Saturday, January 4, 2020

आम आदमी पार्टी ने हेमंत सोरेन की पहल का स्वागत किया





शिक्षा, स्वास्थ्य और विकास में सकारात्मक सहयोग देगी आम आदमी पार्टी

रांची ।
आम आदमी पार्टी के झारखंड प्रदेश संयोजक जयशंकर चौधरी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन द्वारा शिक्षा और स्वास्थ्य में बुनियादी काम को प्राथमिकता देने की घोषणा का स्वागत किया है। श्री चौधरी ने कहा कि श्री सोरेन ने कल दिल्ली में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से मिलकर इन विषयों पर चर्चा की है। यह स्वागतयोग्य है। झारखंड में पिछले 19 साल में शिक्षा, स्वास्थ्य और विकास के बुनियादी कामों को नजरअंदाज किया गया है। इसके कारण राज्य की व्यापक आबादी को काफी परेशानियों से गुजरना पड़ा है। इन मामलों में दिल्ली की तरह झारखंड में भी सकारात्मक पहल होने से झारखंड के गठन का सपना पूरा होगा। इस दिशा में आम आदमी पार्टी झारखंड सरकार को मुद्दा आधारित सकारात्मक सहयोग करेगी।

श्री चौधरी ने कहा कि झारखंड में स्थानीय आबादी, खासकर आदिवासियों दलितों और पिछड़ों से संबंधित कई मामले अब तक उपेक्षित हैं। पंचायती राज का भी सही तरीके से अनुपालन नहीं हुआ है। स्थानीय जनजातियों को पेसा कानून के तहत मिले संवैधानिक अधिकारों से वंचित रखा गया है। विस्थापन का शिकार हुए लोगों को भी न्याय नहीं मिल पाया है। जल, जंगल और जमीन से जुड़े मामलों पर नई सरकार समुचित पहल करे, तो राज्य में विकास और सुशासन का रास्ता खुलेगा। 

आम आदमी पार्टी के अनुसार झारखंड में विभिन्न जातियों और धर्मों के लोगों के बीच साझा संस्कृति और भाईचारे की एक समृद्ध परंपरा रही है। हाल के दिनों में राजनीतिक कारणों से इसे तोड़ने की साजिश देखी गई है। लेकिन आम आदमी पार्टी को उम्मीद है कि श्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में नई सरकार ऐसे विवादों का हल करते हुए सामाजिक समरसता को बढ़ावा देगी। साथ ही, उत्पाती और उन्मादी तत्वों के खिलाफ कठोर कदम उठाने की जरूरत है।

श्री चौधरी ने हेमंत सोरेन द्वारा राज्य में गार्ड ऑफ ऑनर लेने जैसी परंपरा को खत्म करने की पहल का भी स्वागत किया। श्री चौधरी ने कहा कि दिल्ली में आम आदमी पार्टी की सरकार ने वीआईपी कल्चर को खत्म किया और भ्रष्टाचार की भ्रष्टाचार पर कठोर अंकुश लगाया। झारखंड में भी ऐसे प्रभावी कदमों की जरूरत है। युवा मुख्यमंत्री ने इस दिशा में सकारात्मक संकेत देकर उम्मीद जगाई है। इसलिए राज्य के लोकतांत्रिक एवं धर्मनिरपेक्ष शक्तियों को झारखंड में एक बेहतर राजनीतिक माहौल बनाने की दिशा में गंभीर प्रयास करना चाहिए।


जनशताब्दी एक्सप्रेस ट्रेन संख्या 12365 /12366 के दूसरे पारंपरिक रेक हुए एलएचबी रेक में परिवर्तित



 
न्यूज़ डेस्क।
आज दिनांक 4 जनवरी 2020 से पटना -रांची -पटना के बीच चलने वाली जनशताब्दी एक्सप्रेस ट्रेन संख्या 12365 /12366 के दूसरे पारंपरिक रेक को एलएचबी रेक में परिवर्तित कर दिया गया
  आज दिनांक 04/01/2020 को पहले यह ट्रेन एलएचबी कोच रेक के साथ पटना से रांची के लिए एवं फिर रांची से पटना के लिए चली ।
 दिनांक 10 दिसंबर 2019 को इस ट्रेन के पहले रेक को एलएचबी रेक में परिवर्तित कर दिया गया था । पटना- रांची -पटना जनशताब्दी एक्सप्रेस के कुल 02 रेक हैं।
 इस पारंपरिक कोच ट्रेन में पहले 18 कोच थे और अब एलएचबी कोच परिवर्तित रेक में कुल 21 कोच है जिनमे जनरेटर यान 2 कोच, द्वितीय श्रेणी चेयर कार के 16 कोच, एसी चेयर कार के तीन कोच है । यात्रियों को पहले की तुलना में ज्यादा आरक्षित सीटें मिलेंगी ।

