राँची:राज्य में बढ़ते माॅब लींचिग की घटनाओं पर रोक एवं तबरेज अंसारी के परिवार को न्याय दिलाने को लेकर मुत्ताहिदा मुस्लिम महाज के बैनर तले शुक्रवार को 03 बजे उर्स मैदान डोरंडा में जनाक्रोश सभा में शामिल होने मुस्लिम समुदाय के हजारों की संख्या में लोग जमा हुए। जिसके बाद हजारों की संख्या में लोग राजेन्द्र चौक से एकरा मस्जिद तक जुलूस की शक्ल में निकल पड़े।पुलिस ने रोकने की कोशिश किया लेकिन नहीं रुका।बताया जा रहा है कि एसडीओ को मुत्ताहिदा मुस्लिम महाज के बैनर तले सभा उर्स मैदान डोरंडा में जनाक्रोश सभा करने की अनुमति मांगी गई थी।लेकिन शहर में जुलूस निकाला गया।जिससे पूरे शहर में जाम की स्थिति उत्पन्न हो गई घंटों तक सड़कों पर गाड़ियां रेंगती रही लोग जाम में फंसे रहे. जुलूस निकालने के मामले पर एडीएम लॉ एंड ऑर्डर ने कहा कि मुस्लिम संगठनों के द्वारा किसी भी प्रकार की जुलूस निकालने की अनुमति नहीं ली गई थी.अनुमति के जुलूस निकालने के मामले पर केस दर्ज किया जाएगा और कार्रवाई की जाएगी.
जाम से राजधानी हुई पूरा अस्त व्यस्त:-
राज्य में बढ़ते माॅब लींचिग की घटनाओं पर रोक एवं तबरेज अंसारी के परिवार को न्याय दिलाने को लेकर मुत्ताहिदा मुस्लिम महाज के बैनर तले शुक्रवार को 03 बजे उर्स मैदान डोरंडा में जनाक्रोश सभा के मुस्लिम संगठनों के द्वारा शहर में जुलूस निकालने के बाद पूरा राजधानी अस्त-व्यस्त हो गई.की मुख्य सड़कों पर जाम की स्थिति उत्पन्न हो गई सड़कों पर गाड़ियों चलने के बजाय रेंग रही थी घंटों जाम में परेशान रहे.बताया जा रहा है कि मॉब लिंचिंग के खिलाफ जनक्रोश आमसभा से लौट रहे लोगों ने डोरंडा में कुछ वाहनों तोड़फोड़ कर दिया।कुछ असामाजिक तत्वों ने माहौल को बिगाड़ने की भी कोशिश किया।लेकिन कामयाब नहीं हो सका।
चोरी करने के आरोप में तबरेज अंसारी की हुई थी पिटाई:-
डीजीपी केएन चौबे ने पुलिस मुख्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में बताया था कि सरायकेला थाना क्षेत्र के कदमडीह गांव निवासी तबरेज अंसारी अपने दो साथियों नुमैर अली और शेख इरफान के साथ 17-18 जून की देर रात मुरमू गांव में चोरी की. इसके बाद तीनों धातकीडीह गांव पहुंचे. वहां कमल महतो के घर में रात ढाई बजे के करीब चोरी का प्रयास करने लगे. इस बीच घरवाले जाग गयेे और उन्होंने तबरेज को पकड़ लिया. जबकि नुमैर अली और शेख इरफान भागने में सफल रहे. ग्रामीणों ने तबरेज की पिटाई की और सुबह पांच बजे थाना को इसकी सूचना दी. इसके बाद पुलिस धातकीडीह गांव पहुंची और तबरेज को बचाया. पुलिस ने मौके से चोरी की बाइक, मोबाइल और बटुआ भी बरामद की. इसके बाद धातकडीह के ग्रामीणों की शिकायत पर तबरेज अंसारी, नुमैर अली और शेख इरफान के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गयी थी. तबरेज को इलाज के लिए सरायकेला सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया. इलाज के बाद उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया. 22 जून को जेल में तबरेज अंसारी बीमार हो गया. उसे सदर अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया गया था।

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