Wednesday, May 8, 2019

राफेल मामले की सुनवाई की रहस्यमय ढंग से बदली तारीख़, मुख्य न्यायाधीश भी हैं हैरान


मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई ने राफेल से जुड़े एक मामले की सुनवाई के दौरान कहा कि वह हैरान हैं कि इससे जुड़े मामलों की सुनवाई की तिथियां कैसे बदल गईं?

प्राप्त रिपोर्ट के मुताबिक़, भारत के सर्वोच्च न्यायलय में बहुचर्चित राफेल घोटाले से जुड़े एक मामले की सुनवाई के दौरान भारत के मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई  ने कहा कि वह हैरान हैं कि राफेल से जुड़े मामलों की सुनवाई की तिथियां कैसे बदल गईं हैं? मुख्य न्यायाधीश को इस बात पर आपत्ति थी कि राफेल पर पूर्व में आए फ़ैसलों की समीक्षा के लिए दाख़िल पुनर्विचार याचिका और राहुल गांधी के ख़िलाफ़ अवमानना मामले की सुनवाई को लेकर अलग-अलग तिथियां कैसे लग गईं हैं। जबकि पूर्व में बेंच ने स्पष्ट कहा था कि दोनों मामलों की सुनवाई एक ही तिथि पर की जाएगी। सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ प्रशांत भूषण की ओर से राफेल मामले में दाख़िल रिव्यू याचिका कोर्ट के उस फ़ैसले से जुड़ी है, जिसमें फ्रेंच एविएशन फर्म दसॉल्ट के साथ 36 राफेल विमान सौदे की मंज़ूरी से जुड़े फ़ैसले पर फिर से विचार करने की मांग की गई है।

दूसरी ओर अवमानना मामला, कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष राहुल गांधी से जुड़ा है। याद रहे कि राहुल गांधी ने एक चुनावी रैली में ग़लत दावे करते हुए सुप्रीम कोर्ट के हवाले से कह दिया था कि शीर्ष अदालत ने भी कहा है कि चौकीदार चोर है। जबकि सुप्रीम कोर्ट ने अपने फ़ैसले में ऐसा कुछ नहीं कहा था। राहुल गांधी के ख़िलाफ़ दाख़िल अवमानना याचिका पर सुप्रीम कोर्ट उन्हें नोटिस दे चुका है।

उल्लेखनीय है कि 14 दिसंबर 2018 को अपने फ़ैसले में शीर्ष अदालत ने माना था कि फ्रांस से 36 राफेल लड़ाकू जेट विमानों की ख़रीद में निर्णय लेने की प्रक्रिया पर संदेह का कोई कारण नहीं बनता और कथित अनियमितताओं की जांच की मांग करने वाली सभी याचिकाओं को ख़ारिज कर दिया था। यह भी कहा था कि इस बात के कोई पुख्ता सुबूत नहीं है कि इस मामले में किसी निजी संस्था को लाभ पहुंचाया गया है। (RZ)

व्यापार के मुद्दों पर अमरीका चीन वार्ता विफल, ट्रेड वार का ख़तरा बढ़ा

 व्यापार से जुड़े मुद्दों पर वार्ता में अमरीका की ओर से अपनी मांगें थोपने की कोशिश के कारण चीन ने वार्ता निरस्त कर दी।

अमरीका के राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रम्प ने चीनी उत्पादों पर 200 अरब डालर की कस्टम ड्यूटी लगाने की घोषणा के बाद चीनी सूत्रों ने बताया है कि इसी सप्ताह अमरीका में आयोजित होने वाली वार्ता को चीन ने निरस्त करने का फ़ैसला किया है। अमरीका के राष्ट्रपति ने ट्वीट किया था कि चीनी उत्पादों पर 25 प्रतिशत कस्टम ड्यटी बढ़ाई जाएगी। इसके बाद चीन ने कहा कि वह अपने वार्ताकारों की टीम वाशिंग्टन नहीं भेजेगा।

