Wednesday, January 2, 2019

रांची: पारा शिक्षकों को लेकर सरकार शीघ्र लेगी निर्णय

जमशेदपुर में सूर्य मंदिर परिसर स्थित सोन मंडप में मुख्य मंत्री रघुवर दास ने  कहा कि पारा शिक्षकों को लेकर सरकार गंभीर है. शिक्षा मंत्री डॉ नीरा यादव को विभागीय सचिव के साथ बैठ कर संभावनाएं तलाशने को कहा गया है. पारा शिक्षकों पर जल्द फैसला लिया जायेगा. उन्होंने कहा कि बजट में मुख्यमंत्री कृषि आशीर्वाद योजना का सूत्रपात किया जायेगा. इस योजना से 20 लाख मध्यम व लघु किसान सीधे लाभान्वित होंगे. बरसात के पहले ही किसानों को 5000 प्रति एकड़ की दर से राशि डीबीटी के माध्यम से हस्तांतरित की जायेगी. इससे वे समय पर खाद और बीज खरीद सकेंगे. पांच एकड़ तक जमीन रखनेवाले किसानों को इसका लाभ मिलेगा. 

उन्होंने कहा : 2013-14 में राज्य की कृषि विकास दर ऋणात्मक (-4.5) थी. इन चार वर्षों में सरकार ने डोभा और तालाब के रूप में सिंचाई के संसाधनों की व्यवस्था की. मेहनती अन्नदाताओं के अथक परिश्रम से यह 14.5 प्रतिशत तक पहुंच गयी. चार वर्षों में 18 से 19 प्रतिशत की अभूतपूर्व वृद्धि मेहनतकश भूमिपुत्रों के अथक परिश्रम का प्रतिफल है. 2022 तक किसानों की आय चौगुनी करने का लक्ष्य तय कर काम शुरू हो चुका है.

प्राइवेट स्कूलों की मनमानी रोकने के लिए कानून जल्द

मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि स्कूलों की मनमानी रोकने के लिए सरकार जल्द कानून लायेगी. मनमानी फीस वृद्धि समेत अन्य कई मामलों की शिकायतें सरकार के संज्ञान में आयी हैं. जांच के लिए शिक्षा विभाग के सचिव स्तर पर एडवाइजरी कमेटी का गठन किया गया है. रिपोर्ट के बाद सरकार आगे की कार्रवाई करेगी.

मेडिकल के लिए भी एडवाइजरी कमेटी         मेडिकल सेवाओं को अपग्रेड करने, निजी अस्पतालों में आम लोगों को आ रही परेशानियों के संबंध में एडवाइजरी कमेटी का गठन किया जा रहा है. इस कमेटी की रिपोर्ट पर सरकार आगे की कार्रवाई करेगी, ताकि अस्पतालों में इलाज कराने के लिए जानेवालों को किसी तरह की समस्या का सामना प्रबंधन से नहीं हो.

 

Monday, December 31, 2018

84 सिख दंगा मामला: सज्जन कुमार ने कोर्ट में सरेंडर किया, मंडोली जेल


1984 सिख दंगों के दोषी पूर्व कांग्रेस नेता सज्जन कुमार ने सोमवार को दिल्ली की कड़कड़डूमा अदालत में सरेंडर कर दिया. उन्हें मंडोली जेल में भेजे जाने की तैयारी है. अभी हाल में दिल्ली हाईकोर्ट ने सज्जन कुमार को दंगे का दोषी ठहराते हुए उन्हें आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी. सज्जन कुमार ने सरेंडर की तारीख में कुछ मोहलत देने की गुहार लगाई थी जिसे कोर्ट ने नकार दिया था.      


सज्जन कुमार के वकील ने न्यूज एजेंसी पीटीआई को बताया कि उनके मुवक्किल को राहत मिलने की संभावनाएं काफी कम हैं क्योंकि सुप्रीम कोर्ट में 1 जनवरी को छुट्टियां खत्म हो रही हैं जिससे उनकी अपील पर सुनवाई की उम्मीद नहीं है. सज्जन कुमार के वकील ने कहा, 'हम हाईकोर्ट के फैसले पर अमल करेंगे.'    