जब मिले नहीं 15 लाख, तो दर्ज कराया पीएम मोदी व गृहमंत्री शाह पर मुकदमा, 1 फरवरी को सुनवाई


न्यूज़ डेस्क।
कालाधन जरूर आएंगे, हर व्यक्ति के खातें में डाले जाएंगे 15 लाख रूपये... ये वो वादे है, जिसे आपने पीएम मोदी समेत बीजेपी के कई दिग्गज नेताओं को कहते हुआ सुना होगा। हालांकि उन्होंने कालाधन पर अंकुश लगाने के लिए नोटबंदी भी लाई, लेकिन वो नोटबंदी भी कालेधन को वापस नहीं ला सकीं।
 आपको बता दें कि हर व्यक्ति के खाते में 15 लाख रूपये न डालने पर रांची के एक हाईकोर्ट में जालसाजी के आरोप में मामला दर्ज किया गया है। बता दें कि यह मामला हाईकोर्ट के एक अधिवक्ता ने दर्ज कराया है, जिसकी सुनवाई 1 फरवरी को की जाएगी। गौरतलब है कि झारखंड हाईकोर्ट के अधिवक्ता डोरंडा निवासी हरेंद्र कुमार सिंह के द्वारा दायर मुकदमें पर अगली सुनवाई के दिन शिकायतकर्ता का बयान शपथ-पत्र पर दर्ज किया जाएगा।

वकील हरेंद्र कुमार ने आरोप लगाते हुए कहा कि 2014 के लोकसभा चुनाव में प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेन्द्र मोदी ने कहा था कि वह विदेशों में जमा कालाधन भारत वापस लाएंगे। इससे सभी भारतीयों के खाते में 15-15 लाख रुपये डाले जाएंगे। इसके साथ ही प्रधानमंत्री ने हर साल तीन लाख सरकारी नौकरी देने का भी वादा किया था। ये सभी मुद्दे भाजपा के घोषणा पत्र में शामिल थे।


 
वहीं शिकायतकर्ता का आरोप है कि उस वक्त के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी ने यह वादा 7 नवंबर 2013 को छत्तीसगढ़ में किया था। हालांकि प्रधानमंत्री बनने के बाद उन्होंने अपने इस वादे को पूरा नहीं किया। अमित शाह ने एक इलेक्ट्रॉनिक चैनल को 5 फरवरी 2015 को कालाधन आने पर भारतीयों को 15-15 लाख रुपए मिलने की बात को लोकोक्ति कहा और इसे चुनावी उद्देश्य बताया था।

बता दें कि शिकायतकर्ता ने केंद्रीय राज्यमंत्री रामदास अठावले पर भी आरोप लगाया है। जिसमें उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि 18 दिसंबर 2018 को महाराष्ट्र के सांगली में उन्होंने भरोसा दिलाया था कि कालाधन आने पर 15-15 लाख प्रत्येक भारतीय को मिलेंगे। आपको बता दें कि हाईकोर्ट के अधिवक्ता हरेंद्र की शिकायत पर भारतीय दंड विधान की धारा 415, 420 और लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 123 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।

अब देखना यह है कि इस केस की सुनवाई के बाद अब कौन सा नया पाठ सामने आता है। क्या पीएम मोदी 15 लाख रूपये देंगे या एक बार फिर कालाधन के लिए नोटबंदी करेंगे।

किशनगंज:बहादुरगंज म़े समाजिक संगठन ने नागरिकता संशोधन एक्ट के विरोध में शांतिपूर्ण जुलूस निकाला



