Thursday, April 11, 2019

The DDC, Poonch observed more than 70% voting which is higher than the last Election

 

poonch Ssp poonch Ramesh Angral talks with   media on the arrangements of Security at different Polling staions across the District Poonch.


He informed that the elections were conducted peacefully by and large with minor incidents which were dealt with peacefully.


He also informed that proper security arrangements were put in place.  The public also cooperated with the security forces.

DDC Poonch Rahul Yadav press conference on conclusion of Polling.

He said the District Poonch observed more than 70% voting which is higher than the last Election. The last Lok Sabha election 


He further informed that the Election were conducted peacefully with proper security arrangements in Place. He thanked the voters for their participation in large number.

राफेल फाइटर प्लेन सौदे को लेकर बीजेपी और कांग्रेस में आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला जारी है, तो दूसरी तरफ एक चौंका देने वाली खबर सामने आ रही है, जो खतरनाक है-----

एक ओर जहां भारत में राफेल फाइटर प्लेन सौदे को लेकर बीजेपी और कांग्रेस में आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला जारी है, तो दूसरी तरफ एक चौंका देने वाली खबर सामने आ रही है, जो भारत के लिए खतरे की घंटी है.


एक ओर जहां भारत में राफेल फाइटर प्लेन सौदे को लेकर बीजेपी और कांग्रेस में आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला जारी है, तो दूसरी तरफ एक चौंका देने वाली खबर सामने आ रही है, जो भारत के लिए खतरे की घंटी है. मिली जानकारी के मुताबिक पाकिस्तान के पायलटों को राफेल फाइटर प्लेन उड़ाने की ट्रेनिंग दी जा रही है. हालांकि इस फाइटर प्लेन को बनाने वाली फ्रांस की कंपनी दसॉल्ट एविएशन ने ऐसी किसी भी जानकारी से इनकार किया है. लेकिन खबरों की मानें तो एक्सचेंज प्रोग्राम के तहत पाकिस्तान के पायलटों को कतर एयरफोर्स की ओर से राफेल फाइटर प्लेन को उड़ाने की ट्रेनिंग फ्रांस में दी गई है, जिसे फरवरी में ही कतर को सौंपा गया है. वहीं दूसरी ओर एविएशन सेक्टर की खबरों पर केंद्रित एक स्वतंत्र वेबसाइट ainonline.com में छपी खबर के मुताबिक पाकिस्तानी पायलटों के पहले बैच को नवंबर 2017 में ट्रेनिंग दी गई थी. आपको बता दें कि कतर को पहला राफेल फाइटर प्लेन 6 फरवरी को सौंपा गया था. दसॉल्ट से मिली जानकारी के मुताबिक कतर ने मई 2015 में 24 राफेल खरीदने के लिए समझौता किया था. इसके बाद दिसंबर 2017 में उसने 12 और राफेल फाइटर प्लेन खरीदने का ऑर्डर दिया था. इसमें पहले 24 विमानों का सौदा 6.3 बिलियन यूरो का हुआ था. 

पाकिस्तान के पायलटों को राफेल फाइटर प्लेन उड़ाने की ट्रेनिंग? फ्रांस ने कहा- फेक न्यूज

कई दशकों पाकिस्तानी सेना के अधिकारियों को मध्य पूर्व के देशों की सेनाओं में संचालन के लिए भेजा जाता रहा है. इसके अलावा पाक को सेना से जुड़े सामानों की आपूर्ति भी इन देशों से होती है. इनमें जॉर्डन ने F-16 A/B फाइटर प्लेन पाकिस्तान को सौंपा है. माना जा रहा है कि हाल ही में भारत के ऊपर किए गए नाकाम हमले में भी इनका इस्तेमाल किया गया था. पाकिस्तान से संचालित न्यूज वेबसाइट www.thenews.com.pk ने जनवरी 2018 में रिपोर्ट छापी थी कि कतर एयरफोर्स के कमांडर ने इस्लामाबाद स्थित पाकिस्तानी एयरफोर्स के मुख्यालय का दौरा किया है. इस दौरान पाकिस्तान की ओर से दोनों देशों के सैन्य समर्थन और मिलिट्री ट्रेनिंग की बात कही थी.  भारत में राफेल सौदे को लेकर विवाद चल रहा है. कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी का आरोप है कि प्रधानमंत्री मोदी ने राफेल फाइटर प्लेन का सौदा तय कीमत से ज्यादा किया है और इसको भारत में बनाने के लिए एचएएल को कांट्रैक्ट न देकर अनिल अंबानी को दे दिया.

