Tuesday, April 7, 2020

गिरिडीह उपायुक्त व एसपी संक्रमण प्रसार पर नियंत्रण को ले चार प्रखंडों के अधिकारियों संग हुई बैठक




अशोक कुमार।#बगोदर/गिरिडीह। संक्रमण पर नियंत्रण को ले देशभर में लगे लॉक डाउन को लेकर बगोदर में उपायुक्त राहुल कुमार सिन्हा व पुलिस अधीक्षक सुरेंद्र कुमार झा ने की समीक्षात्मक बैठक। जहाँ बगोदर प्रखण्ड मुख्यालय में हुई इस बैठक में चार प्रखंडों के प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक की गई ।बैठक में बगोदर, बिरनी, सरिया व डूमरी प्रखंड के एसडीओ,एसडीपीओ, प्रखण्ड विकास पदाधिकारी, सी ओ, थाना प्रभारी व स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी भी शामिल थे। बैठक में गिरिडीह उपायुक्त श्री राहुल कुमार सिन्हा ने अधिकारियों को कई दिशा निर्देश दिए ၊ जिसमें क्षेत्र में लगे लॉक डाउन का सख्ती से पालन कराने का निर्देश दिया गया। कोई भी व्यक्ति वेवजह सड़क पर ना घूमे ।
इसके साथ ही किसी भी तरह से मुख्यमंत्री खाद्यान्न वितरण योजना का लाभ गरीबों को मिले ।वहीं बाजारों में राशन की कालाबाजारी ना हो, इसके लिए स्थानीय प्रशासन पूरी तरह से मुस्तैद रहें, और समय समय पर जांच करते रहे।वहीं उन्होने यह भी कहा कि बगोदर कस्तूरबा विद्यालय में बनाए गए क्वॉरेंटाइन सेंटर के साथ ही होम क्वॉरेंटाइन सेंटर में रह रहे लोगों की देख-भाल ,खाने पीने की व्यवस्था व उनके स्वास्थ्य जांच की नियमित देखरेख की जाय।कहा कि पूरे जिले में कोरोना पोजिटिव का एक भी केस नही आया है। लेकिन अगर ऐसी परिस्थिति आती है, तो सबसे पहले उक्त संदिग्ध व्यक्ति के ब्लड सैम्पल ले स्वास्थ्य जांच किया जाय तथा उनके परिवार को भी क्वारनटाईन किये जाने व उनके पोजिटिव मरीज के रहने वाले क्षेत्र में 3 किमी के क्षेत्र में सैनिटाइज करने का काम किया जाएगा । मौके पर बगोदर सरिया एसडीएम राम कुमार मण्डल, एसडीपीओ विनोद कुमार महतो , प्रखण्ड विकास पदाधिकारी रविन्द्र कुमार व सीओ आशुतोष ओझा, बगोदर थाना प्रभारी नवीन कुमार सिंह एवं स्वास्थ विभाग के अन्य अधिकारी मौजूद थे ।

Monday, April 6, 2020

मानव सेवा के लिए सहयोग के हाथ बढ़ाने चाहिए-महेश वर्मा



श्री प्रसाद सोनी।#कोडरमा।आज अखिल भारतीय स्वर्णकार संघ, जिला इकाई कोडरमा ने अपने सभी प्रखंडों में जरुरतमंद लोगों के बीच खाद्यान्न सामाग्री वितरण का कार्यक्रम चलाया था। इसी सिलसिले में आज डोमचांच प्रखंड के आदिवासी बहुल गांव- जियोरायडीह में संघ के लोगों ने आदिवासी भाईयों-बहनों एंव माताओं के बीच राशन सामाग्री का वितरण किया और रोज कमाकर खाने वाले लोगों के लिये लॉक डाऊन के चलते हुई परेशानी को कम करने का एक सफल प्रयास किया।
कार्यक्रम का आयोजन जिला महासचिव महेश वर्मा ने किया।
कार्यक्रम में केन्द्रिय कमिटि सदस्य बीरेन्द्र कुमार मुख्य रूप से उपस्थित थे। उन्होंने अपने हाथों लोगों के बीच खाद्यान्न सामाग्री वितरण किये।
अखिल भारतीय स्वर्णकार संघ के कोषाध्यक्ष, उदय कुमार सोनी उर्फ पप्पू सोनी जी तथा गोविंद बिहारी जी ने वितरण कार्यक्रम का स्पॉन्सर किया।