 शशिकांत झा। #किशनगंज (बिहार)। जिले के बहादुरगंंज प्रखंड स्थित " समाजिक युवा संगठन " ने एक शांतिपूर्ण जुलूस निकाल कर सी सी ए ,एन आर सी एवं एन पी आर को वापस लेने की मांग केन्द्र सरकार से की ।यह संगठन गैर राजनीतिक होकर ,हमेशा समाज के दबे कुचलों की आवाजें स्थानीय प्रशासन तक पहुंचा कर उनकी मदद करता है ।किंतु नागरिक संशोधन और इससे जुड़े अन्य बिलों पर संगठन हमेशा विरोध करती रही है ।                   मौका और दस्तुर के जानिव इस संगठन के अध्यक्ष अतहर ईमाम ने अपने साथियों को गाँव  गाँव भेजकर इस जुलूस में शामिल होने का पैगाम भेजा ।जिले के पच्छिमी क्षेत्र लौचा ,जो कौल नदी में पुल बनने से पहले नदी कटाव की मार ,और बदहाली का दंश झेलता रहा ।ऐसे समय में भी इस संगठन ने बिना किसी राजनीति के अपनी आवाजें प्रशासन तक पहुंचाकर इलाके की बेहतरी का काम किया ।ऐसे में आज इस युवा संगठन के युवाओं ने सैंकड़ों मोटर साइकिलों से जुलूस निकालकर बहादुरगंज कालेज बहादुरगंंज तक आये ।जहाँ से सैंकड़ों की तादाद में आई जुलूस ने बाजार और झांसीरानी चौक का रुख अख्तियार कर लिया ।जहाँ से यह जुलूस पूरी जिम्मेदारी के साथ कथित काले कानून के विरोध में नारे लगाते ,एल आर पी चौक पहुंचा ।जहाँ जुलूस ने अपना विरोध प्रदर्शन करते हुए सड़क पर हीं धरना दे डाला ।जिससे थोड़ी देर के लिए आवाजाही में थोड़ी दिक्कतें आई और फिर सब कुछ ठीक हो गया ।गौरतलब है कि जब जिले के हर कोने से नागरिकता संशोधन बिल के खिलाफ आवाजें उठती रही ।तो इस संगठन ने आज के दिन को चुना और संविधान के खिलाफ लाये गये बिल की खिलाफत की फेरिहिस्त में अपना नाम दर्ज करा दिया ।दिलों में भारतीयता और हाथों में तिरंगा संगठन की पहचान रही ।जिसमें खासतौर पर अबरार दानिश ,मो.मंसूर ,कौशर रज़ा ,सबा ज़फर ,सनोवर राही ,गुफरान उर्फ फौजी ,फैजान ,इफ्तेखार ,नकी ,अरसद ,जिप प्रतिनिधि इमरान और प्रो.मुसब्वीर आलम एवं दूसरे लोगों ने भी इसमें शिरकत की ।

सोनिया,प्रियंका व ओवैसी के खिलाफ एफआईआर दर्ज, भड़काऊ भाषण देने का आरोप



न्यूज़ डेस्क।

उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट (CJM) कोर्ट में प्रदीप गुप्ता नाम के वकील ने सोनिया गांधी -प्रियंका गांधी और ओवैसी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है।

नई दिल्ली. नागरिकता संशोधन कानून  को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा और AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी के खिलाफ शिकायत दर्ज हुई है. इन तीनों पर संशोधित नागरिकता कानून (CAA) को लेकर कथित तौर पर भड़काऊ भाषण देने का आरोप है।CJM कोर्ट ने शिकायत स्वीकार कर ली है और सुनवाई के लिए 24 जनवरी 2020 की तारीख मुकर्रर की है।
न्यूज़ एजेंसी ANI की रिपोर्टके मुताबिक, उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट कोर्ट में प्रदीप गुप्ता नाम के वकील ने सोनिया-प्रियंका और ओवैसी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है।शिकायत में इन तीनों के अलावा जाने-माने जर्नलिस्ट रवीश कुमार का नाम भी शामिल है।

प्रदीप गुप्ता ने अपनी शिकायत में कहा है कि सोनिया गांधी, प्रियंका गांधी, ओवैसी और रवीश कुमार ने नागरिकता कानून (CAA) को लेकर लोगों के बीच भड़काऊ बातें फैलाई और सांप्रदायिक सौहार्द को नुकसान पहुंचाया.

बता दें कि कांग्रेस ने सोमवार को संशोधित नागरिकता कानून (Citizenship Act) के खिलाफ विरोध और तेज कर दिया. कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, पूर्व पीएम मनमोहन सिंह, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने राजघाट स्थित महात्मा गांधी के स्मारक पर जहां 'एकता के लिए सत्याग्रह' किया, वहीं इसकी सहयोगी द्रमुक ने चेन्नई में बड़ी रैली आयोजित की.