चुनाव से पहले मोदी सरकार को झटका, सुप्रीम कोर्ट 'चोरी' किए गए दस्तावेजों की करेगा जांच: मामले की 10 बातें

राफेल फाइटर प्लेन इस साल सितंबर में भारत को मिलेगा, लेकिन पाकिस्तान के पायलटों को ट्रेनिंग वाली खबर परेशान करने वाली है. क्योंकि जिन क्षमताओं लैस राफेल भारत को सौंपा जा रहा है लगभग उन्हीं खूबियों वाला विमान कतर एयरफोर्स को भी सौंपा गया है. इससे नुकसान यह है कि पाकिस्तान के पायलटों को कम से कम इस बात का तो पता चल ही जाएगा कि राफेल के हमले से किस तरह बचाव किया जाए. इस विमान की सबसे बड़ी खासियत इसके राडार हैं. इसकी मदद से पायलट को निशाना साधने और एक साथ कई हमले करने में मदद मिलती है. ट्रेनिंग के दौरान पाकिस्तान के पायलट इसकी सटीक कार्यशैली और सिस्टम के बारे में जान जाएंगे जिनका इस्तेमाल भारतीय वायुसेना करेगी.

धनबाद के जमीन कारोबारी की संदेहास्पद मौत, रेलवे लाइन पर मिली लाश

 धनबाद के धोकरा हाल्ट के समीप पोल संख्या 265/16 के समीप धनबाद के सरायढेला थाना क्षेत्र के कृष्णा नगर को ऑपरेटिव कॉलोनी निवासी 40 वर्षीय रजनीश उर्फ पप्पू राय की मौत घटना स्थल पर ही हो गई सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक रजनीश राय जमीन की खरीद बिक्री करने का कार्य करता था । इसी निमित कार्य के दौरान सुबह धोकरा हॉल्ट पहुंचा था जहां रेल लाइन पार करने के दौरान ट्रेन की चपेट में आने से रजनीश की मौत हो गई।

ढोकरा हाल्ट के स्टेशन मास्टर सुरेंद्र कुमार गौण की माने तो सुबह अपनी ड्यूटी ज्वाइन कर रहे थे इसी दौरान गाड़ी संख्या 2314 के ड्राइवर ने सूचना दी जिस पर प्रतिक्रिया देते हुए स्टेशन मास्टर ने प्रधानखंटा स्टेशन को इस बाबत सूचना दी जिसके बाद धनबाद जीआरपी को सूचना दी गई जिस पर कार्रवाई करते हुए 3 घंटे बाद धनबाद जीआरपी के ए एस आई ईश्वर दयाल सिंह मौके पर पहुंच क्षत-विक्षत शव को अपने कब्जे में कर धनबाद ले गई मौके पर मृतक रजनीश उर्फ पप्पू राय की स्कूटी संख्या जे एच 10बीई 1141  जीआरपी अधिकारी को मिली। मामले में मृतक रजनीश किस ट्रेन की चपेट  मे आया इस बाबत आधिकारिक तौर पर पुष्टि नहीं हो पाई।

