Monday, October 28, 2019

बग़दादी का शव और ट्रम्प का खेल!


  न्यूज़ डेस्क।
अमरीका के राष्ट्रपति ने कहा है कि आतंकी संगठन दाइश का सरग़ना अबू बक्र अलबग़दादी मारा गया है।
डोनल्ड ट्रम्प ने वाइट हाउस में आयोजित एक पत्रकार सम्मेलन में कहा कि अलबग़दादी अपने कई साथियों के साथ मारा गया है और उसने विस्फोटक जैकेट का धमाका करके अपना अंत किया। अमरीकी राष्ट्रपति ने कहा कि उन्होंने स्वयं इस कार्यवाही के एक भाग पर नज़र रखी थी। ट्रम्प ने कहा कि इस कार्यवाही में एक भी अमरीकी सैनिक नहीं मारा गया। उन्होंने कहा कि अलबग़दादी ने एक सुरंग से फ़रार होते समय विस्फोटक जैकेट का धमाका किया जिसमें वह और उसके तीन बच्चे मारे गए। इससे कुछ घंटे पहले उन्होंने एक ट्वीट करके कहा था कि अभी अभी एक बहुत बड़ी घटना हुई है।
 
बेहतर होगा कि हम आजसे लगभग आठ साल पहले की एक घटना पर नज़र डालें। पहली मई सन 2011 को ग्रीनविच समय के अनुसार पांच बजे शाम को अमरीका के तत्कालीन राष्ट्रपति बराक ओबामा के आदेश पर आतंकी संगठन अलक़ाएदा का सरग़ना उसामा बिन लादेन, अमरीकी सैनिकों के हाथों पाकिस्तान के ऐबटाबाद में अपने गुप्त ठिकाने में मारा गया। बराक ओबामा ने उसी दिन वाइट हाउस में ऐलान किया कि बिन लादेन को अमरीकी सेना ने मार गिराया है। बिन लादेन को नाइन इलेवन की घटना के बाद से ही तलाश किया जा रहा था। ओबामा ने कहा था कि कई महीने से उसामा बिन लादेन के बारे में सूचनाए इकट्ठा की जा रही थीं और अप्रैल में उसके गुप्त ठिकाने के बारे में हम ठोस सूचना मिल गई जिसके बाद अमरीकी सैनिकों ने पाकिस्तान में घुस कर कार्यवाही की और उसामा बिन लादेन को मार गिराया। उसका शव इस समय हमारे पास है।
 
इस समय भी अमरीकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने अबू बक्र अलबग़दादी के एक विशेष अभियान में मारे जाने की सूचना दी है। अब जो सबसे अहम सवाल सामने आता है वह यह है कि क्योंकि संसार के दो सबसे बड़े आतंकी, आठ साल के अंतराल से अमरीका में राष्ट्रपति चुनाव से ठीक एक साले पहले और वह भी अमरीकी कमांडोज़ के हाथों मारे गए हैं? जिस समय बिन लादेन मारा गया था, उस समय अमरीका में कराए गए सर्वेक्षणों में बराक ओबामा की हालत पतली थी और उनका चुनाव जीतना मुश्किल दिखाई दे रहा था। उन्होंने बिन लादेन की हत्या को अपने एक बड़े कारनामे के तौर पर अमरीकी जनमत में पेश किया और वर्ष 2012 के राष्ट्रपति चुनाव में कामयाब हो गए! उन्होंने बिन लादेन की मौत को अमरीका की सुरक्षा और विदेश नीति के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि के तौर पर पेश किया था।
 
अब सन 2019 ख़त्म होने के क़रीब है। अमरीका में जो सर्वेक्षण कराए गए हैं उनके परिणामों से यही इशारा मिलता है कि अगले चुनाव में ट्रम्प का जीतना मुश्किल है। अब ट्रम्प भी कुछ दिनों के बाद से ही अबू बक्र अलबग़दादी की मौत और कई टुकड़ों में बंट चुके उसके शव के चित्र जारी करके इसे अमरीका की सुरक्षा और विदेश नीति के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि के तौर पर पेश करेंगे।
 