चीन और अमरीका के बीच व्यापारिक वार्ता का दसवां चरण गत गुरुवार को  बीजिंग में आयोजित हुआ था। इसमें चीन की ओर कम्युनिस्ट पार्टी की केन्द्रीय कमेटी के पोलित ब्योरो के अधिकारी लियो हे और अमरीका की ओर से वित्त मंत्री स्टीवन मनोचिन तथा व्यापरिक मामलों के प्रतिनिधि राबर्ट लाइटीज़र ने भाग लिया। योजना के अनुसार इस सप्ताह दोनों पक्षों के बीच वाशिंग्टन में 11वें चरण की बातचीत होने वाली थी।

अमरीकी राष्ट्रपति ने चीनी उत्पादों पर 25 प्रतिशत कस्टम ड्यूटी लगाने की घोषणा एसे समय की जब व्यापारिक मुद्दों पर दोनों देशों के बीच वार्ता चल रही थी। ट्रम्प के इस क़दम को तनाव बढ़ाने वाले क़दम के रूप में देखा जा रहा है।

कहा जाता है कि ट्रम्प ने चीनी वार्ताकार टीम पर दबाव डालने के उद्देश्य से यह ट्वीट किया ताकि वह वाइट हाउस की मांगें मानने पर मजबूर हो जाए मगर चीन ने दबाव में आने के बजाए वार्ता का अगला चरण रद्द करके कठोर संदेश दिया है कि वह वाइट हाउस की अनुचित मांगें स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं है। वाइट हाउस की कोशिश है कि वह व्यापारिक मुद्दों पर जारी वार्ता में एकतरफ़ा रूप से फ़ादया हासिल कर ले क्योंकि चीन को अमरीका के बाज़ार की ज़रूरत है मगर टीकाकार यह मानते हैं कि वर्तमान समय में वार्ता में चीन की स्थिति काफ़ी मज़बूत है क्योंकि अमरीका के भी बड़े आर्थिक हित चीन पर निर्भर हैं।

Tuesday, May 7, 2019

केवल शाकाहार ही मनुष्य का भोजन, लेकिन भारत आज विश्व का सबसे बड़ा मांस निर्यातक देश

