Wednesday, October 30, 2019

भारत, यूरोपीय संघ के प्रतिनिधि मंडल ने कश्मीर का दौरा किया

 
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने यूरोपीय संघ के सांसदों के एक प्रतिनिधिमंडल से मुलाक़ात में कहा कि आतंकवाद का समर्थन करने और उसे प्रायोजित करने वालों के ख़िलाफ़ तत्काल कार्यवाही की आवश्यकता है।
सोमवार को होने वाली इस मुलाक़ात में नरेन्द्र मोदी ने प्रतिनिधिमंडल से कहा कि आतंकवाद को तनिक भी सहन करने की नीति होनी चाहिए। प्रतिनिधिमंडल ने इस मुलाक़ात के बाद जम्मू-कश्मीर का दौरा भी किया।
प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि प्रधानमंत्री ने उम्मीद जतायी कि सांसदों का देश के विभिन्न हिस्सों का दौरा उपयोगी होगा और जम्मू कश्मीर की यात्रा से उन्हें जम्मू, कश्मीर और लद्दाख क्षेत्रों की सांस्कृतिक और धार्मिक विविधता की बेहतर समझ हो सकेगी।
भारत के प्रधानमंत्री ने यह उम्मीद भी जतायी कि इससे उन्हें क्षेत्र के विकास और शासन की प्राथमिकताओं के बारे में स्पष्ट दृष्टिकोण मिल सकेगा।
उन्होंने व्यापार करने में सुगमता संबंधी रैंकिंग में सुधार का भी उल्लेख किया जो 2014 में 142 थी और अब 63 हो गयी है।
उन्होंने कहा कि इस प्रकार के विशाल आकार, जनसांख्यिकी और विविधता वाले देश के लिए यह एक बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि वैश्विक लक्ष्य से पांच साल पहले अर्थात 2025 तक भारत टीबी ख़त्म कर देगा। (AK)

Tuesday, October 29, 2019

शिवसेना-बीजेपी में और बढ़ी तकरार, बैठक हुई रद्द; संजय राउत बोले- बैठक का कोई मतलब नहीं


मुंबई। महाराष्ट्र में अगली सरकार के गठन को लेकर उहापोह की स्थिति बनी हुई है जबकि बीजेपी और उसके सहयोगी दल शिवसेना में तकरार और बढ़ती जा रही है। मंगलवार को संध्या चार बजे की बैठक शिवसेना और बीजेपी के बीच नहीं हो पाई।

शिवसेना के प्रवक्ता संजय राउत ने कहा- बीजेपी और शिवसेना के बीच आज चार बजे की बैठक सूचीबद्ध थी। लेकिन, अगर खुद मुख्यमंत्री कहते हैं कि 50-50 के फॉर्मूले पर कोई चर्चा नहीं हुई तो फिर क्या बात होगी? किस आधार पर उनसे हम बात करेंगे? इसलिए, उद्धव जी ने आज की बैठक रद्द कर दी है।उन्होनें चालीस वर्षों से प्रकाशित पत्र सामना का भी हवाला दिया ।

अमेरिकी सेना ने बगदादी के विकल्प कर्दाश को भी उतारा मौत के घाट


गौरतलब है कि बगदादी के मारे जाने की खबरों के बाद यह जानकारी भी सामने आई थी कि आइएस ने अब अब्दुल्लाह कार्दश को अपना सरगना चुन लिया।
अपने उद्भव के बाद कुछ ही समय में समूची दुनिया में खौफ और बर्बरता का पर्याय बन चुके संगठन इस्लामिक स्टेट ऑफ इराक एंड सीरिया यानी आइएसआइएस के सरगना अबू-बकर अल-बगदादी के मारे जाने की खबर को अंतरराष्ट्रीय राजनीति में एक बड़ी घटना के रूप में दर्ज किया जाएगा। यों इससे पहले भी कई बार उसके मारे जाने की खबरें आईं, लेकिन कुछ समय बाद वे निराधार साबित हुईं थी।
इधर,अब से कुछ घन्टे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ट्विटर पर एक बयान साझा कर कहा है कि बगदादी के विकल्प कार्दश को भी समाप्त कर दिया गया है।