कार्यक्रम के सफल आयोजन में संघ के डोमचांच के प्रखंड अध्यक्ष बिनय पोद्दार और सचिव पिन्टु सोनी ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

कार्यक्रम में कुंजबिहारी स्वर्णकार, जानकी स्वर्णकार, पुरनदेव स्वर्णकार, भोला कुमार, प्रेम कुमार, नंदलाल सोनी, कैलाश स्वर्णकार इत्यादि लोगों ने महती भूमिका निभाई।

मानव सेवा के लिए सहयोग के हाथ बढ़ाने चाहिए-महेश वर्मा



कोडरमा।आज अखिल भारतीय स्वर्णकार संघ, जिला इकाई कोडरमा ने अपने सभी प्रखंडों में जरुरतमंद लोगों के बीच खाद्यान्न सामाग्री वितरण का कार्यक्रम चलाया था।* इसी सिलसिले में आज डोमचांच प्रखंड के आदिवासी बहुल गांव- जियोरायडीह में संघ के लोगों ने आदिवासी भाईयों-बहनों एंव माताओं के बीच राशन सामाग्री का वितरण किया और रोज कमाकर खाने वाले लोगों के लिये लॉक डाऊन के चलते हुई परेशानी को कम करने का एक सफल प्रयास किया।
कार्यक्रम का आयोजन जिला महासचिव महेश वर्मा ने किया।
कार्यक्रम में केन्द्रिय कमिटि सदस्य बीरेन्द्र कुमार मुख्य रूप से उपस्थित थे। उन्होंने अपने हाथों लोगों के बीच खाद्यान्न सामाग्री वितरण किये।
अखिल भारतीय स्वर्णकार संघ के कोषाध्यक्ष, उदय कुमार सोनी उर्फ पप्पू सोनी जी तथा गोविंद बिहारी जी ने किया

कार्यक्रम के सफल आयोजन में संघ के डोमचांच के प्रखंड अध्यक्ष बिनय पोद्दार और सचिव पिन्टु सोनी ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

कार्यक्रम में कुंजबिहारी स्वर्णकार, जानकी स्वर्णकार, पुरनदेव स्वर्णकार, भोला कुमार, प्रेम कुमार, नंदलाल सोनी, कैलाश स्वर्णकार इत्यादि लोगों ने महती भूमिका निभाई।

मुख्यमंत्री किचेन दीदी योजना के तहत गरीबों को मिल रहा है भरपेट भोजन




अशोक कुमार।
#बगोदर/गिरिडीह।वैश्विक महामारी कोरोना संकट के बढते संक्रमण को देखते हुए  बगोदर प्रखंड बेको पूर्वी पंचायत अंतर्गत गोपालडीह  आंगनबाडी केन्द्र मे बेको पूर्वी पंचायत के मुखिया टेकलाल चौधरी के द्वारा गरीब असहाय जरूरत मंद लोगो के बीच दाल भात भोजन परोस कर मुख्यमंत्री किचन दीदी योजना की शुरुआत की गई ।जिसके तहत गरीब, असहायों को निशुल्क भरपेट भोजन मिल रहा है।
मुख्यमंत्री किचन दीदी का संचालन पूर्ण रूप से जेएसएलपीएस की महिला सहायता समूह के द्वारा किया जा रहा है।रविवार को पहले दिन 30 लोगों ने भरपेट भोजन किया।इस दौरान सोशल डिस्टेंस का अनुपालन किया गया। मौके पर वार्ड सदस्य रामेश्वर महतो ,प्यारी साव, राजेश कुमार, दौलत महतो ,डॉ निलकंंठ कुमार, भगीरथ शर्मा ,सोमर महतो ,योगेश कुमार ,डेगलाल महतो, विजय कुुुमार, शंकर महतो एवं अन्य मौजूद थे।