बीजेपी उम्मीदवार जया प्रदा के खिलाफ आचार संहिता के उल्लंघन का मामला दर्ज,शाहबाद में चुनाव प्रचार के दौरान एक नवजात को पैसे देते हुए कैमरे में कैद हो गई थीं रामपुर  लोकसभा चुनाव के लिए यूपी की रामपुर सीट से बीजेपी प्रत्याशी जया प्रदा के खिलाफ मामला दर्जा हुआ है। उन पर आचार संहिता का उल्लंघन करने का आरोप लगाया है। दरअसल मंगलवार को शाहबाद में चुनावी रैली के दौरान एक नवजात शिशु पर पैसे न्योछावर करते हुए उनका विडियो वायरल हो गया।  इस पर संज्ञान लेते हुए रामपुर डीएम अंजनेय कुमार सिंह ने कहा, 'मामले को चुनाव आयोग द्वारा गठित की गई फ्लाइंग स्क्वॉड टीम के पास भेज दिया गया है, जो इस तरह के केस की जांच कर जरूरी ऐक्शन लेती है।' शाहबाद कोतवाली के एसएचओ रमेश सिंह ने बताया, आचार संहिता का उल्लंघन करने पर बीजेपी उम्मीदवार जया प्रदा के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। वह एक नवजात शिशु को पैसे दे रही थीं।  उन्होंने बताया, मंगलवार को प्रचार के दौरान, जया प्रदा ने एक बच्चे को अपनी गोद में लेकर उसे पैसे दे रही थी, यह सब कुछ कैमरे में कैद हो गया। उन्होंने कुछ बच्चों को चॉकलेट भी ऑफर की। बता दें कि जया प्रदा बीजेपी के टिकट से रामपुर से चुनाव लड़ रही हैं। यहां उनका मुकाबला एसपी के कद्दावर नेता आजम खान से होगा

रामपुर से बीजेपी उम्मीदवार जया प्रदा के खिलाफ आचार संहिता के उल्लंघन का मामला दर्ज हुआ है। वह शाहबाद में चुनाव प्रचार के दौरान एक नवजात को पैसे देते हुए कैमरे में कैद हो गई थीं।


रामपुर ၊

लोकसभा चुनाव के लिए यूपी की रामपुर सीट से बीजेपी प्रत्याशी जया प्रदा के खिलाफ मामला दर्जा हुआ है। उन पर आचार संहिता का उल्लंघन करने का आरोप लगाया है। दरअसल मंगलवार को शाहबाद में चुनावी रैली के दौरान एक नवजात शिशु पर पैसे न्योछावर करते हुए उनका विडियो वायरल हो गया। 


इस पर संज्ञान लेते हुए रामपुर डीएम अंजनेय कुमार सिंह ने कहा, 'मामले को चुनाव आयोग द्वारा गठित की गई फ्लाइंग स्क्वॉड टीम के पास भेज दिया गया है, जो इस तरह के केस की जांच कर जरूरी ऐक्शन लेती है।' शाहबाद कोतवाली के एसएचओ रमेश सिंह ने बताया, आचार संहिता का उल्लंघन करने पर बीजेपी उम्मीदवार जया प्रदा के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। वह एक नवजात शिशु को पैसे दे रही थीं। 


उन्होंने बताया, मंगलवार को प्रचार के दौरान, जया प्रदा एक बच्चे को अपनी गोद में लेकर उसे पैसे दे रही थी, यह सब कुछ कैमरे में कैद हो गया। उन्होंने कुछ बच्चों को चॉकलेट भी ऑफर की। बता दें कि जया प्रदा बीजेपी के टिकट से रामपुर से चुनाव लड़ रही हैं। यहां उनका मुकाबला एसपी के कद्दावर नेता आजम खान से होगा। जया प्रदा यहां से पहले भी सांसद रह चुकी हैं। 

छत्तीसगढ़ के नारायपुर में फरसगांव में मतदान केंद्र के पास गुरुवार सुबह एक नक्सली हमला किया,आईईडी ब्लास्ट में कोई हताहत नहीं