अनोखा है मां मुंडेश्वरी का यह मंदिर, बलि देने के बाद भी नहीं जाती बकरे की जान


न्यूज़ डेस्क।

बिहार के कैमूर जिले के पवरा पहाड़ी पर स्थित मां मुंडेश्वरी का ख्याति पूरे देश में विख्यात है. मां मुंडेश्वरी धाम बकरे की रक्त हीन बली के लिए भी प्रसिद्ध है जो अपने आप में अजूबा है.

यहां बकरे को काटा नहीं जाता बल्कि अच्छत फूल लेकर मंत्र पढ़कर पुजारी द्वारा मारने से बकरा मां के चरणों में मरणासन्न स्थिति में लेट जाता है और फिर अक्षत और पुष्प लेकर मंत्र पढ़ने से बकरा अपने वास्तविक स्थिति में उठ खड़ा होता है. ऐसा रक्तहीन बली पूरे विश्व में कहीं नहीं होती.

मां मुंडेश्वरी का मंदिर अष्ट कोड़िय रूप में है, जो पवरा पहाड़ी पर स्थित है. इस मंदिर के बीच में पंचमुखी शिवलिंग है जो महामंडलेश्वर कहे जाते हैं, और मां मुंडेश्वरी पार्वती रूप में हैं.

मां मुंडेश्वरी के पूजा करने वाले पुजारी का कहना है कि इस मंदिर का निर्माण कराया नहीं गया बल्कि इस मंदिर को खुदाई के दौरान पाया गया है और मंदिर पहाड़ी के सबसे ऊपर अष्ट कोड़िय रूप में स्थित है.

तांडूल भोग ही मां मुंडेश्वरी का सर्वोत्तम प्रसाद है. इनकी कीर्ति इतना विख्यात है कि देश के कोने कोने से लोग यह दर्शन और मन्नतें मांगने आते हैं. मन्नतें पूरी होने पर माता को मन्नत का बकरा भी अर्पित करते हैं.

अनोखा है मां मुंडेश्वरी का यह मंदिर, बलि देने के बाद भी नहीं जाती बकरे की जान


न्यूज़ डेस्क।

बिहार के कैमूर जिले के पवरा पहाड़ी पर स्थित मां मुंडेश्वरी का ख्याति पूरे देश में विख्यात है. मां मुंडेश्वरी धाम बकरे की रक्त हीन बली के लिए भी प्रसिद्ध है जो अपने आप में अजूबा है.

यहां बकरे को काटा नहीं जाता बल्कि अच्छत फूल लेकर मंत्र पढ़कर पुजारी द्वारा मारने से बकरा मां के चरणों में मरणासन्न स्थिति में लेट जाता है और फिर अक्षत और पुष्प लेकर मंत्र पढ़ने से बकरा अपने वास्तविक स्थिति में उठ खड़ा होता है. ऐसा रक्तहीन बली पूरे विश्व में कहीं नहीं होती.

मां मुंडेश्वरी का मंदिर अष्ट कोड़िय रूप में है, जो पवरा पहाड़ी पर स्थित है. इस मंदिर के बीच में पंचमुखी शिवलिंग है जो महामंडलेश्वर कहे जाते हैं, और मां मुंडेश्वरी पार्वती रूप में हैं.

मां मुंडेश्वरी के पूजा करने वाले पुजारी का कहना है कि इस मंदिर का निर्माण कराया नहीं गया बल्कि इस मंदिर को खुदाई के दौरान पाया गया है और मंदिर पहाड़ी के सबसे ऊपर अष्ट कोड़िय रूप में स्थित है.

तांडूल भोग ही मां मुंडेश्वरी का सर्वोत्तम प्रसाद है. इनकी कीर्ति इतना विख्यात है कि देश के कोने कोने से लोग यह दर्शन और मन्नतें मांगने आते हैं. मन्नतें पूरी होने पर माता को मन्नत का बकरा भी अर्पित करते हैं.

बांग्लादेश सरकार ने इस्कॉन संतों को भारत में प्रवेश से रोका

चौंकाने वाली खबर 🚨  बांग्लादेश ने 63 इस्कॉन भिक्षुओं को भारत में प्रवेश करने से रोका सभी के पास वैध पासपोर्ट और वीज़ा थे। आव्रज...