,मनुष्य ने अपने आप को सबसे अधिक शक्तिशाली मानकर अपने स्वभाव में अहंकार को स्थान दिया है। इस कारण वह अपने को अन्य जीवों से श्रेष्ठ मानता है। उन पर अपना अधिपत्य जमा कर अत्याचार करना और अज्ञानतावश अपना अधिकार जमाना बंद करना चाहिए।  आधुनिक युग में विकसित देशों में शाकाहार बढ़ा है, तो भारत जैसे विकासशील देशों में घटा है। दुर्भाग्य है कि भारत जैसे आध्यात्मिक कहलाने वाले देश में मांसाहारी लोगों की संख्या दिन-प्रतिदिन बढ़ रही है। योग की इस धरा से संपूर्ण विश्व को अहिंसा और शांति का संदेश दिया जाता था। वही भारत आज विश्व का सबसे बड़ा मांस निर्यातक देश बन चुका है। करोड़ों निर्दोष मूक प्राणियों को प्रतिदिन सूर्य उदय होने से पहले ही हजारों बूचड़खानों में मार दिया जाता है और अगर समाज तथा सरकार से पूछा जाए कि क्या कुछ धन और जीभ के स्वाद के कारण इन निर्दोष प्राणियों को मार देना ठीक है? तो उत्तर मिलता है कि इससे देश को विदेशी मुद्रा मिलती है। आम समाज मूक प्राणियों की निर्मम हत्या मूक होकर देखता रहता है। समाज और राष्ट्र दोनों अपने स्वार्थ के कारण इस जघन्य कृत्य के विरुद्ध कुछ भी नहीं बोलना और करना चाहते हैं। फिल्मों में अगर जानवर का उपयोग और दृश्य उस पर अत्याचार दिखाते हैं, तो सरकार उसे सेंसर बोर्ड द्वारा प्रतिबंधित कर देती है, लेकिन उसी जानवर का मांस खाते हुए दिखाया जाए तो कुछ नहीं बोलती है। इस दोहरेपन के विषय में सभी मौन दिखाई देते हैं। अहिंसा और योग का संदेश देने वाली यह भूमि आज मानवता का मार्ग भटक गई है। एक समय था जब हमारा भारत देश विश्व को धर्म, संस्कृति और नैतिक मूल्यों की शिक्षा दिया करता था। अहिंसा शांति का संदेश देने वाला राष्ट्र अपने मूल स्वभाव को छोड़ अमानवीय संस्कृति से ग्रस्त दिखाई दे रहा है।मांस मनुष्य का स्वाभाविक भोजन नहीं है। मांस खाने वाले तर्क देने में पीछे नहीं हटते हैं और कहते हैं कि शक्तिशाली कमजोर को मार कर खा जाता है। यही सर्वाइवल का सिद्धांत है। तो मैं पूछता हूं कि क्या शक्तिशाली मनुष्य भी कमजोर मनुष्य को मार कर खा सकता है? भोजन के लिए मांस तब मिलता है, जब शरीर से प्राण निकल जाते हैं। जब उस जीव की हत्या कर दी जाती है। शरीर से प्राण निकलते ही शरीर मुर्दा हो जाता है। देखा जाए तो मांसाहारी मुर्दा खाते हैं। योग में भोजन की शुचिता परम आवश्यक है। मांसाहारी का योग सिद्ध नहीं हो सकता, क्योंकि प्रत्यक्ष और परोक्ष वह हिंसा से जुड़ जाता है।

अष्टांग योग में यम का प्रथम अंग अहिंसा है। योग का मूल अहिंसा है। हिंसक तरीके से अपनाया भोजन शरीर में रोग और हिंसा को ही जन्म देता है। गीता में योगीराज श्री कृष्ण बताते हैं कि भोजन कैसा होना चाहिए।

आयु: सत्वबलारोग्यसुखप्रीतिविवर्धना:।

रस्या:स्निग्धा स्थिरा हृद्या आहारा:सात्विकप्रिया:॥भोजन आयु, आरोग्य, सुख तथा रसास्वादन की शक्ति बढ़ाने वाला होना चाहिए। रसयुक्त चिकने, स्थिरता प्रदान करने वाले, शक्ति वर्धक आहार सात्विक लोगों को प्यारे होते हैं। मांस तामसिक भोजन है। जब किसी पशु की हत्या मांस खाने के लिए की जाती है, तब उसकी हत्या के समय उसके शरीर में अनेक प्रकार के विष पैदा हो जाते हैं और वही घृणा तथा भय से उत्पन्न विष मनुष्य अपने भोजन के रूप में खा जाता है। जो कि अनेक प्रकार की भावनात्मक बीमारियों के साथ-साथ शारीरिक बीमारियों का शिकार होता है। मनुष्य का भोजन शुद्ध सात्विक शाकाहारी ही होना चाहिए। यह मैं नहीं कहता, बल्कि विश्व की अनेक महान हस्तियों ने शाकाहार का समर्थन किया है। अल्बर्ट आइंस्टीइन ने अपने अंतिम दिनों में शाकाहार का समर्थन किया। महावीर, दयानंद, अरविंद घोष तथा गांधी आदि अनेक भारतीय हस्तियों ने शाकाहार को मोक्ष मार्ग में साधक बताया है और मांसाहार को बाधक। आज भी अगर विश्व के अन्य देशों से शाकाहारी लोगों की संख्या की तुलना की जाए, तो भारत में अन्य देशों से अधिक है। लेकिन वह संख्या दिन-प्रतिदिन गिर रही है। भारत ने जिस प्रकार समूचे विश्व में योग को फैलाने का कार्य किया है उसी प्रकार शाकाहार को भी विश्व में फैलाने का कार्य करना चाहिए। वैज्ञानिक आधार पर यह बताना कि शाकाहार ही मनुष्य का भोजन है, मांसाहार नहीं।

