राँची । सदर अस्पताल में इलाज कराने स्वयं पहुंचे आम आदमी पार्टी झारखंड के प्रदेश उपाध्यक्ष पवन पांडेय, जिन्हें डॉक्टर द्वारा लिखी 4 में से सिर्फ एक दवाई पैरासिटामोल की गोली ही सदर अस्पताल में दी गयी, जिसकी कीमत 6 रु है। शेष 3 दवाई बाहर से खरीदने को कहा गया , जिसमें 589 रु लगा । खून की जाँच भी रविवार होने के कारण सदर अस्पताल में नहीं हुआ। पर बाहर वहीं जाँच रविवार को भी 170 रु में हो गया।
पवन जी तेज़ बुखार, कंपकंपी और आंख में जलन की शिकायत के बाद सदर अस्पताल राँची में इलाज के लिए गए थे।
सदर अस्पताल में इस तरह की बदत्तर व्यवस्था पर आम आदमी पार्टी के प्रदेश सचिव राजन सिंह ने कहा है कि राजधानी के सदर अस्पताल में छोटे मोटे बीमारी की भी दवाई नहीं मिलना यह बताता है कि यहाँ स्वास्थ्य व्यवस्था कितनी बद्तर हालात में है। कहा गरीब कहाँ से दवाई और जाँच के लिए इतना पैसा लाएंगे ? कहा कि गरीबों के स्वास्थ्य के साथ इतना बड़ा खिलवाड़ कर रही है रघुवर सरकार। झारखंड के गरीबों को दवाई के बगैर जान से मरवा रहे हैं । जब राँची के सदर अस्पताल की ये हालत है तो इससे अंदाज़ा लगाया जा सकता है कि अन्य जिलों का सदर अस्पताल किस लचर व्यवस्था का शिकार हुआ है। सारा विकास और व्यवस्था सिर्फ रघुवर जी के फाइल और शहर होर्डिंगों में दिखता है। सदर और रिम्स जैसे सरकारी अस्पतालों में मूलभूत दवाई तक उपलब्ध नहीं है। कहा कि इनमें अधिकतर जाँच के लिए मरीजों को पैसे देने पड़ते हैं या बाहर से प्राइवेट क्लिनिक में जाँच कराना पड़ता है, यह दुर्व्यवस्था साबित करती है कि राज्य की रघुवर सरकार कितनी भ्रष्ट और जन विरोधी है।
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