Tuesday, July 7, 2020

झारखंड के 12 हजार वकीलों के लाइसेंस पर खतरा,आखिर क्यों...




झारखंड के 12 हजार वकीलों के लाइसेंस पर खतरा उत्पन्न हो गया है। इन वकीलों ने यदि अपने प्रमाणपत्रों का सत्यापन नहीं कराया, तो इनके लाइसेंस रद्द कर दिए जाएंगे और वकालत पर रोक लगा दी जाएगी। सत्यापन के लिए झारखंड बार कौंसिल सभी वकीलों को अंतिम अवसर दे रही है। अगस्त तक सभी को सत्यापन करा लेना होगा।

बार कौंसिल ऑफ इंडिया ने सभी राज्यों के बार कौंसिल को वकीलों का सत्यापन कराने का निर्देश दिए जाने के बाद उन्हें अंतिम अवसर दिया है। झारखंड बार कौंसिल से करीब 31 हजार वकील निबंधित हैं और अभी तक 19 हजार ने ही अपने प्रमाणपत्रों का सत्यापन कराया है। बार कौंसिल सभी जिलों के बार संघों को प्रमाणपत्र का सत्यापन कराने के लिए नियमित पत्र भेजती रही है, लेकिन कुछ वकील इसका विरोध कर रहे हैं।

राज्य के सभी वकीलों को अपने प्रमाणपत्रों को सत्यापन कराने का निर्देश दिया गया था। लेकिन 12 हजार वकीलों ने इसके लिए फॉर्म नहीं भरा है। सभी वकीलों को अपने प्रमाणपत्रों के साथ एक फॉर्म भर कर देना होता है। फिर बार कौंसिल संबंधित विश्वविद्यालय और संस्थानों में प्रमाणपत्रों की जांच के लिए भेजती है। सत्यापन पूरा होने के बाद वकील को कौंसिल के सभी कार्यक्रमों में शामिल होने की छूट मिलती है। कल्याणकारी योजनाओं का लाभ और कौंसिल के चुनाव में भाग लेने की अनुमति मिलती है।

एक माह में सत्यापन पूरा करे विश्वविद्यालय : बार कौंसिल ऑफ इंडिया ने देश के सभी विश्वविद्यालयों को राज्य की बार कौंसिल से भेजे गए प्रमाणपत्रों का सत्यापन एक माह में पूरा कर रिपोर्ट भेजने का निर्देश दिया है। बार कौंसिल ने कहा है कि प्रमाणपत्रों का सत्यापन एक माह में कर दें। इसमें किसी प्रकार का विलंब नहीं किया जाए।

प्रमाणपत्र गुम और फट जाने की दे रहे दलील : राज्य के अधिकांश वकील इस नियम का विरोध कर रहे हैं। वकीलों का कहना है कि वह 40 साल से प्रैक्टिस कर रहे हैं। उनका प्रमाणपत्र अब फट गया है। कुछ वकीलों का कहना है कि प्रमाणपत्र गुम हो गया है। इतने साल प्रैक्टिस करने के बाद फिर से प्रमाणपत्र की जांच कराने का निर्णय उचित नहीं है। जिनके पास प्रमाणपत्र नहीं है, उनके लिए संबंधित बार कौंसिल से नियमित प्रैक्टिस का प्रमाणपत्र ही मान्य होना चाहिए।

सुप्रीम कोर्ट ने भी अनिवार्य बताया : सुप्रीम कोर्ट ने बार कौंसिल के वेरिफिकेशन रूल्स 2015 के तहत सभी बार कौंसिल को वकीलों के प्रमाणपत्रों के सत्यापन को अनिवार्य बताया है। सुप्रीम कोर्ट ने इसे अनिवार्य रूप से लागू करने का निर्देश दिया है। इसके बाद सभी बार कौंसिल प्रमाणपत्रों का सत्यापन करा रही हैं।

नियमित प्रैक्टिस करने का भी देना होगा प्रमाणपत्र : झारखंड के वकीलों को अपने नियमित प्रैक्टिस का भी प्रमाणपत्र देना होगा। वकीलों को अपने जिला बार संघों से नियमित प्रैक्टिस के प्रमाणपत्र के साथ कोर्ट के कुछ आदेश भी जमा करने होंगे, जिसमें उनकी बहस करने का उल्लेख किया गया हो। सभी बार संघों से भी अभी तक इसकी पूरी सूची बार कौंसिल को नहीं मिली है। इसके लिए भी सभी बार संघों को नोटिस दिया गया है।