प्रेदग्ने ज्योर्तिष्मान याहि शिवेभिरर्चिभिष्टवम्।

बृहद्दिभभानुभिर्भासन्मा हिंसीस्तन्वा प्रजा:॥हे ज्ञानवान मनुष्य, महान ज्ञान प्रकाशों से चमकता हुआ, कल्याणकारी किरणो, ज्वालाओ, उपासना से ज्योतिर्गमय होता हुआ उत्तम गति प्राप्त कर। और अन्य को शरीर से मत मार। मनुष्य वही है, जो सभी को समान समझे, समानता का व्यवहार ही मनुष्य को शोभा देता है। किसी ने कहा भी है- ‘आत्मवत् सर्व भूतेषु य: पश्यति स पश्यति’ अर्थात जो सभी पशुओं को अपने सामान जानता है वही ज्ञानी है। जब सभी को अपने सामान जानता और पहचानता है तो वह दूसरों की हत्या कैसे कर सकेगा? जैसी आत्मा मनुष्य में है वैसी ही आत्मा अन्य पशु-पक्षियों, जीवों में भी है। तो प्रत्यक्ष या परोक्ष उन पशुओं की हत्या अपने स्वार्थ के लिए करना या करवाना मनुष्य धर्म के विरुद्ध कर्म है। वैदिक जन व्यर्थ की हिंसा कर ही नहीं सकता है। मित्रस्याहं चषुणा सर्वाणि भूतानि समीक्षे अर्थात मैं सब प्राणियों को मित्र की दृष्टि से देखता हूं। क्या कोई मित्र किसी मित्र की हत्या कर सकता है? मैं अकेला ही नहीं, हम सब एक दूसरे को मित्र की दृष्टि से देखें। पशु जगत में हिंसा देख कर कई लोग हिंसा को प्राकृतिक नियम मानते हैं। वे भूल जाते हैं कि मनुष्य पशु से भिन्न है। मनुष्य के पास ज्ञान के लिए बुद्धि है। पशु का अनुकरण करने से मनुष्य में पशुपन बढ़ेगा। पशुओं में संतान को खा जाने की प्रवृत्ति है। क्या मनुष्य ऐसा कुकृत्य करेगा? कदापि नहीं। शाकाहारी भोजन को अपनाने से शरीर स्वस्थ और दीघार्यु रहता है। त्वचा की बीमारियों मांसाहारी में अत्यधिक पाई जाती हैं। शाकाहारी भोजन में रफेज, विटामिन सी, फोलिक एसिड आदि होने से कोलेस्ट्रॉल की मात्रा कम तथा मानसिक प्रतिघात की संभावना कम रहती है। शाकाहारी शुद्ध सात्विक भोजन शरीर को अधिक लंबे समय तक स्वस्थ रखने में सहायक होता है। मांसाहारी भोजन में कोई तत्त्व अधिक या अलग नहीं होता, जो कि शाकाहारी भोजन में उपलब्ध न हो। आज विश्व में जीवों पर जो हिंसा दिखाई देती है, वह बंद होनी चाहिए।

Monday, May 6, 2019

LS2019 JHARKHAND : दूसरे चरण में झारखंड में 64.14 फीसदी मतदान, कहीं से बड़ी हिंसा की कोई खबर नहीं

                                                                          रांची : झारखंड में दूसरे चरण में कुछ स्‍थानों को छोड़कर शांतिपूर्ण मतदान संपन्‍न हुआ. दूसरे चरण में रांची, कोडरमा, हजारीबाग और खूंटी लोकसभा क्षेत्र के लिए वोट डाले गये. चुनाव आयोग की ओर से जारी किये गये आंकड़ों के अनुसार राज्‍य में 34.14 फीसदी मतदान हुआ. असमें रांची में 62.30 फीसदी, कोडरमा में 65.70 फीसदी, हजारीबाग में 62.91 फीसदी और खूंटी में 64.10 फीसदी मतदान रिकॉर्ड किया गया.      हजारीबाग सदर विधानसभा में हुआ सर्वाधिक पोलिंग