बीते 17 दिसंबर को दिल्ली हाईकोर्ट ने कांग्रेस नेता सज्जन कुमार को सिख दंगे का दोषी ठहराते हुए ताउम्र कारावास की सजा सुनाई थी. अपने फैसले में अदालत ने कहा था कि '1984 दंगे में राष्ट्रीय राजधानी में 2700 सिखों की हत्या की गई और यह घटना अविश्वसनीय नरसंहार थी.' कोर्ट ने इस घटना को 'मानवता के खिलाफ अपराध' बताया और कहा कि इसके पीछे वैसे लोग थे जिन्हें राजनीतिक संरक्षण प्राप्त था और कानून का पालन करने वाली एजेंसियों ने भी इनका साथ दिया.

कोर्ट ने अपने फैसले में इस बात का जिक्र किया कि देश के बंटवारे के समय से ही मुंबई में 1993 में, गुजरात में 2002 और मुजफ्फरनगर में 2013 जैसी घटनाओं में नरसंहार का यही तरीका रहा है और प्रभावशाली राजनीतिक लोगों के नेतृत्व में ऐसे हमलों में 'अल्पसंख्यकों' को निशाना बनाया गया और कानून लागू करने वाली एजेंसियों ने उनकी मदद की.

Sunday, December 30, 2018

बोकारो: एबीपीएसएस की बैठक में पत्रकारों ने एक स्वर में पत्रकार सुरक्षा कानून को ले आवाज बुलंद की

बोकारो ၊ पत्रकार सुरक्षा कानून को झारखंड में लागू करने की माँग के सवाल पर राष्ट्रीय संगठन- अखिल भारतीय पत्रकार सुरक्षा समिति की बोकारो जिला इकाई के पत्रकारों ने एक स्वर में आवाज बुलंद की। शनिवार को संगठन के जिला  प्रभारी मनोज कुमार के नेतृत्व में आयोजित बैठक के दौरान दर्जनों पत्रकार शामिल हुए एवं राज्य सरकार से पत्रकार सुरक्षा कानून को हर हाल में लागू करने की माँग पर निर्णायक रणनीति पर विमर्श किया। बैठक के दौरान झारखंड प्रदेश के अध्यक्ष सर्वेश तिवारी ने आगामी वर्ष 2019 में केन्द्रीय कमिटि के देशव्यापी आंदोलन करने हेतु निर्देश के तहत राज्य के जिलेवार कमिटि को रणनीतिक विचारो का आदान-प्रदान किये ၊ मौके पर मौजूद प्रदेश महासचिव अनिल कुमार ने बैठक को सम्बोधित करते हुए कहा कि एबीपीएसएस पूरे देश भर में पत्रकारों की असुरक्षा को लेकर चिंतित है तथा पत्रकार सुरक्षा कानून को लेकर व्यापक अभियान चलाएगी ၊ 

वहीं दूसरी ओर झारखण्ड के उत्तरी छोटानागपुर प्रमण्डल अध्यक्ष अमरेद्र झा ने राज्य के तमाम जिला कमिटि को सशक्त होकर अपने अधिकार के लिये सरकार से निर्णायक जंग के लिये तैयार रहने का निर्देश दिया। श्री झा ने पत्रकारों के लिये लंबित कानून को लागू करने के इस देशव्यापी अभियान में राज्य के तमाम पत्रकार संगठनो, समाजिक संगठनों सहित आम बुद्धिजिवियों को भी आगे आने की अपील की। बैठक के दौरान संगठन के प्रदेश सचिव अनिल कुमार ने भी संगठन के उद्देश्य  एवं दिशा पर विस्तृत बात बताये। 

 बोकारो जिला संगठन की आयोजित इस बैठक में दर्जनों दिग्गज पत्रकारों ने भी शिरकत कर संगठन के उद्देश्य पर अपना संपूर्ण समर्पण व्यक्त करते हुए पत्रकार सुरक्षा कानून को हर हाल में लागू कराने में अपना समर्थन दिया। इस क्रम में जिला प्रभारी श्री कुमार ने जिले के तमाम पत्रकारों को संगठन का पहचान प्रपत्र भरकर उन्हें किसी भी प्रकार की असुरक्षित दशा में संगठन से संपूर्ण मदद का भरोसा दिया। इस दौरान वरिष्ठ पत्रकार श्री अशोक अश्क,अजय अश्क, जय सिन्हा,कुमार दिनेश सिंह,  सच्चिदानंद पाठक,वृज भूषण द्विवेदी , आलोक कुमार, रिपु सदन पाठक,मनीष कुमार ,उपस्थित थे।