सच्चाई यह है कि अमरीकी अधिकारियों द्वारा वाइट हाउस के पैदा किए हुए आतंकियों को हथकंडे के रूप में प्रयोग करना कोई नई बात नहीं है । लेकिन 2012 और 2020 के राष्ट्रपति चुनाव से एक साल पहले बिन लादेन और अलबग़दादी के प्रयोग की तारीख़ ख़त्म होना, इस कहानी को रोचक बना देता है। अब देखना यह है कि ट्रम्प अलबग़दादी की लाश से कितना फ़ायदा उठा पाते हैं? (HN)

Sunday, October 27, 2019

गिरीडीह के पारसनाथ स्टेशन के निकट मिली एक व्यक्ति की लाश


रिपोर्ट:  युगल किशोर।  निमियाघाट।      निमियाघाट  थाना अंतर्गत पारसनाथ रेलवे स्टेशन से  निमियाघाट स्टेशन के बीच रोशना टुंडा के रेलवे फाटक से 500 मीटर की दूरी पर डाउन रेलवे लाइन के ट्रैक में पोल संख्या 313/20 -21 के मध्य एक अज्ञात व्यक्ति का शव बरामद किया गया। पूछने पर रेलवे कर्मचारी के टीमैन निर्मल गोप ने बताया कि रविवार को सुबह जब 6:30 बजे रेलवे लाइन से गुजर रहा था तभी देखा कि एक व्यक्ति की लाश डाउन रेलवे लाइन पर पड़ी है ।जिसके बाद निमियाघाट रेलवे स्टेशन   मास्टर को  सूचित  किया। जिसके बाद गोमो के आरपीएफ, जो निमियाघाट स्टेशन पर कार्यरत है, आरपीएफ के पुलिस जवान एस. आर. पाठक  को सूचना दी गयी। सूचना मिलते ही घटना स्थल पर  पहुंचे।जिसके बाद गोमो जीआरपी को सूचना दिया गया। जीआरपी ने कहा कि घटनास्थल उनके क्षेत्र से बाहर है ।
जीआरपी ने कहा कि मामला नजदीकी थाना का है । जिसके बाद निमियाघाट थाना प्रभारी ने एएसआई धनंजय कुमार को भेज कर लाश को अपने कब्जे में लेकर निमियाघाट थाना लाया।जिसके बाद निमियाघाट  प्रभारी ने लाश को पोस्टमार्टम के लिए गिरिडीह भेज दिया ।

दीपावली:दीपों का त्योहार प्रकाश पर्व पर करें श्री गणेश व लक्ष्मी जी का पूजन



दीपावली निश्चित तौर पर भारत में मनाया जाने वाला सबसे बड़ा हिंदू त्यौहार है। दीपावली को मनाया जाता है ‘दीप, जिसका मतलब है रोशनी’ और ‘वली जिसका मतलब है पंक्ति’, अर्थात रोशनी की एक पंक्ति। दीपावली का त्यौहार चार दिनों के समारोहों से चिह्नित होता है, जो अपनी प्रतिभा के साथ हमारी धरती को रोशन करता है और हर किसी को अपनी खुशी के साथ प्रभावित करता है।
दीवाली या लोकप्रिय रूप से दीपावली के नाम से जाना जाने वाला यह त्योहार भारत में सबसे महत्वपूर्ण त्योहार है। दीवाली दुनिया भर में रोशनी का एक भारतीय त्योहार, चमकदार प्रदर्शन, प्रार्थना और उत्सवपूर्ण त्योहार है।
दीपावली हर भारतीय परिवार में मनाया जाता है। दीवाली का जश्न एक सप्ताह के लिए मनाया जाता है, प्रत्येक दिन अलग-अलग समारोह होते हैं।
चार दिन की दीवाली के उत्सव को विभिन्न परंपराओं से चिह्नित किया गया है, लेकिन जीवन का उत्सव, उत्साह, आनंद और भलाई स्थिर रहती है। दीवाली को इसके आध्यात्मिक महत्व के लिए मनाया जाता है, जो अंधेरे पर रोशनी की विजय का प्रतीक है, बुराई पर अच्छाई की जीत, अज्ञानता पर ज्ञान और निराशा की उम्मीद है।