अबू बक्र-अल बगदादी को भी ओसामा बीन लादेन की तरह समुद्र में दफना दिया गया


 अमेरिकी ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के प्रमुख ने कहा कि इस्लामिक स्टेट के सरगना अबू बक्र-अल बगदादी का अंतिम संस्कार अमेरिका के सशस्त्र संघर्ष कानून के अनुरूप किया गया है ।   इससे पहले अलकायदा सरगना ओसामा बिन-लादेन को इसी तरह समुद्र में दफनाया गया।ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के प्रमुख जनरल मार्क मिले ने पत्रकारों से कहा, 'बगदादी के शव को फोरेंसिक डीएनए जांच के लिए एक सुरक्षित केंद्र ले जाया गया था ताकि उसकी पहचान की पुष्टि की जा सके और उसके बाद उसका अंतिम संस्कार किया गया. यह प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और इसे उचित तरीके से किया गया.'
जनरल मिले ने एक सवाल के जवाब में बताया कि अमेरिकी बलों को घटनास्थल (बगदादी जहां मारा गया) से आईएसआईएस से जुड़ी और भविष्य की उनकी योजनाओं से संबंधी सामग्री भी मिली.                                 ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के प्रमुख ने कहा, 'वहां से कुछ सामान भी मिला है. पूरी जांच होने तक मैं उसके बारे में अधिक जानकारी नहीं देना चाहूंगा....'

जनरल मिले ने बताया कि अमेरिकी बलों ने बगदादी के दो साथियों को भी पकड़ा है. उन्होंने कहा, 'दो पुरुषों को पकड़ा गया है जो अभी हिरासत में हैं.'

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उत्तर-पश्चिमी सीरिया में अमेरिका के विशेष बलों के हमले में बगदादी के मारे जाने की घोषणा की थी. बताया गया था कि उत्तरपश्चिमी सीरिया में अमेरिका के स्वान दस्ते ने एक तरफ से बंद सुरंग में आईएस सरगना का पीछा किया और जब उसके पास बचने का कोई रास्ता नहीं बचा तो उसने आत्मघाती जैकेट में विस्फोट करके खुद को और तीन अन्य को उड़ा लिया था.

Monday, October 28, 2019

दीपावली की रात हत्यारों नें पति पत्नी और पुत्री की गोलियाँ बरसाकर की निर्ममतापूर्वक हत्या,बाद में हथियार लहराते चले गये


बेगूसराय । सिंघौल ओपी थाना क्षेत्र के मचहा गांव में रविवार की रात लगभग 10:30 बजे में चार से पाँच की संख्या में हथियार के साथ आये अपराधियों ने एक ही परिवार के तीन लोगों की गोली मारकर हत्या करके आराम से हथियार लहड़ाते हुए चलते बने। तीनों मृतको की पहचान मचहा गांव निवासी अशोक सिंह के 40 वर्षीय पुत्र कुणाल सिंह तथा मृतक की पत्नी 35 वर्षीया कंचन देवी और उनकी पुत्री 17 वर्षीया इंटर की छात्रा सोनम कुमारी के रूप में हुई ।घटना की सूचना मिलते ही मचहा गांव समेत आसपास के गांव में सनसनी फैल गई ।दीवाली का पर्व मना रहे लोगों में मातमी सन्नाटा पसर गया ।घटना के बाद मचहा गांव के ग्रामीण कुछ भी बताना नहीं चाह रहे थे। सूचना मिलते ही देर रात्रि में एसपी आकाश कुमार ,सदर डीएसपी राजन सिन्हा ,मुफस्सिल थानाध्यक्ष राजविन्दु प्रसाद ,नगर थाना अध्यक्ष अमरेंद्र झा और सिधौल ओपी अध्यक्ष मनीष कुमार सशस्त्र पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। एसपी और डीएसपी ने मिलकर घटनास्थल पर पहुंचकर मृतक के बड़े पुत्र शिवम और छोटे पुत्र सत्यम के अलावे अन्य ग्रामीणों से घटना के संबंध में गहण पूछताछ की, तथा शव को पुलिस ने अपने कब्जे में लेकर देर रात्रि में बेगूसराय सदर अस्पताल पोस्टमार्टम कराने के लिए भेज दिया ।पुलिस के द्वारा अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए जगह-जगह रात्रि में छापेमारी की गई ।लेकिन कोई सफलता पुलिस को हाथ नहीं लगी ।घटनास्थल पर से पुलिस ने मृतकों के पास से 16 गोली का खोखा बरामद किया है।