झारखंड में शीतलहर का प्रकोप जारी, रांची के कांके में 3.3 डिग्री दर्ज की गई

झारखंड की राजधानी रांची में नये साल से पहले तापमान में अच्छी-खासी गिरावट दर्ज की गयी है. इसलिए शीतलहर का प्रकोप जारी है. एक्यूवेदर के पूर्वानुमान में कहा गया है कि आने वाले दो दिन में लोगों को ठंड से राहत नहीं मिलेगी. हालांकि, 31 दिसंबर को अधिकतम और न्यूनतम तापमान में एक-एक डिग्री की वृद्धि हो सकती है. वहीं, मौसम विभाग ने भी कहा है कि इस साल झारखंड को शीतलहर से राहत मिलने की उम्मीद नहीं है. एक्यूवेदर की रिपोर्ट बताती है कि एक दिसंबर से अब तक न्यूनतम तापमान में करीब 12 डिग्री सेंटीग्रेड तक की गिरावट आयी है. दिसंबर के पहले दिन अधिकतम तापमान 29 डिग्री और न्यूनतम तापमान 16 डिग्री सेल्सियस था, जो अब गिरकर क्रमश: 20 और 4 डिग्री सेल्सियस रह गया है. यह पिछले साल की तुलना में काफी कम है. वर्ष 2017 में 29 दिसंबर का अधिकतम तापमान 25 डिग्री और न्यूनतम तापमान 13 डिग्री सेल्सियस था. भारतीय मौसम विभाग के रांची केंद्र ने कहा है कि 31 दिसंबर तक राज्य के एक-दो स्थानों पर शीतलहरी जारी रहेगी. विभाग के अनुसार, झारखंड के ऊपर उत्तर और उत्तर-पश्चिमी शुष्क हवा बह रही है. इसका असर राज्य पर पड़ेगा. हवा की गति सामान्य से थोड़ी तेज है. इस कारण ठंड का एहसास हो रहा है. धूप में भी लोगों को राहत नहीं मिल रही है. शुक्रवार को राजधानी के शहरी इलाकों का तापमान आठ डिग्री सेल्सियस के आसपास रहा. यह सामान्य से करीब दो डिग्री सेल्सियस कम है. वहीं, बीएयू स्थित कृषि भौतिकी विभाग ने शुक्रवार को कांके का न्यूनतम तापमान 3.3 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया है. विभाग के अनुसार, आनेवाले कुछ दिनों तक ऐसी ही स्थिति बनी रहेगी. रात का तापमान सामान्य से दो से चार डिग्री सेल्सियस कम रहने की उम्मीद है. मैक्लुस्कीगंज में पड़ रही कड़ाके की ठंड मैक्लुस्कीगंज व आसपास के क्षेेत्रों में कड़ाके की ठंड पड़ रही है. पछुआ हवा से आम जनजीवन तो प्रभावित हो ही रहा है, मवेशियों पर भी इसका असर दिख रहा है. रात में बाहर खड़े वाहनों व खेत-खलिहान में रखे पुआल पर ओस की बूंदें जमकर बर्फ बन जा रही हैं. दिन में सर्द हवा से बचने के लिए धूप और शाम में अलाव का सहारा ले रहे हैं.  एक बार पुन: तापमान में गिरावट दर्ज की गयी. मैक्लुस्कीगंज में रहने वाले एंग्लो समुदाय के मैल्कॉम हॉरिगन के तापमान मापक यंत्र ने सुबह यहां का तापमान दो डिग्री रिकॉर्ड किया

Saturday, December 29, 2018

गिरिडीह: दसवीं का छात्र बोकारो के चंद्रपुरा से पाँच दिनों से लापता

बगोदर / गिरिडीह बगोदर थाना क्षेत्र के चौधरीबांध पंचायत अन्तर्गत कोड़ाडीह निवासी विरेन्द्र यादव का 16 वर्षीय पुत्र  कैलाश यादव बोकारो जिले के चन्द्रपुरा में अपने मामा के यहाँ रहकर पढाई करता था। उक्त युवक अपने मामा घर चन्द्रपुरा से पैतृक निवास कोड़ाडीह के लिए 25 दिसम्बर को घर से निकला । लेकिन घर नही पहुँचा ၊ उधर उक्त किशोर युवक के घर नहीं पहुँचने से परिजनो में किसी अनहोनी की आशंका को ले दिन प्रति दिन चिन्ता बढ़ती  जा रही है ၊ इधर परिजनो ने बताया  कि उक्त युवक इसी वर्ष फरवरी माह में मैट्रिक की  परीक्षा देने वाला है ၊ इस सम्बन्ध में  लापता छात्र के दादा टिपन यादव व मामा द्वारा चन्द्रपुरा थाना को  सूचना दे चुके है၊परिजनों ने बताया कि लापता  छात्र को घर तक पहुँचाने या सूचना देने वाले को उचित इनाम उपहार स्वरूप दिया जाएगा । सूचना मो नं 7091762679 अथवा 9503069691 पर दी जा  सकती है ।