 27 अक्टूबर 2019

लक्ष्मी पूजा मुहूर्त = 19:14 से 20:27
अवधि = 1 घंटे 12 मिनट
प्रदोष काल = 17:59 से 20:27
वृषभ काल = 19:14 से 21:18

दिवाली कैलेंडर सूची

दीपावली पहला दिन

द्वादशी

गोवत्स द्वादशी,वसु बरस

23
अक्तूबर, 2019
(बुधवार)
द्वादशी

दीपावली दूसरा दिन

त्रयोदशी

धनतेरस,धन्वन्तरि त्रयोदशी,यम दीपम

24
अक्तूबर, 2019
(गुरुवार)
त्रयोदशी

दीपावली तीसरा दिन

चतुर्दशी

काली चौदस,नरक चतुर्दशी,हनुमान पूजा,तमिल दीपावली

25
अक्तूबर, 2019
(शुक्रवार)
चतुर्दशी

दीपावली चौथा दिन

अमावस्या

दिवाली,लक्ष्मी पूजा,केदार गौरी व्रत,चोपड़ा पूजा,शारदा पूजा,दिवाली स्नान,दिवाली देवपूजा,द्युता क्रीड़ा,गोवर्धन पूजा,अन्नकूट,बलि प्रतिपदा

26
अक्तूबर, 2019
(शनिवार)
अमावस्या

दीपावली पांचवां दिन

प्रतिपदा

गुजरती नया साल,भैया दूज,भौ बीज,यम द्वितिया

27
अक्तूबर, 2019
(रविवार)
प्रतिपदा

दिवाली का अर्थ क्या है?

भारत में दीपावली निश्चित रूप से सबसे बड़े हिंदू त्यौहार के रूप में मनाया जाता है । दीपावली दो शब्दों 'दीप' जिसका अर्थ है प्रकाश और 'अवली' जिसका अर्थ है पंक्ति का संयोजन है यानी, रोशनी की एक पंक्ति। दीपावली का त्योहार उत्सव के पांच दिनों के द्वारा चिह्नित किया जाता है जो आसपास के वातावरण और परिवेश को उत्साह, उत्सव, प्रतिभा, खुशी, बहुतायत और खुशी के साथ भरता है।

दिवाली कब है?

हिंदू महीने कार्तिक में वर्ष की सबसे अंधेरी रात दिवाली का मुख्य त्यौहार मनाया जाता है। यह त्यौहार कार्तिक अमावस्या पर आता है, यानी कि कार्तिक के महीने में नई चंद्रमा की रात पर।

दिवाली क्यों मनाई जाती है?

हालांकि, सभी कहानियां और इतिहास बुराई पर अच्छाई की विजय के समान सत्य की ओर इशारा करते हैं, लेकिन हर कहानी एक अद्वितीय सार और अपने स्वयं के संदेश से जुड़ी है।
दिवाली की शुरुआत प्राचीन भारत में हुई थी। दिवाली का इतिहास कई किंवदंतियों से जुड़ा हुआ है जो हिंदू धार्मिक ग्रंथों, आमतौर पर पुराणों में वर्णित हैं।
दिवाली को रोशनी का त्यौहार माना जाता है। यह हमारे भीतर शक्ति, ज्ञान और गुणों के दीपक को प्रकाश देने के दिन के रूप में सम्मानित किया जाता है। इस जीवंत त्यौहार के पांच दिनों में से प्रत्येक हमें कुछ सिखाता है और हर एक दिन का एक महत्वपूर्ण उद्देश्य है।
यह व्यापक रूप से माना जाता है कि दीवाली वह दिन है जब समृद्धि की हिंदू देवी, माता लक्ष्मी पृथ्वी पर अवतरित होती हैं और लोगों को खुशी और धन के साथ आशीर्वाद देती है। इसलिए इस शुभ अवसर पर उनका स्वागत करने के लिए नए कपड़े, रंगीन सजावट और रोशनी का सुंदर प्रदर्शन किया जाता है।  क्या हम पटाखों के बिना दिवाली मना सकते हैं?