निबंधन करा दूसरा काम करते हैं : वकालत की डिग्री लेने के बाद कई लोग प्रैक्टिस के लिए बार कौंसिल से निबंधन कराते हैं। इसके बाद संबंघित जिलों के बार संघों की संबद्धता भी हासिल करते हैं। लेकिन वह प्रैक्टिस नहीं करते। कई लोग दूसरा व्यवसाय करते हैं और वकीलों की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ भी लेते हैं। ऐसे लोगों को चिन्हित कर बार कौंसिल लाइसेंस रद्द करेगी। झारखंड बार काउंसिल के उपाध्यक्ष राजेश शुक्ल ने कहा कि वेरिफिकेशन रूल्स 2015 के तहत सभी वकीलों को अपने प्रमाणपत्रों का सत्यापन कराना है। इसके लिए सभी बार संघों को नोटिस दिया गया है। जो वकील अभी तक सत्यापन नहीं कराए हैं, उन्हें नोटिस दिया गया है।

Monday, July 6, 2020

कोरोना वायरस से बचाव हेतु इम्युनिटी बढ़ाएं:डाॅ.गुरमुख ममतानी,Vsss नेशनल चेअरमेन आयुष

*कोरोना वायरस से बचाव हेतु इम्युनिटी बढ़ाएं*
१)सुबह के समय दातुन के लिए नीम, बबूल या गुड़वेल की डंठल या आयुर्वेदिक दंतमंजन का प्रयोग करें।
२) नियमित योगाभ्यास करें व विशेष रूप से प्राणायाम (कपालभाति, अनुलोम विलोम) का अभ्यास करें ताकि आपका श्वसन तंत्र मजबूत रहे।
३)चाय बनाते समय तुलसी, लौंग, अदरक , दालचीनी, यष्टिमधु, काली मिर्च का प्रयोग करें।
४) पानी उबालकर पिएं व अधिक मात्रा में सेवन करें।
५)भोजन में दालचीनी, कालीमिर्च, लहसुन, प्याज, पुदीना, अदरक का प्रयोग अधिक मात्रा में करे।
६)नींद पर्याप्त मात्रा में ले।
७) आधा चम्मच हल्दी 1 ग्लास गर्म दूध में डालकर पिएं।
८) विटामिन सी का प्रयोग अधिक मात्रा में करें जैसे- मोसंबी, नींबू, आंवला, टमाटर, ब्रोकली इत्यादि।
९) लौंग, ज्येष्ठमध और बहेड़े को देसी घी में भूनकर रख लें। इन्हें समय-समय पर मुंह में रखकर चूसते रहे।
१०) इम्युनिटी बढ़ाने के लिए हमने एक काढ़े का फार्मुला बनाया है जिसके बेहतर परिणाम मिल रहे है। इम्युनिटी काढे के घटक दव्य इस प्रकार है। 1)तुलसी 2) कालीमिर्च 3)दालचीनी 4) सौंठ पावडर 5) गुड़वेल 6)ज्येष्ठमध (मीठी काठी) 7) हरड़ 8) अश्वगंधा 9) हल्दी। इसका काढ़ा या पावडर (3 gm) खाली पेट ले सकते है।
११)रसायन के रूप में च्यवनप्राश का प्रयोग करें।
१२) पंचकर्म में नस्य व गंडूष करें। नाक में शुध्द घी/पंचगव्य घृत/षडबिंदु तेल/अणुतेल की 2-2 बूंद डाले। इसे नस्य कहते हैं। गंडूष के लिए एक चम्मच नारियल तेल या तिल तेल मुंह में लेकर 5-10 मिनट तक रखकर बाहर फेंक दें। इसे Oil pulling भी कहते है।
१३) तनावग्रस्त न रहें, प्रफुल्लित, प्रसन्न व पाॅज़िटिव रहें।

*डाॅ.गुरमुख ममतानी*
*Vsss नेशनल चेअरमेन आयुष (आयुर्वेद)*
**संचालक - जीकुमार आरोग्यधाम, नागपुर*
*07122645600,2646600*

