शैलेंद्र पाठक#हजारीबाग।झारखंड में त्रिस्तरीय पंचायती राज व्यवस्था का दूसरी टर्म की समाप्ति और तीसरे टर्म की शुरुआत होने वाली है। इसे लेकर ग्राम पंचायतों मे गुटबंदी और राजनीति की सुगबुगाहट भी शुरू गयी है। पिछले पंचायत चुनाव मे अपना किस्मत आजमा चुके इस वर्ष के आखिरी मे होने वाले पंचायत चुनाव के लिए अपनी पुरानी खटाश को भुला कर पंचायत चुनाव मे अपने खोटे सिक्के को भुन्नाने के लिए जुगलबंदी भी शुरु कर दी है।
विडंबना यह है कि इतने दिनों बाद भी बिष्णुगढ़ प्रखंड के गैड़ा पंचायत के पण्डेडीह मे बने लाखों की लागत का पंचायत भवन कूड़े और झाड़ियों से भरा है। सूत्रों की माने तो निर्माण के समय से ही दो गुटों के विवेधात्मक नीति और रस्सा कस्सी के वजह से पंचायत भवन निर्माण के बाद भी निष्क्रिय है। सूत्रों की माने तो पांडेयडीह मे पंचायत भवन के निर्माण के बाद से आज तक भवन का ताला तक नहीं खुला है। सरकार द्वारा प्रत्येक पंचायत मे पंचायती राज व्यवस्था को सुचारू रूप से सम्पादन के लिए लाखों की लागत से पंचायत सचिवालय बनाया गया है।भवन मे सोलर प्लेट, पानी टंकी, मोटर, बिजली, हॉल के साथ प्रत्येक कमरे मे पंखा, महँगी-महंगी और मोटी मोटी गद्देदार कुर्सीयां, दर्जनों प्लास्टिक की कुर्सियां, टेबल, डेस्क, आदि सारी सुविधा प्रदत है ।किन्तु यहां का पंचायत भवन ईट पत्थरों के अलावे कूड़े कचरे और झाड़ियों से लैस है। जहाँ से आम जनता और ग्राम पंचायतों के विकास की बातें होनी थी आज वहां चारों और से झाड़ियों और कूड़े कचरे मे तब्दील है l
पंचायत भवन के पास से बिजली का हाई पावर टेंशन तार गुजरा है जिसके कारण पंचायत भवन निष्क्रिय है। पूर्व मुखिया सम्भु लाल यादव
_जबकी पंचायत भवन के बगल मे प्राइमरी स्कूल संचालित है शायद बच्चों की जान का कोई मोल नहीं_


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