रायपुर ၊

लोकसभा चुनाव के पहले चरण में छत्तीसगढ़ की बस्तर लोकसभा सीट के लिए मतदान जारी है। इस दौरान नक्सलियों ने आईईडी ब्लास्ट कर मतदान में बाधा डालने की कोशिश की लेकिन इसमें किसी तरह की हताहत की खबर नहीं है। छत्तीसगढ़ के नारायपुर में फरसगांव में मतदान केंद्र के पास गुरुवार सुबह एक नक्सली हमलाकिया। 


इस दौरान आईटीबीपी और सीजीपी की जॉइंट टीम पोलिंग बूथ पर ड्यूटी के लिए जा रही थी। आईटीबीपी जवानों ने हमले से खुद को बचाने में कामयाब रहे और पोलिंग बूथ पहुंचकर मतदान शुरू कराया। ब्लास्ट की वजह से यहां मतदान देर से शुरू हुआ। 


छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा में मतदान के लिए भारी संख्या में ग्रामीण पोलिंग बूथ पहुंच रहे हैं। आपको बता दें कि 9 अप्रैल को दंतेवाड़ा में एक नक्सली हमले में बीजेपी विधायक भीमा मंडावी और 4 सुरक्षाकर्मियों की मौत हो गई थी। 

1: मिस्र क अमरीका की धमकी, रूस से लड़ाकू विमान ख़रीदे तो करना पड़ेगा प्रतिबंधों का सामना

 तुर्की के विदेश मंत्री मौलूद चावुश ओग़लू ने कहा कि कुछ महत्वपूर्ण कारण हैं जिनकी वजह से तुर्की ने रूस से एस-400 मिसाइल डिफ़ेन्स सिस्टम ख़रीदने का फ़ैसला किया। उन्होंने कहा कि अंकारा सरकार ने अपने दृष्टिकोण के बारे में वाशिंग्टन को समझाया है।

चावुश ओग़लू ने एक स्थानीय टीवी चैनल को साक्षात्कार देते हुए कहा कि उन्होंने जिन अमरीकी अधिकारियों को इस बारे में विस्तार से समझाया उन्होंने कहा कि उनको इन तथ्यों की पहले जानकारी नहीं थी।

तुर्क विदेश मंत्री ने कहा कि पांच कारणों की वजह से तुर्की ने एस—400 मिसाइल डिफ़ेन्स सिस्टम ख़रीदने के फ़ैसले को अमरीकी दबाव के बावजूद नहीं बदला।

चावुश ओग़लू ने कारण गिनाते हुए कहा कि एस-400 नैटो की रक्षा व्यवस्था से कोई टकराव नहीं रखता, नैटो के विशेषज्ञ आकर अध्ययन कर सकते हैं कि इससे नैटो के लिए कोई ख़तरा नहीं है। उन्होंने कहा कि रूस का एस-300 मिसाइल डिफ़ेन्स सिस्टम नैटो के कुछ सदस्य देशों ने ख़रीदा है और उन पर किसी ने भी आपत्ति नहीं की।

चावुश ओग़लू ने कहा कि नैटो के महासचिव कह चुके हैं कि यदि कोई सदस्य देश एस-400 ख़रीदना चाहता है तो ख़रीद सकता है।

तुर्क विदेश मत्री ने तीसरण कारण बताते हुए कहा कि एस-400 और एफ़-35 युद्धक विमानों में कोई टकराव नहीं है क्योंकि इस्राईल के एफ़-35 युद्धक विमान सीरिया में यह रूसी मिसाइल ढाल व्यवस्था मौजूद होने के बावजूद सीरिया की वायु सीमा में उड़ान भरते रहे हैं और कोई समस्या पेश नहीं आई।