बग़दादी का शव और ट्रम्प का खेल!


  न्यूज़ डेस्क।
अमरीका के राष्ट्रपति ने कहा है कि आतंकी संगठन दाइश का सरग़ना अबू बक्र अलबग़दादी मारा गया है।
डोनल्ड ट्रम्प ने वाइट हाउस में आयोजित एक पत्रकार सम्मेलन में कहा कि अलबग़दादी अपने कई साथियों के साथ मारा गया है और उसने विस्फोटक जैकेट का धमाका करके अपना अंत किया। अमरीकी राष्ट्रपति ने कहा कि उन्होंने स्वयं इस कार्यवाही के एक भाग पर नज़र रखी थी। ट्रम्प ने कहा कि इस कार्यवाही में एक भी अमरीकी सैनिक नहीं मारा गया। उन्होंने कहा कि अलबग़दादी ने एक सुरंग से फ़रार होते समय विस्फोटक जैकेट का धमाका किया जिसमें वह और उसके तीन बच्चे मारे गए। इससे कुछ घंटे पहले उन्होंने एक ट्वीट करके कहा था कि अभी अभी एक बहुत बड़ी घटना हुई है।
 
बेहतर होगा कि हम आजसे लगभग आठ साल पहले की एक घटना पर नज़र डालें। पहली मई सन 2011 को ग्रीनविच समय के अनुसार पांच बजे शाम को अमरीका के तत्कालीन राष्ट्रपति बराक ओबामा के आदेश पर आतंकी संगठन अलक़ाएदा का सरग़ना उसामा बिन लादेन, अमरीकी सैनिकों के हाथों पाकिस्तान के ऐबटाबाद में अपने गुप्त ठिकाने में मारा गया। बराक ओबामा ने उसी दिन वाइट हाउस में ऐलान किया कि बिन लादेन को अमरीकी सेना ने मार गिराया है। बिन लादेन को नाइन इलेवन की घटना के बाद से ही तलाश किया जा रहा था। ओबामा ने कहा था कि कई महीने से उसामा बिन लादेन के बारे में सूचनाए इकट्ठा की जा रही थीं और अप्रैल में उसके गुप्त ठिकाने के बारे में हम ठोस सूचना मिल गई जिसके बाद अमरीकी सैनिकों ने पाकिस्तान में घुस कर कार्यवाही की और उसामा बिन लादेन को मार गिराया। उसका शव इस समय हमारे पास है।
 
इस समय भी अमरीकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने अबू बक्र अलबग़दादी के एक विशेष अभियान में मारे जाने की सूचना दी है। अब जो सबसे अहम सवाल सामने आता है वह यह है कि क्योंकि संसार के दो सबसे बड़े आतंकी, आठ साल के अंतराल से अमरीका में राष्ट्रपति चुनाव से ठीक एक साले पहले और वह भी अमरीकी कमांडोज़ के हाथों मारे गए हैं? जिस समय बिन लादेन मारा गया था, उस समय अमरीका में कराए गए सर्वेक्षणों में बराक ओबामा की हालत पतली थी और उनका चुनाव जीतना मुश्किल दिखाई दे रहा था। उन्होंने बिन लादेन की हत्या को अपने एक बड़े कारनामे के तौर पर अमरीकी जनमत में पेश किया और वर्ष 2012 के राष्ट्रपति चुनाव में कामयाब हो गए! उन्होंने बिन लादेन की मौत को अमरीका की सुरक्षा और विदेश नीति के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि के तौर पर पेश किया था।
 