Sunday, July 5, 2020

रेप पीड़िता को इंसाफ दिलाने की जिम्मेदार महिला सब इंस्पेक्टर ही 35 लाख में बिक चुकी थी


जिस के कंधे पर इंसाफ दिलाने की जिम्मेवारी थी वही बिक चुकी थी, जिसके कारण रेप पीड़िता को इंसाफ नहीं मिल पाया. क्योंकि इंसाफ दिलाने और केस की जांच करने वाली महिला सब इंस्पेक्टर को आरोपी ने 35 लाख रुपए रिश्वत मांगी थी। यह मामला गुजरात के अहमदाबाद की है।
रिश्वत लेने की खबर से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया।तुरंत आरोपी महिला सब इंस्पेक्टर को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया।जिसके बाद तीन दिन के लिए पुलिस ने अपने हिरासत में लिया है।पूछताछ जारी है। आरोपी महिला सब-इंस्पेक्टर श्वेता जड़ेजा अहमदाबाद की महिला पुलिस स्टेशन की इंचार्ज थी।


दो महिलाओं ने अपने ही कंपनी के डायरेक्टर केनल शाह पर रेप का आरोप लगाया था। जिसके बाद मामला दर्ज किया गया था। मामला दर्ज होते ही श्वेता जड़ेजा ने आरोपी से 35 लाख रुपये रिश्वत की मांग कर डाली।कहा कि अगर पैसा नहीं मिला तो आरोपी के खिलाफ वह कड़ी कार्रवाई करेगी। केनल के भाई मामले को सेटल करने के लिए पहुंचा। जिसमें से 15 लाख रुपए श्वेता को मिल चुका था।बाकी पैसा बाद में देना था।लेकिन इस बीच आरोपी के भाई भावेश ने एक शिकायत पुलिस को दे दी थी।जिसकी जांच शुरू हुई तो कई शिकायत सही मिली। जिसके बाद क्राइम ब्रांच ने श्वेता के खिलाफ केस दर्ज कराया।

Saturday, July 4, 2020

दरभंगा के हायाघाट के पतोर गांव में आम चुनने गई किशोरी ज्योति की मौत के कारणों का खुलासा


दरभंगा के हायाघाट के पतोर गांव में आम चुनने गई किशोरी की मौत के कारणों का खुलासा हो गया है। किशोरी की मौत करंट लगने के कारण दम घुटने से हुई है। किशोरी की पोस्टमार्टम रिपोर्ट भी आ गई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी यही बात सामने आई है। जैसा कि आरोप लगाया जा रहा था, न तो हत्या और न ही रेप की पुष्टि हुई है। सोशल मीडिया पर इस घटना के बारे में लगातार कहा जा रहा है कि पीड़िता वही ज्योति कुमारी है, ​जो अपने बीमार पिता को दिल्ली से दरभंगा साइकिल पर बैठाकर ले गयी थी। यह भी दावा किया जा रहा था कि ज्योति कुमारी का नृशंस तरीके से रेप कर हत्या की गयी है। इतना ही नहीं सोशल मीडिया पर लगातार #ज्योति_पासवान_1 #Justice_for_jyoti ट्रेंड करवाया जा रहा था, वो भी बिना तथ्यों को परखे और जाने। Also Read - गुंडागर्दी से राजनीति में आये विकास दुबे के गुनाहों का ये है कच्चा चिट्ठा सोशल मीडिया पर बड़े पैमाने पर यह बात फैलायी गयी, 'यही वो नाम है जो आज से करीब दो महीने पहले अमेरिका की प्रिंसेज के ट्विटर हैंडल पर चमका था। यहां-वहां जहां-तहां दरभंगा का जिक्र होते ही ज्योति पासवान का नाम पहले आ जाता था, हर बिहारी के ट्विटर, फेसबुक हैंडल पर बस ज्योति और उसके पिता की वो साइकिल वाली तस्वीरें लग गई थी, इक पूरा मीडिया शेल उसके पीछे लगी, सांसद, विधायकों का तो मानो पूरा मजमा लगे गया था उस बच्ची के पीछे ,हर कोई उसे अपने पार्टी के झंडे के नीचे लाना चाहते थे, और उसका कारनामा भी क्या गज़ब था, सरकार की सब से बड़ी विफलता में उसने अपनी जीवन बड़ी सफलता हासिल कर ली थी। स्पोर्ट्स साइकिल से लेकर राजनतिक पार्टियों के चेक तक उसके आगे पीछे घूमता रहा.... वक़्त का पहिया थोड़ा आगे फिसला! इस बीच वर्चुअल रैलियां, चौपर यात्रा, और साइकिल रैलियां हुई!! और आज 3 महीने बाद फिर से दरभंगा चर्चा में नाम भी वही #ज्योति_पासवान_2.आज किसी #अर्जुन_मिश्रा के हवस शिकार हुई 15 बरस की #ज्योति_पासवान... और क्यों?? क्योंकि ज्योति उस अर्जुन मिश्रा के बगीचे में आम चुनने के लिए गई थी और ये बात एक सामंतवादी दिमाग़ को इतना ठेस पहुंचा गया कि उस अर्जुन मिश्रा ने अपने पत्नी के सामने ही पहले उस 15 बरस की बच्ची के साथ दुराचार किया और फिर हसिए से गले को रेत दिया।

