Sunday, March 8, 2020

आखिर इतना भयावह क्यों है कोरोनोवायरस का प्रकोप: बैट वायरस इतने घातक क्यों होते हैं?


यह कोई संयोग नहीं है कि हाल के वर्षों में सबसे बुरी वायरल बीमारी का प्रकोप है- एसएआरएस, एमईआरएस, इबोला, मारबर्ग और संभवत: नव-आने वाले २०१ ९-एनओएलवी वायरस की उत्पत्ति चमगादड़ों में हुई है।

कैलिफोर्निया की एक नई यूनिवर्सिटी, बर्कले, अध्ययन में पाया गया है कि चमगादड़ की घातक प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया वायरस को तेजी से दोहराने के लिए वायरस को ड्राइव कर सकती है, ताकि जब वे मानव जैसे औसत प्रतिरक्षा प्रणाली के साथ स्तनधारियों में कूदते हैं, तो वायरस घातक कहर बरपाते हैं।

कुछ चमगादड़-जिन्हें मानव संक्रमणों का मूल स्रोत कहा जाता है-उनमें प्रतिरक्षा प्रणाली की मेजबानी करने के लिए दिखाया गया है जो वायरस के खिलाफ बचाव के लिए स्थायी रूप से प्राइमेड हैं। इन चमगादड़ों में वायरल संक्रमण से तेजी से प्रतिक्रिया होती है जो वायरस को कोशिकाओं से बाहर निकालती है। हालांकि यह चमगादड़ को उच्च वायरल भार से संक्रमित होने से बचा सकता है, यह इन वायरस को एक बचाव से पहले एक मेजबान के भीतर अधिक तेज़ी से पुन: पेश करने के लिए प्रोत्साहित करता है।

यह चमगादड़ को तेजी से प्रजनन करने वाले और अत्यधिक संक्रामक वायरस का एक अनूठा भंडार बनाता है। हालांकि चमगादड़ इस तरह के वायरस को सहन कर सकते हैं, जब ये बल्ले वायरस तब जानवरों में चले जाते हैं, जिसमें तेजी से प्रतिक्रिया करने वाली प्रतिरक्षा प्रणाली की कमी होती है, वायरस जल्दी से अपने नए मेजबानों को भारी कर देते हैं, जिससे उच्च मृत्यु दर होती है।

"कुछ चमगादड़ इस मजबूत एंटीवायरल प्रतिक्रिया को माउंट करने में सक्षम हैं, लेकिन साथ ही इसे एक विरोधी भड़काऊ प्रतिक्रिया के साथ संतुलित करते हैं," कारा ब्रूक ने यूसी बर्कले में एक पोस्टडॉक्टरल मिलर फेलो और अध्ययन के पहले लेखक ने कहा। "हमारी प्रतिरक्षा प्रणाली इस एक ही एंटीवायरल रणनीति का प्रयास करते हुए व्यापक सूजन उत्पन्न करती है। लेकिन चमत्कारी रूप से इम्युनोपैथोलॉजी के खतरे से बचने के लिए विशिष्ट रूप से अनुकूल दिखाई देती हैं।"

शोधकर्ताओं ने ध्यान दिया कि चमगादड़ के निवास स्थान में खलल डालना जानवरों को तनाव देता है और उनके लार, मूत्र और मल में और भी अधिक वायरस डालता है जो अन्य जानवरों को संक्रमित कर सकता है।

ISIS से संबंध रखने के आरोप में दंपति गिरफ्तार, शाहीन बाग की आड़ में रच रहे थे साजिश

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दिल्ली।पुलिस ने ओखला के जामिया नगर इलाके से एक दंपति को हिरासत में लिया है। बताया जा रहा है कि, दोनों के संबंध आईएसआईएस से हैं। इन पर आरोप है कि, यह कपल एंटी सीएए प्रदर्शनों को भी हवा दे रहा था। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह जोड़ा अफगानिस्तान में सक्रिय आईएसकेपी के कुछ संदिग्धों के साथ मिलकर दिल्ली में सीएए की आड़ में बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में जुटा था। दंपति की पहचान श्रीनगर के जहांजेब सामी और हिना बशीर बेग के रूप में हुई है।