दीवाली एक चमकदार उत्सव महिमा का जश्न मनाने और उसका आनंद लेने का समय है। पटाखे और आतिशबाजी इस उत्सव का एक अभिन्न हिस्सा हुआ करते थे। लेकिन, धीरे-धीरे लोग पर्यावरण की चिंता के बारे में अधिक जागरूक हो रहे हैं, तो पटाखों का उपयोग काफी कम हो गया है।
न केवल पर्यावरण प्रदूषित हो जाता है बल्कि पटाखों का शोर भी जानवरों, पालतू जानवरों, शिशुओं, छोटे बच्चों, वृद्ध लोगों और अस्थमा रोगियों के लिए अत्यधिक परेशानी का कारण बनता है
तो, यह एक और सभी के लिए कुछ अच्छा करने का समय है। वायु प्रदूषण और शोर प्रदूषण करने की बजाय, लोगों को दीवाली को पारिस्थितिक अनुकूल तरीके से मनाने के लिए प्रोत्साहित करें।
इको-फ्रेंडली पटाखों का उपयोग करें जो विशेष रूप से पुनर्नवीनीकरण सामग्री या कागज से बने होते हैं। ये पटाखे इतना प्रदूषण नहीं करते हैं और इन पर्यावरण-अनुकूल पटाखों के फटने से उत्पादित शोर केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा निर्धारित डेसिबल सीमाओं के भीतर भी होता है।                                 
दिवाली पर कौन सी मिठाइयां खायी जाएं?

दिवाली का त्यौहार कुछ मुंह में पानी लाने वाली मिठाइयों के बिना अधूरी है जो अवसर की मिठास को बढाती हैं । दिवाली की पूर्व संध्या पर किए गए कुछ पारंपरिक व्यवहारों में  शाक, गुजीया, बरफी, पिन्नी, मावे की कचोरी, गाजर का हलवा , लेगियाम, चिरोती, पुराण पोली, रसबली और अनारसा शामिल हैं।

वास्तव में यह हैं डुमरी विधान सभा के सच्चे सुल्तान!





डुमरी(गिरिडीह)। जी हाँ,ये है डुमरी स्थित बालेडीह ग्राम के सुलतान दाढ़ी ।जहाँ एक ओर देश भर में धन धान्य तथा शुद्धता व स्वच्छता माता लक्ष्मी के पूजन और हर्ष का पर्व दीपावली मनाने में हम सभी व्यस्त हैं। चहुँओर खुशियों की धूम मची है।वहीं सुल्तान एक गरीब व असहाय परिवार के अश्रुपूर्ण नेत्रों से आँशू पोछ्ने में लगे हैं। झारखंड विकास मोर्चा के इस नेता ने राजनीति के गलियारे से हट कर डुमरी विधान सभा के अमरा पंचायत के अंतर्गत पारगो तिलैया के चोपा मांझी की अचानक हुई मौत की खबर सुन सीधे पहुँच गये उनके घर । 