अब सन 2019 ख़त्म होने के क़रीब है। अमरीका में जो सर्वेक्षण कराए गए हैं उनके परिणामों से यही इशारा मिलता है कि अगले चुनाव में ट्रम्प का जीतना मुश्किल है। अब ट्रम्प भी कुछ दिनों के बाद से ही अबू बक्र अलबग़दादी की मौत और कई टुकड़ों में बंट चुके उसके शव के चित्र जारी करके इसे अमरीका की सुरक्षा और विदेश नीति के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि के तौर पर पेश करेंगे।
 
सच्चाई यह है कि अमरीकी अधिकारियों द्वारा वाइट हाउस के पैदा किए हुए आतंकियों को हथकंडे के रूप में प्रयोग करना कोई नई बात नहीं है । लेकिन 2012 और 2020 के राष्ट्रपति चुनाव से एक साल पहले बिन लादेन और अलबग़दादी के प्रयोग की तारीख़ ख़त्म होना, इस कहानी को रोचक बना देता है। अब देखना यह है कि ट्रम्प अलबग़दादी की लाश से कितना फ़ायदा उठा पाते हैं? (HN)

Sunday, October 27, 2019

गिरीडीह के पारसनाथ स्टेशन के निकट मिली एक व्यक्ति की लाश


रिपोर्ट:  युगल किशोर।  निमियाघाट।      निमियाघाट  थाना अंतर्गत पारसनाथ रेलवे स्टेशन से  निमियाघाट स्टेशन के बीच रोशना टुंडा के रेलवे फाटक से 500 मीटर की दूरी पर डाउन रेलवे लाइन के ट्रैक में पोल संख्या 313/20 -21 के मध्य एक अज्ञात व्यक्ति का शव बरामद किया गया। पूछने पर रेलवे कर्मचारी के टीमैन निर्मल गोप ने बताया कि रविवार को सुबह जब 6:30 बजे रेलवे लाइन से गुजर रहा था तभी देखा कि एक व्यक्ति की लाश डाउन रेलवे लाइन पर पड़ी है ।जिसके बाद निमियाघाट रेलवे स्टेशन   मास्टर को  सूचित  किया। जिसके बाद गोमो के आरपीएफ, जो निमियाघाट स्टेशन पर कार्यरत है, आरपीएफ के पुलिस जवान एस. आर. पाठक  को सूचना दी गयी। सूचना मिलते ही घटना स्थल पर  पहुंचे।जिसके बाद गोमो जीआरपी को सूचना दिया गया। जीआरपी ने कहा कि घटनास्थल उनके क्षेत्र से बाहर है ।
जीआरपी ने कहा कि मामला नजदीकी थाना का है । जिसके बाद निमियाघाट थाना प्रभारी ने एएसआई धनंजय कुमार को भेज कर लाश को अपने कब्जे में लेकर निमियाघाट थाना लाया।जिसके बाद निमियाघाट  प्रभारी ने लाश को पोस्टमार्टम के लिए गिरिडीह भेज दिया ।

बांग्लादेश सरकार ने इस्कॉन संतों को भारत में प्रवेश से रोका

चौंकाने वाली खबर 🚨  बांग्लादेश ने 63 इस्कॉन भिक्षुओं को भारत में प्रवेश करने से रोका सभी के पास वैध पासपोर्ट और वीज़ा थे। आव्रज...