*स्पेशल सेल ने इस्लामिक स्टेट खोरासन प्रोविंस आतंकी संघठन से संबंध रखने के आरोप में दो संदिग्ध आतंकी को हिरासत में लिया है। ये आतंकी संगठन आईएसआईएस से जुड़ा हुआ है। दोनों को रविवार सुबह जामिया नगर, ओखला से हिरासत में लिया है। संदिग्धों में जहान जैब सामी और उसकी पत्नी हिना बशीर बेग है। आरोप है कि ये दोनों संदिग्ध आतंकी अफगानिस्तान में बैठे ISKP टेरर ग्रुप के आतंकियों के सम्पर्क में थे।*

विष्णुगढ़ में विश्व हिंदू परिषद व बजरंग दल के द्वारा +2 उच्च विद्यालय मे होली मिलन समारोह मनाया


श्री प्रसाद सोनी।विष्णु गढ़/हजारीबाग। आज दिनांक 8-3-2020 दिन रविवार को विश्व हिंदू परिषद व बजरंग दल के द्वारा +2 उच्च विधालय मे होली मिलन समारोह मनाया गया। जिसमे सर्वप्रथम ॐ का उच्चारण,एकात्मता मंत्र और विजय महामंत्र 'जय राम' 'श्री राम जय जय राम' के उदघोष से शुरुआत बजरंग दल के जिला सत्संग प्रमुख सह बजरंग दल प्रखन्ड संयोजक वरुण कुमार ने किया और भारत माता की तस्वीर पर अबिर गुलाल अर्पित कर एक दूसरे से गले मिल गुलाल लगाया। मौके पर सह मंत्री एक होली गीत 'रंगबरसे भीगे चुनर वाली' गाया और सभा शोभा यात्रा मे बदल गयी। उच्च विधालय से अखाड़ा चौक होते करते कसेरा मुहल्ला देवी मन्दिर मे समाप्त हुआ।
मौके पर जिला सत्संग प्रमुख सह बजरंग दल प्रखन्ड संयोजक वरुण कुमार उपाध्यक्ष प्रकाश राणा मंत्री सिकन्दर साव सह संयोजक पियुश लाल कुन्दन शर्मा सत्संग प्रमुख विशाल कश्यप छात्र प्रमुख उत्सव गर्ग धर्मेन्द्र कसेरा आखाडा प्रमुख अमित तरुण सह मंत्री ओमकार नाथ शर्मा मनोज सोनी हेमलाल महतो सुनिल महतो चंद्रशेखर पटेल कपिल देव महतो ऋतिक कुमार शुभम वर्णवाल अनुज स्मिथ मुना पान्डेय अजय कुमार बगोदर के अध्यक्ष संजय सोनी संयोजक पटेल बजरंगी सैकड़ों की संख्या मे बजरंगी शामिल हुए।

Saturday, March 7, 2020

ब्रेकिंग : चीन में बड़ा हादसा, कोरोना वायरस से पीड़ित 70 मरीजों से भरी इमारत ढही, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी





चीन के फुजियान प्रांत से शनिवार को एक बड़े हादसे की खबर सामने आई. चीन की आधिकारिक मीडिया के मुताबिक कुआनजो शहर में स्थित सिनजिया होटल शनिवार को ढह गया. इस घटना में 70 लोग मलबे में दबे हुए बताए जा रहे हैं.

जानकारी के मुताबिक 80 कमरों के इस होटल में कोरोना वायरस से पीड़ित मरीजों का इलाज चल रहा था. घटना के बाद बड़े स्तर पर रेस्कयू ऑपरेशन चलाया जा रहा है. रेस्क्यू में 23 लोगों को मलबे से बाहर निकाल लिया गया है लेकिन 70 लोग अभी भी फंसे बताए जा रहे हैं.

स्थानीय समय के मुताबिक यह घटना शाम करीब साढ़े सात बजे की बताई जा रही है. मौके पर रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है और मलबा हटाने के साथ-साथ उसमें दबे लोगों को सकुशल बाहर निकालने की कोशिश लगातार जारी है.

देश में कोराना के मरीजों की संख्या बढ़कर हुई 34, शनिवार को 3 नए मामले आए सामने


न्यूज़। 
कोरोना वायरस की चपेट में भारत भी आ चुका है. अब देश में कोरोना के तीन ताजा मामले सामने आए हैं. कोरोना वायरस के पॉजिटिव मरीजों की संख्या भारत में बढ़कर 34 हो गई है.

