लोकसभा चुनाव के दौरान विभिन्न पार्टियों द्वारा एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप का दौर तो जारी ही है. इसके अलावा लेटर बम का दौर भी जारी है. झाविमो सुप्रीमो बाबूलाल मरांडी के बाद हेमंत सोरेन को भी भाकपा माओवादी संगठन द्वारा पत्र के माध्यम से धमकी दी गई है और उन्हें झारखंड से बाहर रहने की नसीहत दी गई है।
पत्र के माध्यम से धमकी
इस पत्र को लेकर झामुमो के केंद्रीय महासचिव विनोद पांडेय ने भाजपा पर गंभीर आरोप लगाया है. साथ ही जांच की मांग की है. बता दें कि पिछले दिनों एक माओवादी संगठन द्वारा झाविमो सुप्रीमो बाबूलाल मरांडी को जान से मारने की धमकी दी गई थी. ठीक इसके कुछ दिन बाद नेता प्रतिपक्ष हेमंत सोरेन को भी एक पत्र के माध्यम से धमकी दी गयी।
पत्र में कहा गया है कि भाकपा माओवादी संगठन झारखंड की ओर से आपको सूचित किया जा रहा है कि संगठन के साथ झारखंड के लोकसभा की कुल 14 सीटों को लेकर भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष और मुख्यमंत्री के साथ समझौता हुआ है. इस समझौते में भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी के पक्ष में ऐतिहासिक जीत दर्ज करवाना भाकपा माओवादी संगठन का लक्ष्य है।
इसीलिए 23 अप्रैल 2019 से 19 मई 2019 तक नेता प्रतिपक्ष हेमंत सोरेन को झारखंड में रहने के लिए प्रतिबंधित किया जाता है. इसके अलावा संगठन की ओर से 48 घंटे के अंदर महागठबंधन की ओर से लोकसभा चुनाव में 14 सीटों के लिए उतारे गए प्रत्याशियों को बैठा दिया जाए, नहीं तो वाहन समेत झारखंड मुक्ति मोर्चा के कार्यकारी अध्यक्ष हेमंत सोरेन को उड़ा दिया जाएगा।
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