसकी आईडी मांगी. आईडी नहीं देने पर उसकी डायरी मांगी. एसडीएम ने कहा कि उसके बाद उसे गाड़ी में बैठाकर अपने आवास पर लाया. जो धक्का-मुक्की विकास के साथ हुई उसके लिए मैं सॉरी बोलता हूं.  


पत्रकारों पर हाथ छोड़ना कभी बर्दाश्त नहीं: संजीव झा


धनबाद प्रेस क्लब के अध्यक्ष संजीव झा ने न्यूज विंग से बात करते हुए कहा कि पत्रकारों पर हाथ छोड़ना कतई बर्दाश्त नहीं होगा. उन्होंने कहा कि प्रेस क्लब इस बात की घोर निंदा करता है. मामले को लेकर डीसी से मुलाकात की जाएगी. उनसे उचित कार्रवाई करने के लिए कहा जाएगा.

लगातार ऐसी घटना हो रही हैं, लेकिन सरकार संज्ञान नहीं ले रहीः राजेश सिंह

रांची क्लब के अध्यक्ष राजेश सिंह ने कहा कि पत्रकारों को मारना मानो फैशन हो गया है. घटना इस वजह से बढ़ रही है क्योंकि सरकार संज्ञान नहीं ले रही है. अगर रांची की घटना के बाद सरकार संज्ञान लेती तो कभी भी इस तरह की घटना दोबारा नहीं घटती. आखिर किसने अधिकार दिया है, प्रशासन को पत्रकारों पर हाथ उठाने का. कैसे कोई किसी पत्रकार से कैमरा लेकर उससे कुछ डिलिट कर सकता है. कहा रांची प्रेस क्लब इसकी घोर निंदा करता है और उन्होंने पत्रकारों को एकजुट होकर मामले से निबटने का अनुरोध किया.

ABPSS , अखिल भारतीय पत्रकार सुरक्षा समिति के झारखण्ड प्रदेश अध्यक्ष  सर्वेश तिवारी ने  कहा है कि  झारखण्ड में इस तरह शासन प्रशासन द्वारा पत्रकारों के साथ मारपीट करने का जैसे चलन हो गया है, ऐसे अधिकारियों को एबीपीएसएस द्वारा आगाह किया जाता है कि वे अपनी हरकतों से बाज आएं, अन्यथा पत्रकार के 'कलम' की मार बहुत महंगी पड़ेगी, जिसका परिणाम भुगतना पड़ेगा ၊ साथ ही सभी पत्रकार साथियों से आग्रह किया  है कि इस प्रकार की स्थिति में FIR अवश्य दर्ज करायें या CJM कोर्ट में परिवाद दाखिल करें , साथ ही राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग तथा प्रेस काउंसिल ऑफ इण्डिया के पास सम्पूर्ण विवरण भेजा करें ၊ सरकार की संवेदनहीनता से सभी पत्रकार भाई पूर्व में ही रांची की घटना से अवगत हो ही चुके हैं ၊ कहा कि  ABPSS हर कदम पर आपके साथ होगा ၊ श्री तिवारी ने कहा  दुःखद स्थिति यह  है कि  जनता को अत्याचार व उत्पीड़न से त्राण दिलाने वाले कलमकार आज स्वंय पीड़ा सह रहे हैं ၊ उन्होंने झारखण्ड सरकार के विरूद्ध प्रतिकार का आह्वान किया है ၊

चतरा:पुलिस ने मांगी मोहलत कहा जल्द जंजीरों में कैद होगा पत्रकार चंदन का हत्यारा, आंदोलन स्थगित