सदर विधायक ने समस्त विस क्षेत्र के मतदाताओं के प्रति जताया आभार

लोकसभा में शांत पूर्ण तरीके से कुल मतदान 62.9% पोलिंग हुआ। जिसमें सर्वाधिक मतदान सदर विधानसभा क्षेत्र में 64.52% रहा जबकि अन्य विस क्षेत्र में

बरही 60.15,बड़कागांव 61.10,रामगढ़ 63.70 %,मांडू 64.05 पोलिंग हुआ ।

इधर सदर विधानसभा क्षेत्र से सर्वाधिक मतदान के लिए सदर विधायक माननीय श्री मनीष जायसवाल ने विस क्षेत्र के सभी मतदाताओं के प्रति आभार जाताया और उन्हें धन्यवाद देते हुए कहा कि आप सभी ने सजग नागरिक की जिम्मदारी निभाई और लोकतंत्र के मजबूती के लिए बेहतर प्रयास किया ।

हजारीबाग : विवाह की रस्में छोड़कर वोट देने का फर्ज निभाया पूजा सिन्हा ने

हजारीबाग - चुनावी लोकतंत्र का सबसे बड़ा त्योहार में हर वोटर ने मतदान केंद्र जाकर अपना फर्ज निभाया। दारू निवासी  राजकुमार सिन्हा की बेटी पूजा सिन्हा ने वैवाहिक रश्मो के आगे वोट देना ज्यादा जरूरी संमझा  और पहले मतदान  किया। पूजा सिन्हा की शादी 6 मई को ही थी मतदान केंद्र में मौजूद लोगों को दुल्हन की वेश भूषा में पहुंची दुल्हन को देखकर उसकी तारीफ करते हुए इस कार्य की सराहना की। वही पूजा सिन्हा ने कहा कि विवाह के रस्मो के साथ साथ देश को चलाने के लिए एक मजबूत सरकार के लिये वोट देना जरूरी था ।

Sunday, May 5, 2019

एदार ए शरीया झारखण्ड दारुल कजा से फैसला, 7 मई मंगलवार को रमजानुल मोबारक का पहला रोजा

रांची ၊

एदार ए शरीया झारखण्ड के नाजिमे आला मौलाना कुतुबुद्दीन रिजवी ने कहा है कि 29 शाबान अनुसार 5 मई 2019 दिन रविवार मगरिब के बाद दरगाह शरीफ डोरणडा, रांची में एदार ए शरीया झारखण्ड के काजीयाने शरीयत, मुफ्तियाने केराम और उलेमा की बैठक चीफ काजीए शरीयत हजरत मुफ्ति आबिद हुसैन मिसबाही की सदारत में हुई ၊ जिसमें निर्णय लिया गया कि आज 29 शाबान को रांची व आस पास में बादल होने की वजह से रमजानुल मोबारक का चांद नजर नहीं आया ،राज्य के विभिन्न भागों में आसमान साफ था मगर चांद नजर नहीं आया ၊ देश के बहुत से जगहों से सम्पर्क किया गया ၊लेकिन कहीं से भी रमजानुल मोबारक का चांद नजर आने की कोई खबर नहीं है ၊ इसलिए एदार ए शरीया झारखण्ड दारुल कजा से फैसला लिया गया कि दिनांक 7 मई 2019 दिन मंगलवार को रमजानुल मोबारक का पहला रोजा रखा जाएगा। बैठक में मौलाना सययद शाह अलकमा शिबली, मौलाना कुतुुबुद्दीन रिजवी, मुफती आबिद हुसैन मिसबाही, सैयद नुरुल एैन बरकाती, मोहम्मद सईद, मुफती एजाज हुसैन, मौलाना डॉ ताजुद्दीन रिजवी, मौलाना नसीमुद्दीन खान, मुफती फैजुल्लाह मिसबाही, कारी अययुब, मौलाना दिलदार हुसैन मिसबाही, मौलाना मुजीबुर रहमान, एस, एम, मोईन, हाफिज नसरुल्लाह, मौलाना इरशाद मिसबाही, मौलाना अब्बास मिसबाही, हाफिज मोबीन रिजवी, मौलाना फारुक मिसबाही   ,मौलाना नेजामुद्दीन आदि मौजूद थै. 