चावुश ओग़लू ने कहा कि तुर्की इसलिए एस-400 ख़रीदने पर आग्रह कर रहा है कि अमरीकी पेट्रियट मिसाइल ढाल व्यवस्था तुर्की को मिलने की कोई ठोस गैरेंटी नहीं है। तुर्क विदेश मंत्री ने कहा कि उन्होंने अमरीकी विदेश मंत्री माइक पोम्पेयो से मुलाक़ात में पूछा कि यदि तुर्की रूस से एस-400 ख़रीदने का निर्णय बदल दे तो अमरीकी पेट्रियट तुर्की को दिए जाने की क्या गैरेंटी है तो पोम्पेयो ने कहा कि कोई गैरेंटी नहीं है।

तुर्क विदेश मंत्री ने पांचवां कारण बताते हुए कहा कि  यदि अमरीका रूस को अपना दुशमन मानता है तो तुर्की एक संप्रभु देश है और अपना फ़ैसला ख़ुद करने में विश्वास रखता है, तुर्की ने रूस से जो सिस्टम ख़रीदा है वह तुर्की से विशेष है और इसके साथ अपग्रेडेशन की व्यवस्था भी तुर्की को मिल रही है।

[11/04, 12:26 am] +91 98242 57461: मिस्र को अमरीका की धमकी, रूस से लड़ाकू विमान ख़रीदे तो करना पड़ेगा प्रतिबंधों का सामना

सोलहवीं लोकसभा चुनाव में बर्दवान पूर्व और बर्दवान पश्चिम जिला में शतायू मतदाताओं की कुल संख्या 148

फोटो कैप्शन : पत्नी और पुत्र वधूश्री के साथ शतायू मतदाता नफर राय

 दुर्गापुर : सोलहवीं लोकसभा चुनाव में बदवान पूव और बदवान पश्चिम जिला में शतायू मतदाताओं की कुल संख्या 148 है। चुनाव आयोग के सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार दुर्गापुर अनुमंडल में शतायू मतदाताओं की कुल संख्या 3 है। बाकी 16 अासनसोल अनुमंडल में है। सबसे अधिक शतायू मतदाताओं की संख्या पूरब वदवान में है। पूरब वर्दवान के गलसी विधान सभा इलाके में 7 , खंडघोष विधान सभा में 5 , जमालपुर और पूरबस्थली 10 और कालना में 20 शतायू मतदाताओं के होने की खबर है। बाकी और इलाके में हैं। 

     दुर्गापुर अनुमंडल के कांकसा के सरस्वती गंज के हराधन राय शतायू मतदाता हैं। गोपाल पुर के हाटतल्ला निवासी नफर राय की उम्र 105 साल है। घर में पत्नी और परिवार के साथ रहते हैं। कमर ठीक नहीं है। खड़ा नहीं हो सकते हैं। लेकिन मतदान करने का जज्बा इनके जेहन में बार बार कूलाचें मारता है। नफर राय कहते हैं , पांच सालों में एक दिन लोकतंत्र का महापरब आता है। जवाहर लाल नेहरु , इंदिरा गांधी , डॉ. विधान चंद्र राय , ज्योति बसु के जमाने से मतदान करते आ रहे हैं। 29 अप्रैल को भी मतदान करने केन्द्र पर जरुर जाऊंगा।                 

 एक और शतायू महिला मतदाता 104 साल की शेफाली समाद्दार। दुर्गापुर के 22 नंबर वाड में रहती हैं। इनके घर देर शाम पहुंचे दुर्गापुर सव-डिबिजनल एस. डी. एम . अनिरवान कोले। कोले ने बताया , दुर्गापुर सबडिविजन के बाकी और दो शतायू को मतदान केन्द्र तक ले जाने - आने की व्यवस्था प्रशासन के द्वारा की जायेगी

बांग्लादेश सरकार ने इस्कॉन संतों को भारत में प्रवेश से रोका

चौंकाने वाली खबर 🚨  बांग्लादेश ने 63 इस्कॉन भिक्षुओं को भारत में प्रवेश करने से रोका सभी के पास वैध पासपोर्ट और वीज़ा थे। आव्रज...