Friday, July 3, 2020

झारखंड हाई कोर्ट ने सुनाया फैसला, "इस साल नहीं होगा श्रावणी मेला का आयोजन, पूरे सावन महीने भर सिर्फ ऑनलाइन दर्शन की अनुमति"


रांची।
शुक्रवार को झारखंड हाई कोर्ट ने देवघर और बासुकीनाथ क्षेत्र में आयोजित होने वाले विश्वप्रसिद्ध श्रावणी मेला 2020 आयोजन के मामले में अपना फैसला सुनाया है। हाई कोर्ट ने कोरोना वायरस की वजह से फैली महामारी के कारण इस साल श्रावणी मेला स्थगित रखने का आदेश दिया है और पूरे सावन महीने भर सिर्फ ऑनलाइन दर्शन की अनुमति दी है। गौरतलब हो कि गोड्डा लोकसभा के सांसद निशिकांत दुबे ने मेला को नियम-शर्तों के साथ चालू करने की अपील की थी, लेकिन कोर्ट ने सांसद के वकीलों के दावे को नहीं माना। श्रावणी मेला व कांवर यात्रा के मामले में हाई कोर्ट के आदेश के बाद यह तय हो गया कि इस साल श्रावणी मेला का आयोजन नहीं होकर सिर्फ ऑनलाइन पूजा की जा सकेगी। इस मसले पर कोर्ट को जानकारी देने के लिए झारखंड सरकार के आपदा सचिव अमिताभ कौशल को अदालत में बुलाया गया था। विगत 30 जून को हाईकोर्ट ने प्रार्थी, राज्य सरकार और बाबा मंदिर प्रबंधन समिति के अध्यक्ष का जवाब सुनने के बाद चीफ जस्टिस की अध्यक्षतावाली खंडपीठ ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। कोरोना वायरस संक्रमण की रोकथाम के मद्देनजर राज्य सरकार की उच्चस्तरीय स्क्रीनिंग कमेटी द्वारा जारी अंतिम आदेश के मुताबिक 31 जुलाई, 2020 तक राज्य में किसी भी धार्मिक स्थल पर सार्वजनिक पूजा या मेला के आयोजन की अनुमति नहीं है। शुक्रवार को झारखंड हाई कोर्ट ने पीआईएल संख्या WP(PIL)/1753/2020 निशिकांत दुबे बनाम यूनियन ऑफ इंडिया के इस मामले में भारत सरकार, गृह मंत्रालय, झारखंड सरकार, डीसी, बाबा बैधनाथ श्राइन बोर्ड, पंडा धर्मरक्षिणी सभा और बिहार सरकार को पार्टी बनाया गया था। झारखंड हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश सुजीत नारायण प्रसाद की कोर्ट ने अपने फैसले में यह भी कहा कि कोरोना काल की इस परिस्थिति में इतने बड़े मेले का आयोजन सम्भव नहीं है। वैष्णो देवी और बालाजी की तर्ज पर वर्चुअल यानि ऑनलाइन दर्शन की व्यवस्था करने का निदेश कोर्ट ने दिया।

Thursday, July 2, 2020

ऋचा चड्ढा-अली फज़ल ने एक ब्राइडल मैगज़ीन के अंक में अपनी प्रेम कहानी का किया खुलासा


Mumbai.