गायब छात्र का फाइल


 फोटो

Friday, December 28, 2018

राजस्थान: सरकारी दस्तावेजों से हटेगा पं. दीनदयाल उपाध्याय का फोटोयुक्त लोगो

राजस्थान में नवगठित अशोक गहलोत सरकार ने राज्य में पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के एक आदेश को पलटने जा रहीं है। राजस्थान सरकार के लेटर पैड और किसी भी लिखित आदेश पर अब जनसंघ के संस्थापक पं. दीनदयाल उपाध्याय का फोटो वाला लोगो नहीं दिखेगा। कांग्रेस की अशोक गहलोत सरकार में अब लेटर पैड और सरकारी परिपत्रों पर केवल अशोक स्तंभ ही छापा जाएगा। इसको लेकर जल्द ही आदेश जारी हो सकते हैं।


बीजेपी के शासन में सरकार ने आदेश जारी कर सभी आदेशों पर पं. दीनदयाल उपाध्याय का लोगो लगाना अनिवार्य किया था। जिसके बाद कांग्रेस सरकार ने इसका विरोध भी किया था। कांग्रेस नेताओं का कहना था कि बीजेपी की सरकार राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के एजेंडें को लागू करने की कोशिश कर रही है। उनका कहना था कि यह अशोक स्तम्भ का अपमान है जो कि अलोकतांत्रिक है।


एक रिपोर्ट के मुताबिक, अशोक गहलोत के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार सरकारी पुस्तकालयों में पं. दीनदयाल उपाध्याय के जीवन पर लिखित पुस्तकें रखनें की बाध्यता भी हटाने जा रही है। गौरतलब है कि बीजेपी की पिछली सरकार में दीनदयाल उपाध्याय संपूर्ण वांगमय की पुस्तकें सचिवालय सहित प्रदेशभर की लाइब्रेरी में रखवाई गईं थी।



रांची: एडीजे तदाशा मिश्रा के पुत्र ने बॉडीगार्ड की रिवाल्वर छीन मारी खुद को गोली, हुई मौत

राँची ၊ एडीजी तदाशा मिश्रा के इकलौते पुत्र ने खुद को गोली मार कर खुदकशी कर ली। एडीजी तदाशा मिश्रा के बेटे ने एयरपोर्ट के पास गोली मारी।राँची से बैंगलोर जा रहा था तभी बॉडीगार्ड से हथियार लेकर गोली मार ली। बॉडीगार्ड भी कुछ समझ नहीं सका अचानक कैसे हो गया। गोली चलने के बाद उसे मेडिका अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। हालांकि अब तक स्पष्ट नहीं है गोली क्यों मारी, आईपीएस अधिकारी तदाशा मिश्रा एडीजी के पद पर तैनात हैं। पुलिस मामले की छानबीन में जुटी है। हालांकि पुलिस फिलहाल कुछ भी कहने से बच रही है। बताया जा रहा है कि अंगरक्षक दिलीप कुमार सिन्हा के सर्विस रिवाल्वर से गोली मारी थी, एयरपोर्ट जाने के दौरान गाड़ी में ही अमितेश ने खुद को गोली मारी थी, मौत की खबर के बाद से ही पुलिस के वरीय अधिकारियों के आने का सिलसिला जारी है। पुलिस महकमे और परिवार में शोक की लहर दौड़ गयी है। अभी शव को मेडिका से रिम्स लाया गया।

बांग्लादेश सरकार ने इस्कॉन संतों को भारत में प्रवेश से रोका

चौंकाने वाली खबर 🚨  बांग्लादेश ने 63 इस्कॉन भिक्षुओं को भारत में प्रवेश करने से रोका सभी के पास वैध पासपोर्ट और वीज़ा थे। आव्रज...