चतरा : पत्रकार चंदन तिवारी मर्डर केश के मुख्य अभियुक्त की गिरफ्तारी को ले ब्राह्मण महासंघ द्वारा चलाया जा रहा आंदोलन पुलिस के आश्वासन के बाद तत्काल स्थगित हो गया। पुलिस ने  आंदोलनकारियों से चंद दिनों की मोहलत मांगी है। आंदोलन के पहले चरण में आहूत एकदिनी पत्थलगड्डा बंद के दौरान आंदोलनकारियों और बंद समर्थकों से वार्ता के दौरान पुलिस ने हत्यारे को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर जेल भेजने का आश्वासन दिया। पुलिस अवर निरीक्षक मदन पासवान ने ग्रामीणों को आस्वस्त किया कि संविधान के चौथे स्तंभ पर कुठाराघात करते हुए समाज का आईना कहे जाने वाले पत्रकार की हत्या करने वाले हत्यारा जल्द जंजीरों में कैद होगा। पुलिस के आश्वासन के बाद आंदोलनकारियों ने चलाए जा रहे आंदोलन को तत्काल स्थगित कर दिया। आक्रोशित लोगों ने हत्यारे की गिरफ्तारी एक सप्ताह के भीतर नहीं होने पर पुनः आंदोलन करने की चेतावनी दी है। आंदोलन स्थगित होने के बाद जहां वाहनों का परिचालन शुरू हो गया वहीं प्रखंड मुख्यालय की दुकानें भी खुल गई। गौरतलब है कि पत्रकार हत्याकांड का मुख्य अभियुक्त टीएसपीसी नक्सली पिंटू सिंह घटना के करीब बीस दिन बीत जाने के बाद अबतक पुलिस के गिरफ्त से बाहर है। मामले में पुलिसिया कार्रवाई में सुस्ती से नाराज ब्राह्मण महासंघ ने चरणबद्ध आंदोलन की घोषणा की थी। इसके तहत मंगलवार की शाम महासंघ ने प्रखंड मुख्यालय में मशाल जुलूस निकालकर पुलिस से हत्यारे की अविलंब गिरफ्तारी की मांग की थी। वहीं आज अहले सुबह पत्थलगड्डा चौक को जाम कर दिया था। जिसके बाद आंदोलन को समर्थन देते हुए व्यवसाइयों ने अपनी-अपनी दुकानें भी रखी थी। वहीं कांग्रेस, जेवीएम, आजसू व आईना परिवार समेत विभिन्न राजनीति और गैर राजनीतिक संगठनों के नेता और कार्यकर्ताओं ने भी बंद समर्थकों को समर्थन देकर आंदोलन को गति प्रदान कर दी थी।

डुमरी(गिरिडीह): आन्दोलित शिक्षकों को गिरफ्तार करने में जतायी असमर्थता, पहुँचे एसडीएमओ तब हुई गिरफ्तारी

डुमरी(गिरिडीह) :अपने मांगों के समर्थन में 15 नवम्बर को रांची में विरोध प्रदर्शन

कर रहे पारा शिक्षकों व शिक्षिकाओं पर पुलिस द्वारा की गई लाठीचार्ज 

के विरोध व गिरफ्तार शिक्षकों की बिना शर्त रिहाई की मांग को ले 20 नवंबर को झारखंड प्रदेश एकीकृत पारा शिक्षक संघर्ष मोर्चा के आह्वान पर प्रखण्ड के सभी पारा शिक्षक व शिक्षिकाओं ने जेल भरो आन्दोलन 

कार्यक्रम के तहत अपनी गिरफ्तारी दी।सभी शिक्षकों को अनुमंडल कार्यालय परिसर में बनाए गए कैंप जेल में रखा गया जिसे बाद में रिहा

कर दिया गया। 

शिक्षकों के समर्थन में स्थानीय विधायक जगरनाथ महतो

भी कार्यक्रम में शामिल होकर पारा शिक्षकों की मांगों को जायजा बता

मांगे माने जाने तक लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलनरत रहने की अपील