वे फिल्म उद्योग के सबसे बेझिझक बोलने वाले लोगों में से दो हो सकते हैं, लेकिन ऋचा चड्ढा और अली फज़ल अपनी प्रेम कहानी के बारे में हमेशा चुप्पी साधी रहे। यह हम जानते हैं कि वे 2012 में फुकरे के सेट पर मिले थे और फिर 2017 में वेनिस में विक्टोरिया और अब्दुल के विश्व प्रीमियर अपने रिश्ते के बारे में घोषणा की। ब्राइड्स टुडे के जुलाई 2020 के अंक के कवर शूट में, दोनों कलाकारों ने अपने प्रेम कहानी का विवरण दिया। हालांकि शुरू में मैगज़ीन कवर वेडिंग के बाद के रूप में थी, लेकिन महामारी ने उनकी शादी की योजना को एक साल के लिए टाल दिया।


मैगज़ीन से बात करते हुए, रिचा ने पहली बार कहा कि वह जानती है कि यह प्यार था। "हम चैपलिन फिल्म मेरे घर पर देख रहे थे - 1992 के अमेरिकी जीवनी कॉमेडी ड्रामा जिसमें रॉबर्ट डाउनी जूनियर थे। मैं अली को फिल्म का आनंद लेते हुए देख कर खुश थी और आभारी यह सोच कर किसी की पसंद बिलकुल मेरी पसंद जैसी है। तभी मैंने उसे कहा, "तुम सच में बहुत प्यारे हो, मैं तुमसे प्यार करती हूँ।" अली को मुझे आई लव यू कहने के लिए तीन महीने लग गए।"

लेकिन अली के पास एक खास वजह है कि वह अपनी कूकी से प्यार करता है (जैसा कि वह ऋचा को प्यार से संबोधित करते है)। वह मिस बटरफिंगर्स है, ऐसा अली स्नेह से कहते है। "वह सोचती है कि मुझे उसके लापरवाह स्वभाव के कारण ही उससे प्यार हो गया - और यह निश्चित रूप से एक कारण में से है। यदि वह खा रही है, तो वहां गिलास फैला हुआ होगा, भोजन सभी जगह होगा, और कटलरी निश्चित रूप से गिर जाएगी। उसका सबसे शर्मनाक लापरवाही वाला पल वेनिस में था। यह एक अच्छा भोजन कार्यक्रम था और जुडी डेंच अगली मेज पर बैठी थी। अचानक एक सेम उड़ गई - बेशक, वह ऋचा की थाली से थी। वह इसे अपनी प्रिटी वुमन मोमेंट कहती हैं! ”


ऋचा से पूछे जाने पर कि अली ने कैसे प्रोपोज़ किया, ऋचा ने कहा, “उसने मालदीव के एक छोटे से एकांत द्वीप पर एक रोमांटिक डिनर की योजना बनाई थी। मुझे लगा कि यह मेरे जन्मदिन के लिए है - मुझे किसी बात पर शक नहीं हुआ। हम खाना खत्म कर चुके थे और शैम्पेन की चुस्की ले रहे थे, जब अली ने खुद सहज होकर मुझसे शादी करने के लिए कहा। वह अपने घुटने के बल नीचे नहीं गया, न ही उसके पास एक अंगूठी थी, लेकिन वह सब ठीक था। इसके बाद उन्होंने रेत पर 10 मिनट की झपकी ली - मुझे लगता है कि यह इसलिए था, क्योंकि उन्हें प्रपोजल के बारे में तनाव था! ”


कई दशकों के जटिल प्रस्तावों की कहानियों का जश्न मनाने के बाद, यहाँ एक ऐसा जोड़ा जो जीवन भर के हर उतार-चढ़ाव में एक साधारण वादे के साथ जीवन भर के लिए प्रतिबद्ध है। ऋचा ने जावेद अख्तर की आइकॉनिक लाइन बोली, "हमारी दोस्ती इतनी पक्की है कि शादी भी इसका कुछ नहीं बिगाड़ पायी..."

*ऋचा चड्ढा-अली फज़ल ने एक ब्राइडल मैगज़ीन के अंक में अपनी प्रेम कहानी पर किया खुलासा


Mumbai.