ताजा मामलों में ओमान से लौटा तमिलनाडु का एक व्यक्ति कोरोना वायरस से संक्रमित पाया गया है. इसके अलावा ईरान से लौटे लद्दाख के दो लोग कोरोना से संक्रमित पाए गए हैं. ऐसे में लगातार देश में कोरोना के मामले बढ़ते ही जा रहे हैं.

दरअसल, कोरोना वायरस को लेकर भारत में भी हाहाकार का माहौल बना हुआ है. हालांकि सरकार कोरोना वायरस से निपटने के लिए पूरी तरह से मुस्तैद दिखाई दे रही है. वहीं आज कोरोना वायरस को लेकर सरकार की रिव्यू मीटिंग भी हुई.

दिल्ली में कोरोना वायरस पर आज हुई इस समीक्षा बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को तैयारियों की जानकारी दी गई. इसके साथ ही केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने पीएम मोदी को अब तक उठाए गए कदमों की जानकारी दी. साथ ही केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने बताया कि देश भर में 52 प्रयोगशालाओं में नमूनों का परीक्षण किया जा रहा है.

Friday, March 6, 2020

पंचायत चुनाव को लेकर विष्णुगढ़ में सुगबुगाहट शुरू, लाखों की लागत की पांडे डीह पंचायत भवन बना कूड़े का ढेर


शैलेंद्र पाठक#हजारीबाग।झारखंड में त्रिस्तरीय पंचायती राज व्यवस्था का दूसरी टर्म की समाप्ति और तीसरे टर्म की शुरुआत होने वाली है। इसे लेकर ग्राम पंचायतों मे गुटबंदी और राजनीति की सुगबुगाहट भी शुरू गयी है। पिछले पंचायत चुनाव मे अपना किस्मत आजमा चुके इस वर्ष के आखिरी मे होने वाले पंचायत चुनाव के लिए अपनी पुरानी खटाश को भुला कर पंचायत चुनाव मे अपने खोटे सिक्के को भुन्नाने के लिए जुगलबंदी भी शुरु कर दी है।
विडंबना यह है कि इतने दिनों बाद भी बिष्णुगढ़ प्रखंड के गैड़ा पंचायत के पण्डेडीह मे बने लाखों की लागत का पंचायत भवन कूड़े और झाड़ियों से भरा है। सूत्रों की माने तो निर्माण के समय से ही दो गुटों के विवेधात्मक नीति और रस्सा कस्सी के वजह से पंचायत भवन निर्माण के बाद भी निष्क्रिय है। सूत्रों की माने तो पांडेयडीह मे पंचायत भवन के निर्माण के बाद से आज तक भवन का ताला तक नहीं खुला है। सरकार द्वारा प्रत्येक पंचायत मे पंचायती राज व्यवस्था को सुचारू रूप से सम्पादन के लिए लाखों की लागत से पंचायत सचिवालय बनाया गया है।भवन मे सोलर प्लेट, पानी टंकी, मोटर, बिजली, हॉल के साथ प्रत्येक कमरे मे पंखा, महँगी-महंगी और मोटी मोटी गद्देदार कुर्सीयां, दर्जनों प्लास्टिक की कुर्सियां, टेबल, डेस्क, आदि सारी सुविधा प्रदत है ।किन्तु यहां का पंचायत भवन ईट पत्थरों के अलावे कूड़े कचरे और झाड़ियों से लैस है। जहाँ से आम जनता और ग्राम पंचायतों के विकास की बातें होनी थी आज वहां चारों और से झाड़ियों और कूड़े कचरे मे तब्दील है l
पंचायत भवन के पास से बिजली का हाई पावर टेंशन तार गुजरा है जिसके कारण पंचायत भवन निष्क्रिय है। पूर्व मुखिया सम्भु लाल यादव
_जबकी पंचायत भवन के बगल मे प्राइमरी स्कूल संचालित है शायद बच्चों की जान का कोई मोल नहीं_