मृतक मांझी गुजरात के किसी टावर लाइन कम्पनी में काम करता था ।वहीं  अचानक उसकी तबियत खराब हो गई । वहां के साथी उसे लेकर गांव  पहुंंचा आए। उसकी  तबियत बेहद खराब हो गया थी । घर से चिकित्सा  हेतु    अस्पताल ले जाने के क्रम में उसने दम तोड़ दिया।वही अस्पताल  पहूंचने के  बाद उसे मृत घोषित कर दिया गया।
उसके चार पुत्री एवं 5 वर्ष का एक पुत्र है
।खबर मिलने पर सुलतान ने पहुँच कर परिजनों को सांत्वना ही नहीं दी।बल्कि बिना किसी याचना के उन्हें तत्काल दस हज़ार रूपये की नगद आर्थिक सहायता भी प्रदान की। उनके ग्राम बालेडीह पहुँचे हमारे रिपोर्टर को उन्होनें बताया कि परिजनों के घर में एक दाना अन्न नहीं था,और उपर से दरवाजे पर एकमात्र कमाऊ सदस्य की लाश पड़ी थी ।यह जानकर सुल्तान सहम गये।तुरन्त एक माह का खाद्यान्न की व्यवस्था की गयी।
 
वहीं उस गरीब परिवार के घर कोई भी अन्य अधिकारी अथवा समाजसेवी नहीं पहुँचे।
आसपास के ग्रामीणों का कहना है कि ऐसे ही हैं,सुलतान दाढ़ी । बीते 15 वर्षों सबकी नि:स्वार्थ मदद करते आ रहे हैं 
चाहे वो किसी भी धर्म या जाति के हों। आगामी विधानसभा चुनाव को ले उन्होनें बातचीत के क्रम में बताया कि दल उनके लिए कोई मायने नही रखती,यदि आवश्यक हुआ तो वे निर्दलीय ही डुमरी विधान सभा से चुनाव लडेंगे । कहा कि उन्होनें झारखण्ड के प्रथम मुख्य मंत्री रहे झारखण्ड विकास मोर्चा के सुप्रीमो बाबू  लाल मरांडी में आस्था व्यक्त कर हाल ही में पार्टी का दामन  थामा है,उनके नेतृत्व में ही झारखण्ड का सच्चा विकास हो सकेगा ।

Saturday, October 26, 2019

बोधगया में ब्लाइंड स्कूल के संचालक बौद्धभिक्षु प्रज्ञाशील की ह्त्या या आत्महत्या; पुलिस प्रशासन जुटी जांच में



रिपोर्टःदिनेश कुमार पंडित।
गया ।
बिहार के अन्तर्राष्ट्रीय ज्ञान भूमि बोधगया में ब्लाइंड स्कूल के संचालक बौद्ध भिक्षु प्रज्ञाशील की मौत संदेह के घेरे में नज़र आ रही है। बताते हैं कि घटना से  एक दिन पूर्व मारपीट की घटना हुई थी। जानकारी के अनुसार बौद्ध भिक्षुओं का झमेला डाईवर से हुआ था।मृतक प्रज्ञाशील पाली व हिंदी भाषा में सभी ब्लाइड बच्चों शिक्षा देते थे।जिला एवं राज्य के कई जिले से गरीब बच्चे को अपनी स्कूल खोलकर निःशुल्क पढ़ाते थे । शुक्रवार की बीती रात्रि सोने गए तो यह उनकी अन्तिम निद्रा सिद्ध हुई।  सुबह पता चला कि रस्सी से गले का फन्दा लगा हुआ पाया । घटना की सूचना  बोधगया थाना की पूलिस को दी गई ।सूचना मिलते ही दलबल  के साथ पहुंचकर रस्सी खोल कर शव निकाला गया। शव कब्जे में लेकर मेडिकल अस्पताल पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। बाद पुलिस प्रशासन जांच में जुट गई । 
  बौद्ध भिक्षुओं जो 10 वर्षों से गरीब बच्चों को शिक्षा देते आ रहे थे। लेकिन आज उनके गुरु की हत्या अथवा  आत्महत्या हुई है, अब जांच के बाद ही पता चलेगा ।

झारखण्ड राज्य के वरीय पुलिस अधिकारियों के साथ डीजीपी की ‘‘मासिक अपराध एवं नक्सल परिदृश्य‘‘ पर समीक्षा बैठक आयोजित


