रांची। कोरोना वायरस को लेकर झारखंड में भी धीरे-धीरे लोगों में दहशत का माहौल बन रहा है। रांची के रिम्स में कोरोना के चार संदिग्ध भर्ती किए जाने के बाद अब हर जगह कोरोना वायरस के बारे में बातें होने लगी हैं। इन संदिग्धों में दो रांची, एक धनबाद और एक पलामू का युवक है। इन सभी का आइसोलेशन वार्ड में इलाज रहा है। कहा जा रहा है कि फिलहाल चारों संदिग्धों में कोरोना के लक्षण देखे गए हैैं। इनका सैंपल जांच को कोलकाता भेजा गया है। बुधवार को इन चारों मरीजों का सैंपल जांच के लिए कोलकाता के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ कोलरा एंड इंटेरिक डिजीज लैब भेजा गया है। जिन संदिग्धों का सैंपल लिया गया है उनमें से रांची के एक दंपती के अलावा पलामू और धनबाद के एक-एक संदिग्ध हैैं।
एहतियात के तौर पर सरकार द्वारा निर्धारित गाइडलाइन का पालन किया जा रहा है। वहीं केंद्र सरकार द्वारा देशभर में हाई अलर्ट जारी करने के बाद राज्य सरकार ने भी विशेष दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
रांची एयरपोर्ट पहुंचते ही खुद से 108 एंबुलेंस को फोन किया
पलामू के हैदरनगर निवासी 42 वर्षीय संदिग्ध मरीज चीन के वुहान से दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचा। रांची एयरपोर्ट पहुंचते ही खुद से ही 108 एंबुलेंस को बुलाकर रिम्स पहुंचा। दूसरा मरीज धनबाद के सुसानबढिय़ा का रहने वाला है। 21 वर्षीय युवक किसी मोबाइल कंपनी के बुलावे पर चीन के गुआंगजोऊ गया हुआ था। रांची एयरपोर्ट से उसे कोराना के लक्षण की जांच के लिए सीधा रिम्स भेजा गया। वहीं अन्य दो मरीज रांची के दंपति हैं। छुट्टियां बिताने के लिए दोनों इंडोनेशिया गए थे। दोनों पति-पत्नी को शरीर में दर्द, सर्दी व खांसी की शिकायत थी। बुधवार सुबह रांची एयरपोर्ट उतरने के बाद एयरपोर्ट अथॉरिटी द्वारा रिम्स के माइक्रोबायोलॉजी विभाग को सूचना दी गई और संदिग्धों को जांच के लिए रिम्स भेजा गया। सभी को रिम्स के आइसोलेशन वार्ड में रखा गया है।
आइसोलेशन वार्ड में पांच बेड के साथ कमरा भी अलग
कोरोना के सभी संदिग्धों को फिलहाल रिम्स के आइसोलेशन वार्ड में रखा गया है। आइसोलेशन वार्ड में कोरोना वायरस के संदिग्ध के लिए अलग कमरे के साथ पांच बेड की व्यवस्था की गई है। उसी कमरे में इलाज के तमाम इंतजाम किए गए हैं। आइसोलेशन वार्ड में निगेटिव प्रेशर रूम नहीं होने के कारण किसी अन्य लोगों को बगैर एन 95 मास्क के अंदर जाने की अनुमति नहीं दी जा रही है।
राज्य सरकार द्वारा संचालित आवासीय सेंटर के खिलाडिय़ों को अगले आदेश तक नॉनवेज खाना नहीं दिया जाएगा। कोरोना वायरस के दुष्प्रभाव को देखते हुए खेल विभाग ने यह निर्णय लिया है। इस संदर्भ में विभाग द्वारा सभी आवासीय सेंटर को यह आदेश जारी कर दिया गया है। आवासीय सेंटर के अलावा डे बोर्डिंग सेंटर के खिलाडिय़ों को भी इससे बचाने के लिए सख्त कदम उठाने का निर्णय लिया गया है।
विभाग द्वारा सभी सेंटर प्रशिक्षकों को आदेश दिया गया है कि खिलाडिय़ों को सही तरीके से हाथ धुलाए बिना खाना नहीं दिया जाए। प्रतिदिन सभी प्रशिक्षुओं को आधा नींबू का उपयोग अवश्य कराया जाए। खिलाडिय़ों को अगर किसी भी तरह की सर्दी-खांसी होती है, तो उन्हें अविलंब डॉक्टर के पास ले जाएं। जब तक अगला आदेश नहीं मिले, सभी को शाकाहारी भोजन दें।
विभाग ने डे बोर्डिंग सेंटर के प्रशिक्षुओं को इन सारी बातों की जानकारी देने का निर्देश दिया है, ताकि वे अपने घर में इसका इस्तेमाल करें। राज्य में अभी 26 आवासीय सेंटर व 85 डे बोर्डिंग सेंटर संचालित हैं। एक आवासीय सेंटर व डे बोर्डिंग सेंटर में 25 से 30 खिलाड़ी प्रशिक्षण लेते हैं। राज्य खेल समन्वयक व लातेहार जिला खेल पदाधिकारी उमा जायसवाल ने बताया कि विभाग खिलाडिय़ों की सुरक्षा को लेकर पूरी तरह चौकस है। इसी के तहत यह निर्णय लिया गया है।

No comments:
Post a Comment