वे फिल्म उद्योग के सबसे बेझिझक बोलने वाले लोगों में से दो हो सकते हैं, लेकिन ऋचा चड्ढा और अली फज़ल अपनी प्रेम कहानी के बारे में हमेशा चुप्पी साधी रहे। यह हम जानते हैं कि वे 2012 में फुकरे के सेट पर मिले थे और फिर 2017 में वेनिस में विक्टोरिया और अब्दुल के विश्व प्रीमियर अपने रिश्ते के बारे में घोषणा की। ब्राइड्स टुडे के जुलाई 2020 के अंक के कवर शूट में, दोनों कलाकारों ने अपने प्रेम कहानी का विवरण दिया। हालांकि शुरू में मैगज़ीन कवर वेडिंग के बाद के रूप में थी, लेकिन महामारी ने उनकी शादी की योजना को एक साल के लिए टाल दिया।


मैगज़ीन से बात करते हुए, रिचा ने पहली बार कहा कि वह जानती है कि यह प्यार था। "हम चैपलिन फिल्म मेरे घर पर देख रहे थे - 1992 के अमेरिकी जीवनी कॉमेडी ड्रामा जिसमें रॉबर्ट डाउनी जूनियर थे। मैं अली को फिल्म का आनंद लेते हुए देख कर खुश थी और आभारी यह सोच कर किसी की पसंद बिलकुल मेरी पसंद जैसी है। तभी मैंने उसे कहा, "तुम सच में बहुत प्यारे हो, मैं तुमसे प्यार करती हूँ।" अली को मुझे आई लव यू कहने के लिए तीन महीने लग गए।"

लेकिन अली के पास एक खास वजह है कि वह अपनी कूकी से प्यार करता है (जैसा कि वह ऋचा को प्यार से संबोधित करते है)। वह मिस बटरफिंगर्स है, ऐसा अली स्नेह से कहते है। "वह सोचती है कि मुझे उसके लापरवाह स्वभाव के कारण ही उससे प्यार हो गया - और यह निश्चित रूप से एक कारण में से है। यदि वह खा रही है, तो वहां गिलास फैला हुआ होगा, भोजन सभी जगह होगा, और कटलरी निश्चित रूप से गिर जाएगी। उसका सबसे शर्मनाक लापरवाही वाला पल वेनिस में था। यह एक अच्छा भोजन कार्यक्रम था और जुडी डेंच अगली मेज पर बैठी थी। अचानक एक सेम उड़ गई - बेशक, वह ऋचा की थाली से थी। वह इसे अपनी प्रिटी वुमन मोमेंट कहती हैं! ”


ऋचा से पूछे जाने पर कि अली ने कैसे प्रोपोज़ किया, ऋचा ने कहा, “उसने मालदीव के एक छोटे से एकांत द्वीप पर एक रोमांटिक डिनर की योजना बनाई थी। मुझे लगा कि यह मेरे जन्मदिन के लिए है - मुझे किसी बात पर शक नहीं हुआ। हम खाना खत्म कर चुके थे और शैम्पेन की चुस्की ले रहे थे, जब अली ने खुद सहज होकर मुझसे शादी करने के लिए कहा। वह अपने घुटने के बल नीचे नहीं गया, न ही उसके पास एक अंगूठी थी, लेकिन वह सब ठीक था। इसके बाद उन्होंने रेत पर 10 मिनट की झपकी ली - मुझे लगता है कि यह इसलिए था, क्योंकि उन्हें प्रपोजल के बारे में तनाव था! ”


कई दशकों के जटिल प्रस्तावों की कहानियों का जश्न मनाने के बाद, यहाँ एक ऐसा जोड़ा जो जीवन भर के हर उतार-चढ़ाव में एक साधारण वादे के साथ जीवन भर के लिए प्रतिबद्ध है।  ऋचा ने जावेद अख्तर की आइकॉनिक लाइन बोली, "हमारी दोस्ती इतनी पक्की है कि शादी भी इसका कुछ नहीं बिगाड़ पायी..."

बांग्लादेश सरकार ने इस्कॉन संतों को भारत में प्रवेश से रोका

चौंकाने वाली खबर 🚨  बांग्लादेश ने 63 इस्कॉन भिक्षुओं को भारत में प्रवेश करने से रोका सभी के पास वैध पासपोर्ट और वीज़ा थे। आव्रज...