मौलाना कुतुबुद्दीन रिजवी 

6202583475

रांची: मतदान के लिए मिलेगी छुट्टी,लोक प्रतिनिधितत्व अधिनियम 1951 के तहत मिलेगी छुट्टी

*मजदूरी में नहीं की जा सकेगी कटौती*

*रांची जिले के सभी संस्थान, दुकान, सिनेमा हाॅल, रेस्टोरेंट, माॅल, फैक्ट्री रहेंगे बंद*

*जिला निर्वाचन पदाधिकारी ने जारी किये आदेश*

*आदेश का पालन नहीं किये जाने पर कड़ी कार्रवाई*

*आदेश के उल्लंघन पर उप श्रमायुक्त रांची को 9431771072 पर करें शिकायत*

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झाखण्ड राज्य में लोकसभा आम चुनाव 2019 के मतदान तिथि को संबंधित लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र में लोक प्रतिनिधितत्व अधिनियम 1951 की धारा-135 (ख) के प्रावधानों का अनुपालन किया जाना है। भारत निर्वाचन आयोग एवं अपर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी मंत्रिमंडल निर्वाचन विभाग के पत्र के आलोक में जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह उपायुक्त रांची द्वारा निम्नांकित निदेश जारी किये गये हैं।

1. किसी कारोबार, व्यवसाय, औद्योगिक उपक्रम या किसी अन्य स्थापन में नियोजित प्रत्येक व्यक्ति जिसे मतदान का अधिकार है, मतदान के दिन अवकाश मंजूर किया जायेगा।

2. लोक प्रतिनिधितत्व अधिनियम 1951 की धारा-135 (ख) की उपधारा (1) के अनुसार अवकाश मंजूर किये जाने के कारण ऐसे व्यक्ति की मजदूरी से कोई कटौती या कमी नहीं की जायेगी। 

3. रांची जिले के सभी संस्थान/दुकान (शिफ्ट में कार्य करने वाले संस्थान/दुकान/सिनेमा हाॅल/रेस्टोरेन्ट/माॅल/फैक्टरी सहित) लोकसभा निर्वाचन 2019 के क्रम में दिनांक 06/05/2019 (मतदान तिथि) को प्रातः 07ः00 बजे से अपराह्न 04ः00 बजे तक बंद रहेंगे।

4. दैनिक मजदूरी पर कार्यरत कर्मी एवं आकस्मिक कर्मी भी अवकाश एवं मजदूरी के हकदार होंगे।

*आदेश का उल्लंघन कानून के सुसंगत धाराओं के अधीन दण्डनीय होगा। आदेश का किसी स्तर पर उल्लंघन होने पर उप श्रमायुक्त, रांची के मोबाइल नंबर 9431771072 पर शिकायत की जा सकती है।

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*लोकतंत्र का है पर्व महान, सभी करें मतदान*


*6 मई 2019 को वोट अवश्य करें*

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बांग्लादेश सरकार ने इस्कॉन संतों को भारत में प्रवेश से रोका

चौंकाने वाली खबर 🚨  बांग्लादेश ने 63 इस्कॉन भिक्षुओं को भारत में प्रवेश करने से रोका सभी के पास वैध पासपोर्ट और वीज़ा थे। आव्रज...