न्यूज़ डेस्क ।
आज दिनांक-26.10.2019 को पुलिस मुख्यालय, राँची स्थित सभागार कक्ष में पुलिस महानिदेशक, झारखण्ड की अध्यक्षता में झारखण्ड राज्य के वरीय पुलिस अधिकारियों के साथ ‘‘मासिक अपराध एवं नक्सल परिदृश्य‘‘ पर समीक्षा बैठक आयोजित की गयी। बैठक की शुरूआत में पुलिस महानिदेशक, झारखण्ड के द्वारा उपस्थित सभी पदाधिकारियों को दीपावली की शुभकामनाएँ देते हुए पुलिस महानिरीक्षक के पद पर नवप्रोन्नत श्री साकेत कुमार सिंह भापुसे को पुलिस महानिरीक्षक का बैच लगाया गया। पुलिस महानिदेशक, झारखण्ड द्वारा सभी पुलिस पदाधिकारियों को बीते पिछले सभी महत्वपूर्ण त्यौहारों को बिना किसी बिघ्न के सफलतापूर्वक मनाये जाने पर बधाई दी।


पुलिस महानिदेशक, झारखण्ड द्वारा नक्सलियों के विरूद्ध चलाये जा रहे अभियानों के संबंध में विस्तृत रूप से चर्चायें की गयी तथा झारखण्ड को नक्सल/अपराध मुक्त बनाने के लिए नक्सलियों एवं अपराधियों के सम्पत्ति को जप्त करने में तत्परतापूर्ण कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया। उन्होंने सभी क्षेत्रीय पुलिस उप-महानिरीक्षकों,सभी जिलों के वरीय पुलिस अधीक्षक एवं पुलिस अधीक्षकों से उनके खुफिया तंत्रों को मजबूत करने, स्वयं अभियान का नेतृत्व करने सहित अपने जिले में उपलब्ध बलों का समुचित उपयोग करने हेतु निर्देशित किया। उन्होंने सभी वरीय पुलिस अधिकारियों से अभियुक्तों को न्यायालय द्वारा सजा दिलाने का विधि-सम्मत् प्रयास करने पर व्यापक चर्चा की। पुलिस और थानों की अहमियत को देखते हुए उन्होंने पुलिसकर्मियों का आम जनता के प्रति मानवीय और संवेदनशील व्यवहार हो इसलिये उन्हें इस दिशा में प्रशिक्षित करने के लिये समुचित प्रयास करने का दिशा-निर्देश दिया। साथ ही वर्तमान में प्रशिक्षण प्राप्त कर विभिन्न जिलों में प्रतिनियुक्त तकरीबन 2500 पुलिस अवर निरीक्षकों से सही ढंग से कार्य लेने हेतु निर्देश दिया।  
झारखण्ड राज्य में आगामी विधान सभा चुनाव, 2019 के संदर्भ विस्तृत चर्चायें की गई। चूँकि राज्य में नक्सलवाद अपने समाप्ति की ओर है इसलिये वे इस चुनाव में अपनी उपस्थिति दर्ज कराने का प्रयास कर सकते हैं। इसे ध्यान में रखते हुए चुनाव आयोग द्वारा दिये गए सभी दिशा निर्देशों का अनुपालन करते हुये भयमुक्त वातावरण में शांतिपूर्ण एवं स्वच्छ चुनाव कराये जाने का पूरा प्रयास करने का आवश्यक दिशा निर्देश भी दिया। साथ ही चुनाव के दौरान वीवीआईपी एवं वीआईपी को सुरक्षा  उपलब्ध कराने हेतु विशेष ध्यान दिये जाने का निर्देश दिया।
पुलिस महानिदेशक द्वारा राज्य के सामान्य नागरिक जो अपने परिवार के साथ रात्रि में बेखौफ होकर सुरक्षित रहें इस दिशा में काम करने का निर्देश दिया गया। उन्होंने राज्य के सभी थानों/ओ0पी0 के निरीक्षण, थाना की सुरक्षा, इंफ्रास्ट्रक्चर की समीक्षा, लंबित विभागीय कार्रवाई
के निष्पादन, काण्डों का निष्पादन एवं काण्डों के पर्यवेक्षण से संबंधित मुद्दों पर विस्तृत निर्देश दिया। 