की।इसके पूर्व प्रखण्ड के विभिन्न क्षेत्रों से आए पारा शिक्षक केबी उच्च

स्कूल के मैदान में इकट्ठा हुए जहां से जुलूस के शक्ल में सरकार विरोधी व अपने मांगों के समर्थन में नारेबाजी करते हुए डुमरी थाना पहुंचे और पुलिस से अपनी गिरफ्तारी की अपील की जहां पुलिस ने ऐसे कार्यक्रम  में सीधी गिरफ्तारी पर असमर्थता जाहिर करते हुए अनुमण्डल जाने की सलाह दी।उसके बाद सभी पारा शिक्षक नारेबाजी करते हुए अनुमण्डल परिसर पहुंच अपनी गिरफ्तारी दी।                                     इधर कार्यक्रम में शामिल रहे शिक्षकों के द्वारा 'जेल का ताला टूटेगा गिरफ्तार पारा शिक्षक छूटेगा, छत्तीसगढिया मुख्यमंत्री वापस जाओ,गिरफ्तार पारा शिक्षकों को अविलंब रिहा करो,रघुबर दास की तानाशाही नहीं चलेगी,रघुबर दास मुर्दाबाद,एकीकृत पारा शिक्षक संघर्ष मोर्चा जिंदाबाद' आदि सरीखे नारे लगाए जा रहे थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता डीलचंद महतो ने किया जबकि जुलूस का नेतृत्व मोर्चा के प्रखंड सचिव बालेश्वर महतो,डीलचन्द महतो, थानेश्वर महतो व सहदेव यादव ने संयुक्त रूप से किया। इस दौरान निरंजन महतो,जानकी महतो,मुरलीधर महतो, बिनोद महतो,शमीम इकबाल,बंसत महतो,दीपनारायण यादव,गुलाब मंडल,पप्पू मंडल,गीता महतो,अनिता देवी,बसंती कुमारी,राजेश कुमार, बैजनाथ महतो,अनुराधा साहा,अरुण आजाद,कोकिल साव,राजू ठाकुर, नरेश कुमार,सुरेश रजक,राजकुमार पांडेय,सुनिल पांडेय,सुनिल निराला, दुलारचंद पंडित,मुकेश मंडल,प्रदीप रजक,अनवर अंसारी,सुरेन्द्र पांडेय, संजय पटेल,जयलाल मिर्धा,मुनीचन्द महतो,जयनारायण महतो,कुंजलाल महतो,दिनेश्वर रविदास,संजीत कुमार,प्रमोद अग्रवाल,आभा मिश्रा, सुभाष मुर्मू आदि उपस्थित थे।जेल भरो आंदोलन कार्यक्रम में शामिल होने वाले पारा शिक्षकों व शिक्षिकाओं की संख्या ५६० रही।


झारखण्ड:देवघर में श्रीकांत रोड के पास युवक को गोली मारी, धनबाद रेफर...

____पवन टमकोरिया /देवघर

देवघर में श्रीकांत रोड,बेलाबगान मोहल्ले में 27 वर्षीय सिंहेश्वर यादव नामक युवक को गोली मार दी गयी है। घायल युवक जसीडीह के नोखिल गांव का रहने वाला है। प्राप्त खबर के अनुसार, घायल युवक ने पुलिस को बयान दिया है कि वह ट्रैक्टर के लिए भाड़ा खोजने पुलिस लाइन के पास गया हुआ था। वापस लौटने के क्रम में वो रास्ते में पेशाब करने के लिए रुका। जहां दो मोटरसाइकिल पर सवार होकर पांच युवक पहुंचे। जहां प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक , सोनू यादव नामक युवक ने उस पर गोली चला दी। गोली युवक के दाहिने जांघ में लगी। जबकि अमर यादव नामक युवक ने उसे जमीन पर पटककर पिस्तौल के बट से उसे मारा। घायल युवक के अनुसार यह हमला जान मारने की नीयत से किया गया था। वहीं गोली चलने के बाद हो हल्ला होने पर पांचों युवक भाग खड़े हुए। युवक की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है और सदर अस्पताल में ईलाज के लिए भेज दिया गया है। वहीं अब उसको बेहतर ईलाज के लिए धनबाद रेफर कर दिया गया है।

बहरहाल पुलिस मामले की पड़ताल कर रही है। लेकिन सरेशाम गोलीबारी की इस घटना से देवघर पुलिस का अपराधियों पर अंकुश नहीं होना साबित करता है।


बांग्लादेश सरकार ने इस्कॉन संतों को भारत में प्रवेश से रोका

चौंकाने वाली खबर 🚨  बांग्लादेश ने 63 इस्कॉन भिक्षुओं को भारत में प्रवेश करने से रोका सभी के पास वैध पासपोर्ट और वीज़ा थे। आव्रज...