यूपी पुलिस के सब इंस्पेक्टर शैलेंद्र सिहं की बेटियों को स्कूल से निकाला


#न्यूज़ डेस्क।

पिछले पांच सालों से सलाखों के पीछे बंद है उत्तर प्रदेश पुलिस का एक सब इंस्पेक्टर शैलेंद्र सिहं। इस वर्दीवाले का कसूर बस इतना था कि इसने अपने बचाव में अपनी सर्विस रिवाल्वर से नबी अहमद नाम के एक वकील को गोली मार दी थी। ये वो समय था जब ना सिर्फ इलाहाबाद के बल्कि देशभर के वकील सड़कों पर उतर आए थे। दिल्ली से लेकर बैंग्लोर तक बस एक ही आवाज सुनाई दे रह थी कि शैलेंद्र सिंह को फांसी हो । वकीलों ने इस वर्दीवाले का केस तक लड़ने से मना कर दिया था और जिस वकील ने पैरवी की कोशिश भी कि उसे भी डरा-धमाकर पीछे हटवा दिया गया। वहीं पुलिस महकमे ने भी अपने इस वर्दीवाले की टोह लेना मुनासिब नहीं समझ हैरानी की बात तो ये है कि जिस देश में आतंकी अजमल कसाब और कातिल याकूब को वकील नसीब हो गया वहां आज तक जेल में बंद इंस्पेक्टर शैलेंद्र अपने केस के लिए वकील की बाट ही जोह रहे हैं। आज इस वर्दीवाले का भरा-पूरा घर बर्बाद हो चुका है। शैलेंद्र के जेल जाने के गम में इनके घर से कितने ही अपनों की अर्थियां उठ चुकी है। लेकिन इस वर्दीवाले की सुध लेने वाला कोई नहीं। 

आत्मरक्षा के लिए गोली चलाना शैलेंद्र सिंह की बर्बादी की कहानी बन गया

उत्तर प्रदेश पुलिस  के सब इंस्पेक्टर शैलेंद्र सिंह ने कभी सोचा भी नहीं था कि जिस वर्दी को उन्होने राष्ट्र सेवा के लिए पहना था उसे पहने ही उन पर हत्यारा होने का दाग लग जाएगा। कभी नारी बारी पुलिस चौकी के इंचार्ज शैलेंद्र पर कोर्ट में ही जानलेवा हमला हुआ था। इस हमले में उसकी जान जाने की पूरी आशंका थी हमला करने वाला था एक वकील नबी अहमद जिस पर कम से कम आधा दर्जन मुकदमे दर्ज होंगे। बताया जाता है कि जब सब इंस्पेक्टर शैलेंद्र सिंह पर हमला हुआ तो इस वर्दीवाले ने आत्मरक्षा की खातिर अपनी सर्विस रिवाल्वर से गोली चला दी थी ये गोली नबी अहमद को लगी और उसकी मौके पर ही मौत हो गई इस पूरी घटना का वीडियो भी वायरल हुआ था जिसमे साफ तौर पर देखा जा सकता है कि उस समय दर्जनों हमलावरों से घिरा अकेला सब इंस्पेक्टर शैलेन्द्र सिंह मोब लिंचिंग का  शिकार हो रहा था जिसका नेतृत्व नबी अहमद कर रहा था। नबी अहमद साफतौर पर सब इंस्पेक्टर शैलेन्द्र सिंह की पिटाई करते हुए देखा जा सकता था। लेकिन आत्मरक्षा के लिए शैलेंद्र सिंह का गोली चलाना उनकी जिंदगी को तहस-नहस कर गया। वकील तो उनके खिलाफ हो ही गए थे उनके खुद के महकमे ने उनका साथ नहीं दिया । हैरान कर देने वाली बात थी कि इलाहाबाद परिक्षेत्र की पुलिस ने अपने ही विभाग के सब इंस्पेक्टर को सलाखों के पीछे भेजने के लिए दिन रात एक कर दिया था और आत्मरक्षा करने वाले उस सब इंस्पेक्टर को हत्यारा घोषित कर कई धाराए लगाकर सलाखों के पीछे पहुंचा दिया। आज तक ये सब इंस्पेक्टर जमानत के लिए तरस रहा है लेकिन उम्मीद की किरण कोसो दूर भी नजर ऩहीं आ रही।  