राज्य में बढ़ते साईबर अपराध पर चिंता व्यक्त करते पुलिस महानिदेशक, झारखण्ड ने इस दिशा में रोक लगाने का निर्देश दिया। उन्होंने राज्य में साइबर अपराध से ग्रसित जिलों में जागरूकता अभियान चलाकर रोकथाम करने का भी निर्देश दिया। पुलिस मुख्यालय, राँची के द्वारा प्रत्येक माह साईबर अपराध से ग्रसित जिलों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिये जाते रहे हैं। उस पर कार्रवाई की आवश्यकता है। लोगों को भी जागरूक बनाने की आवश्यकता पर बल दिया।
बैठक के क्रम में क्षेत्रवार सभी क्षेत्रीय पुलिस उप-महानिरीक्षकों के साथ जिले के वरीय पुलिस अधीक्षक एवं पुलिस अधीक्षकों के द्वारा झारखण्ड राज्य में नक्सल एवं आपराधिक गतिविधियों के मद्देनजर उन पर अंकुश लगाने के लिए स्ट्रेटजिक प्लान तथा नक्सल काण्डों की मॉनिटरिंग की प्रस्तुतियों सहित अन्य जानकारी दी गयीं।
इस बैठक में पुलिस महानिदेशक, मुख्यालय, झारखण्ड, अपर पुलिस महानिदेशक, विशेष शाखा, झारखण्ड, अपर पुलिस महानिदेशक, प्रशिक्षण, झारखण्ड, अपर पुलिस महानिदेशक, रेल, झारखण्ड, अपर पुलिस महानिदेशक, आधुनिकीकरण, झारखण्ड, अपर पुलिस महानिदेशक, अभियान, झारखण्ड, पुलिस महानिरीक्षक, सीआरपीएफ, झारखण्ड, पुलिस महानिरीक्षक, मानवाधिकार, झारखण्ड, पुलिस महानिरीक्षक, रेल, झारखण्ड, पुलिस महानिरीक्षक, प्रशिक्षण, झारखण्ड, पुलिस महानिरीक्षक, अपराध अनुसंधान विभाग, झारखण्ड, पुलिस महानिरीक्षक, दुमका प्रक्षेत्र, पुलिस महानिरीक्षक, झासपु, झारखण्ड, पुलिस महानिरीक्षक, अभियान, झारखण्ड, पुलिस महानिरीक्षक, मुख्यालय, झारखण्ड, पुलिस महानिरीक्षक, एस0सी0आर0बी0, झारखण्ड, पुलिस उप-महानिरीक्षक, विशेष शाखा, झारखण्ड, पुलिस उप-महानिरीक्षक, राँची, पुलिस उप-महानिरीक्षक, बोकारो, पुलिस उप-महानिरीक्षक, बजट, झारखण्ड, पुलिस उप-महानिरीक्षक, कोल्हान, पुलिस उप-महानिरीक्षक, हजारीबाग, पुलिस उप-महानिरीक्षक, कार्मिक, झारखण्ड, राज्य के सभी वरीय पुलिस अधीक्षक, पुलिस अधीक्षक, एआईजी टू डीजीपी एवं पुलिस अधीक्षक, अभियान, झारखण्ड ने भाग लिया।

