तुर्की के विदेश मंत्री मौलूद चावुश ओग़लू ने कहा कि कुछ महत्वपूर्ण कारण हैं जिनकी वजह से तुर्की ने रूस से एस-400 मिसाइल डिफ़ेन्स सिस्टम ख़रीदने का फ़ैसला किया। उन्होंने कहा कि अंकारा सरकार ने अपने दृष्टिकोण के बारे में वाशिंग्टन को समझाया है।
चावुश ओग़लू ने एक स्थानीय टीवी चैनल को साक्षात्कार देते हुए कहा कि उन्होंने जिन अमरीकी अधिकारियों को इस बारे में विस्तार से समझाया उन्होंने कहा कि उनको इन तथ्यों की पहले जानकारी नहीं थी।
तुर्क विदेश मंत्री ने कहा कि पांच कारणों की वजह से तुर्की ने एस—400 मिसाइल डिफ़ेन्स सिस्टम ख़रीदने के फ़ैसले को अमरीकी दबाव के बावजूद नहीं बदला।
चावुश ओग़लू ने कारण गिनाते हुए कहा कि एस-400 नैटो की रक्षा व्यवस्था से कोई टकराव नहीं रखता, नैटो के विशेषज्ञ आकर अध्ययन कर सकते हैं कि इससे नैटो के लिए कोई ख़तरा नहीं है। उन्होंने कहा कि रूस का एस-300 मिसाइल डिफ़ेन्स सिस्टम नैटो के कुछ सदस्य देशों ने ख़रीदा है और उन पर किसी ने भी आपत्ति नहीं की।
चावुश ओग़लू ने कहा कि नैटो के महासचिव कह चुके हैं कि यदि कोई सदस्य देश एस-400 ख़रीदना चाहता है तो ख़रीद सकता है।
तुर्क विदेश मत्री ने तीसरण कारण बताते हुए कहा कि एस-400 और एफ़-35 युद्धक विमानों में कोई टकराव नहीं है क्योंकि इस्राईल के एफ़-35 युद्धक विमान सीरिया में यह रूसी मिसाइल ढाल व्यवस्था मौजूद होने के बावजूद सीरिया की वायु सीमा में उड़ान भरते रहे हैं और कोई समस्या पेश नहीं आई।
चावुश ओग़लू ने कहा कि तुर्की इसलिए एस-400 ख़रीदने पर आग्रह कर रहा है कि अमरीकी पेट्रियट मिसाइल ढाल व्यवस्था तुर्की को मिलने की कोई ठोस गैरेंटी नहीं है। तुर्क विदेश मंत्री ने कहा कि उन्होंने अमरीकी विदेश मंत्री माइक पोम्पेयो से मुलाक़ात में पूछा कि यदि तुर्की रूस से एस-400 ख़रीदने का निर्णय बदल दे तो अमरीकी पेट्रियट तुर्की को दिए जाने की क्या गैरेंटी है तो पोम्पेयो ने कहा कि कोई गैरेंटी नहीं है।
तुर्क विदेश मंत्री ने पांचवां कारण बताते हुए कहा कि यदि अमरीका रूस को अपना दुशमन मानता है तो तुर्की एक संप्रभु देश है और अपना फ़ैसला ख़ुद करने में विश्वास रखता है, तुर्की ने रूस से जो सिस्टम ख़रीदा है वह तुर्की से विशेष है और इसके साथ अपग्रेडेशन की व्यवस्था भी तुर्की को मिल रही है।
[11/04, 12:26 am] +91 98242 57461: मिस्र को अमरीका की धमकी, रूस से लड़ाकू विमान ख़रीदे तो करना पड़ेगा प्रतिबंधों का सामना
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