लातेहार ၊
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार की कथित मजदूर किसान विरोधी नीतियों, उनके हकों , ट्रेड युनियनों पर हमले के खिलाफ तथा महंगाई रोकने, तथा रोजगार सृजन के लिए न्यूनतम 18 हजार रूपया वेतन , सभी के लिए 6 हजार रुपये पेंशन, ऑउटसोर्सिंग जैसे तरीकों से निजीकरण पर रोक लगाने, श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा देने सहित आदि मॉगों को लेकर 10 श्रमिक संगठनों की 8 -9 जनवरी को हड़ताल के अह्वान पर झारखंड राज्य किसान सभा, लातेहार के बैनर तले सैंकड़ों किसान मजदूरों ने बालुमाथ प्रखंड के चितरपुर,धाधु आदि पंचायत मे कृषि कार्य बंद कर हड़ताल किया तथा प्रदर्शन की ၊ मांगों के समर्थन मे मजदुर किसान और कर्मचारी विरोधी मोदी सरकार मुर्दाबाद, समान काम का समान वेतन लागु करो, अठारह हजार न्युनतम वेतन देना होगा, पुरानी पेंशन नीति लागु करो, आदि नारा लगा रहे थे ၊ इसका नेतृत्व जिलाध्यक्ष अयुब खान, सचिव बालेश्वर उरांव कर रहे थे ၊इसमे शामिल लोगों को संबोधित करते हुए श्री खान ने कहा है कि हड़ताल से ग्रामीण स्वास्थ्य सेवा प्रभावित हुआ है, रेलवे लोको पा़लट व उद्योग के काम काज पर असर पड़ा है, यह हड़ताल मजदूर वर्ग द्वारा अपने अधिकारों को हाशिल करने के लिए किया गया है , वर्कर्स से उनके ट्रेड युनियन बनाने के अधिकार सहित सभी हकुक सरकार द्वारा छीना जा रहा है ၊
उन्होंने कहा कि श्रमिकों के मुद्दों पर उसकी 12 सूत्रीय मांगों पर सरकार ने अब तक कोई ध्यान नहीं दिया, सितंबर 2015 के बाद केंद्र सरकार ने यूनियनों से एक बार भी बात नहीं की ၊ नेताओं ने सरकार पर श्रमिकों के प्रतिकूल नीतियां अपनाने का भी आरोप लगाया है ၊ इसे शोभन उरांव, हनुक लकड़ा ने भी संबोधित किया ၊ प्रदर्शन में इस अवसर पर अरून उरांव, परमेश्वर उरांव, इलयाजर लकड़ा, पतरस लकड़ा, सोमरा उरांव, प्रेम दास लकड़ा, राजु उरांव, राजेश उरांव, लछमन माझी, बोलको देवी, साधन उरांव, हरगोबींद उरांव, संजय उरांव, बीरेंन्द्र उराव समेत कई लोग शामिल थे ၊