 

Sunday, April 5, 2020

बोकारो के चंद्रपुरा प्रखंड के तेलों गांव की एक महिला कोरोना पॉजिटिव पाई गई


महिला के घर और आसपास के क्षेत्रों को सैनिटाइज करने का भी काम जारी



बोकारो- बोकारो के उपायुक्त श्री मुकेश कुमार ने बताया है कि चंद्रपुरा प्रखंड के तेलों गांव की एक महिला कोरोना पॉजिटिव पाई गई हैं। उस महिला को बोकारो जनरल अस्पताल के कोविड-19 वार्ड में शिफ्ट कर इलाज शुरू कर दिया गया है।
उपायुक्त ने इस सम्बन्ध में मुख्य मंत्री तथा पीएम को ट्वीट कर कहा कि उक्त महिला में यद्यपि कोई लक्षण अब तक नहीं पाए गए हैं।
स्थिति नियंत्रण में है-
उपायुक्त श्री कुमार ने कहा कि स्थिति नियंत्रण में है, पैनिक होने जैसी कोई बात नहीं है। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की टीम वहां काम कर रही है। महिला से संपर्क की हिस्ट्री के अनुसार विभाग काम कर रहा है। आवश्यकता पड़ने पर अन्य लोगों के सैंपल की भी जांच कराई जाएगी।

महिला के घर और आसपास के क्षेत्रों को सैनिटाइज करने का भी काम जारी
उपायुक्त श्री मुकेश कुमार ने बताया कि उक्त महिला के घर और आसपास के क्षेत्रों को सैनिटाइज करने का भी काम चल रहा है। लोगों को भयभीत होने की आवश्यकता नहीं है। लोग लॉक डाउन का पालन कर वैश्विक महामारी कोरोना को हराने में सरकार और जिला प्रशासन का सहयोग करें।                    


Thursday, April 2, 2020

एशिया के सबसे बड़े स्लम एरिया मुंबई की धारावी में कोरोना संक्रमित की मौत से लोगों में दहशत




मुंबई में एशिया की सबसे बड़ी स्लम बस्ती धारावी में कोरोना से पीड़ित व्यक्ति की बुधवार को मौत से झारखंड प्रवासी मजदूर दहशत के माहौल में जीने पर मजबूर हैं।जानकारी के अनुसार धारावी मुंबई में 15 लाख लोगों की घनी आबादी वाला क्षेत्र है, जहां पर झारखंड के लगभग दस हजार से अधिक की संख्या में दिहाड़ी मजदूर और छोटे कारोबारी रहते हैं।यहाँ जानकारी के मुताबिक, मुंबई के धारावी में बसे स्लम को एशिया की सबसे बड़ी झोपड़पट्टी के तौर पर जाना जाता है।यहां करीब 15 लाख लोग रहते हैं।सिर्फ इस इलाके का टर्न ओवर 10 करोड़ से अधिक है।यहां एक झोपड़ी की कीमत भी इसी वजह से अब 50 स ,60 लाख रुपये तक पहुंच चुकी है।
बता दे, मुंबई की झुग्गी-झोपड़ियां और चॉल में यह वायरस तेजी से फैल रहा है और यहां पर इसे काबू पाना प्रशासन की सबसे बड़ी चुनौती है।प्रवासी मजदूरों हितार्थ में कार्य करने वाले समाजसेवी सिकन्दर अली का कहना हैं कि इस वायरस को रोकने के लिए सोशल डिस्टेंसिंग सबसे अहम हैं और इन घनी बस्तियों में यह संभव नहीं हो पा रहा हैं।अब तक बस्तियों में आठ लोग कोरोना पॉजिटिव हो चुके है।