भरा-पूरा परिवार हो गया बर्बाद

शैलेंद्र के जेल जाने के बाद से उनका भरा-पूरा परिवार तबाही के समंदर में गोते खातकर डूबने के कागार पर आ चुका है। इन चार सालों में  सब इंस्पेक्टर शैलेन्द्र सिंह के माता पिता की मृत्यु हो गई और जेल में बंद इस बेटे की बदकिस्मती तो देखिए कि वो अपने मां-बाप की चिता को मुखाग्नि भी ना दे पाया। वहीं उसका एक छोटा भाई इसी के चलते पागल हो गया। किस्मत का खेल यही नहीं थमा  फिर उनकी पैरवी करता उनका साला भी एक एक्सीडेंट में सदा के लिए खामोश हो गया और उसी  दुःख में सब इंस्पेक्टर की सास भी चल बसी। और एक भरा-पूरा परिवार खत्म सा हो गया लेकिन अब भी बदकिस्मती शैलेंद्र और उसके परिवार का पीछा छोड़ने को तैयार नहीं दिख रही है। उसकी बेबस पत्नी सुहागन होते हुए भी विधवा सी जिंदगी बसर कर रही है। दो मासूम बच्चियो को साथ लिए इस बेचारी ने कोई दर-चौखट नहीं छोड़ी होगी जहां इसने पति कि रिहाई के लिए गुहार ना लगाई हो लेकिन किसी का दिल नहीं पसीजा उल्टा  इलाहाबाद पुलिस के अधिकारी तो अपने वर्दी के सितारे बढ़वाते नजर आए कि देखो कैसे हमने अपने ही विभाग के सब इंस्पेक्टर को सलाखो के पीछे पहुंचा दिया 

ना पैसा रहा है और ना उम्मीद ही बची है

आज सब इंस्पेक्टर शैलेन्द्र सिंह की धर्मपत्नी सपना सिंह अपने पिता के साथ उनके ही घर पर अपनी 2 बेटियों इशिता सिंह और सौम्या सिंह के साथ नाम के लिए जिंदगी काट रही है। क्योंकि खुशियां तो उनसे कब का नाता तोड़ चुकी है। बड़ी बेटी इशिता कक्षा 3 में पढ़ती है और सौम्या अभी नर्सरी में है। सौम्या ने तो अपने पिता को ठीक से देखा भी नहीं है क्योकि उसके जन्म के कुछ दिन बाद ही सब इंस्पेक्टर शैलेन्द्र सिंह जेल चले गए थे। बर्बाद हो चुके परिवार को पड़ौसियों ने भी नहीं छोड़ा और इनकी सारी जमीन-जायदाद हड़प ली। शैलेंद्र की पत्नी ने पति के मुकदमे के लिए अपना एक –एक गहना बेच दिया धीरे-धीरे सब खत्म हो गया है ना पैसा रहा और उम्मीद तो कब का साथ छोड़ चुकी है। 

बेटियों के स्कूल से नाम काट दिए गए हैं

आज हालात ये हैं कि शैलेंद्र सिंह का परिवार खाने के लिए भी मोहताज है। जब घर में अन्न का दाना नहीं है तो बेटियों की फीस कहां से भरी जाए। हालात इतने बदतर हो गए हैं कि फीस ना भर पाने के चलते बेटियों के नाम तक कटने की नौबत आ चुकी है।  बेटी बचाओ बेटी पढाओ के नारे देने वाली केंद्र और राज्य सरकार को तो इन मासूमों के हालात देखकर शर्म आनी चाहिए।  लगभग 5 साल से जेल में बंद उत्तर प्रदेश पुलिस का सब इंस्पेक्टर शैलेन्द्र सिंह  सब कुछ अपनी आँखों से देख रहा है लेकिन ये मजबूर बाप और पति कैसे अपनी पत्नी और बेटियों को दुनिया की सारी खुशियां दे।  लेकिन अफसोस की जेल की सलाखों पर सर पटकने और आंसू बहाने के अलावा वो कुछ कर भी नहीं सकता। 

क्यों पुलिस विभाग ही अपने जवान के साथ दिखा रहा बेरूखी 

लेकिन यहां सवाल उठना लाजमी है कि आखिर क्यों उत्तर प्रदेश पुलिस अपने ही जवान का साथ नहीं दे रही। वायरल वीडियो में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि दर्जनों हमलावरों से घिरे सब इंस्पेक्टर शैलेंद्र ने आत्मरक्षा मे ही गोली चलाई थी फिर उसे उसके ही विभाग ने हत्यारा बनाकर सलाखों के पीछे क्यों पहुंचा दिया। आखिर इस वर्दवाले के साथ ये नाइंसाफी क्यों हो रही है। क्या इसकी बर्बाद जिंदगी के पन्नों पर खुशियां कभी लौट पाएंगी..??

बांग्लादेश सरकार ने इस्कॉन संतों को भारत में प्रवेश से रोका

चौंकाने वाली खबर 🚨  बांग्लादेश ने 63 इस्कॉन भिक्षुओं को भारत में प्रवेश करने से रोका सभी के पास वैध पासपोर्ट और वीज़ा थे। आव्रज...