 द्वारा- मीडिया सेल पुलिस मुख्यालय, झारखण्ड राँची।

झारखंड की 30 विधानसभा सीट पर एनसीपी का चुनाव लड़ेगी:कमलेश कु सिंह


पलामू : झारखंड की 30 विधानसभा सीट पर एनसीपी का चुनाव लड़ना तय है. केंद्रीय नेतृत्व से बात हो चुकी है. जल्द ही इसे अंतिम रूप दे दिया जायेगा. उक्त बातें शनिवार को हुसैनाबाद स्थित अपने आवासीय कार्यालय में प्रदेश के पूर्व मंत्री सह एनसीपी के प्रदेश अध्यक्ष कमलेश कुमार सिंह ने कही.उन्होंने कहा कि झारखंड के हुसैनाबाद, डाल्टनगंज, गोड्डा, महगामा, पाकुड़, साहेबगंज, गिरिडीह, जमशेदपुर, छतरपुर, हटिया, तमाड़, कोडरमा, धनबाद, चतरा समेत अन्य कई सीटें शामिल हैं. उन्होंने कहा कि राज्य की वर्तमान सरकार से झारखंड की जनता त्रस्त है. जनता की समस्याओं के समाधान पर सरकार का रवैया नकारात्मक रहा है. लोगों की रोजी-रोटी पर आफत है. राज्य में एक भी उद्योग नहीं लगा.
कमलेश सिंह ने कहा कि जमशेदपुर समेत अन्य जगहों के कई छोटे-छोटे कारखाने बंद हो गये. इससे राज्य में बेरोजगारी की समस्या बढ़ गयी है. मुख्यमंत्री जन आशीर्वाद यात्रा कर जनता को भ्रमित करने का काम कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि झारखंड की बहाली में बाहर के लोगों को भरा गया. इसे राज्य के युवा बर्दाश्त नहीं करेंगे.
एनसीपी नेता ने कहा कि भाजपा को इस चुनाव में राज्य की जनता सबक सिखाने का मूड बना चुकी है. कुछ नेताओं ने पिछले दिनों भाजपा का दामन थामा. उन्होंने अपने पांव पर खुद कुल्हाड़ी मारी है. जनता उन्हें भी जवाब देगी. उन्होंने एक सवाल के जवाब में कहा कि एनसीपी राष्ट्रीय पार्टी है. पार्टी का संगठन राज्य के सभी विधानसभा क्षेत्रों में है. कार्यकर्ताओं में काफी उत्साह भी है.
उन्होंने यह भी साफ किया कि एनसीपी अलग चुनाव लड़ने के बावजूद महागठबंधन का हिस्सा ही रहेगी. उन्होंने कहा कि एनसीपी जात-पांत, संप्रदाय, क्षेत्रवाद पर विश्वास नहीं करती. पार्टी का एक मकसद लोगों के जीवन स्तर में सुधार और क्षेत्र का विकास करना है. राष्ट्रीय व राज्य के ज्वलंत मुद्दों पर पार्टी लगातार सक्रिय रही है.

श्री सिंह ने कहा कि राज्य की बेरोजगारी, पारा शिक्षकों, आंगनबाड़ी सेविका, सहायिका, स्वस्थ्य और जल सहिया की समस्याओं से पार्टी भली भांति अवगत है. उनके हित के लिए हरसंभव काम करेगी. राज्य में शांति और खुशहाली लाना, सभी गांवों में स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाना, पंचायतों में अच्छा विद्यालय, प्रखंड स्तर पर कॉलेज, अनुमंडल स्तर पर तकनीकी शिक्षा की व्यवस्था, अनुमंडल और जिला स्तर पर खेल स्टेडियम, सिंचाई के साधन उपलब्ध कराना और युवक युवतियों को रोजगार उपलब्ध कराना पार्टी का मुख्य उद्देश्य होगा .

बांग्लादेश सरकार ने इस्कॉन संतों को भारत में प्रवेश से रोका

चौंकाने वाली खबर 🚨  बांग्लादेश ने 63 इस्कॉन भिक्षुओं को भारत में प्रवेश करने से रोका सभी के पास वैध पासपोर्ट और वीज़ा थे। आव्रज...