लेकिन सामाजिक दूरी इन मलिन बस्तियों और चॉलों में संभव नहीं है। झुग्गी बस्तियों में ज्यादातर घरों में टिन की चादरें एक साथ रखी जाती हैं और यहां रहने वाले लोग सामुदायिक शौचालयों का उपयोग करते हैं।चॉलों में तो 8X10 के कमरों में सामान्यता छह लोग तक रहते हैं। यहां के लोगों में बीमारी रोकना शुरू से ही स्वास्थ्य विभाग के लिए बड़ी चुनौती रहा है।ऐसे में झारखंड सरकार को महाराष्ट्र सरकार से बात कर झारखंड प्रवासी मजदूरों के बचाव के लिए ठोस कदम उठाने की जरूरत हैं।

एशिया के सबसे बड़े स्लम एरिया मुंबई की धारावी में कोरोना संक्रमित की मौत से लोगों में दहशत




मुंबई में एशिया की सबसे बड़ी स्लम बस्ती धारावी में कोरोना से पीड़ित व्यक्ति की बुधवार को मौत से झारखंड प्रवासी मजदूरों में दहशत के माहौल में जीने पर मजबूर हैं।जानकारी के अनुसार धारावी मुंबई में 15 लाख लोगों की घनी आबादी वाला क्षेत्र है, जहां पर झारखंड के लगभग दस हजार से अधिक की संख्या में दिहाड़ी मजदूर और छोटे कारोबारी रहते हैं।यहाँ जानकारी के मुताबिक, मुंबई के धारावी में बसे स्लम को एशिया की सबसे बड़ी झोपड़पट्टी के तौर पर जाना जाता है।यहां करीब 15 लाख लोग रहते हैं।सिर्फ इस इलाके का टर्न ओवर 10 करोड़ से अधिक है।यहां एक झोपड़ी की कीमत भी इसी वजह से अब 50 स ,60 लाख रुपये तक पहुंच चुकी है।
बता दे, मुंबई की झुग्गी-झोपड़ियां और चॉल में यह वायरस तेजी से फैल रहा है और यहां पर इसे काबू पाना प्रशासन की सबसे बड़ी चुनौती है।प्रवासी मजदूरों हितार्थ में कार्य करने वाले समाजसेवी सिकन्दर अली का कहना हैं कि इस वायरस को रोकने के लिए सोशल डिस्टेंसिंग सबसे अहम हैं और इन घनी बस्तियों में यह संभव नहीं हो पा रहा हैं।अब तक बस्तियों में आठ लोगों को कोरोना पॉजिटिव हो चुका है।




लेकिन सामाजिक दूरी इन मलिन बस्तियों और चॉलों में संभव नहीं है। झुग्गी बस्तियों में ज्यादातर घरों में टिन की चादरें एक साथ रखी जाती हैं और यहां रहने वाले लोग सामुदायिक शौचालयों का उपयोग करते हैं।चॉलों में तो 8X10 के कमरों में सामान्यता छह लोग तक रहते हैं। यहां के लोगों में बीमारी रोकना शुरू से ही स्वास्थ्य विभाग के लिए बड़ी चुनौती रहा है।ऐसे में झारखंड सरकार को महाराष्ट्र सरकार से बात कर झारखंड प्रवासी मजदूरों के बचाव के लिए ठोस कदम उठाने की जरूरत हैं।

बांग्लादेश सरकार ने इस्कॉन संतों को भारत में प्रवेश से रोका

चौंकाने वाली खबर 🚨  बांग्लादेश ने 63 इस्कॉन भिक्षुओं को भारत में प्रवेश करने से रोका सभी के पास वैध पासपोर्ट और वीज